बाराबंकी के मसौली थाना परिसर में उस समय भावुक माहौल बन गया, जब कस्बा चौकी प्रभारी अभय गुप्ता के विदाई समारोह का आयोजन किया गया। करीब 28 माह तक मसौली कस्बा चौकी का सफलतापूर्वक दायित्व निभाने के बाद उनका स्थानांतरण लोनीकटरा थाना क्षेत्र की छबील चौकी पर हो गया है, जिसके चलते उनकी विदाई की घड़ी में कई लोगों की आँखें नम हो गईं। इस विदाई समारोह में थाना प्रभारी अजय प्रकाश त्रिपाठी और वरिष्ठ उपनिरीक्षक शमशाद अली ने अभय गुप्ता का फूल-मालाओं से स्वागत किया और केक काटकर उन्हें शुभकामनाएं व आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर मसौली थाने के सभी पुलिसकर्मियों के साथ-साथ समाजसेवियों, पत्रकारों और क्षेत्र के गणमान्य लोग भी मौजूद रहे, जिन्होंने उन्हें सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह के दौरान कई पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग भावुक दिखाई दिए। अपने संबोधन में चौकी प्रभारी अभय गुप्ता ने भावुक होकर कहा कि 'आप सभी मेरा परिवार हैं। मैं यहां से जरूर जा रहा हूं, लेकिन आप सभी की याद हमेशा मेरे साथ रहेगी। कभी भी मेरी जरूरत पड़े, मैं हमेशा आपके साथ खड़ा रहूंगा।' उन्होंने पुलिसकर्मियों से आपसी सहयोग, अनुशासन और टीम भावना के साथ कार्य करने की अपील भी की। अपने 28 माह के कार्यकाल में उन्होंने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ आम जनता से बेहतर संवाद स्थापित किया। वह नियमित रूप से कस्बे के प्रमुख चौराहों और आसपास के क्षेत्रों में पैदल गश्त कर लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करते थे, वहीं वाहन चेकिंग के दौरान भी उनका व्यवहार संयमित, निष्पक्ष और जनहितकारी रहा, जिससे क्षेत्र में उनकी सकारात्मक छवि बनी। क्षेत्र के लोगों, समाजसेवियों और पत्रकारों का मानना है कि मसौली में इतने लंबे समय तक किसी चौकी प्रभारी का कार्यकाल कम ही देखने को मिला है। अभय गुप्ता की कार्यशैली, सौम्य व्यवहार और जनता के प्रति सहयोगात्मक रवैये ने उन्हें लोगों के बीच विशेष पहचान दिलाई थी, जिसके कारण उनके स्थानांतरण से क्षेत्र में मायूसी का माहौल है। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य और सफल सेवाकाल के लिए शुभकामनाएं दी हैं। इस बीच, विपिन सिंह ने मसौली कस्बा चौकी प्रभारी का कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
बाराबंकी के मसौली थाना परिसर में उस समय भावुक माहौल बन गया, जब कस्बा चौकी प्रभारी अभय गुप्ता के विदाई समारोह का आयोजन किया गया। करीब 28 माह तक मसौली कस्बा चौकी का सफलतापूर्वक दायित्व निभाने के बाद उनका स्थानांतरण लोनीकटरा थाना क्षेत्र की छबील चौकी पर हो गया है, जिसके चलते उनकी विदाई की घड़ी में कई लोगों की आँखें नम हो गईं। इस विदाई समारोह में थाना प्रभारी अजय प्रकाश त्रिपाठी और वरिष्ठ उपनिरीक्षक शमशाद अली ने अभय गुप्ता का फूल-मालाओं से स्वागत किया और केक काटकर उन्हें शुभकामनाएं व आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर मसौली थाने के सभी पुलिसकर्मियों के साथ-साथ समाजसेवियों, पत्रकारों और क्षेत्र के गणमान्य लोग भी मौजूद रहे, जिन्होंने उन्हें सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह के दौरान कई पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग भावुक दिखाई दिए। अपने संबोधन में चौकी प्रभारी अभय गुप्ता ने भावुक होकर कहा कि 'आप सभी मेरा परिवार हैं। मैं यहां से जरूर जा रहा हूं, लेकिन आप सभी की याद हमेशा मेरे साथ रहेगी। कभी भी मेरी जरूरत पड़े, मैं हमेशा आपके साथ खड़ा रहूंगा।' उन्होंने पुलिसकर्मियों से आपसी सहयोग, अनुशासन और टीम भावना के साथ कार्य करने की अपील भी की। अपने 28 माह के कार्यकाल में उन्होंने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ आम जनता से बेहतर संवाद स्थापित किया। वह नियमित रूप से कस्बे के प्रमुख चौराहों और आसपास के क्षेत्रों में पैदल गश्त कर लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करते थे, वहीं वाहन चेकिंग के दौरान भी उनका व्यवहार संयमित, निष्पक्ष और जनहितकारी रहा, जिससे क्षेत्र में उनकी सकारात्मक छवि बनी। क्षेत्र के लोगों, समाजसेवियों और पत्रकारों का मानना है कि मसौली में इतने लंबे समय तक किसी चौकी प्रभारी का कार्यकाल कम ही देखने को मिला है। अभय गुप्ता की कार्यशैली, सौम्य व्यवहार और जनता के प्रति सहयोगात्मक रवैये ने उन्हें लोगों के बीच विशेष पहचान दिलाई थी, जिसके कारण उनके स्थानांतरण से क्षेत्र में मायूसी का माहौल है। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य और सफल सेवाकाल के लिए शुभकामनाएं दी हैं। इस बीच, विपिन सिंह ने मसौली कस्बा चौकी प्रभारी का कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक दलित लड़की की हत्या के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा गया, जिसके चलते उन्होंने सड़कों पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडे स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे।1
- बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों के बीच हुई पहली ही बारिश ने वहाँ की सभी व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। स्टेशन परिसर, टिकटघर और अंदर जाने वाले रास्तों पर हुए जलभराव से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। निर्माण स्थल पर फैले मलबे और कीचड़ ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है, जिससे यात्रियों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। कुछ ही दिन पहले रेलवे के जीएम ने स्टेशन का निरीक्षण कर मिली खामियों पर संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई थी और सुधार के निर्देश दिए थे। हालांकि, बारिश शुरू होते ही स्पष्ट हो गया कि जीएम के निर्देशों का जमीनी स्तर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। निर्माण कार्य के कारण स्टेशन का मुख्य प्रवेश मार्ग पहले से ही प्रभावित है, और यात्रियों के लिए बनाए गए वैकल्पिक रास्ते भी बारिश के पानी से भर गए हैं। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी हुई; अयोध्या से व्हीलचेयर पर पहुंची एक महिला यात्री बदहाल व्यवस्था देखकर भावुक हो गईं, जबकि उनके बेटे ने भी अव्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त की। वहीं, निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि काम प्रगति पर होने के कारण फिलहाल ऐसी स्थिति बनी हुई है। दूसरी ओर, यात्रियों ने विकास कार्यों की अनिवार्यता को स्वीकार करते हुए भी सुरक्षित, सुगम और जलभराव मुक्त वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बाराबंकी रेलवे स्टेशन का कायाकल्प भले ही किया जा रहा हो, लेकिन पहली बारिश ने विकास कार्यों की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे यह देखना होगा कि रेलवे प्रशासन यात्रियों की इस परेशानी का स्थायी समाधान कब तक कर पाता है।1
- न्यूज़ 24 के पत्रकार राजीव रंजन ने अयोध्या में गोंडा के पूर्व सांसद, राम मंदिर आंदोलन के अग्रज और कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच राम मंदिर को लेकर गहन बातचीत हुई, जिसका केंद्रीय बिंदु यह सवाल था कि 'असली राम मंदिर चंदा चोर कौन है?' बृजभूषण शरण सिंह ने News24 चैनल पर राजीव रंजन के साथ इस संबंध में एक बार फिर 'बड़ा खुलासा' किया है। पत्रकार राजीव रंजन ने अयोध्या में व्यापारियों से भी मिलकर उनके व्यापार के हालचाल जाने।1
- लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र स्थित सिविल अस्पताल के पास संचालित मेराज लॉन्ज को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के अनुसार, लॉन्ज में देर रात तक कथित तौर पर अवैध हुक्का बार का संचालन किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह प्रतिष्ठान मुख्यमंत्री कार्यालय से महज लगभग 700 मीटर की दूरी पर स्थित है, लेकिन इसके बावजूद कथित अवैध गतिविधियों पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हो रही है। लोगों का आरोप है कि लॉन्ज न्यायालय के आदेशों और हुक्का बार संचालन संबंधी नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहा है, जिससे देर रात तक हुक्का परोसा जाता है और आसपास के क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद हजरतगंज पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। क्षेत्रवासियों का दावा है कि लॉन्ज संचालक के प्रभावशाली होने के कारण प्रशासनिक कार्यवाही नहीं हो पा रही है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है और उनका कहना है कि यदि आरोप सही हैं, तो संबंधित विभागों को निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्यवाही करनी चाहिए।1
- ट्रेन नंबर 11002 नांदेड़-सीएसएमटी नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कूपे की सजावट का वीडियो 6 जुलाई को वायरल होने के बाद रेलवे ने इस पर सख्त कार्रवाई की है। इस घटना में, एक दंपति ने निजी तौर पर एक ऑनलाइन डेकोरेटर बुक किया था, जिसने बिना किसी अनुमति के 1AC कोच में प्रवेश कर कथित तौर पर कूपे को 'हनीमून' थीम में सजाया था। इस मामले को एक गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए, दक्षिण मध्य रेलवे ने तत्काल प्रभाव से ड्यूटी पर तैनात टिकट चेकर को निलंबित कर दिया है। रेलवे ने पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं, जिसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- बृजभूषण शरण सिंह ने राम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया था और इस दौरान हुए संघर्षों के कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। उनके समर्थकों और स्वयं उनके बयानों के अनुसार, जेल में भी उनका अच्छा खासा दबदबा था, जहाँ वे अन्य आंदोलनकारियों के साथ सक्रिय रहे। उन्होंने कई मौकों पर कहा है कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है और इसका श्रेय किसी एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि उन हजारों कार्यकर्ताओं, संतों और नेताओं को जाता है जिन्होंने इस आंदोलन को खड़ा किया। हालाँकि, हाल के वर्षों में बृजभूषण शरण सिंह ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है कि मंदिर निर्माण के बाद उन पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई है जिन्होंने आंदोलन को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाई थी। उनका मानना है कि स्थानीय स्तर के कार्यकर्ताओं को व्यवस्था से धीरे-धीरे अलग कर दिया गया। हाल के दिनों में वे मंदिर में दान राशि और व्यवस्था को लेकर काफी मुखर रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि वे पिछले चार वर्षों से राम मंदिर के दर्शन के लिए नहीं गए हैं, क्योंकि उन्हें शुरू से ही मंदिर प्रबंधन और व्यवस्था में कुछ अनियमितताओं की आशंका थी। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।1
- सुल्तानपुर की एक पुलिस चौकी में पंचायत के दौरान हुए विवाद का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया है। वायरल वीडियो में एक महिला और एक व्यक्ति के बीच तीखी बहस होने और उसके बाद कथित तौर पर थप्पड़ मारे जाने का दावा किया जा रहा है। घटना के समय कई पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद दिखाई दे रहे हैं। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने बताया है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही, घटना के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।1