छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज में जिला मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने एक दुर्लभ कार्रवाई करते हुए पुलिस विभाग के एक सरकारी वाहन को कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा निर्देशित लगभग 48 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान न करने के कारण की गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमंत सराफ के आदेश पर कैदियों को न्यायालय लाने वाले पुलिस वाहन को न्यायालय परिसर में ही जब्त कर लिया गया। इस घटना ने पूरे जिले में व्यापक चर्चा छेड़ दी है। यह मामला नारायण यादव एवं अन्य द्वारा दायर मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण (एम.ए.सी. क्रमांक 154/2021) से जुड़ा है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 3 सितंबर 2025 को अपने फैसले में छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग को पीड़ित पक्ष को ब्याज सहित करीब 48 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया था। न्यायालय के इस स्पष्ट आदेश के बावजूद, शासन की ओर से लंबे समय तक राशि का भुगतान नहीं किया गया, जिसके बाद पीड़ित पक्ष ने न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए निष्पादन की प्रक्रिया शुरू की। पीड़ित पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.के. पटेल ने सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के आदेश 21 नियम 30 के तहत निष्पादन याचिका दायर की, जिसमें हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन न होने के कारण शासन की संपत्ति कुर्क करने की मांग की गई थी। निष्पादन याचिका में पुलिस विभाग के आठ अन्य सरकारी वाहनों का भी उल्लेख है, जिनमें बोलेरो और पुलिस बस जैसे वाहन शामिल हैं। इन वाहनों के पंजीयन नंबर और संबंधित अधिकारियों का विवरण भी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। सूत्रों के अनुसार, यदि शासन द्वारा जल्द ही क्षतिपूर्ति राशि जमा नहीं की जाती है, तो इन शेष आठ वाहनों को भी क्रमवार कुर्क किया जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय पीड़ित पक्ष को देय राशि का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए इन वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू कर सकता है। कानूनी जानकारों के मुताबिक, न्यायालय के आदेशों की अवहेलना होने पर सरकारी संपत्ति की कुर्की की जा सकती है, हालांकि सरकारी विभागों के वाहनों की कुर्की जैसे मामले बहुत कम सामने आते हैं। एमएसीटी की इस कार्रवाई को न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने, शासन की जवाबदेही तय करने और पीड़ित पक्ष को समय पर न्याय दिलाने की दिशा में एक सख्त और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शासन कब तक क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करता है और अन्य सूचीबद्ध वाहनों पर क्या कार्रवाई होती है।
छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज में जिला मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने एक दुर्लभ कार्रवाई करते हुए पुलिस विभाग के एक सरकारी वाहन को कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा निर्देशित लगभग 48 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान न करने के कारण की गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमंत सराफ के आदेश पर कैदियों को न्यायालय लाने वाले पुलिस वाहन को न्यायालय परिसर में ही जब्त कर लिया गया। इस घटना ने पूरे जिले में व्यापक चर्चा छेड़ दी है। यह मामला नारायण यादव एवं अन्य द्वारा दायर मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण (एम.ए.सी. क्रमांक 154/2021) से जुड़ा है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
ने 3 सितंबर 2025 को अपने फैसले में छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग को पीड़ित पक्ष को ब्याज सहित करीब 48 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया था। न्यायालय के इस स्पष्ट आदेश के बावजूद, शासन की ओर से लंबे समय तक राशि का भुगतान नहीं किया गया, जिसके बाद पीड़ित पक्ष ने न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए निष्पादन की प्रक्रिया शुरू की। पीड़ित पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.के. पटेल ने सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के आदेश 21 नियम 30 के तहत निष्पादन याचिका दायर की, जिसमें हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन
न होने के कारण शासन की संपत्ति कुर्क करने की मांग की गई थी। निष्पादन याचिका में पुलिस विभाग के आठ अन्य सरकारी वाहनों का भी उल्लेख है, जिनमें बोलेरो और पुलिस बस जैसे वाहन शामिल हैं। इन वाहनों के पंजीयन नंबर और संबंधित अधिकारियों का विवरण भी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। सूत्रों के अनुसार, यदि शासन द्वारा जल्द ही क्षतिपूर्ति राशि जमा नहीं की जाती है, तो इन शेष आठ वाहनों को भी क्रमवार कुर्क किया जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय पीड़ित पक्ष को देय राशि का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए इन वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया भी
शुरू कर सकता है। कानूनी जानकारों के मुताबिक, न्यायालय के आदेशों की अवहेलना होने पर सरकारी संपत्ति की कुर्की की जा सकती है, हालांकि सरकारी विभागों के वाहनों की कुर्की जैसे मामले बहुत कम सामने आते हैं। एमएसीटी की इस कार्रवाई को न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने, शासन की जवाबदेही तय करने और पीड़ित पक्ष को समय पर न्याय दिलाने की दिशा में एक सख्त और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शासन कब तक क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करता है और अन्य सूचीबद्ध वाहनों पर क्या कार्रवाई होती है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन से देशवासियों को संबोधित करते हुए पिछले 11 वर्षों में भारत द्वारा विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में हासिल की गई अभूतपूर्व उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार का मुख्य लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी संकल्प के साथ, देश में गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री मोदी ने दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। उन्होंने बताया कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देंगी। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के निर्माण में दमन और दीव की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए केंद्र सरकार की यहां के विकास के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, और डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश को एक नई पहचान दी है। इन प्रयासों के तहत करोड़ों लोगों को पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है, और आज महिलाएं हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए, प्रधानमंत्री ने नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रम और स्टार्टअप संस्कृति द्वारा उनके लिए पैदा किए गए नए अवसरों का जिक्र किया। उन्होंने युवाओं से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के सरकार के लक्ष्य को दोहराया, जिसके लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और जनभागीदारी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा। दमन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और विकास परियोजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम ने क्षेत्र के विकास को एक नई दिशा देने के साथ-साथ विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान की।1
- अजरदीप सोनवानी जी द्वारा श्री कृष्ण की आरती पर एक हिंदी वीडियो उपलब्ध है। यह वीडियो सादी शैली में प्रस्तुत किया गया है और इसमें आरती का विस्तृत अर्थ समझाया गया है।4
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के सोनभद्र जिले में प्रथम आगमन पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। जिले भर में विभिन्न स्थानों पर पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं, पुष्पगुच्छों और अंगवस्त्रों के साथ उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने भाजपा के समर्थन में जोरदार नारे लगाए, जिससे पूरे कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बना रहा। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए इस अभिवादन को स्वीकार करते हुए पार्टी संगठन को और अधिक मजबूत करने तथा जनसंपर्क बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार विकास, सुशासन और जनसेवा के अपने संकल्प के साथ लगातार कार्य कर रही है, और इस प्रक्रिया में प्रत्येक कार्यकर्ता पार्टी की सबसे बड़ी शक्ति है। यह पूरा कार्यक्रम अत्यंत उत्साह और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ।1
- एक ग्रामीण ने सरकार से अपने गांव में एक पुस्तकालय (लाइब्रेरी) स्थापित करने की विनम्र अपील की है। उनका कहना है कि गांव में पुस्तकालय की सुविधा न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई अच्छी तरह से नहीं हो पा रही है। ग्रामीण ने सरकार से अनुरोध किया है कि बच्चों के बेहतर भविष्य और उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके गांव में जल्द से जल्द एक लाइब्रेरी का निर्माण किया जाए, जिससे बच्चे वहां अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।1
- सहायक निर्वाची पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी राकेश तिवारी ने क्षेत्र में स्थित कई बीएलओ केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर कार्य की प्रगति का जायजा लिया। अंचलाधिकारी ने संबंधितों को यह कार्य समय पर पूरा करने का निर्देश भी दिया।1
- सोनभद्र जिले की दुद्धी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत फुलवार के महुअरिया गांव में सड़क की स्थिति को लेकर जानकारी सामने आई है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन की धरती से देशवासियों को संबोधित करते हुए पिछले 11 वर्षों में भारत द्वारा विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में हासिल की गई अभूतपूर्व उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का मुख्य लक्ष्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। इसी संकल्प के साथ, सरकार देश में गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि ये पहलें क्षेत्र के आर्थिक विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार के नए अवसरों को बढ़ावा देंगी। उन्होंने ज़ोर दिया कि विकसित भारत के निर्माण में दमन और दीव की भूमिका महत्वपूर्ण है और केंद्र सरकार उनके विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, और डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश को एक नई पहचान दी है। इन प्रयासों के तहत करोड़ों लोगों को पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ज़ोर दिया, यह कहते हुए कि नारी शक्ति देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाया जा रहा है, और आज वे हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रम और स्टार्टअप संस्कृति ने उनके लिए नए अवसर पैदा किए हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है, जिसके लिए आधुनिक बुनियादी ढाँचे, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और जनभागीदारी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा। दमन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और विकास परियोजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस आयोजन ने क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ विकसित भारत के संकल्प को भी मज़बूती प्रदान की।1
- सोनभद्र जिले की आहरौरा घाटी में, बाबा बैजू नाथ से संबंधित 'सपोस खाली' होने की जानकारी सामने आई है।1
- सोनभद्र जिले के दुद्धी में एन एच-39 पर एक बाइक और डिजायर कार के बीच आमने-सामने की जबरदस्त टक्कर हो गई। इस हादसे में कुल छह लोग घायल हुए हैं।1