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गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश से पत्रकार राम अवतार कश्यप ने लोगों को एक निश्चित गलती न करने की चेतावनी दी है। उन्होंने सभी से इस संबंध में संबंधित वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने का आग्रह किया है।
रामअवतार कश्यप गाजियाबाद
गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश से पत्रकार राम अवतार कश्यप ने लोगों को एक निश्चित गलती न करने की चेतावनी दी है। उन्होंने सभी से इस संबंध में संबंधित वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने का आग्रह किया है।
More news from दिल्ली and nearby areas
- Post by Mithun Yadav ♥️❣️1
- दिल्ली के नांगलोई मेट्रो स्टेशन के पास एक OYO रूम में शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में हड़कंप का माहौल है।1
- गाजियाबाद के लोनी स्थित वार्ड नंबर 47 के निवासी पिछले दो साल से विकास न होने और उनकी शिकायतों पर कोई सुनवाई न होने से बेहद परेशान हैं। टोली मोहल्ला, चौधरी चौक क्षेत्र के एक निवासी नईम चौधरी ने बताया कि जब वे अपनी समस्याओं को लेकर वार्ड के सदस्य के पास जाते हैं, तो उन्हें गंदी-गंदी गालियाँ मिलती हैं और वार्ड में कोई विकास कार्य नहीं किया जाता। उनका आरोप है कि चेयरमैन के पास जाने पर भी उन्हें भगा दिया जाता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। यह स्थिति वार्ड नंबर 47 के टोली मोहल्ला, चौधरी चौक, लोनी, गाजियाबाद, विशेषकर नेता जी वाली गली में बनी हुई है।1
- दिल्ली पुलिस ने उत्तरी दिल्ली के वजीराबाद इलाके में डेढ़ महीने पहले हुए एक ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी को सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इस हत्या के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि 34 वर्षीय चंदन सैनी की हत्या पुरानी रंजिश के चलते की गई थी, जिसके बाद उसका शव यमुना खादर के पास फेंक दिया गया था। नॉर्थ जिला के डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि यमुना खादर के पास एक अज्ञात शव मिलने पर वजीराबाद थाने में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। शव पर कई चोट के निशान थे, लेकिन शुरुआत में उसकी पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस ने मृतक के शरीर पर बने टैटू और अन्य पहचान चिह्नों के आधार पर उसकी तस्वीरें विभिन्न माध्यमों से साझा कीं, जिसके बाद शव की पहचान तिमारपुर निवासी 34 वर्षीय चंदन सैनी के रूप में हुई। पहचान होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी का गहन विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि चंदन का तरुण नाम के युवक से पुराना विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते तरुण ने अपने साथियों सनी और मिराज के साथ मिलकर चंदन की हत्या की साजिश रची। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी चंदन को बहाने से एक ऑटो में बैठाकर ले गए, जहां रास्ते में उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को यमुना खादर के पास फेंककर वे फरार हो गए। जांच के दौरान आरोपियों ने मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया, जिससे पुलिस के सामने तकनीकी साक्ष्य जुटाना चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और मानवीय खुफिया सूचना के आधार पर लगातार जांच जारी रखी। दिल्ली के अलावा मुंबई, अमृतसर, जम्मू, पंजाब और उत्तराखंड सहित कई स्थानों पर दबिश दी गई। एक अहम सुराग मिलने के बाद पुलिस ने सबसे पहले मिराज को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर मुख्य आरोपी तरुण और सनी को भी पकड़ लिया गया। डीसीपी राजा बांठिया ने जानकारी दी कि थाना वजीराबाद और नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की एएटीएस टीम की संयुक्त कार्रवाई से इस ब्लाइंड मर्डर केस का सफलतापूर्वक खुलासा हुआ है। फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
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- किशनगंज पुलिस ने बिशनपुर थाना क्षेत्र में हुए रिजवान आलम हत्याकांड का महज 36 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी और हत्या में प्रयुक्त लोहे का रॉड भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक (प्रभारी) हरिमोहन शुक्ला ने बताया कि 42 वर्षीय रिजवान आलम की हत्या का मामला प्रारंभिक तौर पर एक ब्लाइंड मर्डर प्रतीत हो रहा था। आरोपितों ने घटना के बाद इसे चोरी की वारदात का रूप देने का प्रयास किया था ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। एसपी के अनुसार, विशेष जांच दल ने तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और अन्य वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर मामले की गहन जांच की। जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण फोन कॉल सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस घटना की तह तक पहुंची। पूछताछ और साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद मृतक की पत्नी तथा उसके कथित प्रेमी की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपितों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे का रॉड भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक (प्रभारी) हरिमोहन शुक्ला ने बताया कि यह पुलिस के लिए एक चुनौतीपूर्ण मामला था, जिसे तकनीकी अनुसंधान, सर्विलांस और त्वरित कार्रवाई के बल पर 36 घंटे के भीतर सुलझाया गया। उन्होंने कहा कि किशनगंज पुलिस अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है और जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। दोनों आरोपितों से पूछताछ जारी है और मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच भी चल रही है।1