लखनऊ पुलिस का एक और कारनामा : हत्या की साजिश के आरोपी 24 घंटे में जमानत पर बाहर, रिहाई का VIDEO वायरल हुआ तब पुलिस को लगी खबर। शुक्रवार गिरफ्तारी, शनिवार जमानत, रविवार रिहाई। लखनऊ पुलिस का एक और कारनामा : हत्या की साजिश के आरोपी 24 घंटे में जमानत पर बाहर, रिहाई का VIDEO वायरल हुआ तब पुलिस को लगी खबर। शुक्रवार गिरफ्तारी, शनिवार जमानत, रविवार रिहाई। लखनऊ में नदवा के मौलाना इरफान अहमद रिजवी की हत्या की कथित साजिश के मामले में चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। जिस केस का खुलासा लखनऊ पुलिस ने बड़ी कामयाबी के तौर पर किया था, उसी मामले में गिरफ्तार तीन आरोपी महज 24 घंटे के भीतर जमानत हासिल कर जेल से बाहर आ गए और हजरतगंज पुलिस को उनकी रिहाई की जानकारी तक नहीं थी। सोशल मीडिया पर आरोपियों की रिहाई का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस को इसका पता चला। सबसे बड़ा सवाल यह है कि हत्या की कथित साजिश जैसे गंभीर मामले में पुलिस आरोपियों की जमानत का प्रभावी विरोध क्यों नहीं कर पाई? और जब आरोपी जेल से रिहा हो गए तो संबंधित थाना और अफसरों को इसकी भनक तक कैसे नहीं लगी? हजरतगंज पुलिस ने शुक्रवार, 21 अगस्त को हत्या की साजिश में कथित रूप से शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। ACJM-2 की अदालत ने आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके अगले ही दिन, शनिवार 22 अगस्त को CJM के चार्ज पर ACJM-3 की अदालत से तीन आरोपियों को जमानत मिल गई। रविवार को तीनों जेल से रिहा भी हो गए। जमानत पाने वालों में कथित तौर पर शूटरों को लाने वाला बिचौलिया अमन कुरैशी और पेशे से अधिवक्ता सोहेल अहमद सिद्दीकी तथा फरहान अहमद सिद्दीकी शामिल हैं। पुलिस को रिहाई का पता ही नहीं चला! पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जमानत से पहले पुलिस से रिपोर्ट नहीं मांगी गई और न ही पुलिस को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस मिलने की बात सामने आई है। सूत्रों का यह भी दावा है कि जमानत में दाखिल जमानतदारों का सत्यापन भी नहीं कराया गया। लेकिन इससे भी बड़ा सवाल लखनऊ पुलिस की मॉनिटरिंग और कानूनी पैरवी पर है। जिस मामले में पुलिस ने हत्या की गंभीर साजिश का खुलासा करने का दावा किया, उसी मामले के तीन आरोपी 24 घंटे में जमानत लेकर जेल से बाहर निकल गए और संबंधित पुलिस को इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर रिहाई का वीडियो वायरल होने के बाद हुई। मौलाना की हत्या के लिए ₹2 लाख की सुपारी का आरोप पुलिस के मुताबिक पूरा मामला नदवा के मौलाना इरफान अहमद रिजवी की हत्या की कथित साजिश से जुड़ा है। आरोप है कि मदरसे और करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्जे के लिए उनकी हत्या की योजना बनाई गई थी। पुलिस ने पहले चोरी की बाइक और पिस्तौल के साथ कथित शूटर मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद जमील को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में कथित साजिश की परतें खुलीं। पुलिस के मुताबिक शूटरों और साजिशकर्ताओं के बीच 157 बार मोबाइल पर बातचीत हुई थी और शूटरों के मोबाइल से मौलाना इरफान अहमद रिजवी की भेजी गई तस्वीर भी बरामद हुई थी। पुलिस का दावा था कि शूटर करीब एक महीने से मौलाना की हत्या की कोशिश में घूम रहे थे और उन्हें वारदात के लिए ₹2 लाख, पिस्तौल और चोरी की बाइक उपलब्ध कराई गई थी। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने अमन कुरैशी के साथ अधिवक्ता सोहेल अहमद सिद्दीकी और फरहान अहमद सिद्दीकी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस की जांच में मौलाना के करीबी और मदरसा मैनेजर बिलाल हाशमी की भूमिका भी सामने आने का दावा किया गया था। अब सवाल लखनऊ पुलिस से एक गंभीर हत्या की साजिश का खुलासा करने वाली पुलिस अगले ही दिन आरोपियों की जमानत के समय कहां थी? पुलिस की ओर से प्रभावी आपत्ति क्यों नहीं पहुंची? जमानत आदेश की तत्काल जानकारी संबंधित थाने को क्यों नहीं हुई? जेल से आरोपियों की रिहाई के बावजूद पुलिस का सिस्टम अलर्ट क्यों नहीं हुआ? और सोशल मीडिया का वीडियो वायरल होने तक हजरतगंज पुलिस आरोपियों की रिहाई से अनजान कैसे रही? सबसे अहम सवाल इतनी गंभीर चूक के बावजूद संबंधित DCP और इंस्पेक्टर की जवाबदेही अब तक तय क्यों नहीं हुई? हत्या की कथित साजिश में गिरफ्तारी से लेकर 24 घंटे में जमानत और फिर रिहाई तक का घटनाक्रम लखनऊ पुलिस की केस मॉनिटरिंग, अभियोजन समन्वय और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
लखनऊ पुलिस का एक और कारनामा : हत्या की साजिश के आरोपी 24 घंटे में जमानत पर बाहर, रिहाई का VIDEO वायरल हुआ तब पुलिस को लगी खबर। शुक्रवार गिरफ्तारी, शनिवार जमानत, रविवार रिहाई। लखनऊ पुलिस का एक और कारनामा : हत्या की साजिश के आरोपी 24 घंटे में जमानत पर बाहर, रिहाई का VIDEO वायरल हुआ तब पुलिस को लगी खबर। शुक्रवार गिरफ्तारी, शनिवार जमानत, रविवार रिहाई। लखनऊ में नदवा के मौलाना इरफान अहमद रिजवी की हत्या की कथित साजिश के मामले में चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। जिस केस का खुलासा लखनऊ पुलिस ने बड़ी कामयाबी के तौर पर किया था, उसी मामले में गिरफ्तार तीन आरोपी महज 24 घंटे के भीतर जमानत हासिल कर जेल से बाहर आ गए और हजरतगंज पुलिस को उनकी रिहाई की जानकारी तक नहीं थी। सोशल मीडिया पर आरोपियों की रिहाई का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस को इसका पता चला। सबसे बड़ा सवाल यह है कि हत्या की कथित साजिश जैसे गंभीर मामले में पुलिस आरोपियों की जमानत का प्रभावी विरोध क्यों नहीं कर पाई? और जब आरोपी जेल से रिहा हो गए तो संबंधित थाना और अफसरों को इसकी भनक तक कैसे नहीं लगी? हजरतगंज पुलिस ने शुक्रवार, 21 अगस्त को हत्या की साजिश में कथित रूप से शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। ACJM-2 की अदालत ने आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके अगले ही दिन, शनिवार 22 अगस्त को CJM के चार्ज पर ACJM-3 की अदालत से तीन आरोपियों को जमानत मिल गई। रविवार को तीनों जेल से रिहा भी हो गए। जमानत पाने वालों में कथित तौर पर शूटरों को लाने वाला बिचौलिया अमन कुरैशी और पेशे से अधिवक्ता सोहेल अहमद सिद्दीकी तथा फरहान अहमद सिद्दीकी शामिल हैं। पुलिस को रिहाई का पता ही नहीं चला! पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जमानत से पहले पुलिस से रिपोर्ट नहीं मांगी गई और न ही पुलिस को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस मिलने की बात सामने आई है। सूत्रों का यह भी दावा है कि जमानत में दाखिल जमानतदारों का सत्यापन भी नहीं कराया गया। लेकिन इससे भी बड़ा सवाल लखनऊ पुलिस की मॉनिटरिंग और कानूनी पैरवी पर है। जिस मामले में पुलिस ने हत्या की गंभीर साजिश का खुलासा करने का दावा किया, उसी मामले के तीन आरोपी 24 घंटे में जमानत लेकर जेल से बाहर निकल गए और संबंधित पुलिस को इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर रिहाई का वीडियो वायरल होने के बाद हुई। मौलाना की हत्या के लिए ₹2 लाख की सुपारी का आरोप पुलिस के मुताबिक पूरा मामला नदवा के मौलाना इरफान अहमद रिजवी की हत्या की कथित साजिश से जुड़ा है। आरोप है कि मदरसे और करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्जे के लिए उनकी हत्या की योजना बनाई गई थी। पुलिस ने पहले चोरी की बाइक और पिस्तौल के साथ कथित शूटर मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद जमील को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में कथित साजिश की परतें खुलीं। पुलिस के मुताबिक शूटरों और साजिशकर्ताओं के बीच 157 बार मोबाइल पर बातचीत हुई थी और शूटरों के मोबाइल से मौलाना इरफान अहमद रिजवी की भेजी गई तस्वीर भी बरामद हुई थी। पुलिस का दावा था कि शूटर करीब एक महीने से मौलाना की हत्या की कोशिश में घूम रहे थे और उन्हें वारदात के लिए ₹2 लाख, पिस्तौल और चोरी की बाइक उपलब्ध कराई गई थी। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने अमन कुरैशी के साथ अधिवक्ता सोहेल अहमद सिद्दीकी और फरहान अहमद सिद्दीकी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस की जांच में मौलाना के करीबी और मदरसा मैनेजर बिलाल हाशमी की भूमिका भी सामने आने का दावा किया गया था। अब सवाल लखनऊ पुलिस से एक गंभीर हत्या की साजिश का खुलासा करने वाली पुलिस अगले ही दिन आरोपियों की जमानत के समय कहां थी? पुलिस की ओर से प्रभावी आपत्ति क्यों नहीं पहुंची? जमानत आदेश की तत्काल जानकारी संबंधित थाने को क्यों नहीं हुई? जेल से आरोपियों की रिहाई के बावजूद पुलिस का सिस्टम अलर्ट क्यों नहीं हुआ? और सोशल मीडिया का वीडियो वायरल होने तक हजरतगंज पुलिस आरोपियों की रिहाई से अनजान कैसे रही? सबसे अहम सवाल इतनी गंभीर चूक के बावजूद संबंधित DCP और इंस्पेक्टर की जवाबदेही अब तक तय क्यों नहीं हुई? हत्या की कथित साजिश में गिरफ्तारी से लेकर 24 घंटे में जमानत और फिर रिहाई तक का घटनाक्रम लखनऊ पुलिस की केस मॉनिटरिंग, अभियोजन समन्वय और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
- इंदिरा नगर में सड़क धंसने से मचा हड़कंप, रात में जेसीबी से मरम्मत कार्य जारी लखनऊ इंदिरा नगर में सड़क धंसने से मचा हड़कंप, रात में जेसीबी से मरम्मत कार्य जारी लखनऊ के इंदिरा नगर क्षेत्र के पिकनिक स्पॉट फरीदी नगर में सड़क धंसने के बाद हड़कंप मच गया। सड़क के बीचों-बीच बड़ा हिस्सा धंसने से आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। इंदिरा नगर क्षेत्र में पहले भी सड़क धंसने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सड़क धंसते ही जिम्मेदार विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी के माध्यम से रात में ही कार्य शुरू कर दिया गया। मौके पर मरम्मत का काम जारी है। बताया जा रहा है कि सड़क को पूरी तरह दुरुस्त करने में लगभग 2 से 3 दिन का समय लग सकता है। ऐसे में हजारों लोगों को आवागमन के लिए अपना रास्ता बदलना पड़ सकता है। यदि आप थाना इंदिरा नगर से मुंशी पुलिया की तरफ जा रहे हैं तो फिलहाल इस मार्ग से बचें और वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करें। सड़क निर्माण कार्य के चलते इंदिरा नगर और मुंशी पुलिया आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।1
- इस Video को देखकर नेपाल के रसुवा जिले में तबाही का अंदाजा लगाइए भोटेकोशी नदी में अचानक सैलाब आया इस Video को देखकर नेपाल के रसुवा जिले में तबाही का अंदाजा लगाइए भोटेकोशी नदी में अचानक सैलाब आया मकान–दुकान, गाड़ियों और भाग रहे लोगों सबको बहा ले गया1
- लखनऊ के गुड़ंबा इलाके से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाने वाला मामला सामने आया है।** आरोप है कि **सृष्टि अपार्टमेंट के पास राजकिशोर से ₹30 हजार की लूट** की गई। पीड़ित ने अपने साथियों की मदद से कथित लुटेरे को पकड़ लिया और **112 पर सूचना देकर पुलिस के हवाले** किया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी को सौंपे जाने के बावजूद **न मुकदमा दर्ज हुआ और न ही आगे कार्रवाई की गई।** अगर पीड़ित की शिकायत सही है, तो सवाल यह है कि मौके पर पकड़े गए आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पूरे मामले की पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। 📍 **गुड़ंबा, लखनऊ लखनऊ के गुड़ंबा इलाके से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाने वाला मामला सामने आया है।** आरोप है कि **सृष्टि अपार्टमेंट के पास राजकिशोर से ₹30 हजार की लूट** की गई। पीड़ित ने अपने साथियों की मदद से कथित लुटेरे को पकड़ लिया और **112 पर सूचना देकर पुलिस के हवाले** किया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी को सौंपे जाने के बावजूद **न मुकदमा दर्ज हुआ और न ही आगे कार्रवाई की गई।** अगर पीड़ित की शिकायत सही है, तो सवाल यह है कि मौके पर पकड़े गए आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पूरे मामले की पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। 📍 **गुड़ंबा, लखनऊ1
- दिल्ली /लखनऊ: शुरू लोकल न्यूज़ ऑल इंडिया उत्तर प्रदेश स्टेट मुख्यालय प्रमुख हेड संवाददाता लव कुश की खास रिपोर्ट *🚨🚨नेपाल बाढ़ 🚨🚨*📢पल भर में ढहा ब्रिज नेपाल में बाढ़ के बीच तबाही का खौफनाक मंजर कैमरे में कैद VIDEO देख कर आप कांप जाएंगे !! नेपाल में आई प्राकृतिक तबाही और बाढ़ में अपने प्राणों को गंवाने वाले सभी लोगों की आत्मा को ईश्वर शान्ति प्रदान करें और भगवान भोलेनाथ जी सभी की रक्षा करें !! !! ॐ शान्ति : ॐ शान्ति : ॐ शान्ति : !! ऑल इंडिया उत्तर प्रदेश समाजसेवी लव कुश सेवा ही धर्म है4
- सैनिको को भला बुरा कहनेवाले जंतर मंतर के कोकरोच देख ले एक सैनिक अपनी जान जोखिम में डालकर एक Zen Z को कैसे बचा रहा है ।* *सैनिको को भला बुरा कहनेवाले जंतर मंतर के कोकरोच देख ले एक सैनिक अपनी जान जोखिम में डालकर एक Zen Z को कैसे बचा रहा है ।* पानी के सैलाब के चलते नदी के किनारे खड़ी कई मंजिला इमारत नदी के बीच पहुंच गयी है,बस ढहने के कगार पर है सबसे ऊपरी छत पर खडा हुआ एक लड़का अपनी टीशर्ट घुमाकर सेना के हैलीकाप्टर से मदद मांगता है हैलीकाप्टर इस छत तक आने का प्रयास करता है और फिर छत के एक सिरे पर नीचे..और नीचे आ जाता है लड़का हैलीकाप्टर को जैसे ही छूता है, ऊपर बैठा सैनिक उसे हाथ पकड़कर ऊपर उठा लेता है.....रेस्क्यू पूरा होते ही आसपास मौजूद लोग तालियां बजाकर उत्साह वर्धन करते हैं😍😍👌🏽👌🏽💪🏻👏🏻 रेस्क्यू का ये वीडियो नेपाल से है1
- लखनऊ पारा थाना क्षेत्र स्थित बुद्धेश्वर ओवरब्रिज पर दो तेज रफ्तार कारों की आपस में टक्कर हो गई लखनऊ के बुद्धेश्वर ओवरब्रिज पर दो कारों की भिड़ंत, सड़क पर हुई मारपीट लखनऊ पारा थाना क्षेत्र स्थित बुद्धेश्वर ओवरब्रिज पर दो तेज रफ्तार कारों की आपस में टक्कर हो गई हादसे के बाद दोनों पक्षों के लोग गाड़ियों से बाहर निकल आए और बीच सड़क पर ही कहासुनी शुरू हो गई देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में जमकर हाथापाई और मारपीट होने लगी ओवरब्रिज पर हंगामा होने के कारण लंबा जाम लग गया और राहगीरों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई1
- *यूपी TET एग्जाम का रिजल्ट जारी, 62 हजार टीचर फेल:* इनकी नौकरी बचाने के लिए सरकार विशेष परीक्षा कराएगा सफलता का प्रतिशत: प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) में 80.07% और उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) में 71.85% अभ्यर्थी पास हुए हैं।शिक्षकों का प्रदर्शन: परीक्षा में कुल 2.69 लाख कार्यरत शिक्षक बैठे थे, जिनमें से 2.07 लाख शिक्षक पास हुए और 62 हजार से अधिक फेल हो गए।कुल उत्तीर्ण अभ्यर्थी: यदि सेवारत शिक्षकों और नए उम्मीदवारों दोनों को मिला दिया जाए, तो इस परीक्षा में 13.3 लाख से अधिक उम्मीदवार सफल घोषित किए गए हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने 26 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। इस परीक्षा में शामिल हुए पहले से कार्यरत (सेवारत) शिक्षकों में से 62.03 हजार शिक्षक फेल हो गए हैं, जिनकी नौकरी सुरक्षित रखने के लिए सरकार अब एक विशेष TET परीक्षा (Special TET) आयोजित कराने की तैयारी कर रही ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र लखनऊ1
- *नेपाल में बाढ़- 165 मौतें, 133 भारतीय समेत 1100 लापता:* 33 शव 150km दूर मिले; भूकंप नहीं, पहाड़ खिसकने से आया 5.2 तीव्रता जैसा झटका ग्लेशियर का टूटना: हिमालय क्षेत्र में करीब 17,000 फीट की ऊंचाई पर एक विशाल ग्लेशियर का हिस्सा टूटकर नदी घाटी में गिरा।झटके का भ्रम: मलबे और बर्फ के इस भारी पतन से जमीन में तीव्र कंपन हुआ, जिसे शुरुआती विश्लेषण में 4.4 तीव्रता का भूकंप समझ लिया गया था, लेकिन USGS ने पुष्टि की है कि कोई भूकंप नहीं आया था।नदी में उफान: मलबे के कारण भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों का जलस्तर अचानक 30 फीट तक बढ़ गया और पानी सुनामी की तरह कस्बों में घुस गया।📉 हताहत और लापता लोगों की स्थितिकुल मौतें: नेपाल में 162 और चीनी क्षेत्र (तिब्बत) में 3 शव बरामद किए जा चुके हैं।भारतीय नागरिक: लापता लोगों में सबसे बड़ी संख्या 133 भारतीय पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की है, जो मुख्य रूप से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर थे। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र लखनऊ1