भक्ति और श्रद्धा के संग आरंभ हुई अखंड हरिनाम संकीर्तन की पावन धारा शक्तिफार्म। गुरुग्राम स्थित शिव मंदिर में दो दिवसीय अखंड हरिनाम संकीर्तन के शुभारंभ से पूर्व बुधवार को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस दिव्य आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। प्रातःकाल शिवतला शिव मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसमूह उमड़ पड़ा। पुरुष एवं महिलाएं पारंपरिक बांग्ला वेशभूषा में सुसज्जित होकर भगवान के चरणों में उपस्थित हुए। मुरादाबाद से पधारे मुख्य पुजारी गोपीनाथ प्रसाद दास ने श्री राधा-कृष्ण की विधि विधानपूर्वक पूजा-अर्चना संपन्न कर अष्ट सखियों एवं श्रद्धालुओं संग मंदिर की परिक्रमा की। इसके उपरांत भक्तिमय वातावरण में ढोल-नगाड़ों और हरिनाम संकीर्तन के मधुर स्वर के बीच कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। यह यात्रा लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित पावन स्थल तक पहुंची, जहां मां गंगा की आरती कर विधिपूर्वक कलश में जल भरा गया। तत्पश्चात यह पवित्र जल मंदिर लाकर स्थापित किया गया, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। सायंकाल अधिवास कार्यक्रम विधिपूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें भक्तों ने पूर्ण श्रद्धा एवं समर्पण भाव से भाग लिया। कीर्तन कमेटी के अध्यक्ष जयंत मंडल ने जानकारी दी कि विभिन्न क्षेत्रों से आई पांच कीर्तन मंडलियां बृहस्पतिवार प्रातः से लगातार दो दिन और दो रात अखंड हरिनाम संकीर्तन का गायन करेंगी, जिससे समस्त क्षेत्र हरि-भक्ति में निमग्न रहेगा। इस पावन अवसर पर ग्राम प्रधान वितिका मिस्त्री, दिलीप मिस्त्री, कुशल गोलदार, आकाश हालदार, विष्णु वैद्य, शेफाली मंडल, शोभा दास, कालीपद मंडल, विश्वनाथ मंडल, कृष्णपद साना, गणेश वैद्य, सुकुमार मंडल, दीपक सरकार, टोमस साना, श्रीकांत विश्वास, सुभाष गोलदार, निर्मल गईन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का भी सशक्त माध्यम बन रहा है।
भक्ति और श्रद्धा के संग आरंभ हुई अखंड हरिनाम संकीर्तन की पावन धारा शक्तिफार्म। गुरुग्राम स्थित शिव मंदिर में दो दिवसीय अखंड हरिनाम संकीर्तन के शुभारंभ से पूर्व बुधवार को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस दिव्य आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। प्रातःकाल शिवतला शिव मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसमूह उमड़ पड़ा। पुरुष एवं महिलाएं पारंपरिक बांग्ला वेशभूषा में सुसज्जित होकर भगवान के चरणों में उपस्थित हुए। मुरादाबाद से पधारे मुख्य पुजारी गोपीनाथ प्रसाद दास ने श्री राधा-कृष्ण की विधि विधानपूर्वक पूजा-अर्चना संपन्न कर अष्ट सखियों एवं श्रद्धालुओं संग मंदिर की परिक्रमा की। इसके उपरांत भक्तिमय वातावरण में ढोल-नगाड़ों और हरिनाम संकीर्तन के मधुर स्वर के बीच कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। यह यात्रा लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित पावन स्थल तक पहुंची, जहां मां गंगा की आरती कर विधिपूर्वक कलश में जल भरा गया। तत्पश्चात यह पवित्र जल मंदिर लाकर स्थापित किया गया, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। सायंकाल अधिवास कार्यक्रम विधिपूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें भक्तों ने पूर्ण श्रद्धा एवं समर्पण भाव से भाग लिया। कीर्तन कमेटी के अध्यक्ष जयंत मंडल ने जानकारी दी कि विभिन्न क्षेत्रों से आई पांच कीर्तन मंडलियां बृहस्पतिवार प्रातः से लगातार दो दिन और दो रात अखंड हरिनाम संकीर्तन का गायन करेंगी, जिससे समस्त क्षेत्र हरि-भक्ति में निमग्न रहेगा। इस पावन अवसर पर ग्राम प्रधान वितिका मिस्त्री, दिलीप मिस्त्री, कुशल गोलदार, आकाश हालदार, विष्णु वैद्य, शेफाली मंडल, शोभा दास, कालीपद मंडल, विश्वनाथ मंडल, कृष्णपद साना, गणेश वैद्य, सुकुमार मंडल, दीपक सरकार, टोमस साना, श्रीकांत विश्वास, सुभाष गोलदार, निर्मल गईन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का भी सशक्त माध्यम बन रहा है।
- पीलीभीत जिले में बिजली निगम के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल बनते जा रहे हैं। आए दिन आ रही तकनीकी खामियों और मनमाने बिलिंग से परेशान होकर अब लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। ताजा मामला शहर की राजीव कॉलोनी का है, जहाँ एक युवक ने स्मार्ट मीटर के बढ़े हुए बिल और बिना सूचना बिजली काटे जाने से नाराज होकर जिलाधिकारी (DM) कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। क्या है पूरा मामला? राजीव कॉलोनी निवासी सर्वेश कुमार श्रीवास्तव ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सर्वेश के अनुसार: बिना जानकारी मीटर बदलाव: लगभग तीन महीने पहले उनकी अनुपस्थिति में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने उनके घर का पुराना मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा दिया था। बिलिंग में विसंगति: स्मार्ट मीटर लगने के बाद से ही बिल अप्रत्याशित रूप से बढ़कर आने लगा। भुगतान के बाद भी अंधेरा: सर्वेश ने बताया कि 7,000 रुपये का बकाया होने पर उन्होंने 1 अप्रैल को 7,500 रुपये जमा किए थे। इसके बावजूद आंबेडकर जयंती के दिन उन्हें फिर से बकाया बिल का अलर्ट मिला और बुधवार को उनकी बिजली काट दी गई। अफसरों की कार्यशैली पर उठाए सवाल पीड़ित युवक का कहना है कि जब वह समस्या के समाधान के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों के पास पहुँचा, तो उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। हार मानकर उसे डीएम कार्यालय की शरण लेनी पड़ी। सर्वेश ने कहा: "मैं एक प्राइवेट नौकरी करने वाला व्यक्ति हूँ। इतना भारी-भरकम बिल भरना मेरे बस के बाहर है। ऊपर से बिल ठीक करवाने के लिए मुझे अपनी नौकरी से छुट्टी लेनी पड़ रही है। विभाग की लापरवाही ने मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान कर दिया है।" सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हंगामे के दौरान सर्वेश कुमार का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वह व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाते और अपनी पीड़ा व्यक्त करते नजर आ रहे हैं। काफी देर तक कार्यालय परिसर के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अंततः युवक ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर बिल संशोधन कराने और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की गुहार लगाई है। स्मार्ट मीटर पर बढ़ता जनाक्रोश पीलीभीत में यह कोई पहला मामला नहीं है। स्मार्ट मीटर की तेज रफ्तार और सर्वर की समस्याओं को लेकर जिले के कई इलाकों से लगातार शिकायतें आ रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग राजस्व वसूली के नाम पर आम जनता का उत्पीड़न कर रहा है, जबकि तकनीकी खामियों को दूर करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।1
- Post by समाचार Crime News1
- Post by Jagdish Ballabh Sharma4
- मरौरी ब्लॉक की ब्लॉक प्रमुख श्रीमती सभ्यता वर्मा ने नवनिर्वाचित जिला पदाधिकारी को दिया सम्मान l #marouri #brekingnews #UttarPradesh #LatestNews #पीलीभीत1
- 📢 'स्मार्ट वसूली' एक तरफ 'विकसित भारत' का सपना है, और दूसरी तरफ एक आम आदमी की बेबसी। आज हालात ये हो गए हैं कि स्मार्ट मीटर के भारी-भरकम बिलों और तकनीकी दिक्कतों से तंग आकर एक नागरिक जिला अधिकारी (DM) कार्यालय में आत्मदाह करने की बात कह रहा है। यह सिर्फ एक व्यक्ति की चेतावनी नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का चीखता हुआ प्रमाण है। सोचने वाली बात यह है: • 👉खून पसीने की कमाई या बिजली का बिल? जब मीटर की रफ़्तार कमाई से ज्यादा हो जाए, तो जनता कहाँ जाए? • 👉तकनीकी समस्या या आर्थिक शोषण? 'स्मार्ट' होने के नाम पर बिना किसी ठोस सुनवाई के जनता पर बोझ क्यों लादा जा रहा है? • 👉किसे कहेंगे विकास? क्या विकसित भारत की नींव एक गरीब और मध्यम वर्ग के नागरिक की मानसिक प्रताड़ना पर रखी जाएगी? हमारी मांग: 💥1. स्मार्ट मीटरों की रीडिंग और कार्यप्रणाली की पारदर्शी जांच हो। 💥2. शिकायत निवारण के लिए जिला स्तर पर तत्काल सुनवाई केंद्र बने। 💥3. जनता को डराने के बजाय उनकी समस्याओं का मानवीय समाधान निकाला जाए। ✍️✍️✍️सरकार को यह समझना होगा कि 'स्मार्ट सिटी' ईंट-पत्थरों और मीटरों से नहीं, खुशहाल नागरिकों से बनती है। अगर जनता ही सुरक्षित और संतुष्ट नहीं है, तो कैसा विकास और कैसी स्मार्टनेस....1
- 25 करोड़ से बन रहे कंपोजिट विद्यालय में घटिया ईट लगाकर निर्माण कार्य, भाजपा के माननीय ने अपनी ही सरकार में हो रहे भ्रष्टाचार की खोलीपोल ...कमीशनबाजी की वजह से हो रहा घटिया निर्माण कार्य1
- पीलीभीत।बीसलपुर के चंदपुरा गांव में शादी समारोह में अश्लील डांस का वीडियो वायरल। पूरी रात बार-बालाओं के ठुमकों पर झूमता रहा कार्यक्रम, मनचलों ने जमकर उड़ाए नोट सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन फिर भी नहीं हुई कोई कार्रवाई।1
- Post by समाचार Crime News1