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CHANDAN KUMAR
More news from बिहार and nearby areas
- हाल ही में एक वायरल वीडियो सामने आया है जिसमें दिखाया गया है कि कैसे एक गौमाता ने एक बच्चे की जान बचाई। इस अद्भुत और जीवनरक्षक घटना को 'जय गौ माता' के नारे के साथ व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है।1
- भोजपुर जिले के पीरो से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर शुरू हुई दोस्ती प्यार में बदल गई। इस मामले में पीरो थाना क्षेत्र की एक नाबालिग छात्रा अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर फरार हो गई थी। हालाँकि, हसनबाजार थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इस मामले का खुलासा हो गया और दोनों को नालंदा जिले से बरामद कर लिया गया। छात्रा अपने मामा के घर विक्रमगंज थाना क्षेत्र में रहकर पढ़ाई कर रही थी। 1 जुलाई को छात्रा नोनार हाईस्कूल में 11वीं की परीक्षा देने पहुँची थी और पहली पाली की परीक्षा खत्म होने के बाद वह अचानक लापता हो गई, जिससे उसके परिजनों में हड़कंप मच गया। काफी तलाश के बाद भी जब छात्रा का कोई सुराग नहीं मिला, तो 2 जुलाई को उसने खुद फोन कर परिजनों को बताया कि वह नालंदा जिले के अस्थावां थाना क्षेत्र के नयन उर्फ नमन कुमार के साथ है और सुरक्षित है। लेकिन 3 जुलाई को युवक द्वारा मोबाइल बंद कर दिए जाने के बाद मामला और गंभीर हो गया। इसके बाद 4 जुलाई को छात्रा के पिता ने हसनबाजार थाना में नमन कुमार के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान के जरिए मोबाइल का सीडीआर निकाला और 5 जुलाई को नालंदा पहुँकर कार्रवाई शुरू की। आखिरकार, 6 जुलाई को पुलिस ने दोनों को बरामद कर लिया। पुलिस ने नाबालिग छात्रा को मेडिकल जांच के लिए भेज दिया है, जबकि आरोपी नमन कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।1
- गजीयापुर पंचायत के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, आगामी 7 जुलाई को पंचायत क्षेत्र में एक विशेष सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा।1
- भोजपुर जिले के उदवंतनगर थाना क्षेत्र में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। उदवंतनगर थाना पुलिस ने प्रेम प्रसंग के कारण घर से फरार हुई एक युवती को पियानिया गांव से सकुशल बरामद कर लिया है। इस संबंध में जानकारी भोजपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा सोमवार दोपहर 3:18 बजे एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई। बरामद की गई युवती की पहचान भोजपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव निवासी श्याम रजक की पुत्री ज्योति कुमारी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, युवती प्रेम प्रसंग के चलते अपने घर से चली गई थी, जिसके बाद उसके परिजनों ने उदवंतनगर थाना में मामला दर्ज कराया था। मामला दर्ज होने के बाद उदवंतनगर थानाध्यक्ष जयंत प्रकाश के नेतृत्व में पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने लगातार प्रयास और बातचीत के जरिए युवती का पता लगाया, जिसके बाद उसे बुलाकर सुरक्षित रूप से बरामद कर लिया गया। युवती के सकुशल बरामद होने पर परिजनों ने राहत की सांस ली है, वहीं पुलिस ने उसे अपने संरक्षण में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई जारी है।1
- सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने केंद्र सरकार पर वरिष्ठ नागरिकों की लगातार उपेक्षा करने का गंभीर आरोप लगाते हुए 15 सितंबर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। संगठन ने केंद्र सरकार से वरिष्ठ नागरिकों के साथ सौतेला व्यवहार बंद करने और उनकी वर्षों से लंबित मांगों को शीघ्रता से पूरा करने की मांग की है। यह निर्णय संगठन की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरेंद्र प्रसाद सिंह ने की। सिंह ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार को वरिष्ठ नागरिकों के प्रति अपनी उदासीनता त्यागनी होगी। राष्ट्रीय महामंत्री प्रो. (डा.) दिवाकर पांडेय, प्रो. (डा.) रेनू मिश्रा और राघव प्रसाद सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि लगभग पांच वर्ष पहले कोविड काल के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे टिकटों में मिलने वाली रियायतें अचानक समाप्त कर दी गई थीं, जिन्हें अभी तक बहाल नहीं किया गया है। संगठन ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की है कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सरकार ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। इसी पृष्ठभूमि में, सीनियर सिटीजन एसोसिएशन ने 15 सितंबर से केंद्र सरकार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ने का संकल्प लिया है।1
- Post by CHANDAN KUMAR1
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरपोखरी से एक बार फिर लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद रहने के कारण दर्जनों मरीज, जिनमें खासकर गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग शामिल थे, घंटों लंबी लाइन में खड़े रहने को मजबूर हुए। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है। सोमवार दोपहर लगभग 1:00 बजे मौके पर मौजूद गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों ने बताया कि वे काफी समय से लाइन में खड़े थे, लेकिन रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद होने की वजह से उनका पंजीकरण नहीं हो पा रहा था। इससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था और उनके इलाज में भी देरी हो रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल की यह लापरवाही सीधे तौर पर मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ है, खासकर गर्भवती महिलाओं के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। इस मामले में जब प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से मोबाइल के जरिए संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनसे संपर्क नहीं हो सका, जिससे प्रशासनिक जवाबदेही पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यह भी बताया गया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरपोखरी पहले भी अपनी लापरवाह व्यवस्था को लेकर चर्चा में रहा है। बीते दिनों प्रखंड प्रमुख रामचंद्र सिंह यादव द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में भी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। अब एक बार फिर सामने आए इस वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर कब अस्पताल की व्यवस्था सुधरेगी और मरीजों को समय पर इलाज मिल पाएगा।1
- भोजपुर में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 6 जुलाई को जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया और सिविल सर्जन शिवेंद्र कुमार सिन्हा ने आरबीएसके टीम को टीबी रोग स्क्रीनिंग के लिए कलेक्ट्रेट से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह टीम महादलित टोला, हाई रिस्क क्षेत्रों, कैंप, स्कूल, कॉलेज और घर-घर जाकर 31 जुलाई तक टीबी स्क्रीनिंग का कार्य करेगी। भोजपुर सिविल सर्जन शिवेंद्र कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि जिले में कुल 6,85,647 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से अब तक 61,622 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, और स्क्रीनिंग किए गए लोगों के डेटा को निक्षय पोर्टल पर संधारित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर सहायक समाहर्ता, संचारी रोग पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।1
- देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है, वहीं कई स्थानों पर रेलवे ट्रैक भी पानी में डूब गए हैं। इस वजह से सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें। शहर में हर वर्ष मानसून के दौरान होने वाली इस जलभराव की समस्या के पीछे कई प्रमुख कारण बताए गए हैं। मुंबई का अधिकांश हिस्सा समुद्र तल के बेहद करीब स्थित है, जिसके चलते भारी बारिश और ऊंचे ज्वार (हाई टाइड) के समय वर्षा का पानी समुद्र में तेजी से नहीं निकल पाता। इसके अतिरिक्त, शहर की दशकों पुरानी ड्रेनेज प्रणाली आज की बढ़ती आबादी और कंक्रीट के लगातार हो रहे विस्तार के लिए अपर्याप्त साबित हो रही है। नालों में कचरे का जमाव, अतिक्रमण और प्राकृतिक जल निकासी मार्गों का बाधित होना भी इस समस्या को और गंभीर बना देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई की इस जलभराव समस्या का स्थायी समाधान आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, नालों की नियमित सफाई, प्रभावी वर्षा जल प्रबंधन, प्राकृतिक जलमार्गों का संरक्षण और एक वैज्ञानिक शहरी नियोजन में निहित है। जब तक इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यापक और ठोस सुधार नहीं किए जाते, तब तक मुंबई को हर मानसून में जलभराव और यातायात अव्यवस्था जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जिससे लोगों का त्राहिमान जारी रहेगा।1