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छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक नाबालिग ने आत्महत्या कर ली है। यह दुखद घटना एक ऐसे विवाद के बाद सामने आई है, जिसमें एक युवक ने नाबालिग को सरेआम थप्पड़ मार दिया था। इस घटना के बाद से पुलिस उस युवक की तलाश में जुट गई है।

2 hrs ago
user_Durgesh maravi
Durgesh maravi
कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक नाबालिग ने आत्महत्या कर ली है। यह दुखद घटना एक ऐसे विवाद के बाद सामने आई है, जिसमें एक युवक ने नाबालिग को सरेआम थप्पड़ मार दिया था। इस घटना के बाद से पुलिस उस युवक की तलाश में जुट गई है।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • कुछ बदमाशों के द्वारा अंबेडकर चौक में तोड़फोड़ की गई है।
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    कुछ बदमाशों के द्वारा अंबेडकर चौक में तोड़फोड़ की गई है।
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन जैन ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के नेतृत्व में एक विकसित, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखी गई है। जैन ने जनधन, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला और पीएम किसान जैसी कई योजनाओं को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने यह भी कहा कि जी-20 अध्यक्षता, वैक्सीन मैत्री पहल और मजबूत विदेश नीति के कारण भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है।
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    बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन जैन ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के नेतृत्व में एक विकसित, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखी गई है। जैन ने जनधन, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला और पीएम किसान जैसी कई योजनाओं को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने यह भी कहा कि जी-20 अध्यक्षता, वैक्सीन मैत्री पहल और मजबूत विदेश नीति के कारण भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है।
    user_द संक्षेप
    द संक्षेप
    Media company बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    39 min ago
  • बिलासपुर शहर के प्रमुख और व्यस्ततम महाराणा प्रताप चौक पर प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों को सार्वजनिक शौचालय, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल और स्थायी ऑटो पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या से स्थानीय व्यापारियों को भी जूझना पड़ रहा है, क्योंकि यात्रियों को लघु एवं दीर्घ शंका के लिए भटकना पड़ता है और तेज धूप या बारिश में खुले में खड़े रहना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, पेयजल और ऑटो पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने से दुकानदार भी प्रभावित हैं। इन्हीं समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर समाजसेवी अलीम अंसारी की अध्यक्षता में अमान अंसारी वेलफेयर फाउंडेशन और महाराणा प्रताप चौक व्यापारी संघ ने संयुक्त रूप से नगर निगम आयुक्त को शांतिपूर्ण ढंग से एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने से पहले चौक पर एकत्रित संस्था के पदाधिकारियों, सदस्यों और यात्रियों से चर्चा की गई, साथ ही मौके पर स्थिति का अवलोकन भी किया गया, जिसमें सुविधाओं का अभाव स्पष्ट रूप से सामने आया। गौरतलब है कि समाजसेवी अलीम अंसारी की संस्था अमान अंसारी वेलफेयर फाउंडेशन ने महाराणा प्रताप चौक पर अस्थायी रूप से एक प्याऊ घर की व्यवस्था की है, जहां यात्रियों को शीतल पेयजल मिलता है और यह स्थान धूप से राहत पाने के लिए एक अस्थायी प्रतीक्षालय के रूप में भी उपयोगी साबित हो रहा है। ज्ञापन प्राप्त होने के बाद नगर निगम आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे स्वयं स्थल का निरीक्षण कर उपयुक्त स्थान का चयन करेंगे और सार्वजनिक शौचालय, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल सुविधा तथा स्थायी ऑटो पार्किंग की व्यवस्था के लिए आवश्यक एवं उचित कदम उठाए जाएंगे। इस अवसर पर समाजसेवी अलीम अंसारी, महाराणा प्रताप चौक व्यापारी संघ के अध्यक्ष विंकु भाटिया, अधिवक्ता दिनेश लहरे सहित बड़ी संख्या में व्यापारी, संस्था के पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अब शहरवासियों एवं यात्रियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जनहित से जुड़ी इन मांगों पर अमल कब तक होता है और महाराणा प्रताप चौक को आवश्यक सुविधाएं कब तक उपलब्ध हो पाती हैं।
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    बिलासपुर शहर के प्रमुख और व्यस्ततम महाराणा प्रताप चौक पर प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों को सार्वजनिक शौचालय, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल और स्थायी ऑटो पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या से स्थानीय व्यापारियों को भी जूझना पड़ रहा है, क्योंकि यात्रियों को लघु एवं दीर्घ शंका के लिए भटकना पड़ता है और तेज धूप या बारिश में खुले में खड़े रहना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, पेयजल और ऑटो पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने से दुकानदार भी प्रभावित हैं।

इन्हीं समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर समाजसेवी अलीम अंसारी की अध्यक्षता में अमान अंसारी वेलफेयर फाउंडेशन और महाराणा प्रताप चौक व्यापारी संघ ने संयुक्त रूप से नगर निगम आयुक्त को शांतिपूर्ण ढंग से एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने से पहले चौक पर एकत्रित संस्था के पदाधिकारियों, सदस्यों और यात्रियों से चर्चा की गई, साथ ही मौके पर स्थिति का अवलोकन भी किया गया, जिसमें सुविधाओं का अभाव स्पष्ट रूप से सामने आया। गौरतलब है कि समाजसेवी अलीम अंसारी की संस्था अमान अंसारी वेलफेयर फाउंडेशन ने महाराणा प्रताप चौक पर अस्थायी रूप से एक प्याऊ घर की व्यवस्था की है, जहां यात्रियों को शीतल पेयजल मिलता है और यह स्थान धूप से राहत पाने के लिए एक अस्थायी प्रतीक्षालय के रूप में भी उपयोगी साबित हो रहा है।

ज्ञापन प्राप्त होने के बाद नगर निगम आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे स्वयं स्थल का निरीक्षण कर उपयुक्त स्थान का चयन करेंगे और सार्वजनिक शौचालय, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल सुविधा तथा स्थायी ऑटो पार्किंग की व्यवस्था के लिए आवश्यक एवं उचित कदम उठाए जाएंगे। इस अवसर पर समाजसेवी अलीम अंसारी, महाराणा प्रताप चौक व्यापारी संघ के अध्यक्ष विंकु भाटिया, अधिवक्ता दिनेश लहरे सहित बड़ी संख्या में व्यापारी, संस्था के पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अब शहरवासियों एवं यात्रियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जनहित से जुड़ी इन मांगों पर अमल कब तक होता है और महाराणा प्रताप चौक को आवश्यक सुविधाएं कब तक उपलब्ध हो पाती हैं।
    user_Kumar Poptani
    Kumar Poptani
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से अभद्र टिप्पणियां और भ्रामक पोस्ट साझा किए जाने के मामले में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार, सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं की शिकायत के बाद लखनऊ, कानपुर और संतकबीर नगर समेत कई जिलों के साइबर थानों में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक पर कुछ अकाउंट्स द्वारा अपमानजनक और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की गई थी। इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि जो लोग परिवार और बेटियों के सम्मान को नहीं समझते, वे समाज की भावनाओं को भी नहीं समझ सकते। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मामले को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने और दोषियों के विरुद्ध FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच शुरू कर दी है और डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से अभद्र टिप्पणियां और भ्रामक पोस्ट साझा किए जाने के मामले में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार, सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं की शिकायत के बाद लखनऊ, कानपुर और संतकबीर नगर समेत कई जिलों के साइबर थानों में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक पर कुछ अकाउंट्स द्वारा अपमानजनक और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की गई थी।

इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि जो लोग परिवार और बेटियों के सम्मान को नहीं समझते, वे समाज की भावनाओं को भी नहीं समझ सकते।

वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मामले को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने और दोषियों के विरुद्ध FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच शुरू कर दी है और डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    user_Akhil Mittal
    Akhil Mittal
    उदयपुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • खाड़ी देशों में जारी युद्ध के कारण पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत पैदा हो गई है। इस गंभीर स्थिति के चलते छत्तीसगढ़ में लोगों को, विशेषकर सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक, बहुत अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संकट से राज्य के किसान बेहद परेशान हैं। चेतावनी दी गई है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो किसान कोई भी बड़ा कदम उठा सकते हैं, और इस पूरी स्थिति की जिम्मेदारी शासन की होगी।
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    खाड़ी देशों में जारी युद्ध के कारण पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत पैदा हो गई है। इस गंभीर स्थिति के चलते छत्तीसगढ़ में लोगों को, विशेषकर सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक, बहुत अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इस संकट से राज्य के किसान बेहद परेशान हैं। चेतावनी दी गई है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो किसान कोई भी बड़ा कदम उठा सकते हैं, और इस पूरी स्थिति की जिम्मेदारी शासन की होगी।
    user_Akash Bhonsale
    Akash Bhonsale
    Bus charter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
  • कोरबा जिले में हसदेव दर्री बैराज के पास हसदेव नदी जलकुंभी से पूरी तरह घिर गई है, जिससे नदी का दम घुट रहा है। सामने आई चौंकाने वाली तस्वीरों में नदी किसी मैदान जैसी दिखाई दे रही है, जिससे उसके जलीय जीवन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यह स्थिति नदी के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
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    कोरबा जिले में हसदेव दर्री बैराज के पास हसदेव नदी जलकुंभी से पूरी तरह घिर गई है, जिससे नदी का दम घुट रहा है। सामने आई चौंकाने वाली तस्वीरों में नदी किसी मैदान जैसी दिखाई दे रही है, जिससे उसके जलीय जीवन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यह स्थिति नदी के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने 'विशाल किसान रैली एवं कलेक्ट्रेट घेराव' का आयोजन किया। कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य गेट पर जमा हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे और बैनर-पोस्टर थामे सरकार विरोधी नारे लगाए, साथ ही "जय जवान, जय किसान" और "अत्याचार नहीं सहेंगे" के नारे बुलंद किए। इस घेराव को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर और मुख्य द्वार पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को परिसर के अंदर जाने से रोका, जहाँ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद थे। प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए किसानों की समस्याओं और अपनी अन्य माँगों को रखा। प्रदर्शन के अंत में, प्रशासनिक अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें जनहित और किसानों की समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण करने की माँग की गई है।
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    छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने 'विशाल किसान रैली एवं कलेक्ट्रेट घेराव' का आयोजन किया। कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य गेट पर जमा हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे और बैनर-पोस्टर थामे सरकार विरोधी नारे लगाए, साथ ही "जय जवान, जय किसान" और "अत्याचार नहीं सहेंगे" के नारे बुलंद किए।

इस घेराव को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर और मुख्य द्वार पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को परिसर के अंदर जाने से रोका, जहाँ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद थे। प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए किसानों की समस्याओं और अपनी अन्य माँगों को रखा। प्रदर्शन के अंत में, प्रशासनिक अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें जनहित और किसानों की समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण करने की माँग की गई है।
    user_Manoj
    Manoj
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • बिलासपुर की सकरी पुलिस ने चोरी के एक मामले में तत्परता दिखाते हुए घटना के महज कुछ घंटों के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात भी बरामद कर लिए, जिसमें डॉग स्क्वॉड और एफएसएल टीम की अहम भूमिका रही। साईं नगर उस्लापुर निवासी नीता बघेल ने सकरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 12 जून की रात ड्यूटी पर जाने से पहले उन्होंने अपने घर में ताला लगाया था। अगली सुबह लौटने पर उन्हें घर का मुख्य ताला टूटा मिला और अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात और नगदी गायब थे। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 60 हजार रुपये बताई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक (सिविल लाइन) निमितेश सिंह परिहार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सकरी ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। घटनास्थल पर एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया, जिन्होंने वैज्ञानिक तरीके से जांच की। पुलिस के डॉग ने घटनास्थल से मिले सुरागों को सूंघा और सीधे साईं नगर स्थित संदिग्धों के घर तक पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने विकास चतुर्वेदी (24 वर्ष) और अमन टंडन (20 वर्ष) से पूछताछ की। शुरुआत में दोनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने चोरी करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई एक जोड़ी चांदी की पायल, दो नग चांदी के कमरबंद, एक जोड़ी सोने के कान के जेवर और एक सोने की फुल्ली सहित लगभग 60 हजार रुपये का सारा सामान बरामद कर लिया। सकरी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई, डॉग स्क्वॉड और एफएसएल टीम के बीच बेहतर समन्वय के चलते अपराध दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर चोरी का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 570/2026 के तहत धारा 331(4) एवं 305(ए) बीएनएस के अंतर्गत कार्रवाई की है।
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    बिलासपुर की सकरी पुलिस ने चोरी के एक मामले में तत्परता दिखाते हुए घटना के महज कुछ घंटों के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात भी बरामद कर लिए, जिसमें डॉग स्क्वॉड और एफएसएल टीम की अहम भूमिका रही। साईं नगर उस्लापुर निवासी नीता बघेल ने सकरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 12 जून की रात ड्यूटी पर जाने से पहले उन्होंने अपने घर में ताला लगाया था। अगली सुबह लौटने पर उन्हें घर का मुख्य ताला टूटा मिला और अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात और नगदी गायब थे। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 60 हजार रुपये बताई गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक (सिविल लाइन) निमितेश सिंह परिहार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सकरी ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। घटनास्थल पर एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया, जिन्होंने वैज्ञानिक तरीके से जांच की। पुलिस के डॉग ने घटनास्थल से मिले सुरागों को सूंघा और सीधे साईं नगर स्थित संदिग्धों के घर तक पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने विकास चतुर्वेदी (24 वर्ष) और अमन टंडन (20 वर्ष) से पूछताछ की। शुरुआत में दोनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने चोरी करना स्वीकार कर लिया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई एक जोड़ी चांदी की पायल, दो नग चांदी के कमरबंद, एक जोड़ी सोने के कान के जेवर और एक सोने की फुल्ली सहित लगभग 60 हजार रुपये का सारा सामान बरामद कर लिया। सकरी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई, डॉग स्क्वॉड और एफएसएल टीम के बीच बेहतर समन्वय के चलते अपराध दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर चोरी का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 570/2026 के तहत धारा 331(4) एवं 305(ए) बीएनएस के अंतर्गत कार्रवाई की है।
    user_Kumar Poptani
    Kumar Poptani
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • छत्तीसगढ़ की राजनीति में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एक नए विवाद के केंद्र में आ गए हैं। विपक्ष ने उन पर सीधा आरोप लगाया है कि उनकी नीतियाँ आदिवासियों के संरक्षण के बजाय रसूखदार उद्योगपतियों के फायदे के लिए काम कर रही हैं। कोंडागांव के मालगांव से सामने आई तस्वीरों ने इस 'नेता-उद्योगपति' गठजोड़ के दावों को बल दिया है, जिसके चलते पूरे बस्तर संभाग में तनाव का माहौल व्याप्त है। स्थानीय सूत्रों और सोशल मीडिया पर सार्वजनिक जानकारियों के अनुसार, मालगांव में पीढ़ियों से रह रहे आदिवासियों को बेदखल करने के पीछे कोई जन-कल्याण की योजना नहीं, बल्कि बड़े कॉरपोरेट घरानों और उद्योगपतियों के व्यावसायिक हित छिपे हैं। आरोप है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इशारे पर प्रशासनिक अमला आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन छीनकर पूंजीपतियों और उद्योगपतियों को सौंपने की साजिश रच रहा है। इतने बड़े पैमाने पर विस्थापन और आदिवासी समाज पर बढ़ते अत्याचारों के बावजूद मुख्यमंत्री साय की चुप्पी पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जो दर्शाता है कि सरकार आम जनता के बजाय उद्योगपतियों के हितों को प्राथमिकता दे रही है। विपक्ष का सीधा हमला है कि भाजपा जिस शासन को 'सुशासन' कह रही है, वह असल में 'आदिवासियों को उजाड़ो और पसंदीदा उद्योगपतियों को बसाओ' की नीति पर आधारित है। मालगांव की महिलाओं और बुजुर्गों की रोती-बिलखती तस्वीरें स्पष्ट करती हैं कि उद्योगपतियों के मुनाफे के लिए आदिवासियों के अस्तित्व और सम्मान को दांव पर लगा दिया गया है। आदिवासी नेताओं का कहना है कि बस्तर की जनता ने अपनी जमीन कभी किसी उद्योगपति की तिजोरी भरने के लिए नहीं छोड़ी है। विपक्ष ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सीधा अल्टीमेटम दिया है कि वे जवाब दें कि बस्तर की इस पावन भूमि को उद्योगपतियों के हाथों क्यों बेचा जा रहा है और आदिवासियों को बेघर कर किसके बैंक खाते भरे जा रहे हैं। यह मामला अब सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनके चहेते उद्योगपतियों के खिलाफ यह आक्रोश आने वाले दिनों में एक बड़े जनांदोलन का रूप ले सकता है, जो साय सरकार की नींव हिलाने की क्षमता रखता है।
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    छत्तीसगढ़ की राजनीति में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एक नए विवाद के केंद्र में आ गए हैं। विपक्ष ने उन पर सीधा आरोप लगाया है कि उनकी नीतियाँ आदिवासियों के संरक्षण के बजाय रसूखदार उद्योगपतियों के फायदे के लिए काम कर रही हैं। कोंडागांव के मालगांव से सामने आई तस्वीरों ने इस 'नेता-उद्योगपति' गठजोड़ के दावों को बल दिया है, जिसके चलते पूरे बस्तर संभाग में तनाव का माहौल व्याप्त है।

स्थानीय सूत्रों और सोशल मीडिया पर सार्वजनिक जानकारियों के अनुसार, मालगांव में पीढ़ियों से रह रहे आदिवासियों को बेदखल करने के पीछे कोई जन-कल्याण की योजना नहीं, बल्कि बड़े कॉरपोरेट घरानों और उद्योगपतियों के व्यावसायिक हित छिपे हैं। आरोप है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इशारे पर प्रशासनिक अमला आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन छीनकर पूंजीपतियों और उद्योगपतियों को सौंपने की साजिश रच रहा है। इतने बड़े पैमाने पर विस्थापन और आदिवासी समाज पर बढ़ते अत्याचारों के बावजूद मुख्यमंत्री साय की चुप्पी पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जो दर्शाता है कि सरकार आम जनता के बजाय उद्योगपतियों के हितों को प्राथमिकता दे रही है। विपक्ष का सीधा हमला है कि भाजपा जिस शासन को 'सुशासन' कह रही है, वह असल में 'आदिवासियों को उजाड़ो और पसंदीदा उद्योगपतियों को बसाओ' की नीति पर आधारित है।

मालगांव की महिलाओं और बुजुर्गों की रोती-बिलखती तस्वीरें स्पष्ट करती हैं कि उद्योगपतियों के मुनाफे के लिए आदिवासियों के अस्तित्व और सम्मान को दांव पर लगा दिया गया है। आदिवासी नेताओं का कहना है कि बस्तर की जनता ने अपनी जमीन कभी किसी उद्योगपति की तिजोरी भरने के लिए नहीं छोड़ी है। विपक्ष ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सीधा अल्टीमेटम दिया है कि वे जवाब दें कि बस्तर की इस पावन भूमि को उद्योगपतियों के हाथों क्यों बेचा जा रहा है और आदिवासियों को बेघर कर किसके बैंक खाते भरे जा रहे हैं।

यह मामला अब सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनके चहेते उद्योगपतियों के खिलाफ यह आक्रोश आने वाले दिनों में एक बड़े जनांदोलन का रूप ले सकता है, जो साय सरकार की नींव हिलाने की क्षमता रखता है।
    user_Manoj
    Manoj
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
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