प्रखंड मुख्यालय संसाधन केंद्र आंदर में 5 सितंबर को 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांग बच्चों का यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा।इस संबंध में प्रभारी प्रधानाध्यापक एवं सहायक शिक्षक-शिक्षिकाओं से आवश्यक सहयोग करने की अपील की गई है।प्रखंड साधनसेवी प्रमोद कुमार ने गुरुवार की सुबह 11 बजे बताया कि यूडीआईडी कार्ड बनवाने के लिए बच्चों के आधार कार्ड, दो पासपोर्ट साइज फोटो और आधार से लिंक मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी। अभिभावकों को बच्चे को साथ लेकर बीआरसी आंदर पहुंचना होगा। शिविर में स्वावलंबन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।उन्होंने बताया कि जिन दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरणों की आवश्यकता है। वे भी शिविर में उपस्थित हों। ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, कैलीपर, श्रवण यंत्र, एमआर किट और ब्रेल किट सहित अन्य उपकरणों के लिए यूडीआईडी कार्ड, आधार कार्ड और दो फोटो साथ लाना अनिवार्य होगा। प्रखंड मुख्यालय संसाधन केंद्र आंदर में 5 सितंबर को 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांग बच्चों का यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा।इस संबंध में प्रभारी प्रधानाध्यापक एवं सहायक शिक्षक-शिक्षिकाओं से आवश्यक सहयोग करने की अपील की गई है।प्रखंड साधनसेवी प्रमोद कुमार ने गुरुवार की सुबह 11 बजे बताया कि यूडीआईडी कार्ड बनवाने के लिए बच्चों के आधार कार्ड, दो पासपोर्ट साइज फोटो और आधार से लिंक मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी। अभिभावकों को बच्चे को साथ लेकर बीआरसी आंदर पहुंचना होगा। शिविर में स्वावलंबन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।उन्होंने बताया कि जिन दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरणों की आवश्यकता है। वे भी शिविर में उपस्थित हों। ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, कैलीपर, श्रवण यंत्र, एमआर किट और ब्रेल किट सहित अन्य उपकरणों के लिए यूडीआईडी कार्ड, आधार कार्ड और दो फोटो साथ लाना अनिवार्य होगा।
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- 🚨 नाली बनी तो रास्ता हुआ गायब! 45 दिन से हरिपुर सुखपुरा में कैद हैं 2 हजार ग्रामीण, बच्चे स्कूल से दूर—अब चुनाव बहिष्कार की चेतावनी! 📍बलिया | 3 सितंबर 2026 बलिया के विकासखंड बेरूआरबारी के हरिपुर सुखपुरा गांव में नाली निर्माण ग्रामीणों के लिए आफत बन गया है। आरोप है कि करीब 45 दिन पहले जेसीबी से मुख्य मार्ग उखाड़ दिया गया, लेकिन अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। रास्ता बदहाल होने से करीब 2 हजार की आबादी परेशान है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में दो नंबर ईंट, घटिया सीमेंट और बालू-गिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं मौके पर ठेकेदार और जेई के मौजूद नहीं रहने से ग्रामीणों में नाराजगी है। 🚧 सड़क पर गहरे गड्ढे और मलबे के कारण आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। इनमें दो बच्चे भी गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। रास्ता बंद होने से बच्चों की स्कूल की पढ़ाई प्रभावित है, वहीं मरीजों और आपातकालीन वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 📢 ग्रामीणों ने निर्माण की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द सुनवाई नहीं हुई तो कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम कार्यालय का घेराव करेंगे और मांग पूरी नहीं होने पर आगामी चुनाव में मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी है। 👥 प्रदर्शन में डॉ. गिरीश सिंह, पीयूष सिंह, धनजी गुप्ता, अनीश सिंह, बीरबल राजभर, देवेंद्र सिंह, विकास सिंह, आलोक सिंह, विवेक सिंह, जग्गू सिंह, प्रभुनारायण सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। 📲 आपके गांव में भी विकास कार्य के नाम पर ऐसी लापरवाही हो रही है? हमें कमेंट में बताएं। 👍 खबर पसंद आए तो Like करें ↗️ अपने गांव-शहर तक Share करें 💬 अपनी राय Comment में जरूर लिखें 🔔 ऐसी ही स्थानीय खबरों के लिए चैनल Follow करें। #BalliaNews #HaripurSukhpura #NaliNirman #VillageNews #UPNews1
- गोपालगंज ब्रेकिंग : #अपहरण की झूठी रची साजिश, #धराया;श्रीपुर थाना क्षेत्र के #पवार बतरहा गांव में खूद के अपहरण की फर्जी कहानी रचकर भार्ई से #दो लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार युवक की पहचान पारस भगत के 25 वर्षीय पुत्र #छोटेलाल के रूप में हुई है। पुलिस उपाधीक्षक सुबोध कुमार ने मामले का खुलासा किया।पुलिस ने उसे #भोरे के जंगल के पास से सकुशल बरामद किया1
- दरौली मैरवा रोड से जो गोपालपुर के लिए रोड जाता है 2 साल पहले यह रोड बना था अभी का इतना बुरा हाल है पूरा टूट गया है ना कोई रिपेयरिंग हो रहा है3
- भाटपार रानी के ग्राम पंचायत करौदा में साफ सफाई पर लगा भेदभाव का आरोप अधिकारी दे ध्यान1
- बलिया: एक पैर, 400 मीटर का सफर! रागिनी के जज्बे को सलाम जिलाधिकारी ने की रागिनी की मदद जिले के रानीपुर गांव की 7 वर्षीय रागिनी की कहानी लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है। महज छह महीने की उम्र में एक हादसे में अपना एक पैर गंवाने के बावजूद रागिनी ने पढ़ाई का हौसला नहीं छोड़ा। वह रोजाना करीब 400 मीटर की दूरी एक पैर के सहारे तय कर स्कूल पहुंचती थी। रागिनी की यह तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की रागिनी ने प्रशासन से स्कूल आने-जाने के लिए ट्राईसाइकिल की मदद की गुहार लगाई। मामले की जानकारी मिलने पर बलिया के जिलाधिकारी ने रागिनी की मदद के लिए पहल की। उसे ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई है और अब उसके लिए कृत्रिम पैर लगाने की प्रक्रिया भी शुरू होने की जानकारी सामने आई है। रागिनी का जज्बा यही संदेश देता है कि मुश्किलें रास्ता रोक सकती हैं, लेकिन हौसला नहीं। शिक्षा के प्रति उसकी लगन और स्कूल जाने की जिद ने लोगों का दिल जीत लिया है।1