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नवरात्र के शुभ अवसर पर रायबरेली गल्ला मंडी ओवर ब्रिज पर नहीं दिखा प्रकाश छाया अंधेरा नवरात्र के शुभ अवसर पर रायबरेली गल्ला मंडी ओवर ब्रिज पर नहीं दिखा प्रकाश छाया अंधेरा रायबरेली गल्ला मंडी ओवर ब्रिज पर अंधेरे में जा रहे हैं वहां और और आज 11 अक्टूबर से नवरात्रि शुरू हो गए मगर पूरा ओवर ब्रिज अंधेरे में ढका हुआ दिखाई दिया इसका जिम्मेदार आखिर कौन नगर पालिका या विद्युत विभाग लोगों को हो रही परेशानी
ऋषि कुमार मिश्रा
नवरात्र के शुभ अवसर पर रायबरेली गल्ला मंडी ओवर ब्रिज पर नहीं दिखा प्रकाश छाया अंधेरा नवरात्र के शुभ अवसर पर रायबरेली गल्ला मंडी ओवर ब्रिज पर नहीं दिखा प्रकाश छाया अंधेरा रायबरेली गल्ला मंडी ओवर ब्रिज पर अंधेरे में जा रहे हैं वहां और और आज 11 अक्टूबर से नवरात्रि शुरू हो गए मगर पूरा ओवर ब्रिज अंधेरे में ढका हुआ दिखाई दिया इसका जिम्मेदार आखिर कौन नगर पालिका या विद्युत विभाग लोगों को हो रही परेशानी
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- सिविल लाइन चौराहे पर ई-रिक्शा चालक का हाई-वोल्टेज ड्रामा,ट्रैफिक टीएसआई से हुई तीखी बहस,आई चोट जाम हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद, धक्का-मुक्की में टीएसआई के चेहरे पर आई चोट के निशान; जमीन पर लेटकर पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाता रहा चालक #रायबरेली। शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के सिविल लाइन चौराहे पर सोमवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब सड़क पर लग रहे जाम को हटाने को लेकर ट्रैफिक टीएसआई और एक ई-रिक्शा चालक के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने तूल पकड़ लिया और मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया।घटना के दौरान ई-रिक्शा चालक सड़क पर लेटकर पुलिस पर बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगाने लगा। इस पूरे घटनाक्रम को देखने के लिए मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन चौराहे पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए तैनात ट्रैफिक टीएसआई ने जाम की स्थिति को देखते हुए ई-रिक्शा चालक को वाहन हटाने के लिए कहा। आरोप है कि इसी दौरान टीएसआई ने ई-रिक्शा को सड़क से हटाने के लिए धक्का देकर किनारे करने की कोशिश की। इस बात को लेकर चालक नाराज हो गया और टीएसआई से बहस करने लगा। विवाद बढ़ने के दौरान ई-रिक्शा चालक ने भी कथित तौर पर टीएसआई की ओर ई-रिक्शा धकेल दिया, जिससे टीएसआई के चेहरे पर चोट के निशान आ गए। इसके बाद घटनास्थल पर नाटकीय स्थिति पैदा हो गई। ई-रिक्शा चालक खुद को बचाने के प्रयास में सड़क पर लेट गया और पुलिसकर्मियों पर मारपीट करने का आरोप लगाने लगा। काफी देर तक चले इस घटनाक्रम के कारण मौके पर लोगों की भीड़ जुटी रही और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होने की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर कोतवाली नगर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और ई-रिक्शा चालक को अपने साथ लेकर जिला अस्पताल पहुंची, जहां उसका उपचार कराया जा रहा है। घटना के बाद पूरे मामले को लेकर अलग-अलग चर्चाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, विवाद की शुरुआत कैसे हुई और किस पक्ष की ओर से क्या कार्रवाई की गई, इसकी वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। जांच के बाद साफ होगी विवाद की तस्वीर सिविल लाइन चौराहे पर हुई इस घटना ने यातायात व्यवस्था बनाए रखने के दौरान पुलिसकर्मियों और वाहन चालकों के बीच होने वाले विवादों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। फिलहाल, ई-रिक्शा चालक की ओर से पुलिस पर लगाए गए आरोपों और टीएसआई को आई चोटों के संबंध में निष्पक्ष जांच जरूरी है। स्थानीय लोगों के बयानों, मौके पर मौजूद अन्य साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के कथनों के आधार पर ही घटना की असल वजह सामने आ सकेगी। फिलहाल, मामले में जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।4
- जय माता दी, आप समस्त् देशवासियों एवं मित्रों को परिवार सहित शारदीय नवरात्रि के द्वितीय दिवस मां बृह्म चारिणी की उपासना पर हार्दिक शुभकामनाएं। आप सभी के परिवार पर मां की असीम अनुकम्पा से सुख समृद्धि उन्नति उत्तम स्वास्थ्य सत्य का सदैव वास हो देश में अमन् चैन शांति खुशहाली सदैव रहें। पराग प्रसाद रावत महासचिव प्रभारी अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच1
- लोकेशन रायबरेली उत्तर प्रदेश सलोन से। शिव कुमारी की रिपोर्ट रायबरेली में सपा डेलिगेशन को ग्रामीणों के विरोध का करना पड़ा सामना। पीड़ित दलित सीमा के परिवार से मिलने पहुंचा था सपा का प्रतिनिधिमंडल। सपा विधायक इंद्रजीत सरोज की अगुवाई में गांव पहुंचा था डेलिगेशन। PDA अभियान के तहत पीड़ित परिवार से मुलाकात करने पहुंचे थे सपा नेता। मुलाकात के बाद गांव से निकलते ही ग्रामीणों ने जताया विरोध। सपा प्रतिनिधिमंडल के विरोध को लेकर गांव में चर्चाओं का दौर। ग्रामीणों के विरोध के चलते मौके पर बना रहा चर्चा का माहौल गर्म। जगतपुर थाना क्षेत्र के उड़वा गांव पहुँचा था सपा का डेलीगेशन। ग्रामीणों के विरोध का करना पड़ा सामना1
- रायबरेली में कराटे बेल्ट ग्रेडिंग प्रमोशन टेस्ट संपन्न, खिलाड़ियों ने हासिल की अगली बेल्ट रायबरेली। वर्ल्ड मॉडर्न शोतोकान कराटे फेडरेशन के तत्वावधान में कराटे एसोसिएशन रायबरेली द्वारा कराटे बेल्ट ग्रेडिंग प्रमोशन टेस्ट का आयोजन रिजर्व पुलिस लाइन स्थित बैडमिंटन हॉल, रायबरेली में किया गया। कार्यक्रम में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और अपनी कराटे तकनीकों, अनुशासन तथा शारीरिक दक्षता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्राधिकारी नगर आशीष निगम तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिसार निरीक्षक (आरआई) लाइन जितेंद्र बहादुर उपस्थित रहे। अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कराटे आत्मरक्षा के साथ-साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और शारीरिक एवं मानसिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। कार्यक्रम का आयोजन कराटे एसोसिएशन रायबरेली के संस्थापक, अध्यक्ष एवं मुख्य प्रशिक्षक मास्टर राकेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में किया गया। मंच का संचालन विवेक वर्मा ने किया। इस अवसर पर पुलिस लाइन कराटे क्लब की प्रशिक्षिका रितिका गुप्ता एवं सहायक प्रशिक्षक क्षितेंद्र शास्त्री ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर मास्टर राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि कराटे केवल एक खेल नहीं, बल्कि आत्मरक्षा, अनुशासन, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का माध्यम है। आज के समय में बच्चों और विशेषकर बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण बेहद आवश्यक है। कराटे एसोसिएशन रायबरेली का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों और युवाओं को कराटे से जोड़कर उन्हें शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि बेल्ट ग्रेडिंग प्रमोशन टेस्ट खिलाड़ियों की मेहनत, नियमित अभ्यास और तकनीकी दक्षता को परखने का महत्वपूर्ण अवसर है। सभी खिलाड़ी निरंतर अभ्यास करें, अपने प्रशिक्षकों का सम्मान करें और खेल भावना के साथ आगे बढ़ते हुए जिले एवं देश का नाम रोशन करें। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बेल्ट ग्रेडिंग प्रमोशन टेस्ट में श्वेत से पीली बेल्ट तथा पीली से नारंगी बेल्ट के लिए खिलाड़ियों ने परीक्षा दी। पीली बेल्ट अर्थात येलो बेल्ट (9वीं क्यू) के लिए तथा नारंगी बेल्ट अर्थात ऑरेंज बेल्ट के लिए खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। पीली बेल्ट प्राप्त करने वाले खिलाड़ी आद्विक कुमार, अनुभव पटेल, सावी त्रिवेदी, नियति चौधरी, अनिका त्रिवेदी, आद्विक वर्मा, आर्यन, तेजस कुशवाहा, अरव गैंगवार, अदिति पटेल, अर्चिष्मान पटेल, देवांशी, आदर्श यादव, सृष्टि सिंह राणा, संस्कृति पाल, अभय पाल, अविरल पाण्डेय, प्रणित, अवाइका, प्रांजल, पिहू, अस्मिता कश्यप, आन्या, त्रिशान यादव, आयुषी यादव, रिया गुप्ता, रौनक गुप्ता, अंबिका सोनकर, आदित्य मिश्रा, अन्वी एवं रुद्र। नारंगी बेल्ट प्राप्त करने वाले खिलाड़ी मंथन पटेल, राजवी वर्मा, शिवाय यादव, भावना, कर्तव्य चौधरी, आराध्या, अक्षत साहू, आन्या साहू, श्रेया मिश्रा, वैष्णवी यादव, आरवी यादव, श्रेया, श्रेयस गोंड, अयांश वर्मा, माही यादव, गौरी यादव, राजवीर सोनी, पिहू वर्मा, अभी, वेदिका यादव, शियांश यादव एवं हर्ष सिंह ठाकुर। कार्यक्रम में कराटे प्रशिक्षक मोहम्मद अनवर, धर्मवीर प्रजापति, कुमारी आंचल, रितिक गुप्ता, बाबन यादव सहित अन्य प्रशिक्षक तथा खिलाड़ियों के अभिभावक उपस्थित रहे। सभी ने बच्चों के प्रदर्शन की सराहना की और उन्हें निरंतर अभ्यास कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आयोजकों ने कहा कि कराटे एसोसिएशन रायबरेली का उद्देश्य बच्चों, युवाओं एवं बालिकाओं को कराटे, आत्मरक्षा और शारीरिक फिटनेस के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना है। ऐसे आयोजनों से खिलाड़ियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। रायबरेली में कराटे बेल्ट ग्रेडिंग प्रमोशन टेस्ट संपन्न, खिलाड़ियों ने हासिल की अगली बेल्ट रायबरेली। वर्ल्ड मॉडर्न शोतोकान कराटे फेडरेशन के तत्वावधान में कराटे एसोसिएशन रायबरेली द्वारा कराटे बेल्ट ग्रेडिंग प्रमोशन टेस्ट का आयोजन रिजर्व पुलिस लाइन स्थित बैडमिंटन हॉल, रायबरेली में किया गया। कार्यक्रम में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और अपनी कराटे तकनीकों, अनुशासन तथा शारीरिक दक्षता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्राधिकारी नगर आशीष निगम तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिसार निरीक्षक (आरआई) लाइन जितेंद्र बहादुर उपस्थित रहे। अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कराटे आत्मरक्षा के साथ-साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और शारीरिक एवं मानसिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। कार्यक्रम का आयोजन कराटे एसोसिएशन रायबरेली के संस्थापक, अध्यक्ष एवं मुख्य प्रशिक्षक मास्टर राकेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में किया गया। मंच का संचालन विवेक वर्मा ने किया। इस अवसर पर पुलिस लाइन कराटे क्लब की प्रशिक्षिका रितिका गुप्ता एवं सहायक प्रशिक्षक क्षितेंद्र शास्त्री ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर मास्टर राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि कराटे केवल एक खेल नहीं, बल्कि आत्मरक्षा, अनुशासन, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का माध्यम है। आज के समय में बच्चों और विशेषकर बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण बेहद आवश्यक है। कराटे एसोसिएशन रायबरेली का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों और युवाओं को कराटे से जोड़कर उन्हें शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि बेल्ट ग्रेडिंग प्रमोशन टेस्ट खिलाड़ियों की मेहनत, नियमित अभ्यास और तकनीकी दक्षता को परखने का महत्वपूर्ण अवसर है। सभी खिलाड़ी निरंतर अभ्यास करें, अपने प्रशिक्षकों का सम्मान करें और खेल भावना के साथ आगे बढ़ते हुए जिले एवं देश का नाम रोशन करें। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बेल्ट ग्रेडिंग प्रमोशन टेस्ट में श्वेत से पीली बेल्ट तथा पीली से नारंगी बेल्ट के लिए खिलाड़ियों ने परीक्षा दी। पीली बेल्ट अर्थात येलो बेल्ट (9वीं क्यू) के लिए तथा नारंगी बेल्ट अर्थात ऑरेंज बेल्ट के लिए खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। पीली बेल्ट प्राप्त करने वाले खिलाड़ी आद्विक कुमार, अनुभव पटेल, सावी त्रिवेदी, नियति चौधरी, अनिका त्रिवेदी, आद्विक वर्मा, आर्यन, तेजस कुशवाहा, अरव गैंगवार, अदिति पटेल, अर्चिष्मान पटेल, देवांशी, आदर्श यादव, सृष्टि सिंह राणा, संस्कृति पाल, अभय पाल, अविरल पाण्डेय, प्रणित, अवाइका, प्रांजल, पिहू, अस्मिता कश्यप, आन्या, त्रिशान यादव, आयुषी यादव, रिया गुप्ता, रौनक गुप्ता, अंबिका सोनकर, आदित्य मिश्रा, अन्वी एवं रुद्र। नारंगी बेल्ट प्राप्त करने वाले खिलाड़ी मंथन पटेल, राजवी वर्मा, शिवाय यादव, भावना, कर्तव्य चौधरी, आराध्या, अक्षत साहू, आन्या साहू, श्रेया मिश्रा, वैष्णवी यादव, आरवी यादव, श्रेया, श्रेयस गोंड, अयांश वर्मा, माही यादव, गौरी यादव, राजवीर सोनी, पिहू वर्मा, अभी, वेदिका यादव, शियांश यादव एवं हर्ष सिंह ठाकुर। कार्यक्रम में कराटे प्रशिक्षक मोहम्मद अनवर, धर्मवीर प्रजापति, कुमारी आंचल, रितिक गुप्ता, बाबन यादव सहित अन्य प्रशिक्षक तथा खिलाड़ियों के अभिभावक उपस्थित रहे। सभी ने बच्चों के प्रदर्शन की सराहना की और उन्हें निरंतर अभ्यास कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आयोजकों ने कहा कि कराटे एसोसिएशन रायबरेली का उद्देश्य बच्चों, युवाओं एवं बालिकाओं को कराटे, आत्मरक्षा और शारीरिक फिटनेस के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना है। ऐसे आयोजनों से खिलाड़ियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।3
- "कमजोर सरकारें पुलिस को आगे करती हैं। चीफ इलेक्शन कमिश्नर पर उंगली उठी है, इलेक्शन कमीशन के साथ भारतीय जनता पार्टी क्यों खड़ी है?" ✍️ राष्ट्रीय अध्यक्ष , समाजवादी पार्टी , अखिलेश यादव , सैफई1
- रायबरेली सीओ सिटी आशीष निगम ने किया खोया मंडी दुर्गा पंडाल का निरीक्षण देर रात पहुंचे सीओ सिटी आशीष निगम खोया मंडी महारानी कमेटी के द्वारा किया गया सम्मान रायबरेली सीओ सिटी आशीष निगम ने किया खोया मंडी दुर्गा पंडाल का निरीक्षण देर रात पहुंचे सीओ सिटी आशीष निगमखोया मंडी महारानी कमेटी के द्वारा किया गया सम्मान1
- सलोन में चुनाव नगर पंचायत का प्रचार आज संपन्न हुआ सुनील साहू1
- हरदासपुर स्थित शारदा नहर में बहते मिले भारी संख्या में मृत मवेशियों के शव, गौशालाओं की व्यवस्था पर उठे सवाल वीडियो वायरल हरदासपुर एआरटीओ कार्यालय के निकट का मामला, जल प्रदूषण और पशुओं के स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता; जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग हरदासपुर स्थित शारदा नहर में बहते मिले भारी संख्या में मृत मवेशियों के शव, गौशालाओं की व्यवस्था पर उठे सवाल वीडियो वायरल हरदासपुर एआरटीओ कार्यालय के निकट का मामला, जल प्रदूषण और पशुओं के स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता; जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग रायबरेली। जनपद रायबरेली में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 8:30 बजे हरचंदपुर और मिल एरिया थाना क्षेत्रों के अंतर्गत हरदासपुर स्थित एआरटीओ कार्यालय के निकट शारदा नहर में भारी संख्या में मृत मवेशियों के शव बहते दिखाई देने से इलाके में चिंता का माहौल बन गया। नहर में इस तरह मृत पशुओं के शव मिलने की घटना ने जिले की गौशालाओं में गोवंशों के संरक्षण, देखरेख और मृत पशुओं के निस्तारण की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ प्रदेश सरकार गोवंशों के संरक्षण और उनके बेहतर रखरखाव के लिए लगातार प्रयास करने की बात कहती है, वहीं दूसरी ओर नहर में बड़ी संख्या में मृत मवेशियों के शव बहते मिलने की घटना व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की जांच की जरूरत को रेखांकित करती है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मृत पशु किन गौशालाओं या स्थानों से आए हैं और उन्हें नहर में किसने डाला। मृत पशुओं के निस्तारण की व्यवस्था पर सवाल नियमानुसार मृत पशुओं के निस्तारण के लिए उचित व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि आसपास के पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। ऐसे में यदि मृत पशुओं को नहर में फेंका गया है, तो यह गंभीर लापरवाही का मामला हो सकता है। सवाल यह भी है कि जिले की विभिन्न गौशालाओं में मृत गोवंशों के निस्तारण के लिए निर्धारित व्यवस्था का पालन किया जा रहा है या नहीं। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर यह मांग उठ सकती है कि संबंधित विभाग गौशालाओं के अभिलेखों, मृत पशुओं की संख्या, उनके निस्तारण की प्रक्रिया और जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की जांच करें, जिससे घटना की वास्तविक वजह सामने आ सके। दूषित हो सकता है नहर का पानी, पशुओं पर भी खतरा नहर में मृत मवेशियों के शव बहने से पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। यदि यह पानी खेतों की सिंचाई या अन्य उपयोग में लिया जाता है, तो प्रदूषण की स्थिति की जांच जरूरी हो जाती है। दूषित पानी के संपर्क में आने वाले पशुओं और लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में संबंधित विभागों के लिए जरूरी है कि नहर से शवों को तत्काल हटाने की व्यवस्था की जाए और पानी की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। साथ ही, आसपास के क्षेत्रों में इस पानी का उपयोग करने वाले लोगों और पशुपालकों को आवश्यक सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया जाए। प्रशासनिक जांच और कार्रवाई की जरूरत इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में मृत मवेशियों के शव नहर तक कैसे पहुंचे? क्या पशुओं की मौत के बाद उनके निस्तारण में लापरवाही बरती गई, या इसके पीछे कोई अन्य वजह है? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। प्रशासन को संबंधित गौशालाओं का निरीक्षण कर पशुओं की संख्या और मृत्यु संबंधी रिकॉर्ड का मिलान कराना चाहिए। इसके साथ ही नगर निकाय, पशुपालन विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कराई जानी चाहिए, ताकि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आए तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो सके। फिलहाल, हरदासपुर एआरटीओ कार्यालय के निकट शारदा नहर में मृत मवेशियों के शव बहते मिलने की घटना ने गोवंश संरक्षण और मृत पशुओं के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए शवों को हटाने, पानी की गुणवत्ता की जांच कराने और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए क्या कदम उठाता है।3