नहीं रहे कुमाऊनी लोकगायक दीवान दा, सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर अल्मोड़ा। कुमाऊनी लोकगीतों के सुप्रसिद्ध गायक और संस्कृति प्रेमी दीवान कनवाल ‘दीवान दा’ का बुधवार सुबह निधन हो गया। वह करीब 67 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से अल्मोड़ा सहित पूरे प्रदेश के सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यालय के खत्याड़ी गांव निवासी दीवान कनवाल पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका उपचार हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में चल रहा था और हाल ही में उनका ऑपरेशन भी हुआ था। उपचार के बाद वह कुछ दिन पहले ही अपने घर लौटे थे, लेकिन बुधवार सुबह अपने आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। दीवान कनवाल अपने पीछे वृद्ध माता, दो विवाहित पुत्रों और दो पुत्रियों को छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार बुधवार दोपहर बाद बेतालेश्वर घाट में किया गया, जहां उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। दीवान कनवाल कुमाऊनी लोकसंगीत की दुनिया का जाना-पहचाना नाम थे। उनकी मधुर और कर्णप्रिय आवाज ने लंबे समय तक श्रोताओं के दिलों पर राज किया। उनके लोकप्रिय गीतों में ‘दाज्यु हमार जवाई रिषे ग्ये’, ‘आज कुछे मैत जा’, ‘कस भिड़े कुनई पंडित ज्यू कस करछा ब्या’ और ‘ह्यू भरी डाना’ जैसे कई गीत शामिल हैं, जिन्हें लोगों ने खूब सराहा और आज भी गुनगुनाया जाता है। करीब 35 वर्षों से अधिक समय तक उन्होंने कुमाऊनी लोकसंस्कृति की सेवा की और अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाई। उनके निधन से कुमाऊनी लोकसंगीत को अपूरणीय क्षति पहुंची है। उनके निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, लोक कलाकारों और संस्कृति प्रेमियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
नहीं रहे कुमाऊनी लोकगायक दीवान दा, सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर अल्मोड़ा। कुमाऊनी लोकगीतों के सुप्रसिद्ध गायक और संस्कृति प्रेमी दीवान कनवाल ‘दीवान दा’ का बुधवार सुबह निधन हो गया। वह करीब 67 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से अल्मोड़ा सहित पूरे प्रदेश के सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यालय के खत्याड़ी गांव निवासी दीवान कनवाल पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका उपचार हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में चल रहा था और हाल ही में उनका ऑपरेशन भी हुआ था। उपचार के बाद वह कुछ दिन पहले ही अपने घर लौटे थे, लेकिन बुधवार सुबह अपने आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। दीवान कनवाल अपने पीछे वृद्ध माता, दो विवाहित पुत्रों और दो पुत्रियों को छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार बुधवार दोपहर बाद बेतालेश्वर घाट में किया गया, जहां उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। दीवान कनवाल कुमाऊनी लोकसंगीत की दुनिया का जाना-पहचाना नाम थे। उनकी मधुर और कर्णप्रिय आवाज ने लंबे समय तक श्रोताओं के दिलों पर राज किया। उनके लोकप्रिय गीतों में ‘दाज्यु हमार जवाई रिषे ग्ये’, ‘आज कुछे मैत जा’, ‘कस भिड़े कुनई पंडित ज्यू कस करछा ब्या’ और ‘ह्यू भरी डाना’ जैसे कई गीत शामिल हैं, जिन्हें लोगों ने खूब सराहा और आज भी गुनगुनाया जाता है। करीब 35 वर्षों से अधिक समय तक उन्होंने कुमाऊनी लोकसंस्कृति की सेवा की और अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाई। उनके निधन से कुमाऊनी लोकसंगीत को अपूरणीय क्षति पहुंची है। उनके निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, लोक कलाकारों और संस्कृति प्रेमियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
- Post by Rajendra Kumar1
- जब दो ब्लाॅगर आपस में एक दुसरे की विडियो बनाने पर भिड़ गयी। वहां पर मौजूद हर कोई यह नजारा देखने में व्यस्त। पुलिस प्रशासन को उचित दडंतात्मक कार्यवाही करनी चाहिए ताकि भविष्य में और ब्लाॅगर को सबक मिल सके1
- इधर जिलाधिकारी ने संबंधित परगना अधिकारियों, पुलिस क्षेत्राधिकारियों और पूर्ति निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि घरेलू गैस के कमर्शियल इस्तेमाल और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए। इसके लिए तहसीलदार, थानाध्यक्ष और पूर्ति निरीक्षकों की क्विक रिस्पांस टीम भी गठित की जाय, जो शिकायत मिलते ही मौके पर कार्रवाई करें।2
- Post by 🚨👑MR. SINGH1
- चम्पावत 11 मार्च 2026, सूवि। शंखपाल ट्रेंचिंग ग्राउंड में लेगेसी वेस्ट निस्तारण कार्य शुरु, लोहाघाट बनेगा स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल शहर नगर पालिका परिषद लोहाघाट द्वारा वर्षों से जमा लेगेसी वेस्ट (पुराने कूड़े) के वैज्ञानिक निस्तारण का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 1 करोड़ 17 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई थी, जिसके माध्यम से शहर को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। नगर पालिका द्वारा लोहाघाट के शंखपाल स्थित ट्रैंचिंग ग्राउंड में जमा लगभग 13,648 मीट्रिक टन लेगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए ट्रॉमल मशीन का उपयोग करते हुए कचरे को वैज्ञानिक पद्धति से अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया जा रहा है, जिससे कचरे का सुरक्षित और व्यवस्थित निस्तारण संभव हो सके। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद लोहाघाट श्री सौरव नेगी ने बताया कि ट्रॉमल मशीन के माध्यम से कचरे को जैविक और अजैविक भागों में अलग किया जा रहा है। जैविक कचरे का नियमानुसार निस्तारण किया जा रहा है, जबकि अजैविक कचरे को पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) के लिए अलग किया जा रहा है। इससे वर्षों से जमा कूड़े के बड़े ढेर धीरे-धीरे समाप्त होंगे और शहर में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी कि इस पहल से न केवल शहर की सुंदरता में वृद्धि होगी, बल्कि लंबे समय से जमा कचरे से उत्पन्न होने वाली दुर्गंध और पर्यावरण प्रदूषण से भी लोगों को राहत मिलेगी। यह कार्य स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।4
- चंपावत:नर्सिंग कॉलेज में शपथ ग्रहण समारोह का भव्य आयोजन1
- Hello, namaskar Mein AAP sabka Bhai Sultan a video ek road ke maksath ke saath banai hui hai1
- एक क्षुद्रग्रह गिरने से यूरोपीय देशों में दहशत फैल गई। इस घटना में एक मकान की छत में फुटबॉल के बराबर बड़ा होल हो गयो। कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। यह घटना तीन दिन पहले की है। शाम को एक जलता हुआ क्षुद्रग्रह असमान से पृथ्वी की ओर आता हुआ दिखाई दिया। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, वह असमान में ही फट गया और कई टुकड़ों में बंट गया। जिसमे से एक टुकड़ा जलता हुआ जर्मनी में एक घर की छत फाड़कर अंदर जा घुसा। इसके अलावा कुछ घरों को भी नुकसान पहुंचा है। पश्चिमी यूरोपमें जर्मनी के अलावा फ्रांस, लक्जमबर्ग और नीदरलैंड में भी असमान से आते क्षुद्रग्रह को देखा गया। यूरोपियन स्पेस एजेंसी (इएसए) ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। इस घटना की दर्जनों वीडियो यूरोपीय सोसल मीडिया में छाई हुई है। साथ ही हजारों लोगों ने इस घटना को देखा।2