मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना कस्बे में गौसंरक्षण एवं जनजागरण के उद्देश्य से निकाली जा रही 81 दिवसीय 'गौविष्ठि (गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा' के अंतर्गत जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती '1008' जी महाराज का भव्य स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गौभक्तों, संतों, व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने भाग लिया। अपने संबोधन में शंकराचार्य जी ने स्पष्ट किया कि गौसंरक्षण केवल एक धार्मिक विषय नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, कृषि और समाज से जुड़ा एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषय है। उन्होंने समाज से गौवंश की सुरक्षा और संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। शंकराचार्य जी ने गौहत्या और पशुओं पर होने वाले अत्याचारों को किसी भी रूप में अस्वीकार्य बताते हुए समाज से इस विषय पर संवेदनशीलता से कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से गौसेवा को एक जनआंदोलन बनाने की अपील की, ताकि भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाया जा सके। प्रवचन के दौरान, शंकराचार्य जी ने रामायण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए जीवन में विवेक, धैर्य और सही निर्णय लेने की क्षमता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संकट के समय व्यक्ति को संयम और सतर्कता बनाए रखनी चाहिए, तथा किसी भी परिस्थिति में अपने मूल्यों और धर्म का त्याग नहीं करना चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने गौसंरक्षण और गौसेवा के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए गौवंश की रक्षा के लिए जनजागरण का संकल्प लिया। इस अवसर पर आदेश त्यागी, डॉ. सत्येंद्र पाल, प्रमोद गर्ग (उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन), कुलदीप कश्यप, सोनू कुमार, अमित विश्वकर्मा, रोहित जैन (एमडी न्यूज़ बहुआयामी जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख) सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, व्यापारी, पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण और श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें गौसेवा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया गया, जो बुढ़ाना से निकला एक महत्वपूर्ण संदेश बन गया।
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना कस्बे में गौसंरक्षण एवं जनजागरण के उद्देश्य से निकाली जा रही 81 दिवसीय 'गौविष्ठि (गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा' के अंतर्गत जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती '1008' जी महाराज का भव्य स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गौभक्तों, संतों, व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने भाग लिया। अपने संबोधन में शंकराचार्य जी ने स्पष्ट किया कि गौसंरक्षण केवल एक धार्मिक विषय नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, कृषि और समाज से जुड़ा एक महत्वपूर्ण
राष्ट्रीय विषय है। उन्होंने समाज से गौवंश की सुरक्षा और संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। शंकराचार्य जी ने गौहत्या और पशुओं पर होने वाले अत्याचारों को किसी भी रूप में अस्वीकार्य बताते हुए समाज से इस विषय पर संवेदनशीलता से कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से गौसेवा को एक जनआंदोलन बनाने की अपील की, ताकि भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाया जा सके। प्रवचन के दौरान, शंकराचार्य जी
ने रामायण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए जीवन में विवेक, धैर्य और सही निर्णय लेने की क्षमता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संकट के समय व्यक्ति को संयम और सतर्कता बनाए रखनी चाहिए, तथा किसी भी परिस्थिति में अपने मूल्यों और धर्म का त्याग नहीं करना चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने गौसंरक्षण और गौसेवा के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए गौवंश की रक्षा के लिए जनजागरण का संकल्प लिया। इस
अवसर पर आदेश त्यागी, डॉ. सत्येंद्र पाल, प्रमोद गर्ग (उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन), कुलदीप कश्यप, सोनू कुमार, अमित विश्वकर्मा, रोहित जैन (एमडी न्यूज़ बहुआयामी जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख) सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, व्यापारी, पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण और श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें गौसेवा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया गया, जो बुढ़ाना से निकला एक महत्वपूर्ण संदेश बन गया।
- पलवल में छोटे बच्चों ने योग किया और इसके माध्यम से एक बड़ा और महत्वपूर्ण संदेश दिया है। यह जानकारी टुडे24 न्यूज़ के हवाले से सामने आई है।1
- सेवा भारती सरधना मेरठ प्रांत द्वारा सरधना में आयोजित तीन दिवसीय योग दिवस का कार्यक्रम आज उत्साह के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन 19, 20 और 21 जून को हुआ था। जिले में सम्मानित पद पर अपनी सेवाएँ दे रहे श्रीमान जितेंद्र विश्वकर्मा जी ने इस कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों की सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।1
- उत्तर प्रदेश में रविवार को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) 2026 का री-एग्जाम आयोजित किया गया, जिसमें 3.5 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा के लिए सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक प्रवेश दिया गया, और यह दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक निर्धारित थी, जिसमें इस बार 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसके तहत जीपीएस लगी गाड़ियों से प्रश्नपत्र पहुंचाए गए और पूरे प्रदेश के 59 जिलों में परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी से निगरानी की गई। यह री-एग्जाम 3 मई को हुई नीट परीक्षा के पेपर लीक होने के बाद 12 मई को रद्द किए जाने के चलते आयोजित किया गया। अभ्यर्थियों को रोडवेज बसों के किराए में 50% छूट भी प्रदान की गई। प्रवेश प्रक्रिया में अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, वैध फोटो पहचान-पत्र, फोटो और हस्ताक्षर का मिलान करने के बाद बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया गया। सुरक्षा के सख्त नियमों के तहत, आजमगढ़ में अभ्यर्थियों को जूते-मोजे और बालों की चेकिंग के बाद ही केंद्र में प्रवेश दिया गया, जबकि गोरखपुर में लड़कियों के जुड़े खुलवाकर चेकिंग की गई। नोएडा में कैंडिडेट्स का कलावा और ज्वेलरी उतरवा ली गई, वहीं झांसी में एक युवक को ईयररिंग पहनने के कारण प्रवेश से रोक दिया गया। परीक्षा के दौरान कुछ अप्रत्याशित घटनाएं भी हुईं; लखनऊ में गलत सेंटर पर पहुंची एक छात्रा को पुलिसकर्मियों ने अपनी कार से सही परीक्षा केंद्र पर समय रहते पहुंचाया, और बरेली में परीक्षा के दौरान एक छात्रा बेहोश हो गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान अभ्यर्थियों ने पेपर लीक की पिछली घटना पर अपनी चिंता भी व्यक्त की। सहारनपुर की अभ्यर्थी विदुषी चौधरी ने बताया कि जब पेपर लीक हुआ तो वह रोने लगी थी और उसे दोबारा पढ़ाई करनी पड़ी। एक अन्य अभ्यर्थी प्रेरणा ने कहा कि पेपर लीक पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और बच्चों की मेहनत बर्बाद न हो।1
- जनपद मुजफ्फरनगर के भोपा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बेहड़ा थू में संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर और डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक प्रार्थना पत्र सौंपा है, जिसमें ग्राम प्रधान पर राजनीतिक और व्यक्तिगत रंजिश के तहत मंदिर परिसर में ग्राम सचिवालय स्थापित करने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, गांववालों ने लगभग 40-50 वर्ष पहले आपसी सहयोग से संत रविदास मंदिर और अंबेडकर भवन का निर्माण कराया था, जहां कई वर्षों से पूजा-अर्चना और विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान द्वारा भवन में जबरन वाई-फाई कनेक्शन लगवाकर उस पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है, और अंबेडकर भवन को नुकसान पहुँचाए जाने की आशंका भी जताई गई है। प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि जब ग्रामीण इस कार्रवाई का विरोध करते हैं, तो उन्हें पुलिस कार्रवाई और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियाँ दी जाती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि मंदिर और अंबेडकर भवन को ग्राम सचिवालय में परिवर्तित होने से रोका जाए और उनकी धार्मिक एवं सामाजिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने उपजिलाधिकारी जानसठ से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने और उन्हें किसी भी उत्पीड़न से बचाने की अपील की है। फिलहाल इस पूरे मामले में ग्राम प्रधान और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- बुढ़ाना में गौसंरक्षण और जनजागरण के लिए निकाली जा रही 81 दिवसीय गौविष्ठि (गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा के तहत जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने गौहत्या के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए गौसंरक्षण को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि और समाज से जुड़ा एक राष्ट्रीय विषय बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गौभक्तों, संतों, व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने भाग लिया। शंकराचार्य जी ने स्पष्ट किया कि गौहत्या और पशुओं पर किसी भी तरह का अत्याचार अस्वीकार्य है, और समाज को इस विषय पर संवेदनशील होकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने लोगों से गौसेवा को एक जनआंदोलन बनाने और इसके माध्यम से भारतीय संस्कृति तथा सनातन मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का आग्रह किया। अपने प्रवचन में, उन्होंने रामायण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए विवेक, धैर्य और सही निर्णय की आवश्यकता पर बल दिया, साथ ही संकट के समय संयम और सतर्कता बनाए रखने तथा अपने मूल्यों का त्याग न करने की प्रेरणा दी। उपस्थित श्रद्धालुओं ने गौसंरक्षण और गौसेवा के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए गौवंश की रक्षा के लिए जनजागरण का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में आदेश त्यागी, डॉ. सत्येंद्र पाल, प्रमोद गर्ग (उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन), कुलदीप कश्यप, सोनू कुमार, अमित विश्वकर्मा, रोहित जैन (एमडी न्यूज़) सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, व्यापारी, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण और श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुआ, जहाँ "गौसेवा, जनसेवा और राष्ट्रसेवा" का संदेश दिया गया।4
- साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि से जुड़ी 60 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा की गई है, जिन्होंने धोखाधड़ी में लिप्त इन आरोपियों को दबोचा है।2
- किसान यूनियन ने एक धरने-प्रदर्शन का आयोजन किया था, लेकिन प्रशासन ने उनके उठाए गए मुद्दे को शुरुआत में अनदेखा कर दिया। प्रशासन की इस उपेक्षा के कारण यूनियन के सदस्यों में भारी आक्रोश फैल गया। अपने धरने को नजरअंदाज किए जाने से नाराज़ होकर, यूनियन ने प्रशासन के खिलाफ ज़ोरदार नारेबाजी करते हुए 'मुर्दाबाद' के नारे लगाए। इस तीव्र विरोध प्रदर्शन के बाद ही प्रशासन की नींद खुली और वे किसानों से बातचीत करने के लिए मौके पर पहुंचे।1
- मुख्यमंत्री योगी ने कानपुर में आयोजित एक प्राकृतिक खेती कार्यशाला में लोगों द्वारा खेती और पशुपालन से दूरी बनाकर 'शॉर्टकट' अपनाने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इसी वजह से आज दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं, जैसे बैलों का उपयोग बंद होना और गाय का दूध पीकर उन्हें सड़कों पर छोड़ देना। सीएम योगी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब ये छोड़ी हुई गायें फसल को नुकसान पहुंचाती हैं, तो लोग उन्हें ही दोष देते हैं। सीएम योगी ने गोमाता के प्रति गहरी आस्था जताते हुए कहा कि 'गाय हमारी माता है, जन्म-जन्मांतर का नाता है' और संकल्प लिया कि किसी भी कीमत पर गोमाता को कटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश में जन्मा प्रत्येक व्यक्ति गोमाता की पूजा करता है। उन्होंने सिख गुरुओं के इतिहास का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे देश के गुलाम होने के दौरान भी आक्रांताओं या कसाइयों द्वारा गोहत्या करने पर सिख वीर उनका काम तमाम कर देते थे। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि 2014 के बाद किसानों की आत्महत्याओं पर रोक लगी है, जबकि 2004 से 2014 के बीच लाखों किसानों ने आत्महत्या की थी। उन्होंने इसके पीछे का कारण पहले की सरकारों में कृषि की अधिक लागत और कम उत्पादन को बताया। सीएम योगी ने दोहराया कि उनकी सरकार का संकल्प है कि गोवंश की तस्करी और उन्हें कटने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश में 7700 से अधिक गोशालाओं में 14 लाख गोवंश संरक्षित किए जा रहे हैं। साथ ही, 'मुख्यमंत्री सहभागिता योजना' के तहत किसानों को गोवंश पालन के लिए प्रति पशु 1500 रुपये की मासिक सहायता भी दी जा रही है।1
- उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में ज्वालापुर स्थित रेलवे स्टेशन के पास लेबर चौक पर सफाई कर्मचारियों द्वारा एक बड़ा स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस पहल में सफाई का काम किया गया और कूड़ा-कचरा हटाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली और जेसीबी जैसी मशीनों का उपयोग किया गया। इस अभियान में सोनू कुमार बाबरा, जो एबीसी मीडिया के राइटर और थार प्रोड्यूसर डायरेक्टर हैं और जनसेवा केंद्र व एमएसएमई से भी जुड़े हैं, ने सभी देशवासियों से अपने राज्य और शहरों को स्वच्छ रखने की अपील की। उन्होंने 'क्लीन इंडिया, ग्रीन इंडिया' का संदेश दिया, जिसका समापन 'जय हिन्द, जय भारत' के उद्घोष के साथ हुआ।4