बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड की चिल्हनियां पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-2 स्थित कुवाड़ी गांव में पीएचईडी विभाग का नलकूप पिछले 13 वर्षों से बंद पड़ा है। इसके कारण ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नलकूप बंद होने से इस वार्ड के लोगों को सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल-जल योजना का लाभ भी लंबे समय से नहीं मिल पा रहा है। पंप संचालक बलराम मंडल ने बताया कि वर्ष 2013 में स्थापित किए गए इस नलकूप से करीब चार वर्षों तक वार्ड के लोगों को नियमित जलापूर्ति की गई थी, जिसके बाद तकनीकी खराबी के कारण यह पूरी तरह बंद हो गया। उन्होंने बताया कि नलकूप की मरम्मत और इसे दोबारा शुरू करवाने के लिए संबंधित विभाग को दर्जनों बार लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस उदासीनता के कारण नलकूप बंद पड़ा है और ग्रामीणों को पानी के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। बलराम मंडल ने जिले के नए जिला पदाधिकारी से मांग की है कि बिहार सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू कराने के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जाएं। इस मामले में संबंधित विभाग का पक्ष जानने के लिए जब दूरभाष के जरिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो विभागीय अधिकारी ने कॉल रिसीव नहीं किया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे लगातार पेयजल संकट से जूझते रहेंगे।
बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड की चिल्हनियां पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-2 स्थित कुवाड़ी गांव में पीएचईडी विभाग का नलकूप पिछले 13 वर्षों से बंद पड़ा है। इसके कारण ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नलकूप बंद होने से इस वार्ड के लोगों को सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल-जल योजना का लाभ भी लंबे समय से नहीं मिल पा रहा है। पंप संचालक बलराम मंडल ने बताया कि वर्ष 2013 में स्थापित किए गए इस नलकूप से करीब चार वर्षों तक वार्ड के लोगों को नियमित जलापूर्ति की गई थी, जिसके बाद तकनीकी खराबी के कारण यह पूरी तरह बंद हो गया। उन्होंने बताया कि नलकूप की मरम्मत और इसे दोबारा शुरू करवाने के लिए संबंधित विभाग को दर्जनों बार लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस उदासीनता के कारण नलकूप बंद पड़ा है और ग्रामीणों को पानी के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। बलराम मंडल ने जिले के नए जिला पदाधिकारी से मांग की है कि बिहार सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू कराने के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जाएं। इस मामले में संबंधित विभाग का पक्ष जानने के लिए जब दूरभाष के जरिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो विभागीय अधिकारी ने कॉल रिसीव नहीं किया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे लगातार पेयजल संकट से जूझते रहेंगे।
- किशनगंज के पश्चिम पाली में एम बाजार के पास स्थित MGM के डॉक्टर अभय कुमार के निजी क्लिनिक में भारी गंदगी होने और वहां के कंपाउंडर द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगा है। क्लिनिक की इस बदहाल व्यवस्था और स्टाफ के दुर्व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर अब क्लिनिक की अव्यवस्थाओं और कंपाउंडर के इस अनुचित आचरण के खिलाफ उचित जांच कराए जाने की मांग की जा रही है।1
- अररिया में नगर परिषद द्वारा कूड़ा फेंकने के खिलाफ स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए हैं और कड़ा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस समस्या को लेकर फैसल जावेद यासीन के नेतृत्व में एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें आक्रोशित लोगों ने प्रशासन को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा। 'नदी बचाओ' और 'स्वच्छ अररिया' की मांग के साथ दमहेली और बांसबारी जैसे क्षेत्रों के लोग इस गंभीर मुद्दे को लेकर नगर परिषद के खिलाफ लामबंद हैं।1
- बिहार के अररिया जिले के कुर्साकाटा प्रखंड स्थित जगदीशपुर पंचायत के नए खंधे का दृश्य सामने आया है। इस दौरान बंटी कुमार, मिथुन और छोटू सहित अन्य लोग एक साथ मिलकर इस पुराने स्थान पर मौजूद दिखे।1
- बिहार के अररिया जिले में नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस मुद्दे पर अपना आक्रोश जताते हुए छात्रों ने सड़क पर उतरकर नारेबाजी की और मामले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।1
- बिहार के अररिया जिले में नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं के विरोध में अपनी नाराजगी जाहिर की और सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा व्यक्त किया।1
- बिहार के किशनगंज जिला अंतर्गत टेढ़ागाछ में आयोजित जनता दरबार में 7 मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया है। इसके साथ ही इस जनता दरबार में प्राप्त हुए कई अन्य आवेदनों पर भी त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गई है।1
- किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय में शनिवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न पंचायतों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिन्हें गंभीरता से सुना गया। जनता दरबार में मुख्य रूप से भूमि विवाद, स्थानीय समस्याओं और जनहित से जुड़े अन्य मामलों पर सुनवाई हुई। अधिकारियों ने कई मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया, जबकि शेष शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए आवश्यक निर्देश देते हुए जल्द निस्तारण का आश्वासन दिया। इस आयोजन का उद्देश्य आम लोगों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से बचाना और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करना है।2