Shuru
Apke Nagar Ki App…
विडियो देखें-देहरादून (उत्तराखंड) घंटाघर के पास होली से पहले हुड़दंग चकराता रोड स्थित घंटाघर के निकट गुब्बारे मारने को लेकर शुरू हुआ विवाद। विवाद इतना बढ़ गया की मारपीट और दुकान में तोड़फोड़ तक पहुंच गया।
नवीन चन्द्र आर्य
विडियो देखें-देहरादून (उत्तराखंड) घंटाघर के पास होली से पहले हुड़दंग चकराता रोड स्थित घंटाघर के निकट गुब्बारे मारने को लेकर शुरू हुआ विवाद। विवाद इतना बढ़ गया की मारपीट और दुकान में तोड़फोड़ तक पहुंच गया।
- User1465Banbhoolpura, Haldwani😡4 hrs ago
- anandChaibasa, West Singhbhum😡5 hrs ago
More news from Uttarakhand and nearby areas
- डीएम ललित मोहन रयाल ने जनपद वासियों से नशामुक्त व पर्यावरण के अनुरूप होली मनाने की अपील की है। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा कि रंगों के इस त्यौहार को सौहार्दपूर्ण मनाए। उन्होंने समस्त जनपदवासियों को होली की शुभकामनाएं दी है।1
- अल्मोड़ा। ग्राम डोबा के पास जंगल में लगी भीषण आग पर फायर सर्विस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए समय रहते काबू पा लिया। आग की लपटें तेजी से आवासीय भवनों की ओर बढ़ रही थीं, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार आज दिनांक 01 मार्च 2026 को दोपहर 14:52 बजे अग्निशमन केंद्र अल्मोड़ा को सूचना मिली कि ग्राम डोबा के समीप जंगल में आग भड़क उठी है। सूचना मिलते ही फायर सर्विस यूनिट प्रभारी फायर स्टेशन के निर्देशन में तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचकर टीम ने मोटर फायर इंजन (MFE) से पंपिंग करते हुए होजरील की सहायता से आग बुझाने का कार्य प्रारंभ किया। आग की विकरालता को देखते हुए फायर स्टेशन से एक अतिरिक्त वाहन सहित यूनिट को भी मौके पर बुलाया गया। वाहन में पानी समाप्त होने पर निकटवर्ती नौले से पंपिंग कर पुनः पानी भरा गया तथा वाहन संख्या UK07-GA 4072 से पानी लेकर लगातार पंपिंग की गई। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूर्ण रूप से काबू पा लिया गया। आग की चपेट में आने से ग्राम डोबा निवासी आनंद राम, केशव दत्त तिवाड़ी, पूरन राम, नंदन राम, दिनेश सिंह, ललित सिंह, राम लाल एवं सरपंच आनंद राम के घरों और परिवारजनों को सुरक्षित बचा लिया गया। अग्निशमन कार्य पूर्ण होने के पश्चात फायर सर्विस यूनिट सकुशल फायर स्टेशन लौट आई। फायर सर्विस टीम एलएफएम – किशन सिंह एफएस डीवीआर – हरि सिंह एफएम – धीरेन्द्र सिंह डब्ल्यूएफएम – चांदनी, भावना कोरंगा, बबीता1
- ईरान, तेहरान के एक स्कूल पर U.S.-इज़राइली हमले के बाद 160 से ज़्यादा ईरानी बच्चे “छोटे ताबूतों” में!1
- बिलासपुर में पराल से लदी एक ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली ने केमरी रोड पर सवारियों से भरे ई-रिक्शा में जबरदस्त टक्कर मार दी और टक्कर मारने वाला चालक मय वाहन के साथ मौकें से फरार हो गया।दुर्घटना के बाद रिक्शा में सवार सभी ने कूदकर अपनी जान बचाई।सूचना पाकर पहुंचें रिक्शा यूनियन के पदाधिकारियों ने हंगामा काटा और कार्रवाई की मांग की। तहसील क्षेत्र के नगरिया कलां गांव निवासी रिक्शा चालक खलील मंगलवार की दोपहर करीब दो बजे धावनी हसनपुर गांव से तीन बच्चों सहित पांच सवारियों को भरकर पटेल चौक पर ला रहा था।इस दौरान चौक से चंद कदम पीछे सामुदायिक शौचालय के पास रॉन्ग साइड आ रहे पराल लदी ट्रैक्टर ट्रॉली ने रिक्शा में जबरदस्त टक्कर मारी इससे रिक्शा में सवार सवारियों में चीख-पुकार मच गई गनीमत रही कि सभी ने रिक्शा से कूदकर अपनी जान बचाई।दुर्घटना के बाद राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई और सूचना पाकर राष्ट्रीय गरीब कल्याण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संस्थापक प्रेमनरेश वाल्मीकि सहित अन्य पदाधिकारी मौकें पर पहुंचें और आरोपी चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा काटने लगें।राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि उनके संघ से जुड़े सदस्य को सवारियां उतारते समय पराल से लदे ट्रैक्टर ट्रॉली ने टक्कर मारी जिसमें अगर चालक सहित सवारियां रिक्शा से नही कूदती तो,बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने कहा उनकी रिक्शा मिनी एंबुलेंस के रूप में कार्य कर रही है,साथ ही चालक में नियमों का अनुपालन कर रहे हैं,उसके बावजूद भी उनके साथ दुर्घटनाएं होती है,और कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति। उन्होंने बताया उनके संघ ने टक्कर मारने वाले चालक को मुल्लाखेड़ा के पास पकड़ लिया।उन्होंने बताया दुर्घटना में रिक्शा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।उनकी मांग है कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए।प्रभारी निरीक्षक जीत सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है,लेकिन अभी तहरीर प्राप्त नही हुई है,तहरीर प्राप्त होने पर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।4
- शक्तिफार्म। उत्तराखण्ड के एक नामचीन होटल मे अचानक भीड़ जुट गई,जब गर्लफ्रेंड ने अपने बॉयफ्रेंड के किसी दूसरे महिला संघ होने का शक हुआ,तो गर्लफ्रेंड ने होटल मे तमाशा खड़ा कर दिया देखते ही देखते लोगो का हुज़ूम उमड़ पड़ा।1
- चम्पावत: प्रदेश का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का प्रथम सत्र जुलाई से प्रस्तावित*1
- विडियो देखें- देहरादून (उत्तराखंड) नाम हिदायत… काम पूजा बैंड से? भाई की शादी के लिए हिंदू बैंड बुक करने गया व्यक्ति तो टोकन लेते समय नाम कुछ और निकला। पूछताछ में मामला गंभीर निकला और हिंदू बेटियों को बहला-फुसलाकर फँसाने की बात सामने आई।1
- वसंत में ऋतु का आगमन कब शुरू होता है, यह संशय आज भी बरकरार है। इस ऋतु के आगमन की तारीख के पीछे कई धारणाएं आज भी प्रचलित है। मौसम वैज्ञानिकों के अपने तर्क हैं तो खगोल शास्त्रियों के अलग हैं। बहरहाल ये यह रोचक विषय है, जो भी हो, दोनों ही वैज्ञानिक वर्ग हैं जिन्हें झुठलाया या नकारा नहीं जा सकता है। जानते हैं कि खगोल और मौसम वैज्ञानिको के बीच का फर्क। खगोल वैज्ञानिकों का तर्क खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार इस वर्ष वसंत का आगमन इस वर्ष 20 मार्च को होने जा रहा है, जो भारतीय समय शाम 8.16 बजे से शुरू होगा। इसके पीछे तर्क पृथ्वी का अपने अक्ष पर 23.5 डिग्री झुकाव है। खगोल वैज्ञानिक कहते हैं कि वसंत अमूमन 19, 20 या 21 मार्च में से किसी एक दिन होता है। यह ऐसा समय होता है, जब दिन और रात लगभग बराबर लंबे होते हैं। खगोल वैज्ञानिको ने इस दिन को spring equinox नाम से पुकारते हैं और तर्वक देते हैं कि उत्तरी गोलार्ध में वसंत सूरज पृथ्वी के भूमध्य रेखा (equator) के ठीक ऊपर से उत्तर की ओर पार करने के समय से शुरू होता है। मौसम वैज्ञानिकों का तर्क मौसम वैज्ञानिक (meteorologists) और जलवायु विशेषज्ञ हर साल 1 मार्च से वसंत मानते हैं, जो 31 मई तक चलता है। इसकी वजह डेटा जैसे तापमान, बारिश की तुलना आसान हो जाती है। इसलिए वसंत की निश्चित तिथि 1 मार्च निर्धारित है और मौसम वैज्ञानिकों का आज एक मार्च से वसंत शुरू हो चुका है। बहरहाल वसंत ऋतु का आगमन उमंगों भरा होता है, जो कठोर ठंड से निजात दिलाता है और जीवन को आसान बना देता है। कहीं खत्म ही न हो जाय वसंत ऋतु वसंत आगमन की अलग तिथियों के बीच जो बड़ी गंभीर लकीर खींचती दिख रही है, वह वसंत में ग्रीष्म ऋतु का जैसा तापमान में उछाल आना है। अब मार्च में अप्रैल जैसी गर्मी का एहसास होने लगा है तो मई माह में जून जैसी गर्मी होने लगी है। इससे प्रतीत होता है कि अब वसंत में तापमान की धीमी आंच नहीं रही और मौसम के हिसाब से वसंत ऋतु के दिन कम हो चले है और वह सिकुड़ने लगा है। भविष्य में शायद वसंत ऋतु 60 की जगह 30 दिन में सिमट जाय या फिर बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के साथ कहीं समाप्त ही न हो जाय। यह बड़ी ही नहीं बहुत बड़ी समस्या हो सकती है। जिसपर विचार वैज्ञानिकों को नहीं बल्कि उन्हें करनी है, जो कुदरत के साथी खिलवाड़ कर रहे हैं। श्रोत Rachel Duensing मौसम वैज्ञानिक1
- 🇮🇷 ईरान 🇮🇱 इजराइल 🇮🇳 war 🇮🇳 🇮🇷 हक और बतील कि जंग 🇮🇷1