रोहतक से सांपला होकर बहादुरगढ़ जाने वाली निजी बसों के चालक और परिचालकों की गुंडागर्दी चरम सीमा पर पहुँच गई है, जिससे पुलिस और प्रशासन भी इन पर लगाम लगाने में विफल दिख रहे हैं। इन बसों में मारपीट और छेड़छाड़ रोजमर्रा की बात हो गई है। हाल ही में शुक्रवार को रोहतक से बहादुरगढ़ जा रही एक निजी बस में तब हंगामा हो गया, जब कंडक्टर पर यात्रियों से बदतमीजी, मारपीट और अवैध वसूली के आरोप लगे। मामला सांपला बस स्टैंड पहुँचने पर इतना बढ़ गया कि सवारियों को डायल-112 पुलिस को बुलाना पड़ा, जिसने मौके पर पहुँचकर मामले की जांच शुरू की। जानकारी के अनुसार, एक प्रवासी मजदूर परिवार रोहतक से दिल्ली जाने के लिए इस निजी बस में चढ़ा था, जिन्हें दिल्ली से ट्रेन पकड़कर अपने गृह जनपद मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) जाना था। आरोप है कि बस ड्राइवर और कंडक्टर ने दिल्ली तक का किराया बताकर परिवार से दो लोगों के लिए अलग-अलग 500-500 रुपये वसूल लिए। जब परिवार के एक सदस्य ने अतिरिक्त पैसे वापस मांगे, तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि कंडक्टर ने यात्री के साथ मारपीट की और परिवार की महिला सदस्य के साथ भी अभद्र व्यवहार किया, जिससे बस में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुलिस के पहुँचने के बाद भी, बस चालक और कंडक्टर प्रवासी परिवार पर समझौते का दबाव बनाते रहे। ट्रेन के रिजर्वेशन और समय की कमी के कारण, परिवार को मजबूरन समझौता करना पड़ा। यात्रियों ने आरोप लगाया है कि निजी बस संचालक लंबे समय से यात्रियों से मनमानी वसूली कर रहे हैं, और कई बार शिकायतें मिलने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। सांपला बस स्टैंड पर आए दिन झगड़ा, गालीगलौज और अभद्र भाषा का प्रयोग निजी बसों के स्टाफ द्वारा देखा जा सकता है, जहाँ आधे से ज्यादा कर्मचारी निजी बसों के डाईवरों और कंडक्टरों के इशारे पर ड्यूटी करते हैं। यह भी बताया गया कि सांपला बस स्टैंड पर रोडवेज बस का समय होने पर भी पहले प्राइवेट बस को निकाला जाता है, और निजी बसों के चालक-कंडक्टर सरेआम नशा करते भी मिल जाते हैं। इस मनमानी से आम जनता के साथ-साथ सरकारी कर्मचारी भी परेशान हैं। सांपला और आसपास के एक दर्जन गाँवों के लोगों ने सरकार से इन निजी बस चालकों और परिचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि क्षेत्र की बहन-बेटियों को भी इनकी बुरी नजर से बचाया जा सके।
रोहतक से सांपला होकर बहादुरगढ़ जाने वाली निजी बसों के चालक और परिचालकों की गुंडागर्दी चरम सीमा पर पहुँच गई है, जिससे पुलिस और प्रशासन भी इन पर लगाम लगाने में विफल दिख रहे हैं। इन बसों में मारपीट और छेड़छाड़ रोजमर्रा की बात हो गई है। हाल ही में शुक्रवार को रोहतक से बहादुरगढ़ जा रही एक निजी बस में तब हंगामा हो गया, जब कंडक्टर पर यात्रियों से बदतमीजी, मारपीट और अवैध वसूली के आरोप लगे। मामला सांपला बस स्टैंड पहुँचने पर इतना बढ़ गया कि सवारियों को डायल-112 पुलिस को बुलाना पड़ा, जिसने मौके पर पहुँचकर मामले की जांच शुरू की। जानकारी के अनुसार, एक प्रवासी मजदूर परिवार रोहतक से दिल्ली जाने के लिए इस निजी बस में चढ़ा था, जिन्हें दिल्ली से ट्रेन पकड़कर अपने गृह जनपद मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश)
जाना था। आरोप है कि बस ड्राइवर और कंडक्टर ने दिल्ली तक का किराया बताकर परिवार से दो लोगों के लिए अलग-अलग 500-500 रुपये वसूल लिए। जब परिवार के एक सदस्य ने अतिरिक्त पैसे वापस मांगे, तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि कंडक्टर ने यात्री के साथ मारपीट की और परिवार की महिला सदस्य के साथ भी अभद्र व्यवहार किया, जिससे बस में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुलिस के पहुँचने के बाद भी, बस चालक और कंडक्टर प्रवासी परिवार पर समझौते का दबाव बनाते रहे। ट्रेन के रिजर्वेशन और समय की कमी के कारण, परिवार को मजबूरन समझौता करना पड़ा। यात्रियों ने आरोप लगाया है कि निजी बस संचालक लंबे समय से यात्रियों से मनमानी वसूली कर रहे हैं, और कई बार शिकायतें मिलने के बावजूद प्रशासन की ओर से
कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। सांपला बस स्टैंड पर आए दिन झगड़ा, गालीगलौज और अभद्र भाषा का प्रयोग निजी बसों के स्टाफ द्वारा देखा जा सकता है, जहाँ आधे से ज्यादा कर्मचारी निजी बसों के डाईवरों और कंडक्टरों के इशारे पर ड्यूटी करते हैं। यह भी बताया गया कि सांपला बस स्टैंड पर रोडवेज बस का समय होने पर भी पहले प्राइवेट बस को निकाला जाता है, और निजी बसों के चालक-कंडक्टर सरेआम नशा करते भी मिल जाते हैं। इस मनमानी से आम जनता के साथ-साथ सरकारी कर्मचारी भी परेशान हैं। सांपला और आसपास के एक दर्जन गाँवों के लोगों ने सरकार से इन निजी बस चालकों और परिचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि क्षेत्र की बहन-बेटियों को भी इनकी बुरी नजर से बचाया जा सके।
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