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नगर निगम सागर ने शहर की स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक 'एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम' का आयोजन किया। इसके तहत महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने एमआईसी सदस्यों, पार्षदों और नगर निगम के अधिकारियों के साथ मिलकर मसवासी ग्रंट स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कचरा प्रसंस्करण संयंत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान, महापौर ने संयंत्र में शहर के कचरे के संग्रहण, पृथक्करण और प्रसंस्करण की पूरी श्रृंखला का बारीकी से अवलोकन किया, साथ ही गीले कचरे से जैविक खाद तैयार करने की वैज्ञानिक कार्यप्रणाली की भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। संयंत्र की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए महापौर संगीता तिवारी ने स्वच्छता प्रबंधन में तकनीकी नवाचारों और वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन किसी भी आधुनिक और स्वच्छ शहर का मुख्य आधार है और कचरे का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ संसाधनों के पुनः उपयोग की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। प्लांट का संचालन कर रही रेमकी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अमित दुबे ने बताया कि नगर निगम की गाड़ियां प्रतिदिन शहर के सभी वार्डों से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहित कर संयंत्र तक लाती हैं, जहाँ कचरे को जैविक और अजैविक श्रेणियों में अलग किया जाता है। जैविक कचरे से उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद तैयार की जाती है, जबकि शेष अपशिष्ट पदार्थों का वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से निष्पादन होता है। महापौर ने उपस्थित पार्षदों और अधिकारियों से अपील की कि 'स्वच्छ सर्वेक्षण' के लक्ष्यों को प्राप्त करने तथा सागर को एक आदर्श स्वच्छ शहर बनाने के लिए आम नागरिकों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों को घर के स्तर पर ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के लिए जागरूक और प्रेरित करने पर जोर दिया। इस अवसर पर एमआईसी सदस्य राजकुमार पटेल, धर्मेंद्र खटीक, संगीता शैलेष जैन, पार्षद नीरज गोलू कोरी, भरत अहिरवार, विशाल खटीक, रानी अहिरवार, प्रदेश भाजपा पैनलिस्ट रिशांक तिवारी सहित प्लांट हेड आकाश तिवारी, ऑपरेशन इंचार्ज फिरोज खान, सीनियर एक्जीक्यूटिव राशिद खान, भगवानदास सेन, आशुतोष नायक, सहायक यंत्री राहुल उईके, अक्षय कुमार, निगम सचिव मुन्नालाल रैकवार और यशवंत कोष्टी सहित नगर निगम व प्लांट के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

11 hrs ago
user_Sanjay Kumar Pandey
Sanjay Kumar Pandey
सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
11 hrs ago

नगर निगम सागर ने शहर की स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक 'एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम' का आयोजन किया। इसके तहत महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने एमआईसी सदस्यों, पार्षदों और नगर निगम के अधिकारियों के साथ मिलकर मसवासी ग्रंट स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कचरा प्रसंस्करण संयंत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान, महापौर ने संयंत्र में शहर के कचरे के संग्रहण, पृथक्करण और प्रसंस्करण की पूरी श्रृंखला का बारीकी से अवलोकन किया, साथ ही गीले कचरे से जैविक खाद तैयार करने की वैज्ञानिक कार्यप्रणाली की भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। संयंत्र की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए महापौर संगीता तिवारी ने स्वच्छता प्रबंधन में तकनीकी नवाचारों और वैज्ञानिक पद्धतियों के

उपयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन किसी भी आधुनिक और स्वच्छ शहर का मुख्य आधार है और कचरे का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ संसाधनों के पुनः उपयोग की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। प्लांट का संचालन कर रही रेमकी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अमित दुबे ने बताया कि नगर निगम की गाड़ियां प्रतिदिन शहर के सभी वार्डों से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहित कर संयंत्र तक लाती हैं, जहाँ कचरे को जैविक और अजैविक श्रेणियों में अलग किया जाता है। जैविक कचरे से उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद तैयार की जाती है, जबकि शेष अपशिष्ट पदार्थों का वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से निष्पादन होता है। महापौर ने उपस्थित पार्षदों और अधिकारियों से

अपील की कि 'स्वच्छ सर्वेक्षण' के लक्ष्यों को प्राप्त करने तथा सागर को एक आदर्श स्वच्छ शहर बनाने के लिए आम नागरिकों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों को घर के स्तर पर ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के लिए जागरूक और प्रेरित करने पर जोर दिया। इस अवसर पर एमआईसी सदस्य राजकुमार पटेल, धर्मेंद्र खटीक, संगीता शैलेष जैन, पार्षद नीरज गोलू कोरी, भरत अहिरवार, विशाल खटीक, रानी अहिरवार, प्रदेश भाजपा पैनलिस्ट रिशांक तिवारी सहित प्लांट हेड आकाश तिवारी, ऑपरेशन इंचार्ज फिरोज खान, सीनियर एक्जीक्यूटिव राशिद खान, भगवानदास सेन, आशुतोष नायक, सहायक यंत्री राहुल उईके, अक्षय कुमार, निगम सचिव मुन्नालाल रैकवार और यशवंत कोष्टी सहित नगर निगम व प्लांट के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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  • सागर नगर के पशुपतिनाथ मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पाँचवें दिन, राष्ट्रीय संत गौपीठाधीश्वर पं. श्री विपिनबिहारीदासजी महाराज ने श्रद्धालुओं को भगवान श्री कृष्ण की दिव्य बाल लीलाओं, माखन चोरी, मिट्टी खाने के प्रसंग और गोवर्धन पूजा का अत्यंत मार्मिक वर्णन सुनाया, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो गए। व्यासपीठ से युवाओं और बच्चों को संबोधित करते हुए गौपीठाधीश्वर महाराज ने 'मोबाइल की दुनिया' पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मोबाइल के अत्यधिक उपयोग के कारण आज का युवा वर्ग और बालक धर्म से विमुख हो रहे हैं, जिससे घरों और परिवारों में लाज-शर्म कम होती जा रही है। महाराज ने पालकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को मोबाइल से यथासंभव दूर रखें और उन्हें भगवान की कथाएं सुनने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने युवा पीढ़ी को अपने माता-पिता और बुजुर्गों के सामने मर्यादा व लोक-लाज बनाए रखने की सीख दी, ताकि मोबाइल संस्कृति से दूर होकर युवा पीढ़ी लाज, शर्म और मित्रता सीख सके। महाराज श्री ने वास्तविक धनवान की परिभाषा बताते हुए कहा कि वास्तव में धनवान व्यक्ति वही है जो अपने तन, मन और धन से नि:स्वार्थ भाव से सेवा और भक्ति करे। उन्होंने यह भी कहा कि परमात्मा की प्राप्ति केवल सच्चे प्रेम से ही संभव है। पूतना उद्धार के प्रसंग में उन्होंने बताया कि भगवान बालकृष्ण ने पूतना के प्राण हरकर भी उसका कल्याण किया, जिसके बाद माता यशोदा ने पंचगव्य से प्रभु को स्नान कराया था। उन्होंने सभी सनातन धर्मियों को गौ माता की सेवा, गायत्री जाप और गीता का पाठ प्रतिदिन करने का संदेश दिया, क्योंकि एक गाय की सेवा से 33 करोड़ देवी-देवताओं की सेवा का फल प्राप्त होता है। भगवान के मिट्टी खाने के प्रसंग का वर्णन करते हुए महाराज ने बताया कि जब मैया यशोदा ने श्रीकृष्ण से मुख खोलने को कहा, तो प्रभु के मुख में उन्हें संपूर्ण ब्रह्मांड के दर्शन हुए। इसमें आकाश, दिशाएं, समुद्र, ज्योतिर्मंडल सहित नंद बाबा का घर और स्वयं मैया को कृष्ण का हाथ पकड़े हुए देखकर वे विस्मित रह गईं। प्रभु ने अपनी योगमाया से तुरंत उनके इस ज्ञान को विस्मृत कर दिया ताकि उनकी बाल लीलाएं जारी रहें। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि जो अपने धर्म पर प्रश्न उठाते हैं, उन्हें पहले गीता, भागवत और रामायण पढ़नी चाहिए। कथा के उत्तरार्ध में छप्पन भोग और गोवर्धन पूजा का उत्सव धूमधाम से मनाया गया, जिसमें महाराज ने बताया कि कैसे भगवान कृष्ण ने अपनी कनिष्ठ उंगली पर गिर्राज पर्वत को उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की और इंद्र का घमंड चूर किया। कथा के पांचवें दिन मुख्य यजमान महेशचंद दुबे, रामप्रकाश श्रीवास्तव, केशवप्रसाद गांधी के साथ एसवीएन यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति डॉ. अनिल तिवारी, रामसरोज समूह के शैलेश केशरवानी, शिवशंकर मिश्रा, पं. रामचरण शास्त्री और श्रीहरि महाराज आदि ने व्यासपीठ की महाआरती की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और धर्मप्रेमी उपस्थित रहे।
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    सागर नगर के पशुपतिनाथ मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पाँचवें दिन, राष्ट्रीय संत गौपीठाधीश्वर पं. श्री विपिनबिहारीदासजी महाराज ने श्रद्धालुओं को भगवान श्री कृष्ण की दिव्य बाल लीलाओं, माखन चोरी, मिट्टी खाने के प्रसंग और गोवर्धन पूजा का अत्यंत मार्मिक वर्णन सुनाया, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो गए।

व्यासपीठ से युवाओं और बच्चों को संबोधित करते हुए गौपीठाधीश्वर महाराज ने 'मोबाइल की दुनिया' पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मोबाइल के अत्यधिक उपयोग के कारण आज का युवा वर्ग और बालक धर्म से विमुख हो रहे हैं, जिससे घरों और परिवारों में लाज-शर्म कम होती जा रही है। महाराज ने पालकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को मोबाइल से यथासंभव दूर रखें और उन्हें भगवान की कथाएं सुनने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने युवा पीढ़ी को अपने माता-पिता और बुजुर्गों के सामने मर्यादा व लोक-लाज बनाए रखने की सीख दी, ताकि मोबाइल संस्कृति से दूर होकर युवा पीढ़ी लाज, शर्म और मित्रता सीख सके।

महाराज श्री ने वास्तविक धनवान की परिभाषा बताते हुए कहा कि वास्तव में धनवान व्यक्ति वही है जो अपने तन, मन और धन से नि:स्वार्थ भाव से सेवा और भक्ति करे। उन्होंने यह भी कहा कि परमात्मा की प्राप्ति केवल सच्चे प्रेम से ही संभव है। पूतना उद्धार के प्रसंग में उन्होंने बताया कि भगवान बालकृष्ण ने पूतना के प्राण हरकर भी उसका कल्याण किया, जिसके बाद माता यशोदा ने पंचगव्य से प्रभु को स्नान कराया था। उन्होंने सभी सनातन धर्मियों को गौ माता की सेवा, गायत्री जाप और गीता का पाठ प्रतिदिन करने का संदेश दिया, क्योंकि एक गाय की सेवा से 33 करोड़ देवी-देवताओं की सेवा का फल प्राप्त होता है।

भगवान के मिट्टी खाने के प्रसंग का वर्णन करते हुए महाराज ने बताया कि जब मैया यशोदा ने श्रीकृष्ण से मुख खोलने को कहा, तो प्रभु के मुख में उन्हें संपूर्ण ब्रह्मांड के दर्शन हुए। इसमें आकाश, दिशाएं, समुद्र, ज्योतिर्मंडल सहित नंद बाबा का घर और स्वयं मैया को कृष्ण का हाथ पकड़े हुए देखकर वे विस्मित रह गईं। प्रभु ने अपनी योगमाया से तुरंत उनके इस ज्ञान को विस्मृत कर दिया ताकि उनकी बाल लीलाएं जारी रहें। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि जो अपने धर्म पर प्रश्न उठाते हैं, उन्हें पहले गीता, भागवत और रामायण पढ़नी चाहिए। कथा के उत्तरार्ध में छप्पन भोग और गोवर्धन पूजा का उत्सव धूमधाम से मनाया गया, जिसमें महाराज ने बताया कि कैसे भगवान कृष्ण ने अपनी कनिष्ठ उंगली पर गिर्राज पर्वत को उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की और इंद्र का घमंड चूर किया।

कथा के पांचवें दिन मुख्य यजमान महेशचंद दुबे, रामप्रकाश श्रीवास्तव, केशवप्रसाद गांधी के साथ एसवीएन यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति डॉ. अनिल तिवारी, रामसरोज समूह के शैलेश केशरवानी, शिवशंकर मिश्रा, पं. रामचरण शास्त्री और श्रीहरि महाराज आदि ने व्यासपीठ की महाआरती की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और धर्मप्रेमी उपस्थित रहे।
    user_Sanjay Kumar Pandey
    Sanjay Kumar Pandey
    सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • 6 जून, 2026 को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में भारी भीड़ ने नीट पेपर लीक जैसी कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन के दौरान, सीजेपी के संस्थापक दीपके ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “धर्म की राजनीति से नौकरियां नहीं मिलतीं।” उन्होंने यह भी बताया कि युवाओं और बेरोजगारों की आवाज़ उठाने के लिए सीजेपी का जंतर-मंतर पर यह प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा। इस “हल्ला बोल” प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग एकजुट हुए।
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    6 जून, 2026 को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में भारी भीड़ ने नीट पेपर लीक जैसी कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

इस प्रदर्शन के दौरान, सीजेपी के संस्थापक दीपके ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “धर्म की राजनीति से नौकरियां नहीं मिलतीं।” उन्होंने यह भी बताया कि युवाओं और बेरोजगारों की आवाज़ उठाने के लिए सीजेपी का जंतर-मंतर पर यह प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा। इस “हल्ला बोल” प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग एकजुट हुए।
    user_Rohit sharma
    Rohit sharma
    Local News Reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • बीना में मानव अधिकार परिषद ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत नदीपार मोड़ स्थित मुक्तिधाम परिसर में एक पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया। इस पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया, जहाँ विभिन्न छायादार एवं औषधीय पौधे रोपे गए और लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में मानव अधिकार परिषद के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकुमार द्विवेदी, संभागीय उपाध्यक्ष अधिवक्ता संजय जैन, महिला विंग की संभागीय अध्यक्ष एवं समाजसेवी रेखा अंजू तिवारी, संभागीय कोषाध्यक्ष रामप्रकाश शर्मा, अनुसूचित जनजातीय बालक छात्रावास अधीक्षक ए.के. मेहरा, पोस्ट मैट्रिक छात्रावास अधीक्षक हेमंत अटल, जिला महासचिव दीपक कोटक, जिला उपाध्यक्ष प्रकाशचंद जैन, भाजपा युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष अजय माली, जिला उपाध्यक्ष ब्रजेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना, माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जहाँ उपस्थित जनों ने सभी के स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। मुख्य अतिथि रामकुमार द्विवेदी ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने आसपास स्वच्छ एवं हरित वातावरण बनाने के लिए पौधे लगाने चाहिए, ताकि बढ़ते प्रदूषण को रोका जा सके और आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित भविष्य मिल सके। रेखा अंजू तिवारी ने अपने संबोधन में मुक्तिधाम को केवल अंतिम संस्कार का स्थान नहीं, बल्कि जीवन के सत्य का प्रतीक और हिंदू धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थान हमें जीवन की वास्तविकता का बोध कराता है और सभी से अपने माता-पिता एवं पूर्वजों की स्मृति में पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की। इस कार्यक्रम में डॉ. उर्मिला साई प्रीत, लता खरे, महिला विंग जिला उपाध्यक्ष दुर्गा तोमर, बालिका तेजस्वी, लक्ष्मी रजक तथा युवा सदस्य दुर्गेश सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का सफल संचालन मानव अधिकार परिषद के जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने किया, और अंत में संभागीय उपाध्यक्ष संजय जैन ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उपस्थित लोगों को शीतल पेयजल भी वितरित किया गया।
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    बीना में मानव अधिकार परिषद ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत नदीपार मोड़ स्थित मुक्तिधाम परिसर में एक पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया। इस पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया, जहाँ विभिन्न छायादार एवं औषधीय पौधे रोपे गए और लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में मानव अधिकार परिषद के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकुमार द्विवेदी, संभागीय उपाध्यक्ष अधिवक्ता संजय जैन, महिला विंग की संभागीय अध्यक्ष एवं समाजसेवी रेखा अंजू तिवारी, संभागीय कोषाध्यक्ष रामप्रकाश शर्मा, अनुसूचित जनजातीय बालक छात्रावास अधीक्षक ए.के. मेहरा, पोस्ट मैट्रिक छात्रावास अधीक्षक हेमंत अटल, जिला महासचिव दीपक कोटक, जिला उपाध्यक्ष प्रकाशचंद जैन, भाजपा युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष अजय माली, जिला उपाध्यक्ष ब्रजेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना, माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जहाँ उपस्थित जनों ने सभी के स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

मुख्य अतिथि रामकुमार द्विवेदी ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने आसपास स्वच्छ एवं हरित वातावरण बनाने के लिए पौधे लगाने चाहिए, ताकि बढ़ते प्रदूषण को रोका जा सके और आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित भविष्य मिल सके। रेखा अंजू तिवारी ने अपने संबोधन में मुक्तिधाम को केवल अंतिम संस्कार का स्थान नहीं, बल्कि जीवन के सत्य का प्रतीक और हिंदू धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थान हमें जीवन की वास्तविकता का बोध कराता है और सभी से अपने माता-पिता एवं पूर्वजों की स्मृति में पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की।

इस कार्यक्रम में डॉ. उर्मिला साई प्रीत, लता खरे, महिला विंग जिला उपाध्यक्ष दुर्गा तोमर, बालिका तेजस्वी, लक्ष्मी रजक तथा युवा सदस्य दुर्गेश सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का सफल संचालन मानव अधिकार परिषद के जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने किया, और अंत में संभागीय उपाध्यक्ष संजय जैन ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उपस्थित लोगों को शीतल पेयजल भी वितरित किया गया।
    user_RAJESH BABELE
    RAJESH BABELE
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • भगत सिंह गौ सेवा समिति ने एक गांव में गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। यह पहल लोगों को गौसेवा से जोड़ने में अत्यंत प्रभावी साबित हो रही है, जिससे लोग इस पवित्र कार्य से जुड़ रहे हैं। समिति की इस सफल पहल को देखते हुए यह मांग उठाई गई है कि गौसेवा के लिए ऐसी गाड़ियां सभी गांवों में, गली-गली में घूमनी चाहिए ताकि यह नेक कार्य और अधिक लोगों तक पहुँच सके।
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    भगत सिंह गौ सेवा समिति ने एक गांव में गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। यह पहल लोगों को गौसेवा से जोड़ने में अत्यंत प्रभावी साबित हो रही है, जिससे लोग इस पवित्र कार्य से जुड़ रहे हैं।

समिति की इस सफल पहल को देखते हुए यह मांग उठाई गई है कि गौसेवा के लिए ऐसी गाड़ियां सभी गांवों में, गली-गली में घूमनी चाहिए ताकि यह नेक कार्य और अधिक लोगों तक पहुँच सके।
    user_Akhlesh jain Reportar
    Akhlesh jain Reportar
    Salesperson देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • सागर में मां करणी सेना का एक मिलन समारोह और बैठक संपन्न हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से रोजगार, महंगाई और शिक्षा जैसे ज्वलंत मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। इसके अतिरिक्त, महाराणा प्रताप जयंती की तैयारियों को लेकर भी एक खास चर्चा की गई।
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    सागर में मां करणी सेना का एक मिलन समारोह और बैठक संपन्न हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से रोजगार, महंगाई और शिक्षा जैसे ज्वलंत मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। इसके अतिरिक्त, महाराणा प्रताप जयंती की तैयारियों को लेकर भी एक खास चर्चा की गई।
    user_Sonu prajapati journalist Pres
    Sonu prajapati journalist Pres
    Food And Caterers देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • बीना में राष्ट्रीय किसान मोर्चा ने कृषि उपज मंडी में किसानों के साथ हो रही 'लूट के खेल' और 'धोखाधड़ी' को रोकने की मांग की है। मोर्चा ने कलेक्टर के नाम तहसीलदार अंबर पंथी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि मंडी कर्मचारी और व्यापारी मिलकर किसानों का शोषण कर रहे हैं और यह सब तत्काल बंद किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय किसान मोर्चा बीना के अरविंद कुमार कुर्मी ने आरोप लगाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में किसानों के साथ हो रही धोखाधड़ी को रोकने के लिए धर्म कांटे पर एक क्विंटल तुलाई पर व्यापारियों द्वारा किसानों के 300 ग्राम उपज काटने की अवैध वसूली तुरंत बंद की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि जब से धर्म कांटे लगे हैं, तब से व्यापारियों द्वारा किसानों की जो कटौती की गई है, उसका भुगतान 05/06/2026 तक तुरंत किया जाए। मोर्चे ने सागर जिले के मंडी कर्मचारी एवं सचिव को मध्य प्रदेश के दूसरे जिलों में स्थानांतरित करने और कृषि उपज मंडी में केवल शासकीय कर्मचारियों द्वारा ही जींसों की बोली लगाने तथा निजी कर्मचारियों को बोली प्रक्रिया से दूर रखने की भी मांग की है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय किसान मोर्चा ने एक हफ्ते के अंदर कृषि उपज मंडी में शासकीय कर्मचारियों की भर्ती करने, स्वामीनाथन रिपोर्ट MSB गारंटी के तहत कृषि उपज मंडी में जींसों की खरीद करने और सरकार द्वारा की गई खरीदी का भुगतान भी एक हफ्ते के अंदर करने की मांग की। मोर्चे ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी ये सभी मांगें एक हफ्ते के भीतर पूरी नहीं की गईं, तो राष्ट्रीय किसान मोर्चा कृषि उपज मंडी एवं अन्य शासकीय संस्थानों में ताला लगाकर बंद कर देगा, और इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश शासन प्रशासन की होगी।
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    बीना में राष्ट्रीय किसान मोर्चा ने कृषि उपज मंडी में किसानों के साथ हो रही 'लूट के खेल' और 'धोखाधड़ी' को रोकने की मांग की है। मोर्चा ने कलेक्टर के नाम तहसीलदार अंबर पंथी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि मंडी कर्मचारी और व्यापारी मिलकर किसानों का शोषण कर रहे हैं और यह सब तत्काल बंद किया जाना चाहिए।

राष्ट्रीय किसान मोर्चा बीना के अरविंद कुमार कुर्मी ने आरोप लगाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में किसानों के साथ हो रही धोखाधड़ी को रोकने के लिए धर्म कांटे पर एक क्विंटल तुलाई पर व्यापारियों द्वारा किसानों के 300 ग्राम उपज काटने की अवैध वसूली तुरंत बंद की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि जब से धर्म कांटे लगे हैं, तब से व्यापारियों द्वारा किसानों की जो कटौती की गई है, उसका भुगतान 05/06/2026 तक तुरंत किया जाए। मोर्चे ने सागर जिले के मंडी कर्मचारी एवं सचिव को मध्य प्रदेश के दूसरे जिलों में स्थानांतरित करने और कृषि उपज मंडी में केवल शासकीय कर्मचारियों द्वारा ही जींसों की बोली लगाने तथा निजी कर्मचारियों को बोली प्रक्रिया से दूर रखने की भी मांग की है।

इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय किसान मोर्चा ने एक हफ्ते के अंदर कृषि उपज मंडी में शासकीय कर्मचारियों की भर्ती करने, स्वामीनाथन रिपोर्ट MSB गारंटी के तहत कृषि उपज मंडी में जींसों की खरीद करने और सरकार द्वारा की गई खरीदी का भुगतान भी एक हफ्ते के अंदर करने की मांग की। मोर्चे ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी ये सभी मांगें एक हफ्ते के भीतर पूरी नहीं की गईं, तो राष्ट्रीय किसान मोर्चा कृषि उपज मंडी एवं अन्य शासकीय संस्थानों में ताला लगाकर बंद कर देगा, और इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश शासन प्रशासन की होगी।
    user_Rakesh sen
    Rakesh sen
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बीना में पर्यावरण संरक्षण और जन जागरूकता के लिए एक भव्य साइकिल रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में 8 वर्ष से लेकर 80 वर्ष तक के बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। वरिष्ठ समाजसेवी एवं सरपंच संघ के पूर्व अध्यक्ष अनिल ओझा ने गांधी चौक से हरी झंडी दिखाकर इस रैली को रवाना किया, साथ ही पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। सामाजिक संस्था परमार्थ सेवा संगठन बीना और शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह एवं आजाद क्रांति युवा मंडल द्वारा आयोजित यह रैली गांधी चौक से शुरू होकर कॉलेज तिराहा, सर्वोदय चौराहा होते हुए अंबेडकर तिराहा पर संपन्न हुई। मुख्य अतिथि अनिल ओझा ने इस अवसर पर पर्यावरण की रक्षा को प्रत्येक नागरिक का नैतिक, धार्मिक और सामाजिक कर्तव्य बताया, यह कहते हुए कि मानव जीवन की सुरक्षा पर्यावरण की सुरक्षा पर ही निर्भर करती है। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने “अब हमने यह ठाना है, पर्यावरण बचाना है”, “जल बचाओ, कल बचाओ” और “सांसें हो रही कम, वृक्षारोपण करें हम” जैसे नारों से लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम में संस्था के कार्यवाहक अध्यक्ष सुजीत क्लाडियस ने अधिक से अधिक वृक्षारोपण का आह्वान किया, जबकि कार्यक्रम प्रभारी प्रमोद राय ने पर्यावरण संरक्षण में साइकिल के उपयोग को महत्वपूर्ण बताया, क्योंकि यह ईंधन की खपत कम करता है और प्रदूषण घटाता है। प्रोफेसर डालचंद पटैल ने साइकिल चलाने से स्वास्थ्य, संपत्ति और पर्यावरण तीनों के संरक्षण की बात कही, वहीं प्रोफेसर एल.एन. दुबे ने भावी पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। रैली के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए, पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की शपथ दिलाई गई और उन्हें स्वल्पाहार भी कराया गया। इस कार्यक्रम में सुजीत क्लाडियस, रविशंकर अवस्थी, जफर खान, माता प्रसाद अहिरवार, मनोहर लाल दीक्षित, बी.डी. पाराशर, देवेंद्र नाथ तिवारी, प्रांजल बंबेले, योगिता लखेरा, गीतिका सोनी, नंदू साहू, राजू उपाध्याय, सुजीत मिश्रा, उमेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।
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    विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बीना में पर्यावरण संरक्षण और जन जागरूकता के लिए एक भव्य साइकिल रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में 8 वर्ष से लेकर 80 वर्ष तक के बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। वरिष्ठ समाजसेवी एवं सरपंच संघ के पूर्व अध्यक्ष अनिल ओझा ने गांधी चौक से हरी झंडी दिखाकर इस रैली को रवाना किया, साथ ही पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।

सामाजिक संस्था परमार्थ सेवा संगठन बीना और शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह एवं आजाद क्रांति युवा मंडल द्वारा आयोजित यह रैली गांधी चौक से शुरू होकर कॉलेज तिराहा, सर्वोदय चौराहा होते हुए अंबेडकर तिराहा पर संपन्न हुई। मुख्य अतिथि अनिल ओझा ने इस अवसर पर पर्यावरण की रक्षा को प्रत्येक नागरिक का नैतिक, धार्मिक और सामाजिक कर्तव्य बताया, यह कहते हुए कि मानव जीवन की सुरक्षा पर्यावरण की सुरक्षा पर ही निर्भर करती है। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने “अब हमने यह ठाना है, पर्यावरण बचाना है”, “जल बचाओ, कल बचाओ” और “सांसें हो रही कम, वृक्षारोपण करें हम” जैसे नारों से लोगों को जागरूक किया।

कार्यक्रम में संस्था के कार्यवाहक अध्यक्ष सुजीत क्लाडियस ने अधिक से अधिक वृक्षारोपण का आह्वान किया, जबकि कार्यक्रम प्रभारी प्रमोद राय ने पर्यावरण संरक्षण में साइकिल के उपयोग को महत्वपूर्ण बताया, क्योंकि यह ईंधन की खपत कम करता है और प्रदूषण घटाता है। प्रोफेसर डालचंद पटैल ने साइकिल चलाने से स्वास्थ्य, संपत्ति और पर्यावरण तीनों के संरक्षण की बात कही, वहीं प्रोफेसर एल.एन. दुबे ने भावी पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। रैली के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए, पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की शपथ दिलाई गई और उन्हें स्वल्पाहार भी कराया गया। इस कार्यक्रम में सुजीत क्लाडियस, रविशंकर अवस्थी, जफर खान, माता प्रसाद अहिरवार, मनोहर लाल दीक्षित, बी.डी. पाराशर, देवेंद्र नाथ तिवारी, प्रांजल बंबेले, योगिता लखेरा, गीतिका सोनी, नंदू साहू, राजू उपाध्याय, सुजीत मिश्रा, उमेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • सागर के स्थानीय गणेश घाट पर शनिवार को एक भव्य और आध्यात्मिक 'सामूहिक अग्निहोत्र' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अनूठे आयोजन का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण शुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा के संचार और आत्मिक-मानसिक शांति के लिए प्राचीन वैदिक परंपराओं को पुनर्जीवित करना था। सामूहिक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जब अग्निहोत्र में आहुतियां अर्पित की गईं, तो पूरा गणेश घाट क्षेत्र भक्तिमय और दिव्य ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया। कार्यक्रम में ललितपुर से विशेष रूप से पधारे मुख्य वक्ता श्री बृजेश गोस्वामी ने अग्निहोत्र के वैज्ञानिक महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि यह एक प्राचीन वैदिक यज्ञ प्रक्रिया है, जो सूर्योदय और सूर्यास्त के सटीक समय पर तांबे के पिरामिड आकार के पात्र में गाय के गोबर के कंडे, शुद्ध घी और साबुत चावल (अक्षत) की विशेष वैदिक मंत्रों के साथ आहुति देकर की जाती है। श्री गोस्वामी ने जोर दिया कि यह प्रक्रिया न केवल मानसिक तनाव को कम करती है, बल्कि प्राणवायु (ऑक्सीजन) को शुद्ध कर हानिकारक जीवाणुओं का नाश भी करती है। आयोजन की शुरुआत में उपस्थित नागरिकों को घरों में नियमित अग्निहोत्र करने के लिए प्रेरित किया गया, और आयोजकों द्वारा मिट्टी के विशेष पात्र तथा इसकी संपूर्ण विधि बताने वाली पुस्तकें निःशुल्क वितरित की गईं। इसके बाद श्री गोस्वामी के मार्गदर्शन में सामूहिक रूप से हवन प्रज्वलित किया गया, जहाँ सभी ने एक स्वर में मंत्रोच्चार करते हुए अग्नि में आहुतियां समर्पित कीं। कार्यक्रम के सफल समापन पर मुख्य आयोजक दीपक वाखले ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाने में सुनील देव जी, सुयश वाखले, दत्तू पंत गुर्जर, मिलिंद नायगांवकर, सौरभ वाखले, प्रदीप सूभेदार, गोविन्द आठले, वैभव मुले, संजय सेलट, अशोक हर्डिकर, प्रदीप वाखले सहित शहर के कई गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। सभी प्रबुद्ध जनों ने भविष्य में भी इस प्रकार के पर्यावरण अनुकूल और आध्यात्मिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का सामूहिक संकल्प लिया।
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    सागर के स्थानीय गणेश घाट पर शनिवार को एक भव्य और आध्यात्मिक 'सामूहिक अग्निहोत्र' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अनूठे आयोजन का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण शुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा के संचार और आत्मिक-मानसिक शांति के लिए प्राचीन वैदिक परंपराओं को पुनर्जीवित करना था। सामूहिक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जब अग्निहोत्र में आहुतियां अर्पित की गईं, तो पूरा गणेश घाट क्षेत्र भक्तिमय और दिव्य ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया।

कार्यक्रम में ललितपुर से विशेष रूप से पधारे मुख्य वक्ता श्री बृजेश गोस्वामी ने अग्निहोत्र के वैज्ञानिक महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि यह एक प्राचीन वैदिक यज्ञ प्रक्रिया है, जो सूर्योदय और सूर्यास्त के सटीक समय पर तांबे के पिरामिड आकार के पात्र में गाय के गोबर के कंडे, शुद्ध घी और साबुत चावल (अक्षत) की विशेष वैदिक मंत्रों के साथ आहुति देकर की जाती है। श्री गोस्वामी ने जोर दिया कि यह प्रक्रिया न केवल मानसिक तनाव को कम करती है, बल्कि प्राणवायु (ऑक्सीजन) को शुद्ध कर हानिकारक जीवाणुओं का नाश भी करती है।

आयोजन की शुरुआत में उपस्थित नागरिकों को घरों में नियमित अग्निहोत्र करने के लिए प्रेरित किया गया, और आयोजकों द्वारा मिट्टी के विशेष पात्र तथा इसकी संपूर्ण विधि बताने वाली पुस्तकें निःशुल्क वितरित की गईं। इसके बाद श्री गोस्वामी के मार्गदर्शन में सामूहिक रूप से हवन प्रज्वलित किया गया, जहाँ सभी ने एक स्वर में मंत्रोच्चार करते हुए अग्नि में आहुतियां समर्पित कीं। कार्यक्रम के सफल समापन पर मुख्य आयोजक दीपक वाखले ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाने में सुनील देव जी, सुयश वाखले, दत्तू पंत गुर्जर, मिलिंद नायगांवकर, सौरभ वाखले, प्रदीप सूभेदार, गोविन्द आठले, वैभव मुले, संजय सेलट, अशोक हर्डिकर, प्रदीप वाखले सहित शहर के कई गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। सभी प्रबुद्ध जनों ने भविष्य में भी इस प्रकार के पर्यावरण अनुकूल और आध्यात्मिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का सामूहिक संकल्प लिया।
    user_Sanjay Kumar Pandey
    Sanjay Kumar Pandey
    सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
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