गोड्डा से पीरपैंती नई ब्रॉडगेज रेलवे लाइन निर्माण परियोजना से प्रभावित रैयतों के लिए राहत भरी खबर है। जिला भू-अर्जन शाखा, गोड्डा की ओर से भूमि अधिग्रहण के तहत अधिसूचित आठ मौजों के रैयतों को मुआवजा राशि के भुगतान की प्रक्रिया काफी तेज कर दी गई है। इसके लिए 21 जुलाई 2026 को मेहरमा अंचल कार्यालय में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में प्रभावित रैयतों से क्षतिपूर्ति बंधपत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जा रहे हैं, ताकि मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। इस कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने विभिन्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति की है। प्रशासन ने परियोजना से प्रभावित सभी रैयतों से निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में उपस्थित होकर अपनी प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है। माना जा रहा है कि इस पहल से लंबे समय से मुआवजे का इंतजार कर रहे प्रभावित परिवारों को राहत मिलेगी और गोड्डा–पीरपैंती रेल परियोजना के निर्माण कार्य को भी गति मिलेगी।
गोड्डा से पीरपैंती नई ब्रॉडगेज रेलवे लाइन निर्माण परियोजना से प्रभावित रैयतों के लिए राहत भरी खबर है। जिला भू-अर्जन शाखा, गोड्डा की ओर से भूमि अधिग्रहण के तहत अधिसूचित आठ मौजों के रैयतों को मुआवजा राशि के भुगतान की प्रक्रिया काफी तेज कर दी गई है। इसके लिए 21 जुलाई 2026 को मेहरमा अंचल कार्यालय में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में प्रभावित रैयतों से क्षतिपूर्ति बंधपत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जा रहे हैं, ताकि मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। इस कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने विभिन्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति की है। प्रशासन ने परियोजना से प्रभावित सभी रैयतों से निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में उपस्थित होकर अपनी प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है। माना जा रहा है कि इस पहल से लंबे समय से मुआवजे का इंतजार कर रहे प्रभावित परिवारों को राहत मिलेगी और गोड्डा–पीरपैंती रेल परियोजना के निर्माण कार्य को भी गति मिलेगी।
- गोड्डा में अपनी खुशियों की तलाश में तीन मासूम बच्चों को बेसहारा छोड़ दिया गया है। इन मासूम बच्चों को इस हाल में बेसहारा छोड़े जाने के बाद यही सवाल उठ रहा है कि आखिर उनका क्या कसूर था।1
- बांका में एक हलवाई की दुकान पर दर्दनाक हादसा घटित हुआ है, जहाँ खौलते तेल की कढ़ाई में गिरने से 11 वर्षीय शुभम की मौत हो गई।1
- बिहार के बेलहर विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को लेकर जदयू विधायक मनोज यादव ने पटना में पीएचईडी मंत्री संजय सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने फूली डूमर पंचायत सहित बेलहर और चांदन प्रखंड के कई ग्रामीण इलाकों में गहराए पेयजल संकट से मंत्री को अवगत कराया और शीघ्र समाधान की मांग की। विधायक ने कहा कि गिरते भू-जल स्तर और गर्मी के कारण कई गांवों में लोगों को स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में नई योजनाओं की स्वीकृति देने और जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने का आग्रह किया। इसके साथ ही आगामी श्रावणी मेला को देखते हुए बाबा धाम जाने वाले लाखों कांवरिया श्रद्धालुओं के लिए पूरे कांवरिया मार्ग पर पर्याप्त और स्वच्छ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई। पीएचईडी मंत्री संजय सिंह ने विधायक की मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि बेलहर विधानसभा क्षेत्र की पेयजल समस्याओं के समाधान के लिए विभाग आवश्यक कार्रवाई करेगा और श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को पेयजल की किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।1
- Bihar Banka Bhagalpur Patna Bihar se Hungama chandiya Bhavan Gama1
- झारखंड के गोड्डा जिले में मेहरमा के पास जटामा और मोहानी के बीच तीन मासूम बच्चों को छोड़कर उनके परिजन फरार हो गए हैं। छोड़े गए बच्चों में एक बच्चा महज डेढ़ महीने का है, दूसरा करीब डेढ़ साल का है और तीसरा बच्चा ढाई से तीन साल की उम्र का है। तीनों बच्चों को इस तरह छोड़कर परिजनों के अचानक गायब होने का मामला सामने आया है।1
- IYC अध्यक्ष उदय भानु जी ने दिल्ली पुलिस से 3 तीखे सवाल पूछते हुए जवाब मांगा है। उन्होंने सवाल किया है कि पुलिस हिरासत में कुल कितने छात्र मौजूद हैं और घायल छात्रों की मेडिकल जानकारी कब तक जारी की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए 20 जुलाई की CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने को कहा है, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।1
- दिल्ली के बाद अब पटना की सड़कों पर भी अहंकारी सत्ता की तानाशाही का प्रदर्शन शुरू हो गया है। पेपर लीक के खिलाफ और नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जायज मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पटना के जेपी गोलंबर और गांधी मैदान में बर्बरता से लाठीचार्ज किया गया, वॉटर कैनन की बौछारें छोड़ी गईं और आंसू गैस के गोले दागे गए। अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे नौजवानों पर इस तरह पुलिसिया गुंडाराज का इस्तेमाल करना सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है। शिक्षा माफियाओं के सामने घुटने टेकने वाले बड़बोले सत्ताधीश अब पुलिस बल के दम पर युवाओं की आवाज को कुचलना चाहते हैं। सत्ता के नशे में चूर बीजेपी और एनडीए की सरकार को कान खोलकर सुन लेना चाहिए कि छात्रों के तीखे सवालों का जवाब उनकी लाठियां और पानी की बौछारें कभी नहीं बन सकतीं। इतिहास गवाह है कि युवाओं की जिस आवाज को लाठियों और दमन से दबाने की कोशिश की जा रही है, वही आक्रोश का सैलाब बहुत जल्द इस सत्ता के अहंकार और गुरूर को चकनाचूर कर देगा।1