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सिविल लाइन इलाके में सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जाने के कारण स्थानीय लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन गड्ढों में लगातार पानी जमा हो रहा है, जिसकी वजह से चारों ओर गंदगी फैल रही है और मक्खी-मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
Mahendra Prajapati
सिविल लाइन इलाके में सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जाने के कारण स्थानीय लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन गड्ढों में लगातार पानी जमा हो रहा है, जिसकी वजह से चारों ओर गंदगी फैल रही है और मक्खी-मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
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- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय के बजरिया स्थित मुख्य बाजार में अतिक्रमण के कारण हर दिन भारी यातायात जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क के बीच में ही दोपहिया और चौपहिया वाहन खड़े रहते हैं, जिसके चलते यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जिला प्रशासन इस मामले में कार्रवाई करे तो शहर को इस दैनिक यातायात जाम से मुक्ति मिल सकती है।1
- लाखेरी के इंदरगढ़ में कल एक युवक की 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। यह घटना उस समय हुई जब युवक होल्डिंग फ्लैक्स लगा रहा था। मृतक युवक की पहचान सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा थाना क्षेत्र के रामडी निवासी राजमल मीणा के रूप में हुई है। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है और शव लेने से भी मना कर दिया है। परिजन मुआवजे की मांग को लेकर अड़े हुए हैं, जिसके चलते इंदरगढ़ थाना परिसर में समझाइश का दौर चल रहा है। इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक नरेंद्र नागर सहित थानाधिकारी भी मौजूद हैं।2
- जयपुर के सांगानेर क्षेत्र से लापता हुई एक महिला का 18 दिन बाद भी पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई है। यह मामला सांगानेर पुलिस थाने से संबंधित है, जहां पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। एक बुजुर्ग महिला पिछले 18 दिनों से लगातार सांगानेर पुलिस थाने के चक्कर काट रही है, ताकि लापता महिला का पता लगाया जा सके। लेकिन, जब उनसे इस संबंध में पूछा गया, तो पुलिस का जवाब था, 'हमें सोने दो', और यह भी कहा गया कि जांच अधिकारी बदलवा लो, तभी काम होगा। पुलिस की इस असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। लोगों का कहना है कि जिन्हें हम रक्षक मानते हैं, उनके ऐसे जवाब हैं, जिसकी पुष्टि एक ऑडियो खबर में सुने जा सकने वाले ऑडियो से होती है।1
- राजस्थान के जयपुर में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ लालच ने सभी मानवीय संबंधों को पीछे छोड़ दिया। एक बेटी ने अपनी ही माँ की नौकरी और संपत्ति के लालच में उनकी सुपारी दे दी। इस घटना के पीछे का मकसद माँ की नौकरी हासिल करना बताया गया है, जिसने जयपुर में पारिवारिक रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया है।1
- राजस्थान के बारां जिले में उर्मिला जैन भाया के जन्मदिन के अवसर पर विशेष सेवा कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों के तहत फल वितरण और गौसेवा के कार्य संपन्न किए गए।1
- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय नगर परिषद में आयोजित शहरी सेवा शिविर स्थल पर बरसात का पानी भर गया है। पानी भर जाने के कारण अब इस कैंप का आयोजन कार्यालय के अंदर परिसर में किया जा रहा है।1
- दौसा पुलिस की 'कालिका पेट्रोलिंग यूनिट' ने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया है। शहर के नेहरू गार्डन से लेकर प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और बस स्टैंड तक, इस अभियान के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों और उपलब्ध सुरक्षा कवच के बारे में जागरूक किया गया, ताकि उन्हें यह महसूस कराया जा सके कि वे अकेली नहीं हैं। इस कार्यक्रम के तहत, पुलिस ने महिलाओं को सीधे सुरक्षा तंत्र से जोड़ने के लिए कई उपाय बताए। इसमें अपने फोन में 'राजकोप सिटिजन ऐप' डाउनलोड करने की सलाह दी गई, जो आपात स्थिति में सीधे पुलिस तक लोकेशन पहुंचा सकता है। विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों जैसे 112 (तत्काल पुलिस सहायता), 1090/1091 (महिला सुरक्षा) और 1098 (बच्चों के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन) का उपयोग करने पर जोर दिया गया। साइबर अपराधों से बचाव के लिए भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई, जिसमें किसी भी बैंक अधिकारी द्वारा ओटीपी न मांगने, अनजान लिंक पर क्लिक न करने, और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग कर निजी जानकारी साझा न करने की बात शामिल थी। छात्राओं को 'गुड टच-बैड टच' की पहचान, पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों और आत्मरक्षा के बुनियादी तरीके भी सिखाए गए, साथ ही यातायात नियमों का पालन कर खुद को और परिवार को सड़क हादसों से सुरक्षित रखने की सलाह भी दी गई। दौसा पुलिस का यह अभियान केवल सूचना देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य महिलाओं को सशक्त बनाना है। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि "जागरूक बनिए, सतर्क रहिए," क्योंकि समाज में सुरक्षा का वातावरण तभी बनेगा जब हर महिला अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होगी। इस पहल से महिलाओं के मन में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ेगा और वे इन सुरक्षा उपकरणों को अपनाने के लिए अधिक प्रेरित महसूस करेंगी, क्योंकि "आपकी सतर्कता ही आपकी पहली सुरक्षा है, यदि आप सुरक्षित हैं, तो पूरा समाज सुरक्षित है।"4
- सवाईमाधोपुर में रात के समय एक शादी में शामिल होने गए लोगों को बारिश के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि वहाँ छिपने के लिए कोई जगह उपलब्ध नहीं थी।2