इंसान को अपने जीवन मे कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे उपलब्धि प्राप्त हो,* *इंसान को अपने जीवन मे कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे उपलब्धि प्राप्त हो,* *सृष्टि एक प्रकृति का विधान है जब कि मनुष्य का विधान अहंकार है। प्रेम, क्षमा, करुणा और सेवा से जीती हुई लड़ाई जीवन की सबसे बड़ी जीत है,-आर्यिका सुरम्य मतीजी* *केकड़ी 26अगस्त (ब्यूरो )* *इंसानी जीवन को अपने जीवन में कुछ ऐसा अवश्य है जो केवल मात्र आनंद के लिए ही नहीं बल्कि जीवन में कुछ उपलब्धि अवश्य हो। मानव हर वस्तु की कामना तो कर लेता है लेकिन उसका आकलन नहीं करता है। *सृष्टि एक प्रकृति का विधान है जब कि मनुष्य का विधान अहंकार है। प्रेम, क्षमा, करुणा और सेवा से जीती हुई लड़ाई जीवन की सबसे बड़ी जीत है। दुनिया मात्र एक सपना है इसमें कोई भी अपना नहीं है लेकिन ठोकर खा खाकर ही समझ पाते हैं। जीवन में धर्म ही सच्चा साथी है। दूसरों को सुधारने की बजाय स्वयं को सुधारना होगा तभी जीवन में श्रेष्ठता आ सकती है।* *क्रोध से हमेशा बचना चाहिए क्योंकि क्रोध के आ जाने पर मानव अपनी सुध-बुध खो बैठता है जिससे अकरणीय कार्य कर लेता है फिर बाद में पछताता है।* *पुण्यशाली जीवन ही दीक्षा लेने के मन बड़ी मुश्किल बना पाता है। भक्ति करने से सुंदरता की प्राप्ति होती है। साधू संत समता के चलते हैं। गलती हो जाना कोई पाप नहीं है लेकिन की गई गलती को छुपा लेना महापाप है। संसार में रहकर भी मानव इसका सार समझ नहीं पा रहा है जबकि इसका वास्तविक सार तप, त्याग, संयम रूपी मार्ग पर अग्रसर होता है।*तपस्या करनेसे मन और भावों की विशुद्धि बनती है।* *आचार्य सुंदरसागर महाराज की सुशिष्या आर्यिका सुरम्यमति माताजी ने आयोजित धर्मसभा में अपने धर्मोपदेश में कहे।* *प्रातः जिनअभिषेक, शांतिधारा, जिनेन्द्र अर्चना सहित दैनिक धार्मिक क्रियाएं आर्यिका संघ के सानिध्य में सम्पन्न हुई। शांतिधारा करने का विमल कुमार चेतन कुमार बंसल बिसुंदनी वाले को मिला।* *मीडिया प्रभारी रमेश बंसल व पारस जैन ने बताया कि धर्मसभा में एवं पूजाचार्यों के अर्घ्य सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा समर्पित किये गये। आचार्य श्री के चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य कैलाशचंद राजेश अमित कुमार बघेरा एवं राजकुमार रोहितकुमार धुंधरी परिवार ने प्राप्त किया।* *मध्यान्ह में आर्यिका माताजी द्वारा "गोम्मटसार जीवकांड" ग्रंथ का स्वाध्याय एवं जिज्ञासा समाधान किया गया।* *समाज के दिलीप जैन ने बताया कि शाम को आरती, भक्ति* *संगीत, धर्म प्रश्नोत्तरी सहित 21 दिवसीय भक्तामर आराधना एवं दीप अर्चना* *पुण्यार्जक पारसनाथ ग्रुप (शुभ कामना परिवार) एवं स्वाध्याय ग्रुप परिवार ने किया।* *धर्मसभा का संचालन कनक दीदी एवं पंडित निकेत जी जैन द्वारा किया गया।*
इंसान को अपने जीवन मे कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे उपलब्धि प्राप्त हो,* *इंसान को अपने जीवन मे कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे उपलब्धि प्राप्त हो,* *सृष्टि एक प्रकृति का विधान है जब कि मनुष्य का विधान अहंकार है। प्रेम, क्षमा, करुणा और सेवा से जीती हुई लड़ाई जीवन की सबसे बड़ी जीत है,-आर्यिका सुरम्य मतीजी* *केकड़ी 26अगस्त (ब्यूरो )* *इंसानी जीवन को अपने जीवन में कुछ ऐसा अवश्य है जो केवल मात्र आनंद के लिए ही नहीं बल्कि जीवन में कुछ उपलब्धि अवश्य हो। मानव हर वस्तु की कामना तो कर लेता है लेकिन उसका आकलन नहीं करता है। *सृष्टि एक प्रकृति का विधान है जब कि मनुष्य
का विधान अहंकार है। प्रेम, क्षमा, करुणा और सेवा से जीती हुई लड़ाई जीवन की सबसे बड़ी जीत है। दुनिया मात्र एक सपना है इसमें कोई भी अपना नहीं है लेकिन ठोकर खा खाकर ही समझ पाते हैं। जीवन में धर्म ही सच्चा साथी है। दूसरों को सुधारने की बजाय स्वयं को सुधारना होगा तभी जीवन में श्रेष्ठता आ सकती है।* *क्रोध से हमेशा बचना चाहिए क्योंकि क्रोध के आ जाने पर मानव अपनी सुध-बुध खो बैठता है जिससे अकरणीय कार्य कर लेता है फिर बाद में पछताता है।* *पुण्यशाली जीवन ही दीक्षा लेने के मन बड़ी मुश्किल बना पाता है। भक्ति करने से सुंदरता की प्राप्ति
होती है। साधू संत समता के चलते हैं। गलती हो जाना कोई पाप नहीं है लेकिन की गई गलती को छुपा लेना महापाप है। संसार में रहकर भी मानव इसका सार समझ नहीं पा रहा है जबकि इसका वास्तविक सार तप, त्याग, संयम रूपी मार्ग पर अग्रसर होता है।*तपस्या करनेसे मन और भावों की विशुद्धि बनती है।* *आचार्य सुंदरसागर महाराज की सुशिष्या आर्यिका सुरम्यमति माताजी ने आयोजित धर्मसभा में अपने धर्मोपदेश में कहे।* *प्रातः जिनअभिषेक, शांतिधारा, जिनेन्द्र अर्चना सहित दैनिक धार्मिक क्रियाएं आर्यिका संघ के सानिध्य में सम्पन्न हुई। शांतिधारा करने का विमल कुमार चेतन कुमार बंसल बिसुंदनी वाले को मिला।* *मीडिया प्रभारी रमेश बंसल व पारस जैन ने
बताया कि धर्मसभा में एवं पूजाचार्यों के अर्घ्य सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा समर्पित किये गये। आचार्य श्री के चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य कैलाशचंद राजेश अमित कुमार बघेरा एवं राजकुमार रोहितकुमार धुंधरी परिवार ने प्राप्त किया।* *मध्यान्ह में आर्यिका माताजी द्वारा "गोम्मटसार जीवकांड" ग्रंथ का स्वाध्याय एवं जिज्ञासा समाधान किया गया।* *समाज के दिलीप जैन ने बताया कि शाम को आरती, भक्ति* *संगीत, धर्म प्रश्नोत्तरी सहित 21 दिवसीय भक्तामर आराधना एवं दीप अर्चना* *पुण्यार्जक पारसनाथ ग्रुप (शुभ कामना परिवार) एवं स्वाध्याय ग्रुप परिवार ने किया।* *धर्मसभा का संचालन कनक दीदी एवं पंडित निकेत जी जैन द्वारा किया गया।*
- नासिरदा में जश्ने ईद मिलादुन्नबी की धूम: गूंजे नारे-ए-रसालत, अकीदत के साथ निकला भव्य जलसा* *मदरसे के बच्चों, युवाओं, महिलाओं व बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर लिया भाग, जामा मस्जिद में कुरानखानी व तब्बरुख का आयोजन, शाम को महफिल-ए-मिलाद का होगा आयोजन* नासिरदा(के एम कुरेशी)जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर नासिरदा कस्बे में हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शान में भव्य एवं श्रद्धापूर्ण जलसे का आयोजन किया गया। पूरे कस्बे में धार्मिक उत्साह और अकीदत का माहौल देखने को मिला। जलसा बावड़ी वाले बाबा स्थान से रवाना होकर कुरैशी मोहल्ला, बस स्टैंड, सदर बाजार, पानी की टंकी, कचहरी चौक सहित विभिन्न मार्गों से होता हुआ जामा मस्जिद पहुंचा। जलसे में मदरसे के बच्चे-बच्चियां, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रतिभागियों के हाथों में इस्लामी झंडे, तख्तियां और बैनर थे तथा वे बुलंद आवाज में हज़रत पैगम्बर मोहम्मद साहब की शान में नारे लगाते हुए चल रहे थे। पूरे मार्ग में लोगों ने जलसे का स्वागत किया तथा आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया। जामा मस्जिद पहुंचने पर कुरानखानी का आयोजन किया गया, जिसमें देश-दुनिया में अमन, शांति और खुशहाली की दुआएं मांगी गईं। इसके बाद उपस्थित लोगों में तब्बरुख वितरित किया गया। आयोजकों ने बताया कि जश्ने ईद मिलादुन्नबी के उपलक्ष्य में रात्रि 8 बजे महफिल-ए-मिलाद शरीफ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें नातख्वां और उलेमा हज़रत मोहम्मद साहब की सीरत और शिक्षाओं पर प्रकाश डालेंगे। कार्यक्रम को लेकर मुस्लिम समाज में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। जश्ने ईद मिलादुन्नबी के इस आयोजन ने नासिरदा में धार्मिक एकता, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश दिया।1
- नसीराबाद में गूंजे झूलेलाल के जयकारे, 40वें चालीसा महोत्सव का भव्य समापन नसीराबाद में गूंजे झूलेलाल के जयकारे, 40वें चालीसा महोत्सव का भव्य समापन1
- यूजीसी रोलबैक मामले में राष्ट्रीय करणी सेवा ने हरियाणा में दिया गया शांतिपूवरक्र प्रदर्शन UGC roadway ke mamle mein sawalon ka Badi sankhya mein Haryana mein gyapan1
- मां जोगणियां भाग -२३&२४.......A novel of Arawali ki lokdevi MAA JOGANIA.1
- अजमेर में Fake iPhone का सबसे बड़ा खेल? आधी रात तक छापा, 27+18 डुप्लीकेट iPhone बॉक्स बरामद अजमेर के पड़ाव प्लाजा मोबाइल मार्केट में कॉपीराइट उल्लंघन के मामले में पुलिस और कंपनी अधिकारियों ने करीब 10 घंटे तक कार्रवाई की। क्लॉक टावर और कोतवाली थाना क्षेत्र की दो दुकानों पर डुप्लीकेट iPhone बॉक्स और एसेसरीज जब्त की गईं। पुलिस ने दोनों मामलों में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- व्हाट्सएप स्टेटस लगाए पैसे कमाने का मौका पाए लाइक करें सब्सक्राइब करें सादर प्रकाशन हेतु प्रेस विज्ञप्ति 26अगस्त 2026 गांव हटूंडी में भी निकला ईद मिलादुन्नबी का जुलूस हर साल की तरह इस साल भी गांव हटूंडी में जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जुलूस निकाला गया मस्जिद हुसैनी रज़ा कमेटी के सचिव इब्राहिम खान के अनुसार दिन में ढ़ाई बजे मस्जिद हुसैनी रज़ा शाह चौक से जुलूस की शुरुआत हुई जिसमें मिलाद पार्टी और मदरसे के बच्चों के द्वारा नबी की शान में नातिया कलाम पड़ते हुए इमामबाड़ा और रेलवे फाटक होते हुए हज़रत गफूर अलीशाह दरगाह पर सलातो सलाम के साथ समापन हुआ, इस दौरान पुलिस प्रशासन का भरपूर योगदान रहा, इस मौके पर ग्रामवासियों द्वारा लंगर का ऐहतमाम किया गया, इस दौरान कालू शाह जी सिकंदर अली फ़िरोज़ हुसैन शाह गुड्डू मियां मोहम्मद रियाज़ माहिर अली शराफ़त अली सहित तमाम ग्राम वासियों का सहयोग रहा मस्जिद हुसैनी रज़ा कमेटी सचिव इब्राहिम खान 91663340591
- नैनवां रोड संजय कॉलोनी आखरी आमरास्ता बूंन्दी में की बहुत-बहुत कीचड़ व पानी भरा हुआ रहता है और आवागमन रुक जाता है नगर परिषद सभापति महोदय से निवेदन है कि कृपया यह कार्य पूर्ण हो1
- अजमेर शरीफ में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का ऐतिहासिक जुलूस | दरगाह से आनासागर तक उमड़ा अकीदत का समंदर अजमेर। जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर अजमेर शरीफ में मुस्लिम समुदाय ने पूरे जोश-ओ-खरोश और अकीदत के साथ त्योहार मनाया। शहर की सड़कों पर हजारों अकीदतमंदों का जनसैलाब देखने को मिला, जिसमें मर्द, औरतें और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। लौंगिया मोहल्ला स्थित मदीना मस्जिद, अंदरकोट, खादिम मोहल्ला समेत विभिन्न इलाकों से भव्य जुलूस निकाले गए। सभी जुलूस दरगाह बाजार और दिल्ली गेट से होते हुए बारादरी, आनासागर पहुंचे, जहां उनका समापन हुआ।1