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यूरोप का सबसे सुंदर शहर और फ्रांस की राजधानी पेरिस इस वक्त दंगों की भीषण आग में झुलस रहा है। जानकारी के अनुसार, पूरा शहर कट्टरपंथियों की चपेट में आ चुका है और वहां का सिस्टम पूरी तरह से कॉलेप्स कर गया है। पोस्ट में जोर देकर कहा गया है कि डेमोग्राफी में बदलाव का क्या असर होता है, यह आज साफ तौर पर पेरिस में देखा जा सकता है।
Kishan Lal jangid
यूरोप का सबसे सुंदर शहर और फ्रांस की राजधानी पेरिस इस वक्त दंगों की भीषण आग में झुलस रहा है। जानकारी के अनुसार, पूरा शहर कट्टरपंथियों की चपेट में आ चुका है और वहां का सिस्टम पूरी तरह से कॉलेप्स कर गया है। पोस्ट में जोर देकर कहा गया है कि डेमोग्राफी में बदलाव का क्या असर होता है, यह आज साफ तौर पर पेरिस में देखा जा सकता है।
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- चम्बल ढीपरी में प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ विकास के नाम पर खोदा गया एक नाला अब ग्रामीणों के लिए आफत बन गया है। नालियां अवरुद्ध होने के कारण अब घरों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं, प्रशासन की इस बेपरवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- रावतभाटा नगर पालिका ने अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक प्रभावी कार्रवाई करते हुए 132 जीएसएस के पास बाड़ोलिया क्षेत्र में सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाया। इस अभियान में जेसीबी मशीन और दो ट्रैक्टरों की सहायता से लगभग 20 ट्रॉली पत्थरों को हटाया गया, जिससे सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त हो गई। यह कार्रवाई तब की गई जब पालिका को सूचना मिली थी कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा रातों-रात पत्थर डालकर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। सूचना मिलते ही अतिक्रमण प्रभारी नरपत सिंह के निर्देश पर पालिका का अतिक्रमण दल तुरंत मौके पर पहुंचा। इस कार्रवाई के दौरान जगदीश चंद्र सफेला, प्रकाश सारवान, नरेंद्र कुमार, होमगार्ड जवान और नगर पालिका के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। अतिक्रमण हटाने की इस पूरी प्रक्रिया के दौरान क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखी गई, और अवैध कब्जे के प्रयास को सफल नहीं होने दिया गया। नगर पालिका प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सार्वजनिक एवं सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- राजस्थान के बारां जिले में रेत माफियाओं के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के तहत करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त की गई है, जो रेत माफियाओं पर हुए इस बड़े एक्शन का परिणाम है।1
- राजस्थान के शाहाबाद उपखण्ड क्षेत्र में रविवार सुबह आसमान में सूर्य के चारों ओर एक चमकीला गोलाकार घेरा दिखाई दिया, जो लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन गया। जैसे ही लोगों की नज़र इस अद्भुत प्रभामंडल घेरे पर पड़ी, वे इसे देखने के लिए अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा किया। सूर्य के चारों ओर दिखने वाला यह अद्भुत वलय एक वायुमंडलीय प्रकाशीय घटना है जिसे सूर्य प्रभामंडल (सन हेलो) या तकनीकी रूप से, 22-डिग्री प्रभामंडल के नाम से जाना जाता है। इसके बनने का मुख्य कारण बर्फ के क्रिस्टल होते हैं। यह तब होता है जब सूर्य का प्रकाश उच्च ऊंचाई वाले सिरस या सिरोस्ट्रैटस बादलों में निलंबित लाखों छोटे, षट्कोणीय बर्फ के क्रिस्टलों से अपवर्तित (मुड़ता) है। अपनी विशिष्ट आकृति के कारण, ये क्रिस्टल प्रकाश को एक सटीक कोण पर मोड़ते हैं, जिससे सूर्य से लगभग 22 डिग्री की त्रिज्या वाला एक वृत्ताकार वलय बनता है। यह अक्सर सफेद दिखाई देता है, लेकिन इसमें हल्के इंद्रधनुषी रंग भी दिख सकते हैं, जिसमें भीतरी किनारे पर लाल और बाहरी किनारे पर नीला रंग होता है। ऐतिहासिक रूप से, सूर्य के चारों ओर बनने वाले प्रभामंडल को अक्सर बारिश या तूफान के आने का संकेत माना जाता रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रभामंडल बनाने वाले ऊंचे सिरस बादल अक्सर गर्म हवा के झोंके से पहले आते हैं। एक पुरानी कहावत, "सूरज/चांद के गिर्द घेरा, जल्द आए मेह बरसेरा" भी इसी धारणा पर आधारित है। इसके पीछे तर्क यह है कि हेलो बनाने वाले सिरस बादल अक्सर किसी तूफानी सिस्टम के आगे-आगे चलते हैं, जिससे हेलो दिखने के 24-48 घंटे में बारिश की संभावना बढ़ जाती है, हालांकि यह 100% गारंटी नहीं है।4
- सांसद चंद्रप्रकाश जोशी और विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने हाल ही में 'श्री आर्य गुरुकुल' में आयोजित प्रांतीय आर्य वीर संस्कार शिविर का अवलोकन किया। यह शिविर विशेष रूप से 'सिंगल-यूज़ प्लास्टिक और डिस्पोजल मुक्त' था, जिसने दोनों जनप्रतिनिधियों को खासा प्रभावित किया। अवलोकन के दौरान, सांसद जोशी और विधायक आक्या ने बच्चों की आदर्श दिनचर्या देखी। वे इस बात से अत्यंत प्रभावित और आश्चर्यचकित हुए कि शिविर में प्रत्येक बालक द्वारा स्टील के बर्तनों का उपयोग किया जा रहा था और वे अपने बर्तन स्वयं ही धो रहे थे। पूरे शिविर में डिस्पोजल और प्लास्टिक का बिल्कुल भी प्रयोग नहीं किया गया था। इस पहल की सराहना करते हुए, दोनों जनप्रतिनिधियों ने समाज के अन्य लोगों से भी पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। अपने संबोधन में, सांसद जोशी ने कहा कि आर्य वीर दल सदैव ही देश और समाज के उत्थान के लिए कार्य करता है। उन्होंने युवाओं के चरित्र निर्माण हेतु नियमित रूप से इस प्रकार के शिविरों के आयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया और प्रत्येक माता-पिता से अपनी संतानों को ऐसे संस्कार शिविरों में भेजने का आग्रह किया। विधायक आक्या ने भी आर्य समाज द्वारा गुरुकुल शिक्षा के माध्यम से समाज को नई दिशा प्रदान करने की बात कही और भविष्य में इस प्रकार के आयोजनों के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। यह जानकारी शिविर संयोजक विशाल माहेश्वरी, जो आर्य वीर दल उदयपुर संभाग संचालक भी हैं, द्वारा दी गई।1
- राजस्थान के बारां जिले की किशनगंज तहसील के रानीबडौद गांव में जलदाय विभाग की घोर अनदेखी और लापरवाही के कारण पेयजल सप्लाई के मुख्य होद (टैंक) में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस जगह से नलों को चालू किया जाता है, वहां जमीन के भीतर एक होद बना है जो हमेशा कूड़ा-कचरा और गंदे पानी से भरा रहता है। नल चालू करते या बंद करते समय पानी इसी होद से होकर बहता है, और जब पानी बंद किया जाता है, तब इस दूषित होद का गंदा पानी सीधे घरों के नलों में पहुँच जाता है। विभाग द्वारा इस महत्वपूर्ण होद की साफ-सफाई कभी नहीं कराए जाने के कारण, क्षेत्र के निवासियों को लगातार दूषित और अस्वच्छ पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है।1
- दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में 300 पक्के मकानों पर दिल्ली सरकार ने बुलडोजर कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत, उन परिवारों को उनके घरों से बेदखल कर दिया गया जो पीढ़ियों से यहां रह रहे थे। बुलडोजर एक्शन में इन 300 घरों को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया है।1