गह्मा पूर्णिमा पर ब्रह्मपुरा श्री बलदेवजीउ को पाट्ट राखी एवं पाट्ट वस्त्र अर्पण गह्मा पूर्णिमा पर ब्रह्मपुरा श्री बलदेवजीउ को पाट्ट राखी एवं पाट्ट वस्त्र अर्पण श्री बलदेवजीउ के जन्मोत्सव पर विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम; बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए सहभागी पाटनागढ़, 27. 08 पवित्र गह्मा पूर्णिमा एवं रक्षाबंधन के पावन अवसर पर श्री जगन्नाथ मंदिर, KIIT, भुवनेश्वर की ओर से पाटनागढ़ स्थित पवित्र ब्रह्मक्षेत्र ब्रह्मपुरा श्री बलदेवजीउ मंदिर में भगवान श्री बलदेवजीउ को पारंपरिक पाट्ट राखी, पाट्ट वस्त्र एवं विभिन्न पूजा सामग्री अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक भाव के साथ अर्पित की गई। KIIT एवं KISS के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत की प्रेरणा एवं संरक्षण में प्रत्येक वर्ष पवित्र रक्षाबंधन के अवसर पर श्री जगन्नाथ संस्कृति की गौरवशाली परंपरा के सम्मान एवं संरक्षण हेतु पाट्ट राखी सेवा का आयोजन किया जाता रहा है। इस वर्ष इस पवित्र सेवा को पाटनागढ़ के ब्रह्मपुरा स्थित श्री बलदेवजीउ मंदिर से जोड़े जाने से स्थानीय भक्तों एवं श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह, प्रसन्नता और धार्मिक उल्लास का वातावरण देखने को मिला। गह्मा पूर्णिमा को भगवान श्री बलभद्र का पवित्र जन्मोत्सव माना जाता है। इस अवसर पर श्री बलदेवजीउ मंदिर में विशेष पूजा-विधि, पारंपरिक नीति-कांति एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। घंटा-घड़ियाल, शंखध्वनि, हुलहुली, हरिबोल तथा भजन-कीर्तन की भक्तिमय ध्वनि से संपूर्ण मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा और दिव्य वातावरण से गुंजायमान हो उठा। इस पावन अवसर पर ब्रह्मपुरा आदिवासी भवन से श्री बलदेवजीउ मंदिर तक एक भव्य सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक शोभायात्रा निकाली गई। इसमें KIIT-KISS के शुभचिंतकों, डॉ. अच्युत सामंत के समर्थकों, KISS परिवार के सदस्यों तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिला कीर्तन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत भक्तिपूर्ण भजन, कीर्तन, गीत एवं नृत्य ने शोभायात्रा को और अधिक आकर्षक एवं भक्तिमय बना दिया तथा पूरे क्षेत्र में एक अनुपम आध्यात्मिक वातावरण का सृजन किया। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में पूर्व राज्यसभा सांसद निरंजन बिशी, अधिवक्ता प्रियरंजन बहिदार, शिक्षाविद् प्रमोद कुमार साहू, KISS के प्रधान शिक्षक आकाश कुमार मिश्र, राजकुमार आचार्य, पश्चिम ओडिशा कलिंग टीवी ब्यूरो प्रमुख चित्तरंजन मिश्र, KISS अभिभावक संघ के घन भोई, गिरिधारी भोई, रसिक धरुआ, अच्युत धरुआ, दिगाम्बर धरुआ, धनिराम भोई, परीक्षित माझी, चन्द्रमणि धरुआ, मदन माझी, धनिराम मिर्धा, गजपति बिशी, सुनील चोपदार एवं राधेश्याम मिश्र सहित बड़ी संख्या में भक्तों, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की। श्री जगन्नाथ संस्कृति केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि ओड़िया समाज की आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता, सार्वभौमिक भाईचारे और सांस्कृतिक अस्मिता की अमूल्य धरोहर है। इस महान विरासत से जुड़ी पारंपरिक रीति-नीति, सेवा, धार्मिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण, संवर्धन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए डॉ. अच्युत सामंत द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों की पाटनागढ़ क्षेत्र के लोगों ने मुक्तकंठ से सराहना की। पवित्र गह्मा पूर्णिमा पर भगवान श्री बलदेवजीउ के जन्मोत्सव और पारंपरिक पाट्ट राखी सेवा का यह अद्भुत समन्वय श्री जगन्नाथ संस्कृति की गौरवशाली परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना। इस आयोजन ने समाज में भक्ति, प्रेम, एकता, भाईचारे, सामाजिक समरसता एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रेरणादायी संदेश प्रसारित किया। श्री जगन्नाथ संस्कृति की इस महान आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में डॉ. अच्युत सामंत के सतत प्रयासों के लिए स्थानीय बुद्धिजीवियों, भक्तों, श्रद्धालुओं एवं पाटनागढ़वासियों ने उन्हें हार्दिक साधुवाद एवं अभिनंदन ज्ञापित किया।
गह्मा पूर्णिमा पर ब्रह्मपुरा श्री बलदेवजीउ को पाट्ट राखी एवं पाट्ट वस्त्र अर्पण गह्मा पूर्णिमा पर ब्रह्मपुरा श्री बलदेवजीउ को पाट्ट राखी एवं पाट्ट वस्त्र अर्पण श्री बलदेवजीउ के जन्मोत्सव पर विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम; बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए सहभागी पाटनागढ़, 27. 08 पवित्र गह्मा पूर्णिमा एवं रक्षाबंधन के पावन अवसर पर श्री जगन्नाथ मंदिर, KIIT, भुवनेश्वर की ओर से पाटनागढ़ स्थित पवित्र ब्रह्मक्षेत्र ब्रह्मपुरा श्री बलदेवजीउ मंदिर में भगवान श्री बलदेवजीउ को पारंपरिक पाट्ट राखी, पाट्ट वस्त्र एवं विभिन्न पूजा सामग्री अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक भाव के साथ अर्पित की गई। KIIT एवं KISS के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत की प्रेरणा एवं संरक्षण में प्रत्येक वर्ष पवित्र रक्षाबंधन के अवसर पर श्री जगन्नाथ संस्कृति की गौरवशाली परंपरा के सम्मान एवं संरक्षण हेतु पाट्ट राखी सेवा का आयोजन किया जाता रहा है। इस वर्ष इस पवित्र सेवा को पाटनागढ़ के ब्रह्मपुरा स्थित श्री बलदेवजीउ मंदिर से जोड़े जाने से स्थानीय भक्तों एवं श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह, प्रसन्नता और धार्मिक उल्लास का वातावरण देखने को मिला। गह्मा पूर्णिमा को भगवान श्री बलभद्र का पवित्र जन्मोत्सव माना जाता है। इस अवसर पर श्री बलदेवजीउ मंदिर में विशेष पूजा-विधि, पारंपरिक नीति-कांति एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। घंटा-घड़ियाल, शंखध्वनि, हुलहुली, हरिबोल तथा भजन-कीर्तन की भक्तिमय ध्वनि से संपूर्ण मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा और दिव्य वातावरण से गुंजायमान हो उठा। इस पावन अवसर पर ब्रह्मपुरा आदिवासी भवन से श्री बलदेवजीउ मंदिर तक एक भव्य सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक शोभायात्रा निकाली गई। इसमें KIIT-KISS के शुभचिंतकों, डॉ. अच्युत सामंत के समर्थकों, KISS परिवार के सदस्यों तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिला कीर्तन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत भक्तिपूर्ण भजन, कीर्तन, गीत एवं नृत्य ने शोभायात्रा को और अधिक आकर्षक एवं भक्तिमय बना दिया तथा पूरे क्षेत्र में एक अनुपम आध्यात्मिक वातावरण का सृजन किया। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में पूर्व राज्यसभा सांसद निरंजन बिशी, अधिवक्ता प्रियरंजन बहिदार, शिक्षाविद् प्रमोद कुमार साहू, KISS के प्रधान शिक्षक आकाश कुमार मिश्र, राजकुमार आचार्य, पश्चिम ओडिशा कलिंग टीवी ब्यूरो प्रमुख चित्तरंजन मिश्र, KISS अभिभावक संघ के घन भोई, गिरिधारी भोई, रसिक धरुआ, अच्युत धरुआ, दिगाम्बर धरुआ, धनिराम भोई, परीक्षित माझी, चन्द्रमणि धरुआ, मदन माझी, धनिराम मिर्धा, गजपति बिशी, सुनील चोपदार एवं राधेश्याम मिश्र सहित बड़ी संख्या में भक्तों, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की। श्री जगन्नाथ संस्कृति केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि ओड़िया समाज की आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता, सार्वभौमिक भाईचारे और सांस्कृतिक अस्मिता की अमूल्य धरोहर है। इस महान विरासत से जुड़ी पारंपरिक रीति-नीति, सेवा, धार्मिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण, संवर्धन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए डॉ. अच्युत सामंत द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों की पाटनागढ़ क्षेत्र के लोगों ने मुक्तकंठ से सराहना की। पवित्र गह्मा पूर्णिमा पर भगवान श्री बलदेवजीउ के जन्मोत्सव और पारंपरिक पाट्ट राखी सेवा का यह अद्भुत समन्वय श्री जगन्नाथ संस्कृति की गौरवशाली परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना। इस आयोजन ने समाज में भक्ति, प्रेम, एकता, भाईचारे, सामाजिक समरसता एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रेरणादायी संदेश प्रसारित किया। श्री जगन्नाथ संस्कृति की इस महान आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में डॉ. अच्युत सामंत के सतत प्रयासों के लिए स्थानीय बुद्धिजीवियों, भक्तों, श्रद्धालुओं एवं पाटनागढ़वासियों ने उन्हें हार्दिक साधुवाद एवं अभिनंदन ज्ञापित किया।
- ହିନ୍ଦୋଳ ବନ ବିଭାଗର ମନମୁଖୀ ଶାସନ।ତଳ ତଳିଆ କର୍ମଚାରୀଙ୍କ ଉପରେ କାର୍ଯ୍ୟାନୁଷ୍ଠାନ ବିନା ମାଷ୍ଟର ପ୍ଲାନ୍ ରେ ଚାଲିଛି ହିନ୍ଦୋଳ ବନ ବିଭାଗ। ହିନ୍ଦୋଳ ବନ ବିଭାଗର ମନମୁଖୀ ଶାସନ।ତଳ ତଳିଆ କର୍ମଚାରୀଙ୍କ ଉପରେ କାର୍ଯ୍ୟାନୁଷ୍ଠାନ ବିନା ମାଷ୍ଟର ପ୍ଲାନ୍ ରେ ଚାଲିଛି ହିନ୍ଦୋଳ ବନ ବିଭାଗ। ବିଦ୍ୟୁତ୍ ପ୍ରହରୀଙ୍କୁ ନିଲମ୍ବିତ କରି ଚର୍ଚ୍ଚାରେ ହିନ୍ଦୋଳ ବନବିଭାଗ। ତା୨୭-୦୮:ହିନ୍ଦୋଳ, ଢେଙ୍କାନାଳ ରିପୋର୍ଟ ବିଭୁ ପ୍ରସାଦ ଶତପଥୀ ଢ଼େଙ୍କାନାଳ ଜିଲ୍ଲା ହିନ୍ଦୋଳ ବନାଞ୍ଚଳ ଅଧୀନରେ ପ୍ରାୟ ୨୮୦ରୁ ଉର୍ଦ୍ଧ୍ବ ଜଙ୍ଗଲୀ ହାତୀମାନେ ବିଚରଣ କରୁଥିବାବେଳେ ଅନେକ ସମୟରେ ବ୍ୟାପକ ଧନଜୀବନ ହାନୀ ଘଟୁଛି।ମାତ୍ର ବନବିଭାଗ ପକ୍ଷରୁ କୌଣସି ହେଲେ ମାଷ୍ଟର ପ୍ଲାନ୍ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରାନଯାଇ ଫୋଲାଫାଙ୍କିଆ ନୀତି ଅବଲମ୍ବନ କରୁଥିବା ଦେଖା ଦେଇଛି। ଅନେକ ସମୟରେ ଦେଖାଯାଉଛି ମୃତକ ବ୍ୟକ୍ତିଙ୍କ ପରିବାରକୁ ସରକାରଙ୍କ ଆର୍ଥିକ ଅନୁକମ୍ପା ରାଶି ଏବଂ ତଳିଆ କର୍ମଚାରୀମାନଙ୍କୁ ନିଲମ୍ବିତ କରିଦେଇ ବନବିଭାଗ ନିଜ ଦୋଷକୁ ଘୋଡ଼ାଇ ଦେଉଛି। ହିନ୍ଦୋଳ ବନାଞ୍ଚଳ ରେ ଥିବା ଅଧିକାଂଶ ଗ୍ରାମବାସୀ ପ୍ରତୈକ ଦିନ ହାତୀ ଆକ୍ରମଣ ଫଳରେ ଧନଜୀବନ ହାନୀ ବ୍ୟାପକ ଫସଲ ହାନୀ,ଘର ଦ୍ବାର ନଷ୍ଟ ହେବା ସହିତ ଅନେକ କ୍ଷତି ସହୁଛନ୍ତି। ସଞ୍ଜନଇଁଲେ ଲୋକମାନେ ଅତି ଜରୁରୀ କାମରେ ମଧ୍ୟ ଘରୁ ପଦାକୁ ବାହାରିବା ଏକରକମ ମୁସ୍କିଲ୍ ହୋଇପଡୁଛି। ଯଦ୍ୱାରା ଅନେକ ସମୟରେ ସାପ କାମୁଡା, ଗର୍ଭବତୀ ଅବା ରୋଗୀ ମାନଙ୍କୁ ମେଡିକାଲ୍ ନେବା ମଧ୍ୟ ଅସମ୍ଭବ ହୋଇପଡୁଛି। ଫଳରେ ହାତୀମାନଙ୍କ ଦାଉରୁ କେବଳ ଧନଜୀବନ ହାନୀ ନୁହେଁ ଅନେକ କାର୍ଯ୍ୟରେ ମଧ୍ୟ ଯାତାୟାତ କରିବାରେ ବାଧା ସୃଷ୍ଟି ହେଉଛି। ଅନେକ ଜଙ୍ଗଲ ତଳି ଅଞ୍ଚଳରେ ରହିଥିବା ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀମାନେ ବିଦ୍ୟାଳୟକୁ ପାଠପଢ଼ି ଯିବା ଏବଂ ଫେରିବା ଏକରକମ ଦୁର୍ବିସହ ହୋଇପଡୁଛି। ପ୍ରକାଶ ଥାଉକି ଗତ ୫ବର୍ଷ ମଧ୍ୟରେ ହିନ୍ଦୋଳ ଫରେଷ୍ଟ୍ ରେଞ୍ଜରେ ପ୍ରାୟ୧୩୦ ଜଣଙ୍କର ମୃତ୍ୟୁ ଘଟିଥିବାବେଳେ ପାଖାପାଖି ୮୦ରୁ ଉର୍ଦ୍ଧ୍ବ ହାତୀ ମାନଙ୍କର ମୃତ୍ୟୁ ମଧ୍ୟ ଘଟିଛି। ହିନ୍ଦୋଳ ବନାଞ୍ଚଳ ଅଧିକାରୀ ଅଥବା ଜିଲ୍ଲା ବନଖଣ୍ଡ ଅଧିକାରୀ କେବଳ ନିଜର ଦୋଷ ଘୋଡାଇବାକୁ ଅନୁକମ୍ପା ରାଶି ପ୍ରଦାନ ଏବଂ ନିରୀହ ତଳିଆ କର୍ମଚାରୀମାନଙ୍କୁ ନିଲମ୍ବିତ କରିଦେଇ ଚୁପ୍ ବସି ଯାଉଛନ୍ତି।ଫଳରେ ସମାନ ଘଟଣା କ୍ରମାଗତ ଭାବେ ସାମ୍ନାକୁ ଆସୁଛି। ଅନେକ ଧନଜୀବନ ପରିବାର ବିପନ୍ନ ହେବା ସହିତ ନିରୀହ କର୍ମଚାରୀମାନେ ବଳି ପଡ଼ୁଛନ୍ତି। ଗତ ୬ମାସ ଧରି ହାତୀ ସୁରକ୍ଷା ପାଇଁ ନିୟୋଜିତ ଥିବା ଗାଡ଼ିର ପେଟ୍ରୋଲ୍ ଖର୍ଚ୍ଚ ନ ଦିଆଯାଇ ସେମାନଙ୍କୁ ହାତୀଙ୍କ ସୁରକ୍ଷା ପାଇଁ ନିୟୋଜିତ କରାଯାଉଛି। ଯାହାଦ୍ବାରା କି ସେହି କର୍ମଚାରୀମାନେ କିଭଳି ଭାବେ କାର୍ଯ୍ୟ କରୁଥିବା ତାହାକୁ ନେଇ ପ୍ରଶ୍ନବାଚୀ ସୃଷ୍ଟି କରିଛି। ଫଳରେ ଅନେକ ସମୟରେ ହାତୀ ମଣିଷ ଲଢେ଼ଇ ଦେଖିବାକୁ ମିଳିଛି। ଏଠାରେ ସ୍ପଷ୍ଟ ଥାଉକି ଏକ ସପ୍ତାହ ତଳେ ଖଲିବୋରେଇ ସେକ୍ସନ୍ ଈଶ୍ୱରାପାଳ ଶାଳବଣି ନିକଟରେ ଗୋଟିଏ ଦନ୍ତାହାତୀର ବିଦ୍ୟୁତ୍ ତାର ସଂସ୍ପର୍ଶରେ ଆସି ମୃତ୍ୟୁ ଘଟିଥିଲା।ଏହି ଘଟଣାରେ ସଂପୃକ୍ତ ବନପାଳ ଏବଂ ବିଦ୍ୟୁତ୍ ପ୍ରହରୀଙ୍କୁ ଗତକାଲି କାର୍ଯ୍ୟରୁ ନିଲମ୍ବିତ କରାଯାଇଛି। ସଂପୃକ୍ତ ଫରେଷ୍ଟ୍ ଗାର୍ଡଙ୍କୁ ନିଲମ୍ବିତ କରାନଯାଇ କେଉଁ ତଥ୍ୟ ଆଧାରରେ ସଂପୃକ୍ତ ଫରେଷ୍ଟର ଅନୁରାଗ ଆଚାର୍ଯ୍ୟ ଓ ବିଦ୍ୟୁତ୍ ପ୍ରହରୀ ଅରବିନ୍ଦ ନାଏକଙ୍କୁ କାର୍ଯ୍ୟରୁ ନିଲମ୍ବିତ କରାଗଲା ତାହା ବିଭିନ୍ନ ମହଲରେ ଆଲୋଡ଼ନ ସୃଷ୍ଟି କରିଛି। ଶୁଣିବାକୁ ମିଳୁଛି ଏଥି ପାଇଁ ରେଞ୍ଜ ଅଧିକାରୀ ନିଜ କର୍ତ୍ତବ୍ୟ ଭୁଲି ଫରେଷ୍ଟ ଗାର୍ଡ ଙ୍କୁ କି ସ୍ୱାର୍ଥ ନେଇ ନିଲମ୍ବିତ କଲେନାହିଁ ତାହା ଚର୍ଚ୍ଚା ଯୋର ଧରିଛି। ଠିକା ଭାବେ ନିଯୁକ୍ତ ବିଦ୍ୟୁତ୍ ପ୍ରହରୀଙ୍କୁ ନିଲମ୍ବିତ କରି ଚର୍ଚ୍ଚାରେ ହିନ୍ଦୋଳ ବନବିଭାଗ।ଏହା କେବଳ ବିଭାଗୀୟ ପାରଦର୍ଶିତା, ନା ବିଭାଗର ଅପାରଗତା ତାହା ସ୍ପଷ୍ଟ ହୋଇପାରୁନାହିଁ। କେବଳ ନିଲମ୍ବିତ କଲେ ଏହାର ସ୍ଥାୟୀ ସମାଧାନ ନୁହେଁ। ଜନସାଧାରଣଙ୍କ ଧନଜୀବନ ସୁରକ୍ଷା ସରକାରଙ୍କ ପ୍ରାଥମିକତା। ମାତ୍ର ଉଚ୍ଚ ଅଧିକାରୀମାନେ କେବଳ ନିଲମ୍ବିତ କରିଦେଇ ନିଜକୁ ଦୋଷମୁକ୍ତ କରିବା ସହିତ ମୁଣ୍ଡ ଉପରୁ ଦାୟିତ୍ଵ ଏଡାଇ ଦେଉଛନ୍ତି। ଏହାପଛରେ ଅନ୍ୟ କୌଣସି କାରଣ ଥାଇପାରେ ବୋଲି ସାଧାରଣରେ ଚର୍ଚ୍ଚା ଜୋର୍ ଧରିଛି। କର୍ମଚାରୀଙ୍କୁ ନିଲମ୍ବିତ କିମ୍ବା ଅନୁକମ୍ପା ରାଶି ଦେବା କୌଣସି ସ୍ଥାୟୀ ସମାଧାନ ନୁହେଁ। ଲୋକମାନଙ୍କର ଧନଜୀବନ ସୁରକ୍ଷା, ହାତୀ ମାନଙ୍କର ସୁରକ୍ଷା ଉଭୟ ଦିଗ ପ୍ରତି ବନବିଭାଗ ଆଗାମୀଦିନରେ ସଚେତନ ନହେଲେ ଜନଆନ୍ଦୋଳନ ମୁଣ୍ଡ ଟେକିବା କିଛି ଅସମ୍ଭବ ନୁହେଁ। ଯଦି ଏହାର ସ୍ଥାୟୀ ସମାଧାନ କରାନଯାଏ ତେବେ ଆଗାମୀଦିନରେ ଜନଆନ୍ଦୋଳନ ବ୍ୟାପକ ହେବବୋଲି ସାଧାରଣରେ ଆଲୋଚନା ହେଉଛି।1
- ମନମୁଣ୍ଡା ପୋଲିସ ଷ୍ଟେସନ୍ ପରିସରରେ ଏକ ଭାବପୂର୍ଣ୍ଣ ଓ ଆନନ୍ଦଦାୟକ ପରିବେଶ ମଧ୍ୟରେ ସ୍ନେହ, ସୁରକ୍ଷା ଓ ବିଶ୍ୱାସର ପର୍ବ "ରକ୍ଷାବନ୍ଧନ" ପାଳିତ ମନମୁଣ୍ଡା ପୋଲିସ ଷ୍ଟେସନ୍ ପରିସରରେ ଏକ ଭାବପୂର୍ଣ୍ଣ ଓ ଆନନ୍ଦଦାୟକ ପରିବେଶ ମଧ୍ୟରେ ସ୍ନେହ, ସୁରକ୍ଷା ଓ ବିଶ୍ୱାସର ପର୍ବ "ରକ୍ଷାବନ୍ଧନ" ପାଳିତ ଆଜି ପବିତ୍ର ରକ୍ଷାବନ୍ଧନ ଉପଲକ୍ଷେ ବୌଦ୍ଧ ଜ଼ିଲ୍ଲା ମନମୁଣ୍ଡା ପୋଲିସ ଷ୍ଟେସନ୍ ପରିସରରେ ଏକ ଭାବପୂର୍ଣ୍ଣ ଓ ଆନନ୍ଦଦାୟକ ପରିବେଶ ମଧ୍ୟରେ ରାକ୍ଷୀ ପର୍ବ ପାଳିତ ହୋଇଯାଇଛି। ପୋଲିସ କର୍ମଚାରୀ ଭାଇମାନଙ୍କ ହାତରେ ସ୍ନେହର ସୂତା (ରାକ୍ଷୀ) ବାନ୍ଧି ସେମାନଙ୍କର ଦୀର୍ଘାୟୁ ଓ ଶୁଭକାମନା କରିଥିଲେ। ଦିନରାତି ଜନସାଧାରଣଙ୍କ ସୁରକ୍ଷାରେ ନିୟୋଜିତ ଥିବା ଆମ ପୋଲିସ ଭାଇମାନେ ମଧ୍ୟ ଭଉଣୀମାନଙ୍କୁ ସଦାସର୍ବଦା ସୁରକ୍ଷା ଦେବାର ସଂକଳ୍ପ ନେଇଥିଲେ। ଏହି ଅବସରରେ ସମସ୍ତ ପୋଲିସ ଅଫିସର ଓ କର୍ମଚାରୀଙ୍କ ତରଫରୁ ଅଞ୍ଚଳବାସୀଙ୍କୁ ରକ୍ଷାବନ୍ଧନର ହାର୍ଦ୍ଦିକ ଶୁଭେଚ୍ଛା ଓ ଅଭିନନ୍ଦନ!1
- ମନମୁଣ୍ଡା ଥାନା ପରିସରରେ ରକ୍ଷା ବନ୍ଧନ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଅନୁଷ୍ଠିତ ବୌଦ୍ଧ ଜିଲ୍ଲା ମନମୁଣ୍ଡା ଥାନାରେ ଆଜି ରକ୍ଷା ବନ୍ଧନ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇ ଯାଇଛି | ଥାନାର କର୍ମଚାରୀ ମାନଙ୍କୁ ରାକ୍ଷୀ ପିନ୍ଧାଇ ଭାଇ ଭଉଣୀର ପବିତ୍ର ସମ୍ପର୍କକୁ ମନେ ପକାଇଥିଲେ |3
- କଣ୍ଟାମାଳ ବ୍ଳକ ନୂଆଁପାଲିସ୍ଥିତ ଆଦିବାସୀ ହାଇସ୍କୁଲର ଛାତ୍ରୀନିବାସର ଅନ୍ତେବାସୀ ନିଆରା ଢଙ୍ଗରେ ପାଳିଲେ ରକ୍ଷାବନ୍ଧନ। ବୃକ୍ଷ ଦେବତାଙ୍କୁ ପୂଜାର୍ଚ୍ଚନା ପରେ ରାକ୍ଷୀ ବାନ୍ଧିଲେ ।1
- Post by ସାମ୍ବାଦିକ Biswamitra padhi1
- ମନମୁଣ୍ଡା ଥାନା ପୋଲିସ ପକ୍ଷରୁ ୧ କ୍ୱିଣ୍ଟାଲ ୪୬୦ ଗ୍ରାମ ଗଞ୍ଜେଇ ଜବତ1
- ଭୂଆସୁଣୀ ପାହାଡ଼ ରେ ବେଆଇନ ଖନନ ଓ ଲୁଟ ଅଭିଯୋଗ, ପୂର୍ବ ରୁ ଲିଜ ନେଇ ବ୍ୟାପକ ଜାଲିଆତି। ଭୂଆସୁଣୀ ପାହାଡ଼ ରେ ବେଆଇନ ଖନନ ଓ ଲୁଟ ଅଭିଯୋଗ, ପୂର୍ବ ରୁ ଲିଜ ନେଇ ବ୍ୟାପକ ଜାଲିଆତି।1
- ସାଙ୍ଗ କୁ ଛୁରୀ ମାରି ହତ୍ୟା କରିଦେଲା ସାଙ୍ଗ ତା ସହ ଖେଳରେ ହାରି ଯିବାରୁ ଆକ୍ରୋଶ ରେ ଛୁରି ମାରି ହତ୍ୟା କଲା ସାଙ୍ଗ... ଘଟଣା ରେ ପୋଲିସ ର ଛାନଭିନ ଆରମ୍ଭ... ସ୍ଥାନୀୟ ଅଞ୍ଚଳରେ ଏସକଫ ଓ ନିସା ବଟିକା ପାଇଁ ବାରମ୍ବାର ଏଭଳି ଘଟଣା ଘଟିଥିବା ଅଭିଯୋଗ ନିଶା ଯେ କେତେ କଣ କରିପାରେ। ନିଶା କରିବା ପରେ ଗୋଟିଏ ସ୍କୁଲ ଛାତ୍ର ହତ୍ୟା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ କରିପାରେ ଏଭଳି ଏକ ଘଟଣା ବଲାଙ୍ଗିର ଜିଲ୍ଲାରେ ଚାଚଲ୍ୟ ଖେଳାଇ ଦେଇଛି। ବଲାଙ୍ଗିର ଜିଲ୍ଲା ଆଗଲପୁର ଥାନା ରୋତ ଗାଁରେ ଘଟିଛି ଏଭଳି ଅଭାବନୀୟ ଘଟଣା। ତାସ ଖେଳ ରେ ହାରିବା ପରେ ରାଗରେ ଜର୍ଜରିତ ୧୨ ବର୍ଷ ର ସାଙ୍ଗ ତା ସାଙ୍ଗ କୁ କରିଛି ହତ୍ୟା। ଏଥିରେ ସାଙ୍ଗର ମୃତ୍ୟୁ ହୋଇଛି। ସାଙ୍ଗ କୁ ଛୁରୀ ମାରି ହତ୍ୟା କରିଦେଲା ସାଙ୍ଗ ତା ସହ ଖେଳରେ ହାରି ଯିବାରୁ ଆକ୍ରୋଶ ରେ ଛୁରି ମାରି ହତ୍ୟା କଲା ସାଙ୍ଗ... ଘଟଣା ରେ ପୋଲିସ ର ଛାନଭିନ ଆରମ୍ଭ... ସ୍ଥାନୀୟ ଅଞ୍ଚଳରେ ଏସକଫ ଓ ନିସା ବଟିକା ପାଇଁ ବାରମ୍ବାର ଏଭଳି ଘଟଣା ଘଟିଥିବା ଅଭିଯୋଗ ନିଶା ଯେ କେତେ କଣ କରିପାରେ। ନିଶା କରିବା ପରେ ଗୋଟିଏ ସ୍କୁଲ ଛାତ୍ର ହତ୍ୟା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ କରିପାରେ ଏଭଳି ଏକ ଘଟଣା ବଲାଙ୍ଗିର ଜିଲ୍ଲାରେ ଚାଚଲ୍ୟ ଖେଳାଇ ଦେଇଛି। ବଲାଙ୍ଗିର ଜିଲ୍ଲା ଆଗଲପୁର ଥାନା ରୋତ ଗାଁରେ ଘଟିଛି ଏଭଳି ଅଭାବନୀୟ ଘଟଣା। ତାସ ଖେଳ ରେ ହାରିବା ପରେ ରାଗରେ ଜର୍ଜରିତ ୧୨ ବର୍ଷ ର ସାଙ୍ଗ ତା ସାଙ୍ଗ କୁ କରିଛି ହତ୍ୟା। ଏଥିରେ ସାଙ୍ଗର ମୃତ୍ୟୁ ହୋଇଛି।1