उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गाजियाबाद की घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सूर्या प्रताप चौहान और असद से जुड़ी इस घटना का उल्लेख करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि दोस्ती की आड़ में की गई छुरेबाजी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसी 'नालायक औलादों' को सबक सिखाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यदि समाज के सामने 'खर-दूषण' जैसी ताकतें खड़ी हों, तो उनका मुकाबला करने के लिए शस्त्र उठाना आवश्यक हो जाता है। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि सरकार की संवेदनाएं हमेशा सामान्य और कानून का पालन करने वाले नागरिकों के साथ हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ' के सिद्धांत का जिक्र करते हुए कहा कि सभी वर्गों को बिना किसी भेदभाव के सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। योगी आदित्यनाथ ने अहिंसा और मानवता को समाज के आभूषण बताया, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि जब समाज और व्यवस्था के समक्ष चुनौती खड़ी करने वाली ताकतें हों, तो उनसे निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाना भी अपरिहार्य है। उन्होंने सभी से कानून और व्यवस्था का सम्मान करने तथा किसी को भी नियमों से ऊपर न समझने का आग्रह किया, और दोहराया कि प्रदेश सरकार कानून का राज स्थापित करने व आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री का यह सख्त बयान गाजियाबाद में 28 मई की शाम को हुई एक घटना के संदर्भ में आया है, जहां 17 वर्षीय युवक सूर्या चौहान की चाकू से हमले के बाद मृत्यु हो गई थी। पुलिस के अनुसार, इस घटना के पीछे पुरानी दुश्मनी को मुख्य वजह माना जा रहा है। आरोप है कि सूर्या को उसके कुछ पुराने परिचितों ने फोन करके एक स्थान पर बुलाया था, जहाँ पहुँचते ही कई युवकों ने उसे घेर लिया और धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सूर्या को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में असद, नवाब, फरहान, आतिफ और सारिक सहित कई लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की अभी भी जांच की जा रही है। बताया गया है कि असद का एनकाउंटर किया जा चुका है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गाजियाबाद की घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सूर्या प्रताप चौहान और असद से जुड़ी इस घटना का उल्लेख करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि दोस्ती की आड़ में की गई छुरेबाजी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसी 'नालायक औलादों' को सबक सिखाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यदि समाज के सामने 'खर-दूषण' जैसी ताकतें खड़ी हों, तो उनका मुकाबला करने के लिए शस्त्र उठाना आवश्यक हो जाता है। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि सरकार की संवेदनाएं हमेशा सामान्य और कानून का पालन करने वाले नागरिकों के साथ हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ' के सिद्धांत का जिक्र करते हुए कहा कि सभी वर्गों को बिना किसी भेदभाव के सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। योगी आदित्यनाथ ने अहिंसा और मानवता को समाज के आभूषण बताया, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि जब समाज और व्यवस्था के समक्ष चुनौती खड़ी करने वाली ताकतें हों, तो उनसे निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाना भी अपरिहार्य है। उन्होंने सभी से कानून और व्यवस्था का सम्मान करने तथा किसी को भी नियमों से ऊपर न समझने का आग्रह किया, और दोहराया कि प्रदेश सरकार कानून का राज स्थापित करने व आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री का यह सख्त बयान गाजियाबाद में 28 मई की शाम को हुई एक घटना के संदर्भ में आया है, जहां 17 वर्षीय युवक सूर्या चौहान की चाकू से हमले के बाद मृत्यु हो गई थी। पुलिस के अनुसार, इस घटना के पीछे पुरानी दुश्मनी को मुख्य वजह माना जा रहा है। आरोप है कि सूर्या को उसके कुछ पुराने परिचितों ने फोन करके एक स्थान पर बुलाया था, जहाँ पहुँचते ही कई युवकों ने उसे घेर लिया और धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सूर्या को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में असद, नवाब, फरहान, आतिफ और सारिक सहित कई लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की अभी भी जांच की जा रही है। बताया गया है कि असद का एनकाउंटर किया जा चुका है।
- बिहार की राजनीति से बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि "जिस दिन जनता का विश्वास नहीं रहेगा, उस दिन झोला उठाकर चल दूंगा।" मुख्यमंत्री ने इस दौरान लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को भी निशाने पर लिया। उनके इस बयान के बाद बिहार की सियासत में एक नई बहस छिड़ गई है।1
- बिहार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) के बीच तालमेल बिगड़ गया है। यह स्थिति सम्राट चौधरी के CM बनने के बाद सामने आई है। इस बिगड़े तालमेल के बीच, नीतीश से जुड़े संजय झा ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि 'घमंड' में बात नहीं करनी चाहिए।1
- बिहार में अब चारा घोटाले से भी बड़ा एक 'खेल' सामने आया है, जिसने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। रिपोर्टर रौशन पटेल के अनुसार, रिशु श्री के खुलासे ने इस बड़े मामले को उजागर किया है। जनता इस बात पर सवाल उठा रही है कि अगर घोटाला इतना बड़ा है, तो इसमें शामिल बड़े-बड़े नाम और सबसे बड़े चेहरे अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं। लोगों में इस बात पर भी गुस्सा है कि आखिर कौन हैं वे लोग जिन्होंने जनता के पैसों को अपनी कमाई का जरिया बनाया, और क्यों अब तक बड़े नामों पर चुप्पी साधी जा रही है। इस मामले में सच्चाई जानने और खुद फैसला करने के लिए एक वीडियो देखने का आह्वान किया गया है।1
- manjulika Chhath karte hue ............................1
- शुभ मंगलवार के अवसर पर, आरा के ब्लैक रोड स्थित महादेव मंदिर से शिष्टाचारभोजपुर अखंड संकीर्तन मंडली ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। भक्तिमय जयघोषों जैसे 'जय श्रीराम, जय हनुमान, जय सीताराम, जय श्रीमन नारायण' के साथ की गई इस घोषणा में बताया गया है कि मंडली के गायक धनी पान्डेय हैं। मंडली से संपर्क साधने के लिए 8873838982 नंबर उपलब्ध कराया गया है।1
- कृषि मंत्री विजय सिन्हा मुजफ्फरपुर में जनसुनवाई कर रहे थे। यह जनसुनवाई लोगों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।1
- मां मनोकामना पूर्ण मंदिर में भक्तों का आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। इस अवसर पर हवन-पूजन के साथ कथा का समापन किया गया।1
- मंजुलेखा ने मिस्टर एक्स के लिए करवा चौथ मनाया।1
- नीतीश कुमार संजय झा के आवास पर उनसे दोबारा मिलने पहुंचे हैं।1