बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र में गुरुवार का दिन एक दर्दनाक घटना और उसके बाद की बड़ी वन्यजीव कार्रवाई का गवाह बना। सुबह चँसुरा निवासी अन्नू रजक की बाघ के हमले में मौत से इलाके में दहशत फैल गई, वहीं वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों के भीतर संदिग्ध बाघ को रेस्क्यू कर लिया। घटना के बाद, वन विभाग की टीम ने पनपथा बफर परिक्षेत्र की पलझा उत्तर बीट में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान कक्ष क्र. आरएफ 604 में लगभग 5 वर्ष आयु का एक नर बाघ चिन्हित किया गया। वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी की टीम ने पूरी सावधानी के साथ उसे ट्रेंकुलाइज कर काबू में लिया। रेस्क्यू के बाद बाघ का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यक जाँच के लिए रक्त के नमूने भी एकत्र किए गए। इस कार्रवाई में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक, उप संचालक, सहायक संचालक (ताला), परिक्षेत्र अधिकारी, टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (टीपीएफ) तथा वन्य प्राणी स्वास्थ्य विशेषज्ञों सहित व्यापक अमला जुटा रहा। इस अभियान में लक्ष्मण, सूर्या, गणेश और सुन्दरगज हाथियों तथा उनके महावतों ने भी अहम भूमिका निभाई। अन्नू रजक की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय का माहौल था, ऐसे में वन विभाग द्वारा संदिग्ध बाघ को तत्काल रेस्क्यू कर ईनक्लोजर में भेजे जाने को एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। रेस्क्यू किए गए बाघ को विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच बहेरहा एनक्लोजर पहुँचाया गया है, जहाँ उसकी गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी। अब विभागीय अधिकारी बाघ के व्यवहार और स्वास्थ्य की निगरानी करते हुए आगे की कार्रवाई तय करेंगे।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र में गुरुवार का दिन एक दर्दनाक घटना और उसके बाद की बड़ी वन्यजीव कार्रवाई का गवाह बना। सुबह चँसुरा निवासी अन्नू रजक की बाघ के हमले में मौत से इलाके में दहशत फैल गई, वहीं वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों के भीतर संदिग्ध बाघ को रेस्क्यू कर लिया। घटना के बाद, वन विभाग की टीम ने पनपथा बफर परिक्षेत्र की पलझा उत्तर बीट में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान कक्ष क्र. आरएफ 604 में लगभग
5 वर्ष आयु का एक नर बाघ चिन्हित किया गया। वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी की टीम ने पूरी सावधानी के साथ उसे ट्रेंकुलाइज कर काबू में लिया। रेस्क्यू के बाद बाघ का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यक जाँच के लिए रक्त के नमूने भी एकत्र किए गए। इस कार्रवाई में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक, उप संचालक, सहायक संचालक (ताला), परिक्षेत्र अधिकारी, टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (टीपीएफ) तथा वन्य प्राणी स्वास्थ्य विशेषज्ञों सहित व्यापक अमला जुटा रहा। इस अभियान में लक्ष्मण, सूर्या, गणेश और सुन्दरगज हाथियों
तथा उनके महावतों ने भी अहम भूमिका निभाई। अन्नू रजक की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय का माहौल था, ऐसे में वन विभाग द्वारा संदिग्ध बाघ को तत्काल रेस्क्यू कर ईनक्लोजर में भेजे जाने को एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। रेस्क्यू किए गए बाघ को विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच बहेरहा एनक्लोजर पहुँचाया गया है, जहाँ उसकी गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी। अब विभागीय अधिकारी बाघ के व्यवहार और स्वास्थ्य की निगरानी करते हुए आगे की कार्रवाई तय करेंगे।
- उमरिया के शहपुरा मार्ग पर मनु ढाबा के पास एक भीषण सड़क हादसे में डिंडौरी निवासी ओम तिवारी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा बाइक सवार शिवम पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना तब हुई जब दोनों बाइक सवार उमरिया/डिंडौरी से मैहर जा रहे थे। शुक्रवार की दोपहर 03 बजे हुए इस हादसे के बाद, घायल शिवम पांडेय को 108 एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल लाया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। शिवम की हालत गंभीर होने के कारण वह ठीक से कुछ बता नहीं पा रहा है, हालांकि उसने इतना जरूर बताया है कि किसी अनियंत्रित बस की टक्कर से यह हादसा हुआ है।1
- उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में मातम, सब्र और कुर्बानी की याद दिलाने वाला मोहर्रम का पर्व पूरे अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। नगर के वार्ड क्रमांक 8 स्थित इमामबाड़ा से पारंपरिक ताज़िया जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। "या हुसैन... या हुसैन" की सदाओं और गमगीन माहौल के बीच यह जुलूस नगर की विभिन्न गलियों और प्रमुख मार्गों से होकर वार्ड क्रमांक 2 स्थित कर्बला पहुंचा, जहाँ धार्मिक परंपरा के अनुसार ताज़िया को ठंडा किया गया। इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना मोहर्रम, हज़रत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में मनाया जाता है, जो गम और मातम का महीना माना जाता है। इस अवसर पर लोगों ने खामोशी, सब्र और इंसानियत का पैगाम दिया। जुलूस के दौरान अकीदतमंदों ने नौहाख़्वानी और मातम के जरिए कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की, जबकि कई स्थानों पर लोगों ने जुलूस में शामिल लोगों के लिए शर्बत और पानी की सबील भी लगाई, जिससे इंसानियत और भाईचारे की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। ताज़िया के कर्बला पहुंचने पर, वहाँ पहले से मौजूद लोगों ने अदब और एहतराम के साथ अंतिम रस्में अदा कीं और मुल्क में अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। इस आयोजन में मुस्लिम समाज के साथ-साथ अन्य समुदायों के लोगों की भी उपस्थिति देखी गई, जो नगर की गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी सौहार्द का प्रतीक बना। प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए थे, जिससे पूरा जुलूस शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। पाली में वर्षों से मोहर्रम का जुलूस इसी परंपरा के साथ निकाला जाता रहा है, और यह पर्व एक बार फिर यह संदेश देकर संपन्न हुआ कि हज़रत इमाम हुसैन की शहादत केवल एक धर्म की नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए हक़, सच्चाई और इंसाफ की लड़ाई का प्रतीक है।2
- उमरिया जिले के पाली विकासखंड में गुरुवार को जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत निर्मित दो बालिका छात्रावास भवनों का लोकार्पण क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मीना सिंह द्वारा किया गया। इन भवनों में 50 सीटर एस.टी. बालिका छात्रावास, जिसकी लागत ₹385.03 लाख है, और 50 सीटर एस.सी. बालिका छात्रावास, जिसकी लागत ₹420.50 लाख है, शामिल हैं। दोनों छात्रावासों के निर्माण पर कुल ₹805.53 लाख रुपये खर्च हुए हैं। इस लोकार्पण कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल, मानपुर और पाली विकासखंड के सरपंच, सभी मंडल अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक मीना सिंह ने कहा कि यह सर्वसुविधायुक्त भवन प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से तैयार हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री और जनजातीय कार्य विभाग, भोपाल का आभार व्यक्त किया, जिनके माध्यम से छात्रावास निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई। विधायक ने स्वयं भवन का निरीक्षण करने के बाद बताया कि यह छात्राओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त है, जिसमें अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण, आधुनिक सुविधाएं, विशाल कक्ष, एलईडी व्यवस्था और अन्य संसाधन शामिल हैं। मीना सिंह ने यह भी कहा कि आज विद्यार्थियों को मिल रही आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं भारतीय जनता पार्टी सरकार की शिक्षा एवं छात्र हितैषी सोच का परिणाम हैं। उन्होंने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए बताया कि एक समय था जब विद्यार्थियों को टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती थी, जबकि आज बच्चों के लिए आधुनिक बैंच-डेस्क की व्यवस्था है, जहाँ वे आराम से बैठकर अध्ययन कर सकते हैं और अपनी किताबें तथा बैग भी व्यवस्थित रख सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान, अतिथियों ने छात्रावास भवनों का अवलोकन कर छात्राओं के लिए उपलब्ध कराई गई सुविधाओं की जानकारी ली।4
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- मैहर नगर पालिका और मंदिर मेला प्रांगण क्षेत्र 1 जुलाई से पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त हो जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत, यदि कोई भी व्यक्ति प्लास्टिक का उपयोग करते, उसका भंडारण करते या उसकी बिक्री करते हुए पाया जाता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- मैहर पुलिस के साइबर फ्रॉड जागरूकता अभियान का बड़ा असर देखने को मिला है, जहाँ सतना रोड निवासी हेमा पांडे साइबर ठगों के जाल में फँसने से बाल-बाल बच गईं। उन्होंने बाद में अन्य लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की। यह घटना तब सामने आई जब हेमा के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को एसबीआई का अधिकारी बताया और कहा कि उनके फोनपे अकाउंट से ₹1-1 करके कई बार कटे हैं, जो कुल ₹10,000 हो गए हैं। ठग ने यह पैसा हेमा के खाते में ट्रांसफर करने की पेशकश की और इसके लिए एक प्रक्रिया का पालन करने को कहा। उसने प्रक्रिया न मानने पर खाता बंद करने की धमकी भी दी। लेकिन, हेमा ने एक दिन पहले ही मैहर पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस और जागरूकता अभियान के बारे में खबरें देखी थीं। पुलिस ने इस अभियान में बताया था कि बैंक कभी भी फोन पर बात करके खाते में कोई छेड़छाड़ नहीं करता। सोशल मीडिया सहित अन्य प्लेटफॉर्म पर वायरल हुई इन खबरों को देखकर हेमा को यह महत्वपूर्ण जानकारी याद आ गई। इसी वजह से उन्होंने ठग की बात मानने से इनकार कर दिया और धमकी के बावजूद न डरते हुए ठग का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया। घटना के बाद हेमा ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी और कहा कि साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाते हैं। उन्होंने सभी से अनजान कॉल पर ओटीपी, पिन या कोई ऐप साझा न करने और ऐसे कॉल आने पर तुरंत काटकर 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया। हेमा ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर भी यह जानकारी साझा करते हुए सतर्क रहने की अपील की है।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिला अस्पताल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक आशा कार्यकर्ता पर गंभीर मरीज को जिला अस्पताल से निजी डॉक्टर के पास ले जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और कथित दलाली को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। वायरल वीडियो के साथ किए गए दावों में यह आरोप लगाया गया है कि जिला अस्पताल में मरीजों को निजी अस्पतालों और क्लीनिकों तक पहुंचाने का यह खेल काफी लंबे समय से चल रहा है। लोगों का कहना है कि गरीब मरीजों को सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज मिलने के बजाय निजी चिकित्सा संस्थानों की ओर मोड़ा जा रहा है। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनकी यह भी मांग है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए और अस्पताल परिसर में कथित दलालों तथा अनधिकृत गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। हालांकि, इस वायरल वीडियो और उसमें किए गए दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग या जिला अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और प्रशासन की प्रतिक्रिया मिलने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।1
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1