सागर जिले की देवरी पुलिस ने 24 घंटे के भीतर एक कथित अपहरण और फिरौती कांड का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, एक 'कलयुगी पुत्र' ने गांजा तस्करी में हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करने के लिए अपने ही अपहरण का षड्यंत्र रचा और अपने पिता से ₹2 लाख की फिरौती वसूलने की साजिश की थी। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक मुख्य साजिशकर्ता अभी भी फरार है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन और मोबाइल भी जब्त किए हैं। मामले की शुरुआत 12 जून 2026 की रात हुई, जब ग्राम डोंगर सलैया निवासी राजेश पिता प्रेम जाटव ने देवरी थाने में सूचना दी कि उसका 21 वर्षीय पुत्र पवन जाटव 09 जून को मित्र का जन्मदिन मनाने का कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इसी बीच, राजेश के मोबाइल पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कॉल कर उसके पुत्र का अपहरण करने और उसे छोड़ने के एवज में ₹2 लाख की फिरौती मांगी गई। रकम न देने पर पुत्र की हत्या करने की धमकी भी दी गई थी। इस गंभीर मामले में देवरी थाने में अपराध क्रमांक 230/2026 धारा 140(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की गई। पुलिस उपमहानिरीक्षक सागर रेंज श्री शशीन्द्र चौहान के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के नेतृत्व में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कश्यप के निर्देशन में देवरी थाना प्रभारी निरीक्षक हरिराम मानकर, उप निरीक्षक समरथ सीनम, मोतीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत, सूचना संकलन तंत्र और साइबर टीम की एक संयुक्त टीम गठित की गई। इस टीम ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर सघन जांच की। जांच के दौरान, पुलिस ने चितौरा टोल के पास एक ऑल्टो-800 कार क्रमांक MP-15-CA-7570 को चिन्हित किया और उसमें सवार कथित अपहृत पवन जाटव सहित अरविंद दुबे, बलजीत सिंह और शुभम पटेल को हिरासत में लिया। पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि पवन जाटव और बलजीत सिंह, सुनील पटेल के कहने पर अवैध गांजा लेने के लिए संबलपुर (ओडिशा) गए थे। वहां से लगभग 8 किलोग्राम गांजा प्राप्त कर वे ट्रेन से वापस लौट रहे थे। कटनी के पहले पुलिस चेकिंग की आशंका के चलते दोनों ने गांजे का पैकेट और पवन का मोबाइल ट्रेन से बाहर फेंक दिया। गांजा खरीदने की राशि सुनील पटेल द्वारा ऑनलाइन माध्यम से भुगतान की गई थी। गांजा नष्ट हो जाने के कारण हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करने और खर्च की गई रकम वापस पाने के उद्देश्य से सुनील पटेल, पवन जाटव, बलजीत सिंह, शुभम पटेल और अरविंद दुबे ने मिलकर एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा। उन्होंने पवन के अपहरण की झूठी कहानी बनाई और उसके पिता को फोन कर ₹2 लाख की फिरौती मांगना शुरू कर दिया। उनका उद्देश्य भय और दबाव बनाकर अपने ही पिता से बड़ी रकम वसूलना था, क्योंकि फरियादी केवल ₹30 हजार की व्यवस्था कर पा रहा था, जिसके कारण आरोपी उन्हें लगातार गुमराह करते रहे। पुलिस की सतर्कता, तकनीकी विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई के चलते यह पूरी साजिश 24 घंटे के भीतर उजागर हो गई। पुलिस ने अरविंद दुबे, बलजीत सिंह, शुभम पटेल और पवन जाटव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता सुनील पटेल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। प्रकरण में प्रयुक्त ऑल्टो कार, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त कर लिए गए हैं। विवेचना के दौरान यह भी सामने आया है कि बलजीत सिंह और फरार आरोपी सुनील पटेल पहले एनडीपीएस एक्ट के एक प्रकरण में गाडरवारा जेल में एक साथ निरुद्ध रह चुके हैं। पुलिस उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से जुड़े नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है। देवरी पुलिस की तत्परता और पेशेवर जांच ने इस झूठे अपहरण और फिरौती की साजिश का पर्दाफाश कर फरियादी परिवार को राहत प्रदान की। इस सफल खुलासे में थाना प्रभारी देवरी निरीक्षक हरिराम मानकर, उप निरीक्षक समरथ सीनम, आरक्षक लवकुश, समीर, इमरान, थाना प्रभारी मोतीनगर निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत एवं उनकी टीम, सूचना संकलन तंत्र के आरक्षक आशीष गौतम, मनीष तिवारी, प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार तथा आरक्षक हेमेन्द्र, साइबर सेल सागर की विशेष भूमिका रही।
सागर जिले की देवरी पुलिस ने 24 घंटे के भीतर एक कथित अपहरण और फिरौती कांड का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, एक 'कलयुगी पुत्र' ने गांजा तस्करी में हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करने के लिए अपने ही अपहरण का षड्यंत्र रचा और अपने पिता से ₹2 लाख की फिरौती वसूलने की साजिश की थी। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक मुख्य साजिशकर्ता अभी भी फरार है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन और मोबाइल भी जब्त किए हैं। मामले की शुरुआत 12 जून 2026 की रात हुई, जब ग्राम डोंगर सलैया निवासी राजेश पिता प्रेम जाटव ने देवरी थाने में सूचना दी कि उसका 21 वर्षीय पुत्र पवन जाटव 09 जून को मित्र का जन्मदिन मनाने का कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इसी बीच, राजेश के मोबाइल पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कॉल कर उसके पुत्र का अपहरण करने और उसे छोड़ने के एवज में ₹2 लाख की फिरौती मांगी गई। रकम न देने पर पुत्र की हत्या करने की धमकी भी दी गई थी। इस गंभीर मामले में देवरी थाने में अपराध क्रमांक 230/2026 धारा 140(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की गई। पुलिस उपमहानिरीक्षक सागर रेंज श्री शशीन्द्र चौहान के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के नेतृत्व में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कश्यप के निर्देशन में देवरी थाना प्रभारी निरीक्षक हरिराम मानकर, उप निरीक्षक समरथ सीनम, मोतीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत, सूचना संकलन तंत्र और साइबर टीम की एक संयुक्त टीम गठित की गई। इस टीम ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर सघन जांच की। जांच के दौरान, पुलिस ने चितौरा टोल के पास एक ऑल्टो-800 कार क्रमांक MP-15-CA-7570 को चिन्हित किया और उसमें सवार कथित अपहृत पवन जाटव सहित अरविंद दुबे, बलजीत सिंह और शुभम पटेल को हिरासत में लिया। पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि पवन जाटव और बलजीत सिंह, सुनील पटेल के कहने पर अवैध गांजा लेने के लिए संबलपुर (ओडिशा) गए थे। वहां से लगभग 8 किलोग्राम गांजा प्राप्त कर वे ट्रेन से वापस लौट रहे थे। कटनी के पहले पुलिस चेकिंग की आशंका के चलते दोनों ने गांजे का पैकेट और पवन का मोबाइल ट्रेन से बाहर फेंक दिया। गांजा खरीदने की राशि सुनील पटेल द्वारा ऑनलाइन माध्यम से भुगतान की गई थी। गांजा नष्ट हो जाने के कारण हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करने और खर्च की गई रकम वापस पाने के उद्देश्य से सुनील पटेल, पवन जाटव, बलजीत सिंह, शुभम पटेल और अरविंद दुबे ने मिलकर एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा। उन्होंने पवन के अपहरण की झूठी कहानी बनाई और उसके पिता को फोन कर ₹2 लाख की फिरौती मांगना शुरू कर दिया। उनका उद्देश्य भय और दबाव बनाकर अपने ही पिता से बड़ी रकम वसूलना था, क्योंकि फरियादी केवल ₹30 हजार की व्यवस्था कर पा रहा था, जिसके कारण आरोपी उन्हें लगातार गुमराह करते रहे। पुलिस की सतर्कता, तकनीकी विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई के चलते यह पूरी साजिश 24 घंटे के भीतर उजागर हो गई। पुलिस ने अरविंद दुबे, बलजीत सिंह, शुभम पटेल और पवन जाटव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता सुनील पटेल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। प्रकरण में प्रयुक्त ऑल्टो कार, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त कर लिए गए हैं। विवेचना के दौरान यह भी सामने आया है कि बलजीत सिंह और फरार आरोपी सुनील पटेल पहले एनडीपीएस एक्ट के एक प्रकरण में गाडरवारा जेल में एक साथ निरुद्ध रह चुके हैं। पुलिस उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से जुड़े नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है। देवरी पुलिस की तत्परता और पेशेवर जांच ने इस झूठे अपहरण और फिरौती की साजिश का पर्दाफाश कर फरियादी परिवार को राहत प्रदान की। इस सफल खुलासे में थाना प्रभारी देवरी निरीक्षक हरिराम मानकर, उप निरीक्षक समरथ सीनम, आरक्षक लवकुश, समीर, इमरान, थाना प्रभारी मोतीनगर निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत एवं उनकी टीम, सूचना संकलन तंत्र के आरक्षक आशीष गौतम, मनीष तिवारी, प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार तथा आरक्षक हेमेन्द्र, साइबर सेल सागर की विशेष भूमिका रही।
- सागर जिले के रविंद्र भवन में 16 से 18 जून 2026 तक एक खंड स्तरीय जन कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान कलेक्टर श्रीमति प्रतिभा पाल जी ने सभी नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी सलाह प्रदान की। यह शिविर आमजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने और उनका लाभ उठाने का अवसर देता है। साथ ही, नागरिक अपनी किसी भी समस्या से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर निर्धारित समय सीमा के भीतर उसका समाधान भी प्राप्त कर सकते हैं। इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा नरयावली विधायक प्रदीप लारिया जी भी उपस्थित रहे।1
- सागर जिले के जैसीनगर में जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया।1
- बीना और खुरई में कृषि उपसंचालक के प्रयासों एवं मार्गदर्शन तथा GIZ जर्मन कोऑपरेशन के सहयोग से तीन दिवसीय 'इंडो-जर्मन वर्कशॉप' का आयोजन 16 जून से 18 जून 2026 तक किया जा रहा है। इस अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला में जर्मनी, कनाडा और कैमरून के विशेषज्ञ, साथ ही GIZ की दिल्ली और मध्य प्रदेश टीमों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। विदेशी डेलीगेट्स में जर्मनी से मिस्टर हेन्स क्लेन, कैमरून से मिस माइकल लाटा और कनाडा से मिस्टर जूलियन मेलार्ड सहित अन्य अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के पहले दिन, विदेशी डेलीगेट्स ने खुरई अनुभाग के बीना विकासखंड के ग्राम गुलौआ में किसान उमेश पटेल के बगीचे का फील्ड विजिट किया। उन्होंने किसानों के खेतों पर पहुँचकर फसल की स्थिति, मिट्टी और खेती की तकनीकों का अवलोकन किया। इसके बाद, खुरई में कृषि यंत्रों का लाइव डेमोंस्ट्रेशन प्रस्तुत किया गया, और प्रतिनिधियों ने स्थानीय कृषि यंत्र निर्माण इकाइयों का भी भ्रमण कर मशीनों की गुणवत्ता व तकनीक को समझा। इसी दौरान ग्राम गुलौआ में विदेश से आए वैज्ञानिकों और किसानों के बीच जैविक खेती को बढ़ावा देने को लेकर वार्तालाप हुई, जिसमें सुपर सीडर, जैविक कीटनाशक और बायो गैस जैसे प्राकृतिक खेती से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। इस संगोष्ठी में बीना के एस.ए.डी.ओ. अवधेश राय, खुरई के एस.डी.ओ.जे.डी. शर्मा सर, राजू चौहान, धीरेंद्र ठाकुर, अजहर खान, ऋषि यादव, सचिन चतुर्वेदी, राघव रामा गुप्ता सहित कई किसान जैसे राजा बाबू यादव, उमेश पटेल और राजेंद्र यादव उपस्थित रहे। दोपहर बाद, खुरई विकासखंड के ग्राम बरोदिया नौनगिर में एक फार्मर इंटरेक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ स्थानीय किसानों ने अपनी खेती से जुड़ी समस्याएं, फसल अवशेष प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को सीधे विदेशी विशेषज्ञों के सामने रखा। 17 जून को वर्कशॉप का विधिवत उद्घाटन सत्रवार कार्यक्रमों के साथ होगा, जिसमें पूरे दिन कृषि से जुड़े चार प्रमुख विषयों – कृषि यंत्रीकरण (छोटे किसानों के लिए सस्ते व आधुनिक यंत्र), पारिस्थितिकी परिवर्तन (बदलते मौसम का खेती पर असर), प्राकृतिक खेती व फसल अवशेष प्रबंधन (पराली जलाने का विकल्प) और जलवायु अनुकूल कृषि (कम पानी में अधिक उत्पादन की तकनीक) – पर चर्चा की जाएगी। विकासखंडों से पहले से चयनित किसानों के ठहरने की व्यवस्था 16 जून की शाम से 18 जून की शाम तक खुरई के शहनाई गार्डन में की गई है, ताकि वे 17 जून की सुबह से शुरू होने वाले सभी सत्रों में पूरी तरह भाग ले सकें। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अगले तीन दिनों तक विदेशी प्रतिनिधि और अन्य आगंतुक खुरई व आसपास के क्षेत्र की कृषि गतिविधियों का गहन अवलोकन करेंगे। इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य किसानों की जमीनी समस्याओं का समाधान खोजना और भविष्य में इस क्षेत्र में कृषि तकनीक एवं उत्पादन वृद्धि के नए अवसरों की तलाश करना है।3
- दमोह जिले से एक नागरिक ने विधायक माननीय श्री लखन पटेल जी से अपने घर के रास्ते की खराब स्थिति को लेकर निवेदन किया है। नागरिक ने विधायक से आग्रह किया है कि कृपया उनके घर का रास्ता बनवा दें, क्योंकि इसकी हालत बहुत खराब है। इसके साथ ही, उन्होंने विधायक से कुछ आर्थिक सहायता भी प्रदान करने की विनती की है, ताकि वे अपना रास्ता खुद बनवा सकें। नागरिक ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्हें इस खराब रास्ते के कारण बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।1
- मध्य प्रदेश के सिलवानी विधायक देवेंद्र पटेल ने मुख्यमंत्री शिवराज के मंच पर पहुँचकर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे 'झूठी घोषणाओं' से 'कान पक गए' हैं। विधायक पटेल ने यह भी बताया कि उन्हें इस कार्यक्रम के लिए विधिवत आमंत्रण नहीं दिया गया था। यह जानकारी 'केके' के साथ हुई उनकी एक विशेष एक-से-एक बातचीत में सामने आई है।1
- सागर जिले के खिमलासा-मालथौन रोड पर आई तेज आंधी और बारिश ने भीषण कहर बरपाया। बारिश से बचने के लिए एक ढाबे पर रुके लोगों पर अचानक टिन शेड टूटकर गिर पड़ा, जिससे यह हादसा हो गया। इस घटना में दमोह की एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।1
- सागर जिले के बीना विकासखंड के ग्राम गुलौआ में इंडो-जर्मन वर्कशॉप के तहत एक विशेष फील्ड विजिट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जर्मनी, कनाडा और कैमरून से आए कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने स्थानीय किसानों के साथ सीधा संवाद किया, जिसमें प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि और जलवायु अनुकूल खेती जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। कृषि विभाग के उपसंचालक के मार्गदर्शन में जीआईजेड जर्मन कोऑपरेशन द्वारा खुरई में 16 से 18 जून तक आयोजित की जा रही इस इंडो-जर्मन वर्कशॉप में जर्मनी से हेन्स क्लेन, कैमरून से माइकल लाटा और कनाडा से जूलियन मेलार्ड सहित कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। विदेशी वैज्ञानिकों की टीम ने गुलौआ गांव में किसानों से खेती में आ रही चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर चर्चा की, साथ ही अपने अनुभव साझा करते हुए प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। संगोष्ठी में कृषि यंत्रीकरण, पारिस्थितिकी परिवर्तन, फसल अवशेष प्रबंधन और जलवायु अनुकूल कृषि जैसे विषयों पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। किसानों को सुपर सीडर, जैविक कीटनाशक, बायोगैस और प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई। इस कार्यक्रम में बीना के एसएडीओ अवधेश राय, खुरई के एसडीओ जे.डी. शर्मा, एसएडीओ राजू चौहान, एईओ धीरेंद्र ठाकुर, अज़हर खान, ऋषि यादव, सचिन चतुर्वेदी, राघव और रामा गुप्ता सहित कृषि विभाग के अनेक अधिकारी मौजूद रहे, जबकि बड़ी संख्या में किसानों ने भी भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए। विदेशी वैज्ञानिकों और स्थानीय किसानों के बीच हुए इस संवाद को खेती के क्षेत्र में नई संभावनाओं का संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक और जलवायु अनुकूल खेती ही भविष्य की कृषि का आधार बनेगी। उम्मीद है कि इस महत्वपूर्ण पहल से क्षेत्र के किसानों को नई तकनीकों और बेहतर कृषि पद्धतियों का लाभ मिलेगा।1
- सागर जिले के मकरोनिया थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ एक नाबालिग युवती का चाकू की नोक पर कथित रूप से अपहरण कर लिया गया। इस घटना के दौरान आरोपी ने युवती को बचाने का प्रयास कर रहे परिजनों पर भी हथियार से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी युवती को जबरन अपने साथ ले गया। यह पूरी घटना क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सामने आया है। सामने आए वीडियो में आरोपी युवती को जबरन ले जाते हुए दिखाई दे रहा है, जबकि परिजन उसे रोकने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। इस वारदात की सूचना मिलते ही मकरोनिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। वहीं, इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि मामले के सभी पहलुओं से जाँच की जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1