डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, इटावा ने 2010 या उसके बाद बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में पंजीकृत अधिवक्ताओं को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। एसोसिएशन ने निर्देश दिया है कि 30 जून 2026 तक अपना सीओपी (सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस) नंबर जमा न करने वाले अधिवक्ताओं की सदस्यता रद्द कर दी जाएगी। यह नियम विशेष रूप से 2010 से 31 दिसंबर 2020 तक बार कौंसिल में पंजीकृत वकीलों पर लागू होगा। पहले इन अधिवक्ताओं को सीओपी नंबर जमा करने के लिए 15 जून 2026 तक का समय दिया गया था, लेकिन कुछ अधिवक्ताओं द्वारा अब तक यह नंबर उपलब्ध न कराए जाने के कारण डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने अंतिम मौका दिया है। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट राजेश कुमार त्रिपाठी और महामंत्री नितिन तिवारी ने बताया कि 18 जून 2026 को हुई कार्यकारिणी की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। एसोसिएशन का स्पष्ट कहना है कि यदि कोई अधिवक्ता सीओपी नंबर जमा नहीं करता है, तो इसका अर्थ यह समझा जाएगा कि वह विधि व्यवसाय करने का इच्छुक नहीं है। निर्धारित तिथि 30 जून 2026 तक डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन (डीबीए) कार्यालय, इटावा में सीओपी नंबर उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने की स्थिति में संबंधित अधिवक्ताओं की डीबीए, इटावा से सदस्यता रद्द कर दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, बिना सीओपी नंबर के किसी भी न्यायालय में वकालतनामा स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान कोषाध्यक्ष एडवोकेट प्रभाकर त्रिपाठी सहित बार एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, इटावा ने 2010 या उसके बाद बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में पंजीकृत अधिवक्ताओं को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। एसोसिएशन ने निर्देश दिया है कि 30 जून 2026 तक अपना सीओपी (सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस) नंबर जमा न करने वाले अधिवक्ताओं की सदस्यता रद्द कर दी जाएगी। यह नियम विशेष रूप से 2010 से 31 दिसंबर 2020 तक बार कौंसिल में पंजीकृत वकीलों पर लागू होगा। पहले इन अधिवक्ताओं को सीओपी नंबर जमा करने के लिए 15 जून 2026 तक का समय दिया गया था, लेकिन कुछ अधिवक्ताओं द्वारा अब तक यह नंबर उपलब्ध न कराए जाने के कारण डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने अंतिम मौका दिया है। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट राजेश कुमार त्रिपाठी और महामंत्री नितिन तिवारी ने बताया कि 18 जून 2026 को हुई कार्यकारिणी की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। एसोसिएशन का स्पष्ट कहना है कि यदि कोई अधिवक्ता सीओपी नंबर जमा नहीं करता है, तो इसका अर्थ यह समझा जाएगा कि वह विधि व्यवसाय करने का इच्छुक नहीं है। निर्धारित तिथि 30 जून 2026 तक डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन (डीबीए) कार्यालय, इटावा में सीओपी नंबर उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने की स्थिति में संबंधित अधिवक्ताओं की डीबीए, इटावा से सदस्यता रद्द कर दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, बिना सीओपी नंबर के किसी भी न्यायालय में वकालतनामा स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान कोषाध्यक्ष एडवोकेट प्रभाकर त्रिपाठी सहित बार एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
- उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-92 पर एक नया सिग्नेचर ब्रिज तैयार किया जा रहा है। यह नया पुल पुराने पुल के बगल में बन रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच आवागमन को सुगम बनाना है। इस ब्रिज के जल्द ही बनकर तैयार होने की उम्मीद है, जिससे विशेष रूप से मध्य प्रदेश से आने वाले वाहनों को बड़ी सुविधा मिलेगी। इस विकास कार्य से संबंधित जानकारी में MYogiAdityanath, विधायक सरिता भदौरिया, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भाजपा उत्तर प्रदेश का उल्लेख किया गया है।1
- शनिवार को एसएसपी चौराहे के पास पुरानी दीवानी के पीछे एक अज्ञात वृद्ध व्यक्ति गंभीर अवस्था में सड़क किनारे पड़े मिले। राहगीरों ने तुरंत डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। 108 एंबुलेंस को भी सूचित किया गया था, लेकिन वह समय पर नहीं पहुंच सकी। ऐसे में, स्थानीय लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में मानवीयता दिखाते हुए वृद्ध को ई-रिक्शा से जिला अस्पताल मोतीझील की इमरजेंसी में भर्ती कराया। वृद्ध व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई है और उनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, न ही उनके परिजनों के बारे में कोई जानकारी मिली है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इनकी पहचान के संबंध में कोई जानकारी हो तो वे तत्काल जिला अस्पताल मोतीझील की इमरजेंसी में संपर्क करके परिजनों तक सूचना पहुंचाने में सहयोग करें। स्थानीय लोगों और पुलिस की तत्परता और मानवता की मिसाल से वृद्ध को समय पर उपचार मिल सका।2
- गोंडा में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने बिहार के भारत तिवारी के कथित एनकाउंटर के विरोध में महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक 12 सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी महोदय के कार्यालय पर सौंपा। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के जिलाध्यक्ष संजय पाठक अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचे और मुठभेड़ के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। मोर्चा ने अपने मांग पत्र में प्रमुख रूप से कई बिंदुओं पर जोर दिया। इसमें भरत तिवारी की मौत के संपूर्ण प्रकरण की स्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध न्यायिक जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही, पीड़ित परिवार को कम से कम एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग शामिल है। सुरक्षा के लिहाज़ से, पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है। पारदर्शिता के लिए, मुठभेड़ की संपूर्ण वीडियो रिकॉर्डिंग, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की गई है। मोर्चा ने पुलिस सुधार आयोग के गठन की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि भविष्य में नागरिकों के साथ ऐसी घटनाएँ न हों और प्रत्येक मुठभेड़ की अनिवार्य न्यायिक जांच हो सके। यदि किसी अधिकारी ने घटना के साक्ष्य मिटाने, तथ्यों को छुपाने या झूठे तथ्य प्रस्तुत करने का प्रयास किया हो, तो उसके विरुद्ध पृथक आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग भी इस ज्ञापन का हिस्सा है।1
- पुलिस ने एक अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने का दावा किया है। हालांकि, इस मामले में किसकी हत्या हुई और कौन हत्यारा निकला, इसकी विस्तृत जानकारी जानने के लिए पाठकों को मूल खबर देखने के लिए कहा गया है।2
- उरई में धुर्वी मेकअप पार्लर अपना भव्य शुभ उद्घाटन करने जा रहा है, जिसके लिए सभी स्नेहीजनों को सादर आमंत्रित किया गया है। यह उद्घाटन 9 जुलाई को निर्धारित है। पार्लर ब्राइडल मेकअप, पार्टी मेकअप, हेयर स्टाइल, फेशियल और ब्यूटी केयर सहित कई सेवाएं प्रदान करेगा। आयोजकों का कहना है कि उपस्थित लोगों की मौजूदगी उनके लिए सौभाग्य और प्रेरणा होगी, और उनका नारा है "आपकी सुंदरता, हमारी पहचान"।1
- जसवंतनगर नगर पालिका परिषद के वार्ड संख्या 22 के सभासद मु. इरफान ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर सड़क निर्माण कार्य में कथित अनियमितता, वित्तीय गड़बड़ी और निम्न गुणवत्ता के गंभीर आरोप लगाए हैं। यह शिकायत इटावा जिले के जसवंतनगर से सामने आई है, जहाँ वार्ड संख्या 22 के मोहल्ला कटरा बिल्लोचियान पश्चिमी में लाल गुलाब के मकान से बरातघर होते हुए अंसार के मकान तक सीसी सड़क, उच्चीकरण एवं नाली निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ था। इस कार्य के लिए 19 जून 2025 को निविदा प्रकाशित की गई थी। सभासद इरफान का आरोप है कि धरातल पर यह निर्माण कार्य कराया ही नहीं गया, जबकि पुरानी इंटरलॉकिंग सड़क आज भी जर्जर हालत में मौजूद है। ज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि इस कथित निर्माण कार्य का लगभग 7,63,433 रुपये का भुगतान 16 दिसंबर 2025 को कर दिया गया, जिसे सरकारी धन का दुरुपयोग बताया गया है। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी, जेई और संबंधित ठेकेदार की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सभासद ने जिलाधिकारी शुभारंत कुमार शुक्ल से इस निर्माण कार्य की तकनीकी एवं स्थलीय जांच कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अनियमितता या दोष सिद्ध होता है, तो संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए, सरकारी धन की रिकवरी कराई जाए और सड़क का गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जाए। हालांकि, नगर पालिका अध्यक्ष ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि सभासदों द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोप तथ्यहीन हैं और इन मामलों की पूर्व में भी जांच हो चुकी है, जिसमें किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी नहीं पाई गई थी।1
- रविवार को औरैया के शहीद पार्क में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2026 के अवसर पर जिला प्रशासन और आयुष विभाग ने मिलकर एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। सुबह से ही शहीद पार्क में भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरे परिसर में सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का माहौल छा गया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नोडल अधिकारी सुश्री बी. चंद्रकला थीं, जिनके साथ सदर विधायक गुड़िया कठेरिया और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सुश्री चंद्रकला ने अपने संबोधन में योग को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर और शरीर, मन तथा आत्मा को स्वस्थ रखने का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अनियमित जीवनशैली और विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए नियमित योग की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने इस वर्ष की थीम “योगा फॉर हेल्दी एजिंग” पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग बढ़ती उम्र में भी व्यक्ति को स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सदर विधायक गुड़िया कठेरिया ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और अनुशासित जीवन जीने की कला है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग को वैश्विक पहचान मिली है, जिसे दुनिया के कई देश अपना रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान योग प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न योगासनों, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और प्रतिदिन योग करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में लोगों से अपने परिवार और समाज को भी योग के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया गया। इस अवसर पर जिला प्रशासन, आयुष विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।1
- जनपद इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने थाना ऊसराहार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना कार्यालय, CCTNS कक्ष, साइबर हेल्प डेस्क, मिशन शक्ति केंद्र, पुलिस आवास और भोजनालय सहित विभिन्न आवश्यक व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। साथ ही, संबंधित अभिलेखों एवं कार्यों की समीक्षा भी की गई। एसएसपी ने थाना परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव, जनसुनवाई व्यवस्था तथा महिला सुरक्षा से संबंधित सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के अंत में, थाना परिसर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के साथ-साथ पुलिसिंग को अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने के निर्देश भी जारी किए गए।1
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में घंटाघर चौराहे पर तैनात एक ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर (एसआई) एक व्यक्ति को सड़क पर गिराकर कथित तौर पर लात मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति सड़क पर गिरा हुआ है, और ट्रैफिक दरोगा उसे पैर से मारते नजर आ रहे हैं। इस घटना के दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बस से यह वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने पुलिस के इस व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई है। सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति कोई गलती करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन सार्वजनिक स्थान पर इस तरह का अभद्र व्यवहार बिल्कुल भी उचित नहीं है। हालांकि, इस घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियां और वीडियो का पूरा संदर्भ अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस विभाग की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल, वायरल वीडियो को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ आवश्यक कार्रवाई की मांग की जा रही है।1