आजमगढ़ जनपद की पुलिस ने एक बार फिर तकनीक का बेहतरीन उपयोग करते हुए आम नागरिकों को बड़ी राहत प्रदान की है। पुलिस कप्तान डॉ. अनिल कुमार के कुशल निर्देशन में चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत, आजमगढ़ पुलिस ने कुल 448 एण्ड्रायड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 94 लाख रुपये बताई गई है। आजमगढ़ पुलिस के 'सी0ई0आई0आर0 (CEIR)' पोर्टल आधारित इस अभियान ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। आंकड़ों के अनुसार, केवल मई 2026 में 448 एण्ड्रायड मोबाइल फोन (लगभग 94 लाख रुपये कीमत के) बरामद किए गए हैं। वर्ष 2026 में अब तक कुल 1407 मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 3 करोड़ 33 लाख 75 हजार रुपये है, बरामद किए जा चुके हैं। पिछले 28 महीनों की कुल उपलब्धि की बात करें तो, पुलिस ने अब तक 4650 मोबाइल फोन, जिनकी कुल कीमत लगभग 11 करोड़ 22 लाख रुपये है, बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किए हैं। अभियान की इस बड़ी सफलता के उपरांत, दिनांक 07 जून 2026 को जनपद के पुलिस अधीक्षक (SP) चिराग जैन ने रिजर्व पुलिस लाइन, आजमगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम में इन बरामद मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों के हाथों में सौंपा। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर मोबाइल स्वामियों के चेहरे खुशी से खिल उठे, और उन्होंने आजमगढ़ पुलिस की तत्परता एवं कार्यशैली की जमकर सराहना की। यह सफलता सीसीटीएनएस (CCTNS) सेल की सक्रियता का परिणाम है, जहाँ नागरिक 'सी0ई0आई0आर' (CEIR) पोर्टल पर अपनी ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कराते हैं, और पुलिस टीम तकनीक का उपयोग कर मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद करती है।
आजमगढ़ जनपद की पुलिस ने एक बार फिर तकनीक का बेहतरीन उपयोग करते हुए आम नागरिकों को बड़ी राहत प्रदान की है। पुलिस कप्तान डॉ. अनिल कुमार के कुशल निर्देशन में चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत, आजमगढ़ पुलिस ने कुल 448 एण्ड्रायड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 94 लाख रुपये बताई गई है। आजमगढ़ पुलिस के 'सी0ई0आई0आर0 (CEIR)' पोर्टल आधारित इस अभियान ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। आंकड़ों के अनुसार, केवल मई 2026 में 448 एण्ड्रायड मोबाइल फोन (लगभग 94 लाख रुपये कीमत के) बरामद किए गए हैं। वर्ष 2026 में अब तक कुल 1407 मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 3 करोड़ 33 लाख 75 हजार रुपये है, बरामद किए जा चुके हैं। पिछले 28 महीनों की कुल उपलब्धि की बात करें तो, पुलिस ने अब तक 4650 मोबाइल फोन, जिनकी कुल कीमत लगभग 11 करोड़ 22 लाख रुपये है, बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किए हैं। अभियान की इस बड़ी सफलता के उपरांत, दिनांक 07 जून 2026 को जनपद के पुलिस अधीक्षक (SP) चिराग जैन ने रिजर्व पुलिस लाइन, आजमगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम में इन बरामद मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों के हाथों में सौंपा। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर मोबाइल स्वामियों के चेहरे खुशी से खिल उठे, और उन्होंने आजमगढ़ पुलिस की तत्परता एवं कार्यशैली की जमकर सराहना की। यह सफलता सीसीटीएनएस (CCTNS) सेल की सक्रियता का परिणाम है, जहाँ नागरिक 'सी0ई0आई0आर' (CEIR) पोर्टल पर अपनी ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कराते हैं, और पुलिस टीम तकनीक का उपयोग कर मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद करती है।
- आजमगढ़ के मोहम्मदपुर विकासखंड स्थित रानीपुर रजमों की अस्थायी गौशाला में गो-धन संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत स्वयं सहायता समूहों को ₹1.07 करोड़ का एक डेमो चेक वितरित किया गया, जिसका उद्देश्य उनकी आय बढ़ाना है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सम्मानित किया और उन्हें वर्मी कम्पोस्ट किट भी प्रदान की। अधिकारियों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले को 27.13 लाख पौधरोपण का लक्ष्य मिला है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्वयं सहायता समूहों द्वारा 27.13 लाख किलो वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया जाएगा। इस योजना के तहत गौशालाओं से गोबर 50 पैसे प्रति किलो की दर से खरीदा जाएगा और तैयार वर्मी कम्पोस्ट ग्राम पंचायतों को ₹10 प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल से स्वयं सहायता समूहों को करीब ₹2.71 करोड़ और गौशालाओं को लगभग ₹32.30 लाख की अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत वृक्षारोपण और गो-पूजन जैसे अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।3
- उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद की सरसेना ग्राम सभा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का एक बड़ा उदाहरण बन गई है, जहाँ करोड़ों रुपये की लागत से बनी सब्जी मंडी खंडहर में तब्दील हो चुकी है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'अमृत सरोवर' योजना के तहत बना तालाब भी जंगल में बदल गया है। इस स्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है, और इसे सरकारी धन का दुरुपयोग बताया जा रहा है। ग्राम सभा में निर्मित सब्जी मंडी अब दिखावे का प्रतीक बनकर रह गई है। यहाँ न तो कोई दुकान है और न ही कोई व्यापारी। टिनशेड के नीचे सिर्फ कचरा, टूटे क्रेट और झाड़-झंखाड़ जमा हो गए हैं। ग्रामीणों द्वारा सवाल पूछे जाने पर, वर्तमान में प्रशासक के रूप में कार्यरत ग्राम प्रधान ने चौंकाने वाला जवाब देते हुए कहा कि "अभी दिखावा रहा हु"। इस बयान से स्पष्ट हो जाता है कि मंडी का निर्माण केवल कागजी कार्यवाही और तस्वीरों के लिए किया गया था, जिसके चलते किसान धूप और बारिश में सड़क किनारे सब्जी बेचने को विवश हैं। इसी तरह, आजादी के 75वें वर्ष 'अमृत महोत्सव' के अवसर पर शुरू किए गए 'अमृत सरोवर अभियान' के तहत सरसेना के गाटा संख्या 1024 में एक तालाब बनाया गया था। इसके प्रवेश द्वार पर लगे शिलालेख में '75 आजादी का अमृत महोत्सव' और तत्कालीन प्रधान अमलता देवी का नाम भी अंकित है। हालांकि, जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल उलट है। तालाब का बेस पूरी तरह से घास और झाड़ियों से भर गया है, जबकि सीमेंट से बने घाट और सीढ़ियों पर मिट्टी व कचरा जमा है। ऐसे में जल संरक्षण, भूजल रिचार्ज और सौंदर्यीकरण के तीनों प्रमुख उद्देश्य विफल साबित हुए हैं, और गर्मी के दिनों में मवेशियों को भी पानी नसीब नहीं हो पा रहा है।1
- राजस्थान के जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के एक कार्यक्रम के दौरान एक बेहद खूबसूरत और दिल छू लेने वाला क्षण देखने को मिला। इसी कार्यक्रम में नन्हा दिलखुश विश्नोई पूरे आत्मविश्वास के साथ मुख्यमंत्री की ओर बढ़ा, जिससे वहां मौजूद हर कोई भावुक हो उठा। दिलखुश की मासूमियत देखकर सुरक्षाकर्मियों के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई और किसी ने उसे मंच तक पहुँचने से नहीं रोका। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी स्नेहपूर्वक उस बच्चे को मंच पर बुलाया, उसे टॉफी दिलवाई और बड़े प्यार से उससे बातचीत की। मंच से वापस लौटते समय दिलखुश के चेहरे पर ऐसी खुशी थी, मानो उसने कोई बड़ी जीत हासिल की हो। नीचे पहुँचते ही उसकी माँ ने उसे तुरंत गले लगा लिया। अब यह प्यारा और हृदयस्पर्शी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों का दिल जीत रहा है।1
- स्थानीय निवासियों ने अपने क्षेत्र में सड़क के अभाव को लेकर शिकायत की है। उनके अनुसार, जहाँ वे रहते हैं, वहाँ न तो कोई पक्की सड़क मौजूद है और न ही अभी तक कोई कच्ची सड़क बनाई गई है।4
- देवरिया जिले की भटनी पुलिस ने पॉक्सो एक्ट से जुड़े एक मामले में वांछित अभियुक्त निखिल कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए शिवबनकटा चौराहा से डुमरी जाने वाले मार्ग से 18 वर्षीय निखिल कुमार को पकड़ा, जो विजयीपुर, गोपालगंज (बिहार) का निवासी है। पुलिस के अनुसार, निखिल कुमार के खिलाफ थाना भटनी में एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज था। मामले की विवेचना के दौरान, पीड़िता को 27 मई 2026 को सकुशल बरामद कर लिया गया था। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार और हेड कांस्टेबल अरविन्द यादव शामिल थे।1
- जौनपुर के पुरेव गांव में पंडित सुरेंद्र प्रसाद उपाध्याय गंगा पंडित जी के निवास स्थान पर श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस ज्ञान कथा का वाचन व्यास धर्म ध्वज रामानुजाचार्य महाराज चित्रकूट के मुख से हो रहा है। इस धार्मिक आयोजन में कथा सुनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पंडित सुरेंद्र प्रसाद उपाध्याय के निवास स्थान पर पहुंच रहे हैं। कथा श्रवण कर सभी श्रद्धालु अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव कर रहे हैं।1
- आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी के नेता और विधान परिषद सदस्य शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने गरीब, असहाय मरीजों और जरूरतमंद बेटियों की शादी के लिए ₹4.04 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की। यह सहायता 29 मई से 4 जून 2026 के बीच चेक के माध्यम से विभिन्न लाभार्थियों को वितरित की गई। गुड्डू जमाली ने इस अवसर पर कहा कि उनके लिए राजनीति सत्ता या पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का एक सशक्त जरिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गरीबों, मरीजों, विधवाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद परिवारों की मदद करना उनका नैतिक दायित्व है। उनका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है, और यही उनके सार्वजनिक जीवन का मूल लक्ष्य है। उन्होंने यह भी बताया कि जनता का विश्वास और उनकी दुआएं ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी हैं। गुड्डू जमाली ने संकल्प लिया कि जनसेवा का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- देवरिया के बरहज विधानसभा क्षेत्र स्थित परसिया व विशुनपुर देवार में सरयू नदी के कटान और नाव संचालन की मांग को लेकर परसिया देवार में एक पंचायत का आयोजन किया गया। इस दौरान सपा नेता विजय रावत ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर नदी का कटान रोकने की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई और सरयू नदी पर स्थायी रूप से चार नावों का संचालन शुरू नहीं हुआ, तो क्षेत्र के लोग अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। रावत ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों में सरयू नदी के तेज कटान के कारण किसानों की हजारों एकड़ भूमि नदी में समा चुकी है, लेकिन प्रशासन द्वारा इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे इस कटान से किसान अब भूमिहीन होने की कगार पर पहुँच गए हैं। इस पंचायत में राजेश यादव, यशवंत कुमार, मंटू यादव, राहुल प्रसाद, सुमन निषाद, राजू निषाद, सलीम अंसारी, विकास यादव, आदित्य कुमार, वीरेंद्र यादव सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।1
- जौनपुर जिले के पुरेव पटेल नगर गांव में स्थित पंडित सुरेंद्र प्रसाद उपाध्याय, जिन्हें गंगा पंडित जी के नाम से भी जाना जाता है, के निवास स्थान पर श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस पुनीत अवसर पर चित्रकूट से पधारे व्यास धर्म ध्वज रामानुजाचार्य महाराज अपने मुख से ज्ञान कथा का वाचन कर रहे हैं। कथा श्रवण करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पंडित सुरेंद्र प्रसाद उपाध्याय के निवास स्थान पर पहुंच रहे हैं, और कथा सुनकर सभी भक्त अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव कर रहे हैं।1