वल्लभनगर विधायक डांगी ने टीएसपी क्षेत्र में ओबीसी वर्ग को 21 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए विधानसभा में उठाया मुद्दा प्रक्रिया व कार्य संचालन 295 के तहत राजस्थान विधानसभा के पटल पर शुक्रवार को वल्लभनगर विधायक उदय लाल डांगी ने मुद्दा उठाते हुए कहा की टीएसपी क्षेत्र के ओबीसी वर्ग के लिए संवैधानिक आरक्षण लागू किया जाएं। टीएसपी क्षेत्र में एसटी और एससी वर्गों के लिए अलग-अलग आरक्षण पहले से मौजूद है। लेकिन ओबीसी वर्ग के लिए अब तक कोई अलग से आरक्षण लागू नहीं है। जिससे किसी भी सरकारी भर्ती परीक्षा में आरक्षण लागू नहीं होने से ओबीसी वर्ग को सामान्य श्रेणी में ही शामिल मानकर कट ऑफ तय कि जाती है। जबकि एसटी-एससी वर्ग की सीटें आरक्षण के अनुसार तय है। लेकिन टीएसपी क्षेत्र में ओबीसी वर्ग के युवाओं को सरकारी नोकरियो में आरक्षण का लाभ अलग से नहीं मिल पा रहा है। जिससे ओबीसी वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है। जबकि टीएसपी क्षेत्र में ओबीसी वर्ग की जनसंख्या एसटी वर्ग के बाद सबसे अधिक है। यह स्थिति सामाजिक न्याय व संविधान के खिलाफ है। इसलिए जरूरी है कि ओबीसी वर्ग को भी अलग से 21 प्रतिशत आरक्षण मिले। ताकि शिक्षा व रोजगार में समान अवसर सुनिश्चित हों और टीएसपी क्षेत्र में विकास के साथ न्याय की भावनाएं मजबूत हो। विधायक डांगी ने सरकार से अनुरोध किया कि इस दिशा में शीघ्र निर्णय लिया जाए। टीएसपी क्षेत्र में ओबीसी वर्ग के लिए 21 प्रतिशत आरक्षण लागू कर आरक्षित सीटों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
वल्लभनगर विधायक डांगी ने टीएसपी क्षेत्र में ओबीसी वर्ग को 21 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए विधानसभा में उठाया मुद्दा प्रक्रिया व कार्य संचालन 295 के तहत राजस्थान विधानसभा के पटल पर शुक्रवार को वल्लभनगर विधायक उदय लाल डांगी ने मुद्दा उठाते हुए कहा की टीएसपी क्षेत्र के ओबीसी वर्ग के लिए संवैधानिक आरक्षण लागू किया जाएं। टीएसपी क्षेत्र में एसटी और एससी वर्गों के लिए अलग-अलग आरक्षण पहले से मौजूद है। लेकिन ओबीसी वर्ग के लिए अब तक कोई अलग से आरक्षण लागू नहीं है। जिससे किसी भी सरकारी भर्ती परीक्षा में आरक्षण लागू नहीं होने से ओबीसी वर्ग को सामान्य श्रेणी में ही शामिल मानकर कट ऑफ तय कि जाती है। जबकि एसटी-एससी वर्ग की सीटें आरक्षण के अनुसार तय है। लेकिन टीएसपी क्षेत्र में ओबीसी वर्ग के युवाओं को सरकारी नोकरियो में आरक्षण का लाभ अलग से नहीं मिल पा रहा है। जिससे ओबीसी वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है। जबकि टीएसपी क्षेत्र में ओबीसी वर्ग की जनसंख्या एसटी वर्ग के बाद सबसे अधिक है। यह स्थिति सामाजिक न्याय व संविधान के खिलाफ है। इसलिए जरूरी है कि ओबीसी वर्ग को भी अलग से 21 प्रतिशत आरक्षण मिले। ताकि शिक्षा व रोजगार में समान अवसर सुनिश्चित हों और टीएसपी क्षेत्र में विकास के साथ न्याय की भावनाएं मजबूत हो। विधायक डांगी ने सरकार से अनुरोध किया कि इस दिशा में शीघ्र निर्णय लिया जाए। टीएसपी क्षेत्र में ओबीसी वर्ग के लिए 21 प्रतिशत आरक्षण लागू कर आरक्षित सीटों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान4
- प्रतापगढ़, राजस्थान// चित्तौड़गढ़ लोकसभा सांसद प्रत्याशी कमल मीणा बहुजन समाज पार्टी जिला अध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान समय में राजस्थान सरकार द्वारा चलाई जा रही अन्नपूर्णा रसोई योजना फाइलों में बराबर चल रही है लेकिन धरातल पर नहीं चल रही | प्रतापगढ़ जिले में जो अन्नपूर्णा रसोई योजना है वह ठेकेदारों की मनमर्जी से चलती हैं अन्नपूर्णा रसोई में जो पौष्टिक खाना बता रखा है वह भी नहीं मिलता है एवं प्रत्येक थाली पर निर्धारित मूल्य ₹8 रुपया थाली बता रखा जबकि ₹10 मजदूर से लिया जाता है जो पौष्टिक खाना थाली में बता रखा वह भी नहीं मिलता है यह योजनाएं कागज में पूंजीपति लोग चला रहे हैं जिनको गरीब आदमी भूखे रहे या प्यासे रहे उससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं है जब एक व्यक्ति से एक थाली के ₹10 लेते हैं 30 दिन आदमी खाना खाता है तो ₹300 बनते हैं जो की थाली की रेट से देखे तो 30 दिन के ₹8 के हिसाब से ₹240 बनते हैं जिस गरीब मजदूर आदमी से एक माह की 30 दिन के ₹60 ज्यादा ले रहे हैं अगर गरीब मजदूर के पास एक दिन अगर भोजन करने की ₹8 नहीं हो तो मजदूर आदमी को भूखे ही रहना होता है यह ₹8 के खाना खाने वाले मजदूर, आदिवासी लोग ही होते हैं इसलिए राजस्थान सरकार वर्तमान समय में आदिवासी क्षेत्र में जो अन्नपूर्णा रसोई योजनाएं चला रखी है वह सभी भोजन के टेंडर आदिवासी लोगों को दिए जाए जिंससे गरीब मजदूरों को भूख न काटनी पड़े आज दिनांक 4 मार्च 2026 को जब मजदूर ने बताया कि आज रसोई योजना बंद है तो मैंने जाकर देखा तो पाया कि प्रतापगढ़ नगर पालिका में चल रही अन्नपूर्णा रसोई योजना पर ताला लगा हुआ था और प्रतापगढ़ सुखाडिया ग्राउंड में चल रही अन्नपूर्णा योजना भी बंद मिलीं एवं प्रतापगढ़ जिला चिकित्सालय में चल रही अन्नपूर्णा योजना भी बंद मिली इसी तरह प्रतापगढ़ में पोस्ट ऑफिस के सामने चल रही अन्नपूर्णा योजना पर भी ताला लगा मिला इस प्रकार से वर्तमान सरकार द्वारा जो योजनाएं सरकार ने चला रखी है वह सब योजनाएं कागज़ो और फाइलों में चल रही है इन योजनाओं का लाभ गरीब, मजदूर आदमी नहीं ले पा रहा जैसा की प्रतापगढ़ जिला पूर्ण रूप से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है जो कि आज आजादी के 71 वर्षों के बाद भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, रोटी, कपड़ा, मकान, जल,जंगल, जमीन हर प्रकार से पिछड़ा हुआ है वर्तमान सरकार द्वारा गरीब आदमी को खाना उपलब्ध नहीं करना है इसलिए अन्नपूर्णा रसोई योजना का काम पूंजीपति लोगों को दे रखा है जो वीआईपी खाना खाते हैं ऐसे लोगों को जिन लोगों को गरीब आदमी की भूख से कोई लेना-देना नहीं है ऐसे पुंजीपति लोगों को ट्राइबल क्षेत्र की रसोई योजना की टेंडर दे रखे हैं मैं बहुजन समाज पार्टी जिला अध्यक्ष प्रतापगढ़ होने के नाते भजनलाल जी सरकार से कहना चाहता हूं कि गरीब का निवाला छिलने वाले लोगों से तुरंत प्रभाव से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में चलने वाली सभी अन्नपूर्णा रसोई योजना के टेंडर आदिवासी गरीब मजदूरों को दिए जाएं जिससे गरीब मजदूर पेट भर कर खाना खा सके ₹8 थाली की जगह ₹10 लिए जा रहे हैं जबकि 22 रुपए अनुदान की रिपोर्ट राजस्थान सरकार दे रही है ₹2 प्रति थाली पर अवैध वसूली हो रही इस पर रोक लगाई जाए | अन्नपूर्णा रसोई योजना की टैगलाइन है कोई भी भूखा नहीं सोए जबकि प्रतापगढ़ जिले में जो अन्नपूर्णा रसोई योजना चल रही है इस अन्नपूर्णा योजना को चलाने वाले पूंजीपति लोग गरीब जनता को भूख से मरने को मजबूर कर रहे हैं | अन्नपूर्णा रसोई योजना का समय सुबह 8.30 से 3: 00 बजे तक एवं रात को 5:00 बजे से 9:00 तक का समय दिया हुआ है जबकि रात को 8:00 बजे अन्नपूर्णा रसोई योजना बंद हो जाती है निर्धारित मूल्य ₹8 रुपए दे रखा जबकि जनता से ₹10 लिए जाते हैं भोजन थाली में बताई हुई सामग्री भी पूरी नहीं दि जाती हैं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में अन्नपूर्णा रसोई योजना के नाम पर गरीब जनता का निवाला छिनने वाले लोगों की जांच निकलवाई और भोजन में सुधार करवाया जाए अगर समय रहते जांच नहीं हुई तो बहुजन समाज पार्टी अनिश्चित कालीन धरना लगाएगी जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी4
- छोटी सादड़ी नगर पालिका द्वारा आयोजित मेले में उदयपुर क्षेत्र के प्रसिद्ध भजन गायक भगवत सुथार द्वारा छोटी सादड़ी मा में आकर प्रस्तुति दी गई उससे पहले होटल सोहन पैलेस में सुथार समाज द्वारा भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर भेंट कर ऊपर नवादा कर सम्मान किया गया जिसमें अजय कुमार पहलाद अशोक एवं और कई वरिष्ठ जन् एवं बहन ने स्वागत सरकार किया4
- Post by VAGAD news241
- डूंगरपुर। जिला पुलिस की विशेष टीम डीएसटी ने पहाड़ियों के रास्ते गुजरात में की जा रही अवैध शराब तस्करी का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी मात्रा में शराब जब्त की है। पुलिस ने मौके से एक इनोवा कार भी जब्त की है।जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए डीएसटी का गठन किया गया है। टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बिछीवाड़ा क्षेत्र की दुर्गम पहाड़ियों के रास्ते गुजरात में अवैध शराब भेजी जा रही है। इस पर टीम ने शनिवार सुबह बराठी गांव के आसपास निगरानी शुरू की।निगरानी के दौरान मुखबिर के बताए अनुसार एक इनोवा कार आती दिखाई दी। टीम ने वाहन को रोकने का प्रयास किया तो चालक ने पुलिस वाहन को टक्कर मारकर भागने की कोशिश की। पीछा करने पर बराठी-चूंडावाड़ा मार्ग पर तस्कर कार छोड़कर फरार हो गए।पुलिस ने कार की तलाशी लेने पर विभिन्न ब्रांड की 81 कार्टन और 43 पव्वे अवैध शराब बरामद की। वाहन को जब्त कर अग्रिम कार्रवाई के लिए बिछीवाड़ा थाना पुलिस को सुपुर्द किया गया।1
- Post by Dev karan Mali1
- उदयपुर जिले के ग्राम पंचायत सिंहाड़ के राजस्व गांव बोरिया में पिछले कई दिनों से विचरण कर रहे पैंथर को वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार पैथर वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया। जिससे ग्रामीणों ने बडी राहत महसूस की है। गांव में पैंथर के मूवमेंट को लेकर ग्रामीण में भय व्याप्त हो गया। ग्रामीणों की बार-बार शिकायत पर वन विभाग सतर्क हुआ। सहायक वनपाल भींडर सुरेश मेनारिया के नेतृत्व में तकनीकी स्टाफ भगा रावत, मनोहरसिंह शक्तावत एवं वन सुरक्षा समिति सदस्य देवीलाल, लोगर व धर्मेंद्र ने पैंथर के पदचिह्नों के आधार पर रणनीति बनाकर पिंजरा लगाया। जिससे शिकार की तलाश में आया पेंथर पिंजरे में फंस गया। ग्रामीणों की सूचना पर टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर अन्यत्र जंगल में छोड़ दिया। आपको बता दे कि पूर्व में भी इस गांव से पैंथर पकड़े जा चुके हैं। आए दिन होने वाली इन घटनाओं से ग्रामीण हमेशा खौफ के साये में रहते हैं। गांव के ग्रामीणों ने वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। हालांकि घटना के बाद विभाग अब भी अलर्ट मोड पर है।1
- Post by न्यूज़ रिपोर्टर कमल मीणा4
- समाज सेवक जनता की आवाज न्यूज के संपादक सुरेश सुमन आमली झाड़ ने अपनी खुशी को निजी जश्न तक सीमित न रखकर जरूरतमंदों की जान बचाने के लिए रक्तदान करने का निर्णय लिया, जो समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल है। इस तरह के नेक कार्य जीवन के नए अध्याय की शुरुआत में सकारात्मक संदेश देते हैं।* इस नेक पहल के प्रमुख बिंदु: खुशी का अनूठा तरीका:बच्ची के जन्म पर फिजूलखर्ची करने के बजाय, रक्तदान जैसे मानवतावादी काम को चुना गया। समाज को संदेश: यह पहल बेटियो के सरक्षण और समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सकारात्मक भूमिका निभाती है। जीवनदान का संकल्प: रक्तदान को महादान माना जाता है, जो किसी के जीवन में नई कहानी जोड़ सकता है। प्रेरणादायक उदाहरण: इस तरह की घटनाएँ अन्य लोगों को भी निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करती हैं। ऐसे कार्यों से न केवल पिता अपनी खुशी साझा करते हैं, बल्कि समाज में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा भी मिलता है।1