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*सैल्यूट है ऐसे पुलिस वालों को:* दरोगा सतेंद्र सिंह ने आज मथुरा में करीब 30 बच्चों की जान उस समय बचाई जब बस में आग लग गई थी और बस के नीचे से आग के गोले गिर रहे थे। एसआई सतेंद्र सिंह ने तेजी से जा रही बस को अपनी गाड़ी से ओवरटेक कर रोक लिया और सभी बच्चों को सुरक्षित उतार लिया। बच्चों के उतरते ही आग ने तेजी पकड़ ली और पूरी बस जलकर खाक हो गयी।
Bhupendra Rai दबंग इंडिया
*सैल्यूट है ऐसे पुलिस वालों को:* दरोगा सतेंद्र सिंह ने आज मथुरा में करीब 30 बच्चों की जान उस समय बचाई जब बस में आग लग गई थी और बस के नीचे से आग के गोले गिर रहे थे। एसआई सतेंद्र सिंह ने तेजी से जा रही बस को अपनी गाड़ी से ओवरटेक कर रोक लिया और सभी बच्चों को सुरक्षित उतार लिया। बच्चों के उतरते ही आग ने तेजी पकड़ ली और पूरी बस जलकर खाक हो गयी।
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- Post by नीलेश विश्वकर्मा1
- Post by Hakikat MP संवाद न्यूज4
- चिमाढाना में क्रेशर माफिया की मनमानी: लीज से कई गुना अधिक खुदाई, पूरा पहाड़ खोखला,ग्रामीणों ने लगाए आरोप* गौरझामर खनन माफिया और गिट्टी क्रेशर संचालकों की बेलगाम मनमानी ने एक बार फिर पर्यावरण और स्थानीय लोगों की नींद उड़ा दी है। प्रशासनिक के नियमों और लीज की शर्तों को खुलेआम ताक पर रखते हुए कई क्रेशर संचालकों ने निर्धारित क्षेत्र से कई गुना अधिक जगह में खुदाई कर डाली है। स्थानीय सूत्रों और जांच में सामने आया है कि जहां लीज में केवल 6 मीटर तक गहराई तक खुदाई की अनुमति थी, वहीं माफियाओं ने पूरा पहाड़ खोद डाला। सागर जिले की देवरी विधानसभा क्षेत्र चिमाढाना में एक मामले में क्रेशर संचालकों ने अनुमति से कई गुना ज्यादा खनन किया, जिससे आसपास के गांवों में मिट्टी का कटाव तेज हो गया है और उपजाऊ भूमि बंजर होने की कगार पर पहुंच गई है। क्योंकि उन्होंने लीज क्षेत्र से बाहर जाकर बड़े पैमाने पर खुदाई की थी। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि दिन-रात ब्लास्टिंग और मशीनों की आवाज से घरों की दीवारें दरक रही हैं, पानी के स्रोत सूख रहे हैं और फसलें बर्बाद हो रही हैं। एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "ये लोग राजनीतिक संरक्षण में बैठे हैं। कार्रवाई का नाम सिर्फ कागजों पर है, जमीन पर कुछ नहीं होता।" खनिज विभाग के अधिकारी की मिली भगत से हो रहा काला कार नाम लेकिन राजनीतिक दबाव और मोटी रिश्वत के चलते कार्रवाई रुक जाती है। पर्यावरणविदों का कहना है कि ऐसी अंधाधुंध खुदाई से मध्य प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है और जलस्तर तेजी से गिर रहा है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि सख्त कार्रवाई हो, क्रेशर सील किए जाएं और दोषियों पर भारी जुर्माना लगाया जाए। क्या इस बार सरकार खनन माफियाओं पर असली सर्जिकल स्ट्राइक करेगी या फिर कागजी शेर बने रहेगी? यह सवाल अब स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यावरण प्रेमियों के मन में भी गूंज रहा है। इनका कहना है आपके द्वारा जानकारी प्राप्त हुई है मैं सभी क्रेशर चेक करवाता हूं जिस किसी ने भी सीमा से अधिक खुदाई की होगी जांच करके उचित करवाही की जायेगी अनित पाण्डया खनिज अधिकारी1
- good evening 😍good evening 😍3
- देसी पार्टी गांव की पार्टी 🙏🙏🙏🙏🙏🤣🤣🤣🤣😂😂😅😅🌹🌹🇮🇳🇮🇳🇮🇳💯💯👋👋1
- कटनी जिले के बिलहरी स्थित लक्ष्मण सागर तालाब में #जल_गंगा_संवर्धन_अभियान_MP के तहत साफ-सफाई एवं संरक्षण कार्य की शुरुआत की गई। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं समाजसेवियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सामूहिक श्रमदान कर तालाब को स्वच्छ एवं संरक्षित बनाने का संकल्प लिया। अभियान का मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण, जल स्तर में वृद्धि और पर्यावरण संतुलन बनाए रखना है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे इस तरह के जनहितकारी कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लक्ष्मण सागर तालाब क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत है, जिसकी सफाई और संरक्षण से आने वाले समय में जल संकट से राहत मिल सकेगी। अभियान के तहत तालाब में जमा गंदगी और कचरे को हटाने का कार्य किया गया तथा आसपास के क्षेत्र को भी स्वच्छ रखने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर सभी ने एकजुट होकर जल संरक्षण की दिशा में निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।1
- Post by नीलेश विश्वकर्मा1
- good morning friend Radhe Radhe 🙏 Sagar2
- कटनी। जिले में जल संरक्षण और नदी स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कटाए घाट में कटनी नदी की सफाई के साथ “जल गंगा संवर्धन अभियान” की शुरुआत की गई। इस अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं समाजसेवियों ने एकजुट होकर सामूहिक श्रमदान किया। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग कटाए घाट पहुंचे, जहां सभी ने मिलकर नदी किनारे फैली गंदगी और कचरे को हटाया। इस दौरान स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। अभियान का उद्देश्य न केवल नदी को साफ करना है, बल्कि आमजन में जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाना है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कहा कि जल ही जीवन है और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आम नागरिकों से भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अपने आसपास के जल स्रोतों को स्वच्छ रखने की अपील की। यह अभियान आगे भी जिले के अन्य क्षेत्रों में जारी रहेगा, जिसमें लोगों की सहभागिता से जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने का प्रयास किया जाएगा।1