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मिर्जापुर में एक गर्भवती महिला ने अपने जेठ पर छेड़छाड़ और उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) से न्याय की गुहार लगाई है।
Uttar pradesh ki takat
मिर्जापुर में एक गर्भवती महिला ने अपने जेठ पर छेड़छाड़ और उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) से न्याय की गुहार लगाई है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- मिर्जापुर में एक महिला ने जिलाधिकारी (DM) से गुहार लगाई है, क्योंकि उनके पति की मृत्यु के चार महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिल पाया है। यह महिला तेलंगाना की रहने वाली हैं और इस आवश्यक दस्तावेज के लिए अधिकारियों से मदद की अपील कर रही हैं।1
- वाराणसी के वरद आंजनेय हनुमान मंदिर में योगी आदित्यनाथ का 54वां जन्मदिन बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस खास अवसर पर 54 किलो के लड्डू से बना एक विशेष केक काटा गया। उनके 54वें जन्मदिन पर भगवान को 54 पौधे समर्पित किए गए, जिनमें से प्रत्येक पौधे पर जनकल्याणकारी योजनाओं की तस्वीरें लगाई गई थीं। इस आयोजन के दौरान, भक्तों और समर्थकों ने मंदिर में भव्य आरती उतारी और योगी आदित्यनाथ के दीर्घायु व स्वस्थ जीवन की कामना की। यह जानकारी सोनी न्यूज़ के लिए देवेंद्र प्रताप सिंह ने राजधानी लखनऊ से अपनी ब्यूरो रिपोर्ट में दी है।1
- जालौन के आटा थाना क्षेत्र में 2 जून 2026 को हुए एक सनसनीखेज अपहरण मामले में जालौन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहृत युवक रोहित को सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस अधीक्षक जालौन के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने मात्र दो दिन (48 घंटे) के भीतर इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए अपहरण में प्रयुक्त कार व मोटरसाइकिल सहित कुल पाँच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, 2 जून 2026 को एक महिला वादिया ने थाना आटा में अपने पति रोहित पुत्र महेन्द्रपाल के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस पर थाना आटा में रविन्द्र, गुल्टू, अजय सहित 3-4 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला पंजीकृत किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह ने तत्काल तीन टीमों का गठन किया। गठित टीमों ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपहृत और आरोपियों की लोकेशन को ट्रेस किया। इसके बाद टीमों को गाजियाबाद व दिल्ली में दबिश देने के लिए भेजा गया, जहाँ दिल्ली पुलिस के सहयोग से अपहृत रोहित को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य अभियुक्तों अजय और शंकर के अलावा सुनील, रिजवान और दीपक को गिरफ्तार किया है। अपहृत रोहित ने पुलिस को बताया कि यह विवाद पैसों को लेकर था। 2 जून 2026 को करीब साढ़े तीन बजे उन्हें कुसमरा रोड से गाड़ी में डालकर अगवा कर लिया गया था। उसने यह भी बताया कि सुनील और रिजवान मोटरसाइकिल पर उनके साथ थे, और वह इन सभी को पहले से जानता था। अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी ने इस सफल अभियान के लिए टीमों की सराहना की है। पुलिस फिलहाल फरार चल रहे आरोपियों रविन्द्र और गुल्टू सहित अन्य की तलाश कर रही है। सभी गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ जारी है और थाना आटा पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, जालौन जिले के डकोर विकास खण्ड स्थित गौशाला में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने गोवंश की सेवा की और उन्हें गुड़ व चना खिलाकर गौ संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। साथ ही, उन्होंने गौशाला परिसर में वृक्षारोपण भी किया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का भी संकल्प दोहराया गया। सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने भारतीय संस्कृति में गौ माता के विशेष स्थान पर जोर देते हुए कहा कि गौसेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि एक संवेदनशील समाज के निर्माण का भी प्रतीक है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, और इन योजनाओं का लाभ ज़मीनी स्तर तक पहुँचाना सबकी साझा जिम्मेदारी है। कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने गौशालाओं को सिर्फ आश्रय स्थल नहीं, बल्कि पशुधन संरक्षण के महत्वपूर्ण केंद्र बताया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि गोवंश की समुचित देखभाल, स्वच्छता, चारा-पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन और समाज दोनों का सामूहिक दायित्व है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने गौशाला की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया और गोवंश के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गौशालाओं में चारे, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था और पशु चिकित्सा सुविधाओं की नियमित उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। पाण्डेय ने यह भी रेखांकित किया कि गोवंश की सेवा और संरक्षण समाज की एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भाव को भारतीय संस्कृति की एक प्रमुख पहचान बताया और स्वयं गोवंश को गुड़-चना खिलाकर उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दोहराया। इस कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने गौसेवा को मानव सेवा के समान बताते हुए गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर सहयोग करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान गौशाला परिसर में स्वच्छता, हरियाली और बेहतर व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया गया। यह कार्यक्रम इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि गौसेवा से बड़ा कोई पुण्य नहीं है, और गौ संरक्षण हमारी सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न अंग है।3
- उत्तर प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को नई गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। इस कदम से प्रदेश में रक्षा क्षेत्र से जुड़े निवेश को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। राज्य सरकार की नीतियों और बेहतर औद्योगिक वातावरण के कारण देश-विदेश की कई कंपनियाँ उत्तर प्रदेश में निवेश करने में रुचि दिखा रही हैं। डिफेंस सेक्टर में बढ़ते इस निवेश से प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, साथ ही युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर भी मिलेंगे। उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के माध्यम से राज्य को रक्षा उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल प्रदेश के आर्थिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी, बल्कि 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेगी। रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की बढ़ती भागीदारी राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जालौन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शुक्रवार को एक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। इस कार्यक्रम में चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित कर हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.डी. गुप्ता ने बढ़ते प्रदूषण और बदलते पर्यावरणीय हालातों के संदर्भ में पौधारोपण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने यह भी कहा कि वृक्ष न केवल पर्यावरण को संतुलित रखते हैं, बल्कि मानव जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। इस पौधारोपण अभियान में डॉ. सहन बिहारी गुप्ता, डॉ. विनोद राजपूत, डॉ. योगेश आर्य, राजीव दुबे, डॉ. रंजीत, डॉ. प्रियांशु और डॉ. प्रियम यादव सहित कई चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने का आग्रह किया। फार्मासिस्ट पी.एन. शर्मा, अवधेश राजपूत, अरविंद राठौर, हाशिम, राहुल, एल.टी. राज नारायण वर्मा, लोकेंद्र पाल और जितेंद्र राठौर जैसे स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारियों ने भी पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सिक्योरिटी कर्मी अवधेश और दीपक ने संभाली थी। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प भी लिया कि वे लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करेंगे और समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास करेंगे। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह पहल हरित विकास, स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ समाज की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम साबित हुई।4
- जनपद जालौन के कदौरा नगर में शुक्रवार को प्रशासन ने सार्वजनिक भूमि और सड़कों पर लंबे समय से चले आ रहे अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के नेतृत्व में नगर पंचायत और पुलिस प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने बुलडोजर का इस्तेमाल करते हुए नगर के विभिन्न हिस्सों में किए गए अवैध कब्जों को ध्वस्त किया और नगर पंचायत की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। इस कार्रवाई के दौरान सड़क किनारे बने चबूतरे, टीनशेड, अस्थायी दुकानें और अन्य अवैध निर्माण हटाए गए, जिससे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया और कई लोगों ने तो बुलडोजर के पहुंचने से पहले ही अपने अवैध निर्माण स्वयं हटाने शुरू कर दिए। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें नगर पंचायत की भूमि पर अवैध कब्जों और अतिक्रमण के कारण आम नागरिकों को आवागमन में हो रही परेशानियों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी के मद्देनजर प्रशासन ने एक पूर्व निर्धारित योजना के तहत यह विशेष अभियान चलाया। इस दौरान कई स्थानों पर वर्षों से किए गए कब्जों को हटाया गया। अभियान को देखने के लिए नगर के प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक मार्गों पर भारी संख्या में लोग एकत्र हो गए, लेकिन नायब तहसीलदार, नगर पंचायत कर्मचारियों, राजस्व विभाग की टीम और पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी तथा निगरानी के कारण यह कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। उपजिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि सरकारी भूमि, सार्वजनिक मार्गों और नगर पंचायत की संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अतिक्रमणकारियों से अपील की कि वे स्वयं अपने अवैध निर्माण हटा लें, अन्यथा प्रशासन कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें ध्वस्त कर देगा। प्रशासन ने नगरवासियों से सहयोग की अपील करते हुए यह भी बताया कि नगर को अतिक्रमण मुक्त बनाने तथा आम लोगों को सुगम आवागमन और बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।2
- जालौन में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने अपनी मासिक बैठक के बाद किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही को एक ज्ञापन सौंपा। यह बैठक गल्ला मंडी सभागार में आयोजित की गई थी, जिसके बाद तहसील अध्यक्ष देवसिंह पटेल के नेतृत्व में किसानों ने अपनी माँगों के शीघ्र समाधान की अपील की। ज्ञापन में किसानों ने प्रमुख रूप से बताया कि हाल ही में आई तेज आंधी से ग्रामीण क्षेत्रों में निजी नलकूपों के कई बिजली के खंभे गिर गए हैं, जिससे सिंचाई व्यवस्था बाधित हो गई है। उन्होंने क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों की जाँच कर जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की माँग की। इसके साथ ही, गायर मौजा क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या भी उठाई गई, जहाँ जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण कई एकड़ कृषि भूमि पर बुवाई नहीं हो पा रही है। किसानों ने पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा निर्मित एक धंसी हुई पुलिया के पुनर्निर्माण की भी माँग की, जिसके कारण किसानों और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भाकियू पदाधिकारियों ने अपनी माँगों में जालौन मंडी में सरकारी मूंग खरीद केंद्र को तत्काल संचालित करने, खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने तथा ब्लॉक कुठौंद के ग्राम धराना में ओलावृष्टि से प्रभावित और मुआवजे से वंचित किसानों को राहत राशि दिलाने की बात भी कही। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इस दौरान ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में किसान और भाकियू पदाधिकारी मौजूद थे।1