राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत शनिवार, 30 मई को बहराइच जिले की सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर विश्व तम्बाकू निषेध दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में डॉ. संजय कुमार की अध्यक्षता में एक हस्ताक्षर अभियान के साथ हुई। इस अवसर पर स्वास्थ्यकर्मियों ने मानव श्रृंखला बनाकर और तम्बाकू उत्पादों का सेवन न करने की शपथ लेकर आमजन को तम्बाकू से दूर रहने का कड़ा संदेश दिया। सीएमओ कार्यालय सभागार में आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि तम्बाकू जनित रोगों से भारत में प्रतिवर्ष लाखों लोगों की जान जाती है, जो सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पादों से होने वाले कैंसर, हृदय और फेफड़ों जैसी घातक बीमारियों का परिणाम है। उन्होंने इन असामयिक मौतों को रोकने के लिए सरकारी कर्मियों के माध्यम से आमजन को जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया। एनसीडी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम (कोटपा) की जानकारी देते हुए बताया कि धारा-4 के तहत सभी सार्वजनिक कार्यालयों और स्थानों पर धूम्रपान पूर्णतः प्रतिबंधित है, जबकि धारा-6 के तहत शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में और नाबालिगों को तम्बाकू की बिक्री पर रोक है। डिप्टी सीएमओ डॉ. अनुराग वर्मा ने धूम्रपान के शरीर, परिवार और समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक असर को उजागर किया, वहीं डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश कुमार ने युवाओं से इस घातक लत से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन कर रहे चिकित्साधिकारी डॉ. पारितोष तिवारी ने बताया कि तम्बाकू में मौजूद निकोटीन इंसान को अपना आदी बना लेता है और शरीर को अंदर से खोखला कर देता है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को तम्बाकू उत्पादों का सेवन न करने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर डिप्टी सीएमओ डॉ. पीके वर्मा, मनोचिकित्सक डॉ. विजित जायसवाल, गैर संचारी रोगों के चिकित्साधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह श्रीनेत्र, डॉ. आकीब एजाज, एफएलसी विवेक श्रीवास्तव, शरद श्रीवास्तव, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. रियाजुल हक, परामर्शदाता पुनीत शर्मा, लैब टेक्निशियन संतोष सिंह, नर्सिंग अधिकारी बृज प्रकाश व स्वाती श्रीवास्तव के साथ मानसिक स्वास्थ्य टीम के मुकेश हंस, हरीश कुमार, मनीष सिंह, अजय प्रताप सिंह और सीमा कुमारी आदि कई अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य कर्मियों ने मानव श्रृंखला बनाकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत शनिवार, 30 मई को बहराइच जिले की सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर विश्व तम्बाकू निषेध दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में डॉ. संजय कुमार की अध्यक्षता में एक हस्ताक्षर अभियान के साथ हुई। इस अवसर पर स्वास्थ्यकर्मियों ने मानव श्रृंखला बनाकर और तम्बाकू उत्पादों का सेवन न करने की शपथ लेकर आमजन को तम्बाकू से दूर रहने का कड़ा संदेश दिया। सीएमओ कार्यालय सभागार में आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि तम्बाकू जनित रोगों से भारत में प्रतिवर्ष लाखों लोगों की जान जाती है, जो सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पादों से होने वाले कैंसर, हृदय और फेफड़ों जैसी घातक बीमारियों का परिणाम है। उन्होंने इन असामयिक मौतों को रोकने के लिए सरकारी कर्मियों के माध्यम से आमजन को जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया। एनसीडी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम (कोटपा) की जानकारी देते हुए बताया कि धारा-4 के तहत सभी सार्वजनिक कार्यालयों और स्थानों पर धूम्रपान पूर्णतः प्रतिबंधित है, जबकि धारा-6 के तहत शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में और नाबालिगों को तम्बाकू की बिक्री पर रोक है। डिप्टी सीएमओ डॉ. अनुराग वर्मा ने धूम्रपान के शरीर, परिवार और समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक असर को उजागर किया, वहीं डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश कुमार ने युवाओं से इस घातक लत से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन कर रहे चिकित्साधिकारी डॉ. पारितोष तिवारी ने बताया कि तम्बाकू में मौजूद निकोटीन इंसान को अपना आदी बना लेता है और शरीर को अंदर से खोखला कर देता है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को तम्बाकू उत्पादों का सेवन न करने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर डिप्टी सीएमओ डॉ. पीके वर्मा, मनोचिकित्सक डॉ. विजित जायसवाल, गैर संचारी रोगों के चिकित्साधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह श्रीनेत्र, डॉ. आकीब एजाज, एफएलसी विवेक श्रीवास्तव, शरद श्रीवास्तव, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. रियाजुल हक, परामर्शदाता पुनीत शर्मा, लैब टेक्निशियन संतोष सिंह, नर्सिंग अधिकारी बृज प्रकाश व स्वाती श्रीवास्तव के साथ मानसिक स्वास्थ्य टीम के मुकेश हंस, हरीश कुमार, मनीष सिंह, अजय प्रताप सिंह और सीमा कुमारी आदि कई अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य कर्मियों ने मानव श्रृंखला बनाकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के भगवानपुर माफी गांव में पिछले पांच दिनों से एक बिजली ट्रांसफार्मर जला हुआ है, जिसके कारण स्थानीय जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यह ट्रांसफार्मर पांच दिन पहले शाम 5 बजे जला था, और तब से लेकर अब तक उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस लंबी अवधि से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों में भारी आक्रोश है और वे जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।1
- पूर्वी उत्तर प्रदेश के बहराइच, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और गोंडा सहित कई जिलों में इस समय बारिश का दौर जारी है। तेज हवाओं और बादलों की आवाजाही के साथ हो रही इस बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत प्रदान की है।1
- बहराइच में महाराजा सुहेल देव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के सरकारी सिस्टम से व्यथित होकर, हृदय रोग से पीड़ित डॉ. बृजेश कुमार वेन की पत्नी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मार्मिक अपील की है।1
- दोपहर के समय आसमान में सूरज का एक अजीब नज़ारा देखने को मिला, जिसे देखकर लोग घबरा गए। इस घटना से लोगों में कौतूहल और हैरानी का माहौल देखा गया।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच में अवैध खनन के खिलाफ खैरीघाट पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। बड़े पैमाने पर किए जा रहे अवैध खनन के मद्देनजर, नायब तहसीलदार शिवपुरी नानपारा और खैरीघाट पुलिस की एक संयुक्त टीम ने मिट्टी खोदने वाली एक मशीन को अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिया।1
- बहराइच जिले में आई तेज़ आंधी ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी, जहाँ सुजौली के कैलाशपुरी गाँव में एक विशाल सूखा सेमल का पेड़ राम प्यारे सोनी के मकान पर भरभराकर गिर गया। इस घटना के कारण गाँव में अफरा-तफरी मच गई और मकान के अंदर मौजूद एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला को कमर, रीढ़ और कंधे में गहरी चोटें आई हैं, जिसके बाद उसे तुरंत रेफर किया गया। पेड़ गिरने से कैलाशपुरी-लखीमपुर मार्ग भी प्रभावित हुआ, जो करीब एक घंटे तक बाधित रहा। हालाँकि, ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए सड़क पर लगे जाम को हटवाया। इसी आंधी के कारण नीरज किराना स्टोर को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा, जिसका टीनशेड और दुकान में रखा सामान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।1