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जीरो ढाबा के पास 11 केवी लाइन में आग, दर्जनों गांव अंधेरे में डूबे जीरो ढाबा के पास 11 केवी लाइन में आग, दर्जनों गांव अंधेरे में डूबे हर साल जलती है केबल, फिर भी स्थायी समाधान नहीं; मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली कटौती पर भी उठे सवाल उमरिया। जिले के जीरो ढाबा के पास शुक्रवार को 11 केवी विद्युत लाइन की केबल जल जाने से क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। केबल में खराबी के कारण लंबे समय तक ग्रामीणों को अंधेरे में रहना पड़ा। बिजली व्यवस्था बाधित होने से ग्रामीणों के साथ-साथ दुकानदारों और अन्य उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि जीरो ढाबा के पास 11 केवी लाइन की केबल जलने की समस्या नई नहीं है। हर साल किसी न किसी समय यहां केबल जलने से बिजली आपूर्ति बाधित होती है, इसके बावजूद विद्युत विभाग द्वारा अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। हर बार अस्थायी रूप से मरम्मत कर बिजली व्यवस्था बहाल कर दी जाती है, लेकिन कुछ समय बाद समस्या दोबारा सामने आ जाती है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मेंटेनेंस के नाम पर कई बार दिनभर बिजली बंद रखी जाती है, लेकिन इसके बावजूद बार-बार लाइन में खराबी और केबल जलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर मेंटेनेंस के नाम पर होने वाली लंबी बिजली कटौती का स्थायी लाभ उपभोक्ताओं को क्यों नहीं मिल रहा। ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि जीरो ढाबा के पास बार-बार जलने वाली 11 केवी लाइन की तकनीकी जांच कराकर समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि हर साल बिजली संकट की स्थिति से ग्रामीणों को राहत मिल सके।

1 day ago
user_Deepak kumar verma
Deepak kumar verma
Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
1 day ago
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जीरो ढाबा के पास 11 केवी लाइन में आग, दर्जनों गांव अंधेरे में डूबे जीरो ढाबा के पास 11 केवी लाइन में आग, दर्जनों गांव अंधेरे में डूबे हर साल जलती है केबल, फिर भी स्थायी समाधान नहीं; मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली कटौती पर भी उठे सवाल उमरिया। जिले के जीरो ढाबा के पास शुक्रवार को 11 केवी विद्युत लाइन की केबल जल जाने से क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। केबल में खराबी के कारण लंबे समय तक ग्रामीणों को अंधेरे में रहना पड़ा। बिजली व्यवस्था बाधित होने से ग्रामीणों के साथ-साथ दुकानदारों और अन्य उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि जीरो ढाबा के पास 11 केवी लाइन की केबल जलने की समस्या नई नहीं है। हर साल किसी न किसी समय यहां केबल जलने से बिजली आपूर्ति बाधित होती है, इसके बावजूद विद्युत

विभाग द्वारा अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। हर बार अस्थायी रूप से मरम्मत कर बिजली व्यवस्था बहाल कर दी जाती है, लेकिन कुछ समय बाद समस्या दोबारा सामने आ जाती है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मेंटेनेंस के नाम पर कई बार दिनभर बिजली बंद रखी जाती है, लेकिन इसके बावजूद बार-बार लाइन में खराबी और केबल जलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर मेंटेनेंस के नाम पर होने वाली लंबी बिजली कटौती का स्थायी लाभ उपभोक्ताओं को क्यों नहीं मिल रहा। ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि जीरो ढाबा के पास बार-बार जलने वाली 11 केवी लाइन की तकनीकी जांच कराकर समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि हर साल बिजली संकट की स्थिति से ग्रामीणों को राहत मिल सके।

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  • सीएम मोहन यादव ने भोपाल से किया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ, उमरिया में आज से होंगे आयोजन सीएम मोहन यादव ने भोपाल से किया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ, उमरिया में आज से होंगे आयोजन उमरिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल से ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ का शुभारंभ किया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उमरिया जिले में भी 9 से 17 अगस्त तक अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य आमजन में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता दिवस के प्रति उत्साह एवं जनभागीदारी बढ़ाना है। कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने बताया कि 9 अगस्त को शाम 4 बजे जिला मुख्यालय स्थित स्टेडियम से जिला स्तरीय भव्य तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, विद्यार्थियों, युवाओं एवं आमजन की सहभागिता रहेगी। 10 अगस्त को एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, युवा मंडल, स्व-सहायता समूह एवं स्वयंसेवी संगठनों की तिरंगा यात्रा होगी। 11 अगस्त को साइकिल-बाइक रैली एवं मानव श्रृंखला तथा 12 अगस्त को खेल गतिविधियों के साथ तिरंगा यात्रा आयोजित की जाएगी। *13 अगस्त को घर-घर संपर्क कर नागरिकों को तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह, 16 अगस्त को तिरंगा जागरूकता कार्यक्रम होंगे। 17 अगस्त को अभियान का समापन एवं समीक्षा की जाएगी।*
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    सीएम मोहन यादव ने भोपाल से किया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ, उमरिया में आज से होंगे आयोजन
सीएम मोहन यादव ने भोपाल से किया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ, उमरिया में आज से होंगे आयोजन
उमरिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल से ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ का शुभारंभ किया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उमरिया जिले में भी 9 से 17 अगस्त तक अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य आमजन में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता दिवस के प्रति उत्साह एवं जनभागीदारी बढ़ाना है।
कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने बताया कि 9 अगस्त को शाम 4 बजे जिला मुख्यालय स्थित स्टेडियम से जिला स्तरीय भव्य तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, विद्यार्थियों, युवाओं एवं आमजन की सहभागिता रहेगी।
10 अगस्त को एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, युवा मंडल, स्व-सहायता समूह एवं स्वयंसेवी संगठनों की तिरंगा यात्रा होगी। 11 अगस्त को साइकिल-बाइक रैली एवं मानव श्रृंखला तथा 12 अगस्त को खेल गतिविधियों के साथ तिरंगा यात्रा आयोजित की जाएगी।
*13 अगस्त को घर-घर संपर्क कर नागरिकों को तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह, 16 अगस्त को तिरंगा जागरूकता कार्यक्रम होंगे। 17 अगस्त को अभियान का समापन एवं समीक्षा की जाएगी।*
    user_Deepak kumar verma
    Deepak kumar verma
    Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    21 min ago
  • *भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों से बस को लगवाया धक्का!* *सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के आवागमन के लिए संचालित बस बस स्टैंड पर हुई खराब; मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल* *भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों से बस को लगवाया धक्का!* *सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के आवागमन के लिए संचालित बस बस स्टैंड पर हुई खराब; मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल* *रवि सेन | दैनिक देशबंधु* मानपुर, उमरिया। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सांदीपनि विद्यालयों में बच्चों के आवागमन के लिए बसों का संचालन कराया जा रहा है। इसी व्यवस्था के तहत सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के परिवहन का कार्य मंगलानी ट्रैवल्स को मिला है। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे मानपुर बस स्टैंड पर इसी व्यवस्था में संचालित एक बस अचानक खराब हो गई। भीषण गर्मी में बस में सवार स्कूली बच्चों को नीचे उतरकर बस को धक्का लगाना पड़ा। घटना सामने आने के बाद बच्चों के सुरक्षित परिवहन और बसों की तकनीकी स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। *पुरानी बसों के संचालन का आरोप* अभिभावकों का कहना है कि बस खराब होने की यह पहली घटना नहीं है। बच्चों के परिवहन में लगी बसों के बार-बार खराब होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। आरोप है कि पुरानी बसों को डेंट-पेंट कराकर बच्चों के परिवहन में लगाया जा रहा है। हालांकि, संबंधित बस की वास्तविक उम्र, तकनीकी स्थिति और फिटनेस की पुष्टि अधिकृत जांच के बाद ही हो सकेगी। इसलिए अब आरटीओ की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। *बच्चों की सुरक्षा पर सवाल* स्कूली बस का बीच रास्ते में खराब होना तकनीकी समस्या हो सकती है, लेकिन भीषण गर्मी में बच्चों का खुद सड़क पर उतरकर बस को धक्का लगाना परिवहन व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। क्या बच्चों के परिवहन में लगी बसों की नियमित तकनीकी जांच होती है? क्या उनके फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध हैं? क्या नियमित सर्विसिंग और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है? इन सवालों का जवाब जांच के बाद सामने आना चाहिए। *जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा—आरटीओ से कराएंगे निरीक्षण* मामले में जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने कहा, “आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। हम आरटीओ से बस का निरीक्षण कर लेंगे।” अब आरटीओ के निरीक्षण से यह स्पष्ट होगा कि बस निर्धारित फिटनेस एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं। *सवाल बस खराब होने से आगे का* मामला केवल एक बस के खराब होने तक सीमित नहीं है। यदि बच्चों के परिवहन के लिए संचालित बसों की तकनीकी स्थिति कमजोर पाई जाती है तो यह व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल होगा। वहीं यदि बस फिटनेस मानकों पर खरी उतरती है तो बार-बार खराब होने की शिकायतों के कारणों की जांच भी जरूरी होगी। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अब निगाह आरटीओ के निरीक्षण और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर है।
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    *भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों से बस को लगवाया धक्का!*
*सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के आवागमन के लिए संचालित बस बस स्टैंड पर हुई खराब; मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल*
*भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों से बस को लगवाया धक्का!*
*सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के आवागमन के लिए संचालित बस बस स्टैंड पर हुई खराब; मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल*
*रवि सेन | दैनिक देशबंधु*
मानपुर, उमरिया। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सांदीपनि विद्यालयों में बच्चों के आवागमन के लिए बसों का संचालन कराया जा रहा है। इसी व्यवस्था के तहत सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के परिवहन का कार्य मंगलानी ट्रैवल्स को मिला है। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे मानपुर बस स्टैंड पर इसी व्यवस्था में संचालित एक बस अचानक खराब हो गई। भीषण गर्मी में बस में सवार स्कूली बच्चों को नीचे उतरकर बस को धक्का लगाना पड़ा।
घटना सामने आने के बाद बच्चों के सुरक्षित परिवहन और बसों की तकनीकी स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
*पुरानी बसों के संचालन का आरोप*
अभिभावकों का कहना है कि बस खराब होने की यह पहली घटना नहीं है। बच्चों के परिवहन में लगी बसों के बार-बार खराब होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। आरोप है कि पुरानी बसों को डेंट-पेंट कराकर बच्चों के परिवहन में लगाया जा रहा है।
हालांकि, संबंधित बस की वास्तविक उम्र, तकनीकी स्थिति और फिटनेस की पुष्टि अधिकृत जांच के बाद ही हो सकेगी। इसलिए अब आरटीओ की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
*बच्चों की सुरक्षा पर सवाल*
स्कूली बस का बीच रास्ते में खराब होना तकनीकी समस्या हो सकती है, लेकिन भीषण गर्मी में बच्चों का खुद सड़क पर उतरकर बस को धक्का लगाना परिवहन व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
क्या बच्चों के परिवहन में लगी बसों की नियमित तकनीकी जांच होती है? क्या उनके फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध हैं? क्या नियमित सर्विसिंग और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है? इन सवालों का जवाब जांच के बाद सामने आना चाहिए।
*जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा—आरटीओ से कराएंगे निरीक्षण*
मामले में जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने कहा, “आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। हम आरटीओ से बस का निरीक्षण कर लेंगे।”
अब आरटीओ के निरीक्षण से यह स्पष्ट होगा कि बस निर्धारित फिटनेस एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं।
*सवाल बस खराब होने से आगे का*
मामला केवल एक बस के खराब होने तक सीमित नहीं है। यदि बच्चों के परिवहन के लिए संचालित बसों की तकनीकी स्थिति कमजोर पाई जाती है तो यह व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल होगा। वहीं यदि बस फिटनेस मानकों पर खरी उतरती है तो बार-बार खराब होने की शिकायतों के कारणों की जांच भी जरूरी होगी।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अब निगाह आरटीओ के निरीक्षण और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर है।
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • जन विश्वास अभियान का संकल्प हर समस्या का समाधान हर पात्र को योजनाओं का लाभ मिलेगा
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    जन  विश्वास अभियान का संकल्प हर समस्या का समाधान हर पात्र को योजनाओं का लाभ मिलेगा
    user_मुकेश कुमार दुबे
    मुकेश कुमार दुबे
    Carpenter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • बिरसिंहपुर पाली ,जीरो ढाबा के पास 11kb line की केबल जल जाने के कारण दर्जनों गांव अंधेरे में डूबे रहे और मजे की बात यह है कि यह केवल हर साल जलता है इसके बावजूद विभाग कोई स्थाई समाधान की बजाय हमेशा काम चलआऊ समाधान देता है जबकि मेंटेनेंस के नाम पर कई बार दिन दिन भर लाइट बंद कर रखी जाती है लेकिन मेंटेनेंस के नाम पर होता कुछ नहीं
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    बिरसिंहपुर पाली ,जीरो ढाबा के पास 11kb line की केबल जल जाने के कारण दर्जनों गांव अंधेरे में डूबे रहे और मजे की बात यह है कि यह केवल हर साल जलता है इसके बावजूद विभाग कोई स्थाई समाधान की बजाय हमेशा काम चलआऊ समाधान देता है जबकि मेंटेनेंस के नाम पर कई बार दिन दिन भर लाइट बंद कर रखी जाती है लेकिन मेंटेनेंस के नाम पर होता कुछ नहीं
    user_Neeraj Singh Raghuvanshi
    Neeraj Singh Raghuvanshi
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • नौरोजाबाद थाना तहसील नौरोजाबाद पोस्ट पिनोरा ग्राम पंचायत देवरी माजरा का है करवाही मग किया जाता है अजय राठौर पिता रामसेवक राठौर उनकी पत्नी और बेटी फसल उखल रही कम से कम लगभग 15000से 20000हजार नुकसान किए हैं इस पर अधिकारी कोई सुनवाई नहीं होती मजदूर हु मेरी मम्मी बिकलांग है पापा नही है मृत्यु हो गये है
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    नौरोजाबाद थाना तहसील नौरोजाबाद पोस्ट पिनोरा ग्राम पंचायत देवरी माजरा का है करवाही मग किया जाता है 
अजय राठौर पिता रामसेवक राठौर उनकी पत्नी और बेटी फसल उखल रही कम से कम लगभग 15000से 20000हजार नुकसान किए हैं इस पर अधिकारी कोई सुनवाई नहीं होती मजदूर हु मेरी मम्मी बिकलांग है पापा नही है मृत्यु हो गये है
    user_Sk
    Sk
    Farmer Nowrozabad, Umaria•
    20 hrs ago
  • Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
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    Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों से लगवाया बस को धक्का मानपुर बस स्टैंड पर खराब हुई सांदीपनि विद्यालय की बस, बच्चों की सुरक्षा और फिटनेस पर उठे सवाल भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों से लगवाया बस को धक्का मानपुर बस स्टैंड पर खराब हुई सांदीपनि विद्यालय की बस, बच्चों की सुरक्षा और फिटनेस पर उठे सवाल उमरिया। सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के आवागमन के लिए संचालित बस शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे मानपुर बस स्टैंड पर अचानक खराब हो गई। बस में सवार स्कूली बच्चों को भीषण गर्मी के बीच नीचे उतरकर बस को धक्का लगाना पड़ा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद बच्चों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था की निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के परिवहन का कार्य मंगलानी ट्रैवल्स को दिया गया है। इसी व्यवस्था के तहत संचालित एक बस शनिवार सुबह बस स्टैंड पर खराब हो गई। बस को चालू करने के लिए बच्चों को ही धक्का लगाते देखा गया। बार-बार बस खराब होने की शिकायत अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों के परिवहन में लगी बसों के खराब होने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। कुछ अभिभावकों ने बसों की उम्र और उनके रखरखाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, संबंधित बस की वास्तविक उम्र, तकनीकी स्थिति और फिटनेस की पुष्टि अधिकृत जांच के बाद ही हो सकेगी। बच्चों की सुरक्षा पर सवाल स्कूली बस का रास्ते में खराब होना तकनीकी खराबी का सामान्य मामला हो सकता है, लेकिन भीषण गर्मी के बीच बच्चों का सड़क पर उतरकर बस को धक्का लगाना चिंता का विषय है। ऐसे में सवाल उठता है कि बच्चों के परिवहन में लगी बसों की नियमित तकनीकी जांच और सर्विसिंग कितनी गंभीरता से की जा रही है। क्या बस का फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध है? क्या वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप है? क्या बच्चों के परिवहन के लिए बस की नियमित जांच की जाती है? इन सवालों का जवाब अब परिवहन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। डीईओ बोले- आरटीओ से कराएंगे निरीक्षण मामले में जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और आरटीओ से बस का निरीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के बाद बस की तकनीकी स्थिति और फिटनेस संबंधी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच के बाद सामने आएगी हकीकत मामला केवल बस खराब होने तक सीमित नहीं है। यदि जांच में बस की फिटनेस या रखरखाव में कमी पाई जाती है तो बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी तय करना जरूरी होगा। वहीं यदि बस निर्धारित मानकों पर खरी उतरती है तो बार-बार खराब होने के कारणों की भी जांच की जानी चाहिए। फिलहाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता के बीच सभी की नजर आरटीओ के निरीक्षण और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर है।
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    भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों से लगवाया बस को धक्का मानपुर बस स्टैंड पर खराब हुई सांदीपनि विद्यालय की बस, बच्चों की सुरक्षा और फिटनेस पर उठे सवाल


भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों से लगवाया बस को धक्का मानपुर बस स्टैंड पर खराब हुई सांदीपनि विद्यालय की बस, बच्चों की सुरक्षा और फिटनेस पर उठे सवाल
उमरिया। सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के आवागमन के लिए संचालित बस शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे मानपुर बस स्टैंड पर अचानक खराब हो गई। बस में सवार स्कूली बच्चों को भीषण गर्मी के बीच नीचे उतरकर बस को धक्का लगाना पड़ा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद बच्चों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था की निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के परिवहन का कार्य मंगलानी ट्रैवल्स को दिया गया है। इसी व्यवस्था के तहत संचालित एक बस शनिवार सुबह बस स्टैंड पर खराब हो गई। बस को चालू करने के लिए बच्चों को ही धक्का लगाते देखा गया।
बार-बार बस खराब होने की शिकायत
अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों के परिवहन में लगी बसों के खराब होने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। कुछ अभिभावकों ने बसों की उम्र और उनके रखरखाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, संबंधित बस की वास्तविक उम्र, तकनीकी स्थिति और फिटनेस की पुष्टि अधिकृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
स्कूली बस का रास्ते में खराब होना तकनीकी खराबी का सामान्य मामला हो सकता है, लेकिन भीषण गर्मी के बीच बच्चों का सड़क पर उतरकर बस को धक्का लगाना चिंता का विषय है। ऐसे में सवाल उठता है कि बच्चों के परिवहन में लगी बसों की नियमित तकनीकी जांच और सर्विसिंग कितनी गंभीरता से की जा रही है।
क्या बस का फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध है? क्या वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप है? क्या बच्चों के परिवहन के लिए बस की नियमित जांच की जाती है? इन सवालों का जवाब अब परिवहन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
डीईओ बोले- आरटीओ से कराएंगे निरीक्षण
मामले में जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और आरटीओ से बस का निरीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के बाद बस की तकनीकी स्थिति और फिटनेस संबंधी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच के बाद सामने आएगी हकीकत
मामला केवल बस खराब होने तक सीमित नहीं है। यदि जांच में बस की फिटनेस या रखरखाव में कमी पाई जाती है तो बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी तय करना जरूरी होगा। वहीं यदि बस निर्धारित मानकों पर खरी उतरती है तो बार-बार खराब होने के कारणों की भी जांच की जानी चाहिए।
फिलहाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता के बीच सभी की नजर आरटीओ के निरीक्षण और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर है।
    user_Deepak kumar verma
    Deepak kumar verma
    Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • सांदीपनि विद्यालय मानपुर की बस बीच बस स्टैंड पर हुई खराब; भीषण गर्मी में बच्चे उतरे सड़क पर, मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल बच्चों से बस को धक्का लगवाया, सिस्टम को किसका इंतजार? सांदीपनि विद्यालय मानपुर की बस बीच बस स्टैंड पर हुई खराब; भीषण गर्मी में बच्चे उतरे सड़क पर, मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया मानपुर। स्कूली बच्चों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने के दावों के बीच मानपुर में सामने आई एक तस्वीर ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे मानपुर बस स्टैंड पर सांदीपनि विद्यालय के बच्चों को लेकर जा रही बस अचानक खराब हो गई। भीषण गर्मी के बीच बच्चों को बस से नीचे उतरना पड़ा और इसके बाद बच्चों से ही बस को धक्का लगवाया गया। घटना ने सवाल खड़ा कर दिया है कि जब बच्चों की सुरक्षा के लिए बसें संचालित की जा रही हैं, तो क्या उनके रखरखाव और तकनीकी फिटनेस की नियमित निगरानी की जा रही है? फिटनेस प्रमाण-पत्र सिर्फ कागज पर तो नहीं? बताया जा रहा है कि सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के परिवहन का कार्य मंगलानी ट्रैवल्स की बसों के माध्यम से कराया जा रहा है। बस के बीच रास्ते में खराब होने की घटना के बाद अभिभावकों में भी चिंता है। कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि बच्चों के परिवहन में पुरानी बसों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, संबंधित बस की उम्र और तकनीकी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि अधिकृत जांच के बिना नहीं की जा सकती। यही वजह है कि अब आरटीओ की जांच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बन गई है। जांच में बस की फिटनेस, परमिट, बीमा, ब्रेक, टायर, स्टीयरिंग, लाइट्स और अन्य सुरक्षा मानकों की स्थिति स्पष्ट होना चाहिए। बच्चों से धक्का लगवाना बना सबसे बड़ा सवाल बस खराब होना एक तकनीकी समस्या हो सकती है, लेकिन सवाल यह है कि क्या आपात स्थिति में बच्चों को बस से उतारकर उनसे भारी वाहन को धक्का लगवाना सुरक्षित व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है? भीषण गर्मी में सड़क पर बच्चों को खड़ा करना और उनसे बस को धक्का लगवाना उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है। डीईओ बोले—आरटीओ से कराएंगे निरीक्षण जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा— “आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। हम आरटीओ से बस का निरीक्षण कर लेंगे।” अब सवाल यह है कि आरटीओ की जांच में क्या सामने आता है और उसके बाद क्या कार्रवाई होती है। जिम्मेदारों से 5 सीधे सवाल 1. बच्चों को लेकर चलने वाली बस की प्रतिदिन तकनीकी जांच कौन करता है? 2. संबंधित बस का फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध है या नहीं? 3. बस की नियमित सर्विसिंग और मेंटेनेंस का रिकॉर्ड उपलब्ध है या नहीं? 4. बस खराब होने की स्थिति में बच्चों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्या है? 5. क्या बच्चों से बस को धक्का लगवाने की घटना की जिम्मेदारी तय होगी? अब जांच सिर्फ बस की नहीं, पूरी व्यवस्था की होनी चाहिए मामला केवल एक बस खराब होने का नहीं है। मामला उन बच्चों की सुरक्षा का है, जिन्हें अभिभावक विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं। यदि बस पूरी तरह फिट थी तो वह अचानक क्यों खराब हुई? और यदि तकनीकी खामी थी तो उसे बच्चों के परिवहन में क्यों लगाया गया? अब आरटीओ की जांच यह तय करेगी कि बस वास्तव में 'फिट' थी या केवल कागजों में।फ्रंट पेज के लिए वैकल्पिक सबसे तीखी हेडलाइन: “बच्चे पढ़ने निकले थे, बस धक्का लगाने लगे!” सांदीपनि विद्यालय की बस खराब होने से परिवहन व्यवस्था पर सवाल, भीषण गर्मी में बच्चों को सड़क पर उतारने की नौबत।
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    सांदीपनि विद्यालय मानपुर की बस बीच बस स्टैंड पर हुई खराब; भीषण गर्मी में बच्चे उतरे सड़क पर, मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल

बच्चों से बस को धक्का लगवाया, सिस्टम को किसका इंतजार?
सांदीपनि विद्यालय मानपुर की बस बीच बस स्टैंड पर हुई खराब; भीषण गर्मी में बच्चे उतरे सड़क पर, मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल
आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया
मानपुर। स्कूली बच्चों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने के दावों के बीच मानपुर में सामने आई एक तस्वीर ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे मानपुर बस स्टैंड पर सांदीपनि विद्यालय के बच्चों को लेकर जा रही बस अचानक खराब हो गई। भीषण गर्मी के बीच बच्चों को बस से नीचे उतरना पड़ा और इसके बाद बच्चों से ही बस को धक्का लगवाया गया।
घटना ने सवाल खड़ा कर दिया है कि जब बच्चों की सुरक्षा के लिए बसें संचालित की जा रही हैं, तो क्या उनके रखरखाव और तकनीकी फिटनेस की नियमित निगरानी की जा रही है?
फिटनेस प्रमाण-पत्र सिर्फ कागज पर तो नहीं?
बताया जा रहा है कि सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के परिवहन का कार्य मंगलानी ट्रैवल्स की बसों के माध्यम से कराया जा रहा है। बस के बीच रास्ते में खराब होने की घटना के बाद अभिभावकों में भी चिंता है।
कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि बच्चों के परिवहन में पुरानी बसों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, संबंधित बस की उम्र और तकनीकी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि अधिकृत जांच के बिना नहीं की जा सकती।
यही वजह है कि अब आरटीओ की जांच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बन गई है। जांच में बस की फिटनेस, परमिट, बीमा, ब्रेक, टायर, स्टीयरिंग, लाइट्स और अन्य सुरक्षा मानकों की स्थिति स्पष्ट होना चाहिए।
बच्चों से धक्का लगवाना बना सबसे बड़ा सवाल
बस खराब होना एक तकनीकी समस्या हो सकती है, लेकिन सवाल यह है कि क्या आपात स्थिति में बच्चों को बस से उतारकर उनसे भारी वाहन को धक्का लगवाना सुरक्षित व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है?
भीषण गर्मी में सड़क पर बच्चों को खड़ा करना और उनसे बस को धक्का लगवाना उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।
डीईओ बोले—आरटीओ से कराएंगे निरीक्षण
जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा—
“आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। हम आरटीओ से बस का निरीक्षण कर लेंगे।”
अब सवाल यह है कि आरटीओ की जांच में क्या सामने आता है और उसके बाद क्या कार्रवाई होती है।
जिम्मेदारों से 5 सीधे सवाल
1. बच्चों को लेकर चलने वाली बस की प्रतिदिन तकनीकी जांच कौन करता है?
2. संबंधित बस का फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध है या नहीं?
3. बस की नियमित सर्विसिंग और मेंटेनेंस का रिकॉर्ड उपलब्ध है या नहीं?
4. बस खराब होने की स्थिति में बच्चों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्या है?
5. क्या बच्चों से बस को धक्का लगवाने की घटना की जिम्मेदारी तय होगी?
अब जांच सिर्फ बस की नहीं, पूरी व्यवस्था की होनी चाहिए
मामला केवल एक बस खराब होने का नहीं है। मामला उन बच्चों की सुरक्षा का है, जिन्हें अभिभावक विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं।
यदि बस पूरी तरह फिट थी तो वह अचानक क्यों खराब हुई? और यदि तकनीकी खामी थी तो उसे बच्चों के परिवहन में क्यों लगाया गया?
अब आरटीओ की जांच यह तय करेगी कि बस वास्तव में 'फिट' थी या केवल कागजों में।फ्रंट पेज के लिए वैकल्पिक सबसे तीखी हेडलाइन:
“बच्चे पढ़ने निकले थे, बस धक्का लगाने लगे!”
सांदीपनि विद्यालय की बस खराब होने से परिवहन व्यवस्था पर सवाल, भीषण गर्मी में बच्चों को सड़क पर उतारने की नौबत।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
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