केकड़ी जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक मीणा का सरकारी आवास पर मिला शव पंकज बाफना। केकड़ी। जिला अस्पताल में कार्यरत वरिष्ठ चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक मीणा ने मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस हृदयविदारक घटना से पूरे चिकित्सा महकमे और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। ड्यूटी पर नहीं पहुंचने पर हुआ खुलासा घटना की जानकारी तब सामने आई जब डॉ. मीणा अपनी शाम की शिफ्ट की ड्यूटी के लिए अस्पताल नहीं पहुंचे। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं लगा, तो चिंतित अस्पताल स्टाफ उनके सरकारी क्वार्टर पहुंचा। वहां खिड़की से झांकने पर डॉ. मीणा का शव फंदे से लटका हुआ मिला, जिसके बाद तुरंत केकड़ी सिटी पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मील एवं सिटी थानाधिकारी अशोक शर्मा पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) डॉ. नवीन जांगिड़ तथा अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों की उपस्थिति में शव को फंदे से नीचे उतरवाया गया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया गया। मानसिक तनाव और अंतिम संदेश प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूलतः राजकोट (देवली) निवासी डॉ. अशोक मीणा दिसंबर 2024 से केकड़ी जिला अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बताया जा रहा है कि वे पिछले कुछ दिनों से भारी मानसिक तनाव में थे। व्हाट्सएप मैसेज: सोमवार शाम को उन्होंने PMO को व्हाट्सएप के जरिए तबीयत खराब होने और ड्यूटी पर नहीं आने की सूचना दी थी। व्हाट्सएप स्टेटस: मंगलवार सुबह उनके स्टेटस पर 'अवकाश' का उल्लेख था और मरीजों से कॉल न करने की अपील की गई थी। प्रत्यक्षदर्शी: उनके घर खाना बनाने वाली महिला ने भी बताया कि डॉक्टर साहब पिछले कुछ समय से काफी परेशान और तनावग्रस्त नजर आ रहे थे। परिजनों का बुरा हाल डॉ. मीणा सरकारी आवास पर अकेले रह रहे थे, जबकि उनकी पत्नी दिल्ली में शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। घटना की सूचना मिलते ही उनकी पत्नी दिल्ली से केकड़ी के लिए रवाना हो गईं। मौके पर पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि आत्महत्या के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
केकड़ी जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक मीणा का सरकारी आवास पर मिला शव पंकज बाफना। केकड़ी। जिला अस्पताल में कार्यरत वरिष्ठ चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक मीणा ने मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस हृदयविदारक घटना से पूरे चिकित्सा महकमे और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। ड्यूटी पर नहीं पहुंचने पर हुआ खुलासा घटना की जानकारी तब सामने आई जब डॉ. मीणा अपनी शाम की शिफ्ट की ड्यूटी के लिए अस्पताल नहीं पहुंचे। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं लगा, तो चिंतित अस्पताल स्टाफ उनके सरकारी क्वार्टर पहुंचा। वहां खिड़की से झांकने पर डॉ. मीणा का शव फंदे से लटका हुआ मिला, जिसके बाद तुरंत केकड़ी सिटी पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मील एवं सिटी थानाधिकारी अशोक शर्मा पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) डॉ. नवीन जांगिड़ तथा अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों की उपस्थिति में शव को फंदे से नीचे उतरवाया गया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया गया। मानसिक तनाव और अंतिम संदेश प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूलतः राजकोट (देवली) निवासी डॉ. अशोक मीणा दिसंबर 2024 से केकड़ी जिला अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बताया जा रहा है कि वे पिछले कुछ दिनों से भारी मानसिक तनाव में थे। व्हाट्सएप मैसेज: सोमवार शाम को उन्होंने PMO को व्हाट्सएप के जरिए तबीयत खराब होने और ड्यूटी पर नहीं आने की सूचना दी थी। व्हाट्सएप स्टेटस: मंगलवार सुबह उनके स्टेटस पर 'अवकाश' का उल्लेख था और मरीजों से कॉल न करने की अपील की गई थी। प्रत्यक्षदर्शी: उनके घर खाना बनाने वाली महिला ने भी बताया कि डॉक्टर साहब पिछले कुछ समय से काफी परेशान और तनावग्रस्त नजर आ रहे थे। परिजनों का बुरा हाल डॉ. मीणा सरकारी आवास पर अकेले रह रहे थे, जबकि उनकी पत्नी दिल्ली में शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। घटना की सूचना मिलते ही उनकी पत्नी दिल्ली से केकड़ी के लिए रवाना हो गईं। मौके पर पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि आत्महत्या के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
- अभय कमांड के कैमरे की मदद से लोटाए दो लाख रूपये अभय कमांड के अति. पुलिस अधीक्षक खान मोहमद के आदेशानुसार नुसरत ईमाम पुत्र ती मुजफ्फर ईमाम निवासी कचंननगर दोराई, केसरगंज के अपने आफिस से रामगंज बैंक जा रहे थे इस दोरान रामगंज हास्पिटल के पास उनके बेग मे रखे दो लाख रु. की राशि बेग फटने या चीरा लगने की वजह से गिर गये जिस पर अभय कमांड के हेड कानि. हितेन्द्र बागड़ी बारीकी से ने रूट चार्ट के अनुसार कैमरे से निरीक्षण किया और पैसे उठाने वाले स्कूटी सवार के नम्बरो के आधार पर ट्रेस कर, लक्षमणसिंह/प्रस लाल गोविंदनगर, रामगंज से कराया जिस पर उसने इमानदारी से पैसे मिलना कबूल किया और पुलिस अभय कमांड बुलाकर फरियादी को पैसे लौटाए1
- @Tejaji Short is live1
- अजमेर में जीआरपी के वार्षिक निरीक्षण पर पहुंचीं डीआईजी श्वेता धनखड़ ने जीआरपी थाना पुलिस लाइन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। डीआईजी ने रिकॉर्ड, मालखाना और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने जीआरपी अधीक्षक कार्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अधिकारियों के साथ बैठक में बढ़ते अपराधों और रेल यात्रियों की सुरक्षा पर चर्चा की गई। डीआईजी ने अपराध नियंत्रण, गश्त बढ़ाने और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।1
- Post by Buralal Herval4
- Post by Naveedali Khaskheli2
- like kare our apne bhi ki id ko follow kijiye1
- अजमेर में ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट के नाम पर बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने युवक को ज्यादा मुनाफे का लालच देकर फर्जी डॉक्यूमेंट और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड दिखाए और भरोसे में लेकर कुल 13 लाख 56 हजार रुपये हड़प लिए। पीड़ित ने मामले की शिकायत दर्ज करवाते हुए जीरो नंबर एफआईआर ATS-SOG जयपुर में दर्ज करवाई। तत्पश्चात मामला अजमेर साइबर थाना पुलिस को ट्रांसफर किया गया, जहां जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई में करीब 9.40 लाख रुपये होल्ड भी करवाए गए हैं। साइबर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और लोगों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म पर पैसे लगाने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें। लालच में आकर किसी भी अनजान लिंक या ऐप पर रकम ट्रांसफर न करें।1
- अजमेर में जीआरपी के वार्षिक निरीक्षण पर पहुंचीं डीआईजी श्वेता धनखड़ ने जीआरपी थाना पुलिस लाइन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। डीआईजी ने रिकॉर्ड, मालखाना और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने जीआरपी अधीक्षक कार्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अधिकारियों के साथ बैठक में बढ़ते अपराधों और रेल यात्रियों की सुरक्षा पर चर्चा की गई। डीआईजी ने अपराध नियंत्रण, गश्त बढ़ाने और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।1
- @Tejaji Short is live1