अहिंसा परमो धर्म: भाईंदर में गूंजा भगवान महावीर का जयकारा, 2625वां जन्म कल्याणक महोत्सव संपन्न। भाईंदर (पूर्व) मुंबई। की धरती 'त्रिशला नंदन वीर की, जय बोलो महावीर की' के नारों से गुंजायमान हो उठी। समस्त श्री राजस्थानी जैन संघ के तत्वावधान में श्रमण भगवान महावीर स्वामी का 2625वां जन्म कल्याणक महोत्सव अत्यंत भव्यता और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रमुख अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति इस पावन अवसर पर आयोजित समारोह में क्षेत्र के गणमान्य जनों ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से विधायक नरेंद्र मेहता, पूर्व विधायक गीता जैन, दिलीप जैन उपस्थित रहे। अतिथियों ने भगवान महावीर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की और समाज को महावीर के सिद्धांतों पर चलने की प्रेरणा दी। विधायक नरेंद्र मेहता ने अपने संबोधन में जैन समाज की एकता और सेवा कार्यों की सराहना की, वहीं गीता जैन ने महावीर स्वामी के अहिंसा के मार्ग को आज के समय में सबसे प्रासंगिक बताया। भव्य शोभायात्रा और धार्मिक अनुष्ठान महोत्सव के दौरान भाईंदर (पूर्व) में एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें जैन समाज के हजारों भाई-बहन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। भगवान महावीर के 'जीयो और जीने दो' और 'अहिंसा परमो धर्म' के संदेशों वाली तख्तियां और ध्वज आकर्षण का केंद्र रहे। संघ द्वारा विशेष पूजा-अर्चना और सामूहिक वंदना का भी आयोजन किया गया। जैन समाज सेवा और संस्कारों की मिसाल जैन समाज केवल अपनी धार्मिक कट्टरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपने परोपकार, जीव दया और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए जाना जाता है। अहिंसा और करुणा: भगवान महावीर का मूल मंत्र 'अहिंसा' केवल शारीरिक हिंसा न करना ही नहीं, बल्कि मन और वाणी से भी किसी को कष्ट न पहुंचाना है। जैन समाज इसी दर्शन को अपने जीवन में उतारता है। समाज सेवा में अग्रणी: शिक्षा, स्वास्थ्य और जीव दया (गौशाला और पक्षी चिकित्सालय) के क्षेत्र में जैन समाज का योगदान अतुलनीय है। भाईंदर का राजस्थानी जैन संघ भी लगातार मानव सेवा के कार्यों में सक्रिय रहता है। व्यापारिक ईमानदारी जैन समाज अपनी व्यापारिक नैतिकता और ईमानदारी के लिए पूरी दुनिया में पहचाना जाता है, जो देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे को मजबूती प्रदान करता है।
अहिंसा परमो धर्म: भाईंदर में गूंजा भगवान महावीर का जयकारा, 2625वां जन्म कल्याणक महोत्सव संपन्न। भाईंदर (पूर्व) मुंबई। की धरती 'त्रिशला नंदन वीर की, जय बोलो महावीर की' के नारों से गुंजायमान हो उठी। समस्त श्री राजस्थानी जैन संघ के तत्वावधान में श्रमण भगवान महावीर स्वामी का 2625वां जन्म कल्याणक महोत्सव अत्यंत भव्यता और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रमुख अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति इस पावन अवसर पर आयोजित समारोह में क्षेत्र के गणमान्य जनों ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से विधायक नरेंद्र मेहता, पूर्व विधायक गीता जैन, दिलीप जैन उपस्थित रहे। अतिथियों ने भगवान महावीर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की और समाज को महावीर के सिद्धांतों पर
चलने की प्रेरणा दी। विधायक नरेंद्र मेहता ने अपने संबोधन में जैन समाज की एकता और सेवा कार्यों की सराहना की, वहीं गीता जैन ने महावीर स्वामी के अहिंसा के मार्ग को आज के समय में सबसे प्रासंगिक बताया। भव्य शोभायात्रा और धार्मिक अनुष्ठान महोत्सव के दौरान भाईंदर (पूर्व) में एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें जैन समाज के हजारों भाई-बहन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। भगवान महावीर के 'जीयो और जीने दो' और 'अहिंसा परमो धर्म' के संदेशों वाली तख्तियां और ध्वज आकर्षण का केंद्र रहे। संघ द्वारा विशेष पूजा-अर्चना और सामूहिक वंदना का भी आयोजन किया गया। जैन समाज सेवा और संस्कारों की मिसाल जैन समाज केवल अपनी धार्मिक कट्टरता के लिए ही नहीं, बल्कि
अपने परोपकार, जीव दया और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए जाना जाता है। अहिंसा और करुणा: भगवान महावीर का मूल मंत्र 'अहिंसा' केवल शारीरिक हिंसा न करना ही नहीं, बल्कि मन और वाणी से भी किसी को कष्ट न पहुंचाना है। जैन समाज इसी दर्शन को अपने जीवन में उतारता है। समाज सेवा में अग्रणी: शिक्षा, स्वास्थ्य और जीव दया (गौशाला और पक्षी चिकित्सालय) के क्षेत्र में जैन समाज का योगदान अतुलनीय है। भाईंदर का राजस्थानी जैन संघ भी लगातार मानव सेवा के कार्यों में सक्रिय रहता है। व्यापारिक ईमानदारी जैन समाज अपनी व्यापारिक नैतिकता और ईमानदारी के लिए पूरी दुनिया में पहचाना जाता है, जो देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे को मजबूती प्रदान करता है।
- नसीराबाद छावनी परिषद बोर्ड बैठक अध्यक्ष और सीईओ ने ली शपथ, लिए बड़े फैसले स्ट्रीट लाइट, पानी और सफाई पर फोकस2
- Post by Rajesh Kumawat1
- अजमेर के वैशाली नगर स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर इन दिनों एलपीजी गैस को लेकर भारी परेशानी देखने को मिल रही है। गैस भरवाने के लिए टेंपो चालकों की करीब 1 किलोमीटर लंबी कतार लग रही है। सुबह 6 बजे से ही चालक लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। टेंपो चालकों का कहना है कि पूरे अजमेर में सिर्फ एक ही एलपीजी पंप होने की वजह से उन्हें रोजाना इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कई चालक भूखे-प्यासे तपती धूप में अपने वाहनों के साथ धीरे-धीरे लाइन में आगे बढ़ते दिखाई देते हैं। चालकों ने सरकार से मांग की है कि अजमेर में एक और एलपीजी पंप खोला जाए, ताकि इस परेशानी से राहत मिल सके। एलपीजी गैस की कमी का असर अब शहर में साफ तौर पर दिखाई देने लगा है।1
- अजमेर के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक 7 साल का मासूम बच्चा अपने घर का रास्ता भटक गया और काफी देर तक इलाके में इधर-उधर घूमता रहा। बच्चे को अकेला घूमते देख स्थानीय लोगों ने तुरंत कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही ASI शिवलाल मौके पर पहुंचे और मासूम को सुरक्षित थाने लेकर आए। पूछताछ के दौरान बच्चे की पहचान इरफान पुत्र रहीम (उम्र 7 वर्ष) के रूप में हुई। पुलिस ने पूरी जिम्मेदारी के साथ बच्चे को उसके परिजनों तक सुरक्षित पहुंचाने की पहल की। अजमेर पुलिस की इस सराहनीय कार्रवाई ने एक बार फिर इंसानियत और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की है।1
- bedardi ka Sahara Na Mila kabhi pyar bichhada hua dobara nahin mila#Dhokha 💔😂 Dil mein jakhm dekh Kar Chala Gaya 💔😭😭1
- Post by Kailash Fulwari1
- कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की चौथी पुण्यतिथि: पुत्र विजय बैंसला ने अजमेर दरगाह और पुष्कर में टेका मत्था.* अजमेर/पुष्कर | 'गुर्जर शिरोमणि' कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की चौथी पुण्यतिथि के अवसर पर उनके पुत्र और भाजपा नेता विजय बैंसला एक दिवसीय धार्मिक यात्रा पर रहे। इस दौरान उन्होंने अजमेर और पुष्कर के प्रमुख धार्मिक स्थल पर पहुंचकर अपने पिता की स्मृति में विशेष पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। अजमेर दरगाह में जियारत और रस्में विजय बैंसला मंगलवार सुबह अजमेर पहुंचे, जहाँ उन्होंने विश्व प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में हाजिरी दी। कर्नल बैंसला की चौथी पुण्यतिथि पर उन्होंने आस्ताना-ए-शरीफ में मखमली चादर और अकीदत के फूल पेश किए। विशिष्ट रस्में: दरगाह के खादिमों द्वारा उन्हें जियारत कराई गई, जिसके बाद उन्होंने दरगाह परिसर में पिता की याद में कई पारंपरिक रस्मों को पूरा किया। इस अवसर पर विजय बैंसला ने कहा कि उनके पिता हमेशा कौम और समाज की एकता के पक्षधर रहे हैं, उसी राह पर चलते हुए उन्होंने आज यहाँ अमन-चैन की दुआ मांगी है।1
- Post by Kailash Fulwari1