कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वनि विस्तारक यंत्र पर लगी रोक,प्रतिबंधात्मक आदेश जारी ज्ञापन देने के पूर्व 3 दिन पहले अनुमति अनिवार्य, उल्लंघन पर होगी कार्यवाही अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला मुख्यालय में कलेक्टर कार्यालय परिसर में जुलूस, आमसभा और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग से कार्यालयीन व न्यायालयीन कार्यों में बाधा की संभावना को देखते कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट हर्षल पंचोली ने सोमवार को भारतीय न्याय संहिता की धारा-163 के तहत हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। आदेशों में कहा गया हैं कि कलेक्टर कार्यालय अनूपपुर परिसर को ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। कोई भी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन या आंदोलनकारी व्यक्ति परिसर में ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग नहीं कर पाएगा। यह प्रतिबंध परिसर और उससे लगे 100 मीटर के दायरे में लागू रहेगा। ज्ञापन सौंपने के लिए भी नियम तय किए गए हैं। व्यक्ति या संगठन कार्यकर्ताओं को कलेक्टर कार्यालय परिसर के मुख्य द्वार पर ही शांतिपूर्ण ढंग से और कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपना होगा। किसी भी दल, संगठन या आंदोलनकारी व्यक्ति को जुलूस, आमसभा, नारेबाजी या ज्ञापन सौंपने से कम से कम तीन दिन पहले अनुविभागीय अधिकारी अनूपपुर से लिखित अनुमति लेनी होगी। सभी गतिविधियां निर्धारित स्थल पर ही की जाएंगी। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश अगले दो माह तक प्रभावी रहेगा।
कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वनि विस्तारक यंत्र पर लगी रोक,प्रतिबंधात्मक आदेश जारी ज्ञापन देने के पूर्व 3 दिन पहले अनुमति अनिवार्य, उल्लंघन पर होगी कार्यवाही अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला मुख्यालय में कलेक्टर कार्यालय परिसर में जुलूस, आमसभा और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग से कार्यालयीन व न्यायालयीन कार्यों में बाधा की संभावना को देखते कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट हर्षल पंचोली ने सोमवार को भारतीय न्याय संहिता की धारा-163 के तहत हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। आदेशों में कहा गया हैं कि कलेक्टर कार्यालय अनूपपुर परिसर को ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। कोई भी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन या आंदोलनकारी व्यक्ति परिसर में ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग नहीं कर पाएगा। यह प्रतिबंध परिसर और उससे लगे 100 मीटर के दायरे में लागू रहेगा। ज्ञापन सौंपने के लिए भी नियम तय किए गए हैं। व्यक्ति या संगठन कार्यकर्ताओं को कलेक्टर कार्यालय परिसर के मुख्य द्वार पर ही शांतिपूर्ण ढंग से और कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपना होगा। किसी भी दल, संगठन या आंदोलनकारी व्यक्ति को जुलूस, आमसभा, नारेबाजी या ज्ञापन सौंपने से कम से कम तीन दिन पहले अनुविभागीय अधिकारी अनूपपुर से लिखित अनुमति लेनी होगी। सभी गतिविधियां निर्धारित स्थल पर ही की जाएंगी। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश अगले दो माह तक प्रभावी रहेगा।
- Post by Manoj Gupta Driver4
- ज्ञान भारतम् राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान अंतर्गत 200 साल पुरानी हस्तलिखित जमींदारी वंशावली और पेंद्रगढ़ के राजस्व एवं वन विभाग का नक्शा प्राप्त हुआ। *समाचार* *ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान-पेंड्रा के पुरानी बस्ती में पंडित मोहन दत्त शर्मा और राजा उपेन्द्र बहादुर के घर प्राप्त हुई दुर्लभ पांडुलिपियां* *कलेक्टर के समक्ष डिजिटल संरक्षण से सुरक्षित हुई अमूल्य धरोहर रूपी प्राचीन पांडुलिपियां* गौरेला पेंड्रा मरवाही, 10 मई 2026/भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित ‘‘ज्ञानभारतम‘‘ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत जीपीएम जिले में विभिन्न प्राचीन, ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों में सर्वेक्षण कर प्राप्त पांडुलिपियों का संकलन एवं संरक्षण किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों में बिखरी प्राचीन एवं दुर्लभ पांडुलिपियों की पहचान, दस्तावेजीकरण, डिजिटल संरक्षण तथा भावी पीढ़ियों के लिए उनके सुरक्षित संवहन को सुनिश्चित करना है। सर्वेक्षण के कड़ी में आज पुरानी बस्ती पेंड्रा के वार्ड क्रमांक 4 में पंडित मोहन दत्त शर्मा और राजा उपेन्द्र बहादुर के घर में 200 से 500 साल पुरानी दुर्लभ पांडुलिपियां प्राप्त हुई। प्राप्त पांडुलिपियों को कलेक्टर डॉ संतोष कुमार देवांगन के समक्ष डिजिटल संरक्षण से सुरक्षित किया गया। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में ‘‘ज्ञानभारतम‘‘ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के जिला समन्वयक डॉ राहुल गौतम की अगवाई में सर्वेक्षण टीम द्वारा पंडित मोहन दत्त शर्मा के घर पर लगभग 500 साल पुरानी हस्तलिखित अथ श्रीमद भागवत गीता के साथ ही अन्य प्राचीन पांडुलिपियां प्राप्त हुई। कलेक्टर डॉ देवांगन ने प्राचीन धार्मिक ग्रंथ की प्राप्ती पर प्रसन्नता व्यक्त करने के साथ ही धार्मिक ग्रंथ पर श्रीफल एवं दक्षिणा अर्पित कर मत्था टेका। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण पवित्र धरोहर है। इन पांडुलिपियों का जियो टैगिंग कर ज्ञानभारतम एप के जरिए सुरक्षित किया गया है। यह ग्रंथ पंडित मोहन दत्त शर्मा के स्वामित्व में संरक्षित रहेगा। श्रीमद भागवत गीता के अलावा प्राप्त पांडुलिपियों में लग्न चन्द्रिका, इतिचंद्रिकाआख्यातप्रारम्भः,अथश्रीभागवतमहात्यंप्रारग्यते, यद्वादशमहावाक्यनिंएयिप्रारंभः, शीर्घवोधशठीकप्रारंभःरामचंद्रायनमः, इतिसारस्वततद्वितप्रक्रियासमाप्राः सम्वत् 1925 श्रीः अश्विनशुक्ल आदि पांडुलिपि शामिल हैं। धार्मिक पांडुलिपियों के संरक्षण एवं स्मृति के लिए कलेक्टर के मार्गदर्शन में पंडित मोहन दत्त शर्मा के दस सदस्यीय संयुक्त परिवार जिनमें उनकी धर्म पत्नी शशीदेवी शर्मा, पुत्र गिरीश दत्त शर्मा, संदीप दत्त शर्मा, पुत्र वधु रंजीता शर्मा, अमृता शर्मा, पोता वरुण दत्त शर्मा, वेदांत दत्त शर्मा, सारस्वत दत्त शर्मा एवं पोती सौम्या शर्मा के साथ पांडुलिपियों के साथ फोटोग्राफी किया गया। सर्वे के दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह के घर पर लगभग 200 साल पुरानी हस्तलिखित जमींदारी वंशावली और पेंड्रागढ़ के राजस्व एवं वन विभाग का नक्शा प्राप्त हुआ, जिन्हें कलेक्टर डॉ देवांगन के समक्ष डिजिटल संरक्षण से सुरक्षित किया गया। कलेक्टर ने राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह और उनकी धर्म पत्नी श्रीमती शिखा सिंह से एतिहासिक धरोहरों और पारिवारिक पृष्टभूमि पर चर्चा की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे, एसडीएम विक्रांत अंचल, डिप्टी कलेक्टर अमित बेक, सीएमओ अमन दीप मिंज सहित सर्वे टीम के सदस्य उपस्थित थे।4
- कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक हुई संपन्न अधिकारी कर्मचारी रहे मौजूद शहडोल नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत नगर की जयस्तंभ चौक स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में सोमवार को समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई है,बैठक में जिले के कलेक्टर डॉक्टर केदार सिंह ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन की प्रकरणों का समय सीमा पर निराकरण करने की निर्देश दिए हैं,इस दौरान जिले के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे हैं।1
- भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ दिल्ली की इंदौर जिला कार्यकारिणी घोषित, विनोद शर्मा बने जिलाध्यक्ष इंदौर। भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ (नई दिल्ली) की मध्यप्रदेश इकाई द्वारा शुक्रवार को इंदौर जिला कार्यकारिणी की औपचारिक घोषणा भव्य समारोह के बीच की गई। पिपलियाराव रोड स्थित मधुर मिलन गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में जिले एवं तहसील स्तर के पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर शपथ दिलाई गई। समारोह में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। नवनियुक्त पदाधिकारियों को प्रदेश संगठन मंत्री राहुल सिंह राणा ने शपथ दिलाई। वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ शपथ ग्रहण समारोह कार्यक्रम में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र गौतम, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सत्यनारायण वैष्णव एवं अरविंद द्विवेदी, प्रदेश संगठन मंत्री राहुल सिंह राणा, प्रदेश महासचिव रामगोपाल बंसल तथा प्रदेश सचिव जुनैद खान विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर शहडोल जिला इकाई के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी, विदिशा जिलाध्यक्ष हाकिम सिंह रघुवंशी, महासचिव योगेश पंथी सहित एडवोकेट जगदीश जोशी, एडवोकेट विजय कुमावत एवं सुशील श्रीवास्तव की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। पत्रकार हितों की रक्षा और संगठन विस्तार का लिया संकल्प नवनियुक्त पदाधिकारियों ने मंच से पत्रकार हितों की रक्षा, निष्पक्ष पत्रकारिता को मजबूती देने तथा संगठन को जमीनी स्तर तक विस्तार देने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार समाज का सजग प्रहरी है और उसके अधिकारों, सुरक्षा तथा सम्मान के लिए संगठन निरंतर संघर्ष करता रहेगा। इन पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी घोषित कार्यकारिणी में विनोद शर्मा को जिलाध्यक्ष एवं प्रवीण जैन को महासचिव नियुक्त किया गया। वहीं उपाध्यक्ष पद पर अंकित राठौर (महू), यत्नेश सेन (देपालपुर), धर्मेंद्र सोलंकी (सांवेर) एवं पूर्णिमा बीसे (इंदौर) को जिम्मेदारी सौंपी गई। सचिव पद पर जितेश पाठक (इंदौर), उदय सिंह चावड़ा (देपालपुर) एवं कमल चौधरी (सांवेर) नियुक्त किए गए। संयुक्त सचिव के रूप में विनोद शर्मा, महेश शर्मा ‘टोनी’ (महू), संतोष परमार एवं करण मेनारिया को जिम्मेदारी मिली। शिवाजी श्रीवास्तव को संगठन मंत्री तथा अनिल कौशल को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। कार्यकारिणी सदस्य के रूप में जितेंद्र सोनी, ललित शर्मा, डॉ. भास्कर तिवारी, विजय जोशी (देपालपुर), गजेंद्र वैष्णव, दीनदयाल डांगी एवं कुंदन करडवाल (सांवेर) को शामिल किया गया। तहसील स्तर पर भी संगठन को मिली मजबूती संगठन को ग्रामीण एवं तहसील स्तर तक मजबूत करने के उद्देश्य से विभिन्न ब्लॉकों में भी नियुक्तियां घोषित की गईं। देपालपुर ब्लॉक अध्यक्ष दीपक जाट एवं सचिव जितेंद्र नकुम, सांवेर ब्लॉक अध्यक्ष ओमप्रकाश कटारिया एवं सचिव डॉ. अतुल लाड़ना, महू ब्लॉक अध्यक्ष अमित उपाध्याय एवं सचिव आकाश राठौर नियुक्त किए गए। वहीं हातोद ब्लॉक अध्यक्ष की जिम्मेदारी धीरेंद्र व्यास को सौंपी गई। गरिमामय आयोजन में जुटे वरिष्ठ पत्रकार कार्यक्रम का संयोजन आलोक शर्मा ‘अकेला’, डॉ. पंकज विरमाल, नवनीत शुक्ला एवं ऋषिकांत श्रीवास्तव द्वारा किया गया। मंच संचालन डॉ. अंचित स्वर्णकार ने किया। अंत में नवनियुक्त जिलाध्यक्ष विनोद शर्मा ने सभी अतिथियों, वरिष्ठ पत्रकारों एवं उपस्थित साथियों का आभार व्यक्त किया। समारोह में शहर एवं जिले के वरिष्ठ पत्रकारों की बड़ी उपस्थिति देखने को मिली, जिससे कार्यक्रम पत्रकार एकता और संगठनात्मक मजबूती का प्रभावशाली उदाहरण बन गया।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल नगर पालिका में आधी रात अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण फाइलें चुरा लीं। इस मिडनाइट स्कैम से पूरे राज्य में हड़कंप है और बड़े खुलासे की आशंका जताई जा रही है।1
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- मध्य प्रदेश के गोहपारू में बकाया बिजली बिल वसूलने गई टीम पर उपभोक्ताओं ने हमला कर दिया। मलमाथर गांव में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। विभागीय कर्मचारी अब आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।2
- बिजली बिल वसूलने गए कर्मचारियों के साथ मलमाथर गांव के ग्रामीणों ने की मारपीट वीडियो वायरल शहडोल जिले के गोहपारू थाना क्षेत्र अंतर्गत मलमाथर गांव में बिजली बिल वसूलने गए कर्मचारियों के साथ ग्रामीणों ने की मारपीट वीडियो वायरल हुआ है,बता दें कि शहडोल जिले के मलमाथर गांव का यह मामला है,जहां बिजली बिल की वसूली करने गए कर्मचारियों के साथ यादव परिवार के लोगों ने मलमाथर गांव में जमकर मारपीट की है, मारपीट का वीडियो भी सोमवार को सोशल मीडिया में वायरल हुआ है।1