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उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के मंझनपुर कस्बे में स्थित संगम हीरो बाइक एजेंसी में भीषण आग लग गई। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई बाइकें व अन्य सामान जलकर खाक हो गए, जिससे लाखों के नुकसान की आशंका है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हैं, गनीमत रही कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के मंझनपुर कस्बे में स्थित संगम हीरो बाइक एजेंसी में भीषण आग लग गई। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई बाइकें व अन्य सामान जलकर खाक हो गए, जिससे लाखों के नुकसान की आशंका है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हैं, गनीमत रही कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
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- मेजारोड बाजार में धड़ल्ले से दौड़ रहे ओवरलोड डंफर, हादसे का खतरा बढ़ा मेजा, प्रयागराज। मेजारोड बाजार में इन दिनों गिट्टी व बोल्डर (पत्थर) लदे ओवरलोड डंफरों का संचालन बेखौफ तरीके से जारी है। भटौती पहाड़ी स्थित क्रशर प्लांट से निकलने वाले ये भारी वाहन दिन-रात बाजार की सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं, जिससे हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में भी ऐसे ओवरलोड डंफरों की चपेट में आने से कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों को चोटें आईं और भारी नुकसान हुआ। इतना ही नहीं, डंफर हादसों की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डंफर की टक्कर से दिघिया चौकी में तैनात रहे उपनिरीक्षक वीरेंद्र प्रताप सिंह की भी मौत हो चुकी है। इसके अलावा भी कई घटनाओं में डंफरों ने लोगों की जान ली है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश है। बाजार की संकरी सड़कों पर इन भारी वाहनों के गुजरने से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे राहगीरों और दुकानदारों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों का आरोप है कि ओवरलोड फर्राटा भर रहे इन डंफरों को कहीं न कहीं पुलिसिया संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन क्षेत्र में इसको लेकर चर्चाएं तेज हैं। नियमों की उड़ रही धज्जियां खनन व परिवहन नियमों के तहत किसी भी वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक गिट्टी या पत्थर लादना प्रतिबंधित है। साथ ही वाहनों को तिरपाल से ढंकना, वैध परमिट व रॉयल्टी होना तथा निर्धारित मार्ग का पालन करना अनिवार्य है। आबादी वाले क्षेत्रों में भारी वाहनों के संचालन के लिए तय समय और सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है, लेकिन मेजारोड बाजार में इन नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि डंफरों पर क्षमता से अधिक पत्थर लादे जा रहे हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। इससे स्थानीय लोगों में भय और नाराजगी का माहौल है। थाना प्रभारी ने कही कार्रवाई की बात थाना प्रभारी मेजा दीनदयाल सिंह ने बताया कि ओवरलोड डंफरों के संचालन की जानकारी मिली है। जल्द ही अभियान चलाकर ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और नियमित चेकिंग कर स्थिति पर नियंत्रण किया जाएगा। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोडिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।1
- एक लड़के ने लड़के के साथ बनाया संबंध मामला आया कमरे पर तीन साल से बनता रहा संबंध उत्तर प्रदेश प्रयागराज मेजा थाना क्षेत्र के सिरसा का रहने वाला विवेक झांकी में काम करके जीवन यापन करता था इसी दौरान एक लड़के से इसकी दोस्ती होती है लड़का इससे शादी करके दुल्हन बनाकर अपने घर ले जाता है डांसर विवेक का आरोप है कि 3 साल से हमारे साथ आवे संबंध बनाया अब उसके बाद हमें छोड़ रहा है1
- पडरौना में सड़क पर 'मजनू' का आतंक, स्कूल छात्राओं को खतरा ! कुशीनगर कुशीनगर के पडरौना में आज भी कुछ युवक सड़क पर लड़कियों से छेड़छाड़ करते देखे जाते हैं। इससे स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं और अभिभावकों में चिंता का माहौल है। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।1
- मेजा में लड़के ने लड़के के साथ किया काण्ड विवेक ने किया खुलासा1
- आईएफएस में चयन होने के बाद सौरभ कुमार पाल का गांव में हुआ जोरदार स्वागत मिली बधाइयां आईएफएस में चयन होने के बाद सौरभ कुमार पाल का गांव में हुआ जोरदार स्वागत मिली बधाइयां मेजा प्रयागराज।पकरी सेवार के सौरभ कुमार पाल का चयन आईएफएस में होने से क्षेत्र में बधाइयां मिल रही हैं।मेजा स्थित पकरी सेवार गांव निवासी सौरभ कुमार पाल भारतीय वन सेवा में चयनित होने के बाद जब अपने गांव पकरी सेवार में पहुंचे तो लोगों द्वारा डीजे बजे के साथ उन्हें पुष्प हार से स्वागत किया गया। जिले से एक प्रतिष्ठित सेवा में चयनित होने वाले एकमात्र अभ्यर्थी हैं उनकी इस सफलता पर क्षेत्र के नागरिकों व सामाजिक संगठनों तथा परिवार द्वारा बधाइयां मिल रही हैं।सौरव के पिता लालता प्रसाद प्राइमरी विद्यालय के सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं सौरभ ने अपनी प्राथमिक शिक्षा प्रयागराज जिले से ही पूरी की लेकिन उनका लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में जाना था कठिन परिश्रम और देश संकल्प के बल पर सौरभ ने अपने ही प्रयास से भारतीय वन सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की। जिसके परिणाम घोषित होने के बाद परिवार में खुशी का माहौल छा गया। वही जब सौरव अपने गांव पहुंचे तो क्षेत्र के लोगों का हुजूम उमर पाड़ा और उन्हें उसे पर से स्वागत करने के लिए लोगों का ताता लग गया।3
- ब्रेकिंग न्यूज़ प्रयागराज के तहसील बारा ब्लॉक शंकरगढ़ ग्राम पंचायत नौडिया तरहार थाना लालापुर लगातार अवैध बालू खनन किया जा रहा है किसानों के खेत के बिल्कुल किनारे लगा के खनन किया जा रहा है और उस पार ले जाया जा रहा है जिसकी शिकायत बार बार करने पर भी प्रशासन की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही हैं किसानों के खेत की कटान बढ़ती जा रही हैं लेकिन प्रशासन को कोई फ़र्क नहीं पड़ रहा है किसान परेशान है कि क्या करे क्या न करे1
- प्रयागराज के घूरपुर में थाने के पास की सड़क छह महीने से सिर्फ गिट्टी डालकर अधूरी छोड़ दी गई है। इससे ग्रामीण परेशान हैं और कई लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं, बार-बार शिकायत के बावजूद काम पूरा नहीं हुआ।1
- मेजारोड बाजार में धड़ल्ले से दौड़ रहे ओवरलोड डंफर, हादसे का खतरा बढ़ा मेजा, प्रयागराज। मेजारोड बाजार में इन दिनों गिट्टी व बोल्डर (पत्थर) लदे ओवरलोड डंफरों का संचालन बेखौफ तरीके से जारी है। भटौती पहाड़ी स्थित क्रशर प्लांट से निकलने वाले ये भारी वाहन दिन-रात बाजार की सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं, जिससे हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में भी ऐसे ओवरलोड डंफरों की चपेट में आने से कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों को चोटें आईं और भारी नुकसान हुआ। इतना ही नहीं, डंफर हादसों की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डंफर की टक्कर से दिघिया चौकी में तैनात रहे उपनिरीक्षक वीरेंद्र प्रताप सिंह की भी मौत हो चुकी है। इसके अलावा भी कई घटनाओं में डंफरों ने लोगों की जान ली है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश है। बाजार की संकरी सड़कों पर इन भारी वाहनों के गुजरने से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे राहगीरों और दुकानदारों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों का आरोप है कि ओवरलोड फर्राटा भर रहे इन डंफरों को कहीं न कहीं पुलिसिया संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन क्षेत्र में इसको लेकर चर्चाएं तेज हैं। नियमों की उड़ रही धज्जियां खनन व परिवहन नियमों के तहत किसी भी वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक गिट्टी या पत्थर लादना प्रतिबंधित है। साथ ही वाहनों को तिरपाल से ढंकना, वैध परमिट व रॉयल्टी होना तथा निर्धारित मार्ग का पालन करना अनिवार्य है। आबादी वाले क्षेत्रों में भारी वाहनों के संचालन के लिए तय समय और सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है, लेकिन मेजारोड बाजार में इन नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि डंफरों पर क्षमता से अधिक पत्थर लादे जा रहे हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। इससे स्थानीय लोगों में भय और नाराजगी का माहौल है। थाना प्रभारी ने कही कार्रवाई की बात थाना प्रभारी मेजा दीनदयाल सिंह ने बताया कि ओवरलोड डंफरों के संचालन की जानकारी मिली है। जल्द ही अभियान चलाकर ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और नियमित चेकिंग कर स्थिति पर नियंत्रण किया जाएगा। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोडिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।1