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कोटा के सिटी मॉल में लगी आग कपड़े का श्योरुम में आग लगने का कारण बताया जा रहा है
Yogesh Kumar Gupta
कोटा के सिटी मॉल में लगी आग कपड़े का श्योरुम में आग लगने का कारण बताया जा रहा है
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- Post by Yogesh Kumar Gupta1
- 🚨 BREAKING NEWS | DESHTAK STYLE 🚨 बंगाल की राजनीति पर किसान नेता का बड़ा बयान! किसान नेता राकेश टिकैत ने पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल पर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव पूरी पारदर्शिता और निष्पक्ष तरीके से कराए जाते हैं, तो ममता बनर्जी की जीत तय है। टिकैत ने साफ कहा कि जनता का समर्थन टीएमसी के साथ है, लेकिन चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठने की आशंका हमेशा बनी रहती है। ऐसे में अगर कोई बेईमानी नहीं हुई, तो बंगाल में एक बार फिर ममता सरकार की वापसी होगी। 👉 बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज 👉 विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया का इंतजार 👉 चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी उठे सवाल #BreakingNews #Deshtak #RakeshTikait #MamataBanerjee #BengalPolitics #ElectionUpdate #TMC #KisanLeader ⚠️ नोटः यह जानकारी वायरल रिपोर्ट्स और मीडिया सूत्रों पर आधारित है, हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं1
- आज दिनांक 29.04.2026 को बास का कुआं, अगावली रायपुरा तहसील बसवा जो बांदीकुई से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित है, वहां शाम करीब 7:30 बजे सूचना मिली कि हमारे राष्ट्रीय पक्षी मोर को जंगली कुत्तों के झुंड ने घायल कर दिया है। सूचना मिलते ही जीव-जंतु प्रेमी, गौ सेवक एवं सर्प मित्र मुकेश जी सैनी (बांदीकुई) तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल मोर का रेस्क्यू कर अपने निजी वाहन से वन विभाग रेंज बांदीकुई पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद मोर को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। 👏 यह कार्य न केवल सराहनीय है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा भी है। जीव जंतु प्रेमी मुकेश सैनी का निवेदन:- अगर कहीं भी कोई घायल या संकट में फंसा बेजुबान जीव दिखे, तो तुरंत सूचना दें। आपकी एक कॉल किसी की जान बचा सकती है।2
- Post by Rakesh Kumar Swami1
- आदरणीय पायलट जी को सिर्फ एक नेता के रूप में नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों लोगों की उम्मीद और विश्वास के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। एक मर्यादित सोच और सकारात्मक राजनीति हमेशा से उनकी पहचान रही है, जहाँ वे विरोधियों का भी सम्मान करते हैं। राजनीति में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन उन्हें हमेशा मर्यादित और सभ्य भाषा में ही व्यक्त किया जाना चाहिए। लोकतंत्र की मजबूती संयम, सम्मान और सकारात्मक संवाद से ही संभव है।1
- महिलाओं के मशाल जुलूस के दौरान मदन राठौड़ द्वारा महिलाओं को एक निश्चित दूरी बनाकर चलने की सलाह देना अब चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि जब उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे नाराज होकर कार्यक्रम से चले गए। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां कुछ लोग इसे महिलाओं के प्रति अनावश्यक हस्तक्षेप बता रहे हैं, वहीं कई लोग इसे सुरक्षा के लिहाज से सही कदम मान रहे हैं। मशाल जुलूस जैसे आयोजनों में आग के कारण दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है, ऐसे में दूरी बनाए रखने की सलाह को एहतियात के तौर पर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आजकल आयोजनों में फोटो और सोशल मीडिया पर उपस्थिति को लेकर होड़ बढ़ गई है, जिससे कई बार सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो जाती है। ऐसे में अगर कोई जिम्मेदार व्यक्ति सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात करता है, तो उसे सकारात्मक नजरिए से भी देखा जाना चाहिए।1
- हाल ही में एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में फोटोग्राफी करते समय एक व्यक्ति की जान चली गई। यह घटना हम सभी के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि शौक या काम के दौरान भी सुरक्षा को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। फोटोग्राफी करते समय निम्न बातों का ध्यान अवश्य रखें: - खतरनाक स्थानों जैसे ऊँचाई, पानी के किनारे, रेलवे ट्रैक या सड़क के बीच में फोटो लेने से बचें। - अपने आसपास के माहौल पर लगातार नजर रखें। - किसी भी परफेक्ट फोटो के लिए अपनी जान जोखिम में न डालें। - उपकरण संभालते समय संतुलन बनाए रखें। - मौसम और परिस्थितियों के अनुसार सावधानी बरतें। याद रखें, एक तस्वीर से बढ़कर आपकी जिंदगी की कीमत है। सुरक्षित रहें और दूसरों को भी जागरूक करें, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।1
- Post by Yogesh Kumar Gupta1