सुमेरपुर ब्लॉक में रविवार को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत की गई, जिसके तहत विभिन्न पोलियो बूथों पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाई गई। अभियान के पहले दिन 40,852 लक्षित बच्चों में से कुल 28,958 बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई, जो लक्षित संख्या का 71 प्रतिशत रहा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें सोमवार से घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाएंगी। ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गोविंद सिंह चुंडावत ने कई पोलियो बूथों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत 12 वर्ष पहले ही पोलियो मुक्त हो चुका है और इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। डॉ. चुंडावत ने अभिभावकों से घर-घर पहुंचने वाली स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि "एक बच्चा छूटा, सुरक्षा चक्र टूटा" केवल एक नारा नहीं, बल्कि हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। ब्लॉक कार्यक्रम अधिकारी प्रमोद कुमार गिरी ने बताया कि पहले दिन सभी सेक्टरों की प्रगति की समीक्षा की गई, जिसमें ढोला सेक्टर 84 प्रतिशत उपलब्धि के साथ सबसे आगे रहा। नोवी, चाणोद और पावा सेक्टर में 79-79 प्रतिशत, तखतगढ़ ग्रामीण में 78 प्रतिशत, बामनेरा में 77 प्रतिशत, तखतगढ़ शहरी में 76 प्रतिशत, कोसेलाव में 73 प्रतिशत, बांकली में 71 प्रतिशत, सुमेरपुर शहरी में 65 प्रतिशत, सुमेरपुर ग्रामीण में 64 प्रतिशत तथा साण्डेराव सेक्टर में 58 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। पल्स पोलियो अभियान के सह-समन्वयक बिंजाराम मीणा ने भी अभिभावकों से आग्रह किया कि यदि उनका बच्चा किसी कारणवश बूथ पर दवा नहीं पी सका हो, तो घर-घर पहुंचने वाली स्वास्थ्य टीम से उसे पोलियो की खुराक अवश्य दिलवाएं। इस अभियान के सफल संचालन में गोपाल शर्मा, संदीप सिंह, इमरान खान, केनाराम, रौनक कुमार, खुशबू सिंह, पी. कुमारी, विशाल सिंह, मोहम्मद सलीम सहित पूरी ब्लॉक स्तरीय टीम ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
सुमेरपुर ब्लॉक में रविवार को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत की गई, जिसके तहत विभिन्न पोलियो बूथों पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाई गई। अभियान के पहले दिन 40,852 लक्षित बच्चों में से कुल 28,958 बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई, जो लक्षित संख्या का 71 प्रतिशत रहा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें सोमवार से घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाएंगी। ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गोविंद सिंह चुंडावत ने कई पोलियो बूथों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत 12 वर्ष पहले ही पोलियो मुक्त हो चुका है और इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। डॉ. चुंडावत ने अभिभावकों से घर-घर पहुंचने वाली स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि "एक बच्चा छूटा, सुरक्षा चक्र टूटा" केवल एक नारा नहीं, बल्कि हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। ब्लॉक कार्यक्रम अधिकारी प्रमोद कुमार गिरी ने बताया कि पहले दिन सभी सेक्टरों की प्रगति की समीक्षा की गई, जिसमें ढोला सेक्टर 84 प्रतिशत उपलब्धि के साथ सबसे आगे रहा। नोवी, चाणोद और पावा सेक्टर में 79-79 प्रतिशत, तखतगढ़ ग्रामीण में 78 प्रतिशत, बामनेरा में 77 प्रतिशत, तखतगढ़ शहरी में 76 प्रतिशत, कोसेलाव में 73 प्रतिशत, बांकली में 71 प्रतिशत, सुमेरपुर शहरी में 65 प्रतिशत, सुमेरपुर ग्रामीण में 64 प्रतिशत तथा साण्डेराव सेक्टर में 58 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। पल्स पोलियो अभियान के सह-समन्वयक बिंजाराम मीणा ने भी अभिभावकों से आग्रह किया कि यदि उनका बच्चा किसी कारणवश बूथ पर दवा नहीं पी सका हो, तो घर-घर पहुंचने वाली स्वास्थ्य टीम से उसे पोलियो की खुराक अवश्य दिलवाएं। इस अभियान के सफल संचालन में गोपाल शर्मा, संदीप सिंह, इमरान खान, केनाराम, रौनक कुमार, खुशबू सिंह, पी. कुमारी, विशाल सिंह, मोहम्मद सलीम सहित पूरी ब्लॉक स्तरीय टीम ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
- सिरोही में घटित आज की दुःखद घटना के बाद, पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने सरकार से पीड़ित परिवार के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इन मांगों में पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की सरकारी सहायता प्रदान करना और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देना शामिल है। उन्होंने सरकार से इन सहित विभिन्न मांगों पर विचार करने का आग्रह किया।1
- जालोर ज़िले के मीठड़ी गाँव में 'महाराजा स्वीट मार्ट' का भव्य उद्घाटन किया गया है। इसका उद्घाटन न्यू शांतिलाल महाराज ने किया। यह दुकान अपनी सुप्रसिद्ध मिठाइयों और स्वादिष्ट नाश्ते के लिए जानी जाती है, जहाँ खास तौर पर कचौरी, समोसा और पानी पूरी जैसे व्यंजन बनाए जाते हैं। मीठड़ी में सबसे बढ़िया मिठाइयां और नाश्ता महाराजा स्वीट मार्ट पर ही उपलब्ध है।1
- जालौर में महिला कांग्रेस कमेटी की एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी जिम्मेदारी क्षमा बानो ने संभाली।1
- जालोर जिले के आहोर में पुलिस ने एक ब्लाइंड मर्डर के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने राजेंद्र मीणा हत्याकांड को महज 48 घंटे के भीतर ही सुलझाने में सफलता हासिल की है।1
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- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, और प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार सहित भाजपा के तमाम नेता जोधपुर के नए एयरपोर्ट पहुँचे। यह जानकारी एक अपडेट में दी गई है, जिसमें मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के जोधपुर एयरपोर्ट पहुँचने का उल्लेख है।1
- सुमेरपुर उपखंड क्षेत्र में रविवार, 28 जून को सुबह 8 बजे से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हुई। इस अभियान के तहत उपखंड के सभी 127 पोलियो बूथों पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाई गई। अभियान के प्रति अभिभावकों में काफी उत्साह देखा गया, और बड़ी संख्या में लोग अपने बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाने के लिए बूथों पर पहुंचे। ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गोविन्द सिंह चुण्डावत ने जानकारी दी कि अभियान के पहले चरण में लक्ष्य के लगभग 18 प्रतिशत बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जा चुकी है। वहीं, ब्लॉक कार्यक्रम अधिकारी प्रमोद कुमार गिरी ने बचे हुए अभिभावकों से तुरंत अपने नजदीकी पोलियो बूथ पर जाकर 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दवा पिलाने की अपील की। उन्होंने यह भी बताया कि सोमवार से स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी। स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों और आमजन से सहयोग की अपील की है।4
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- पाली के जोधपुर रोड स्थित आशॉपूर्णा टाउनशिप, शास्त्री नगर और आसपास की कॉलोनियों के निवासियों को जवाई बांध में पर्याप्त पानी होने के बावजूद नलों से पानी आने का इंतजार करना पड़ रहा है। इन क्षेत्रों में दो माह से अधिक समय से पानी की आपूर्ति केवल खानापूर्ति बनकर रह गई है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या के समाधान के लिए की गई शिकायतों के बाद इन इलाकों में सिर्फ गड्ढे ही खोदे गए हैं। वस्तुस्थिति यह है कि अमृत जल योजना के तहत कार्य को मंजूरी मिले काफी समय हो चुका है, लेकिन अधिकारियों की ढीली कार्यप्रणाली के कारण धरातल पर कोई काम शुरू नहीं हो पाया है। लोगों ने कार्यालयों के चक्कर लगाए और संपर्क पोर्टल पर भी शिकायतें दर्ज कराईं, फिर भी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। उच्च अधिकारी अपनी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं। इस लापरवाही के चलते निवासियों को ऊँचे दाम चुकाकर पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। पानी की किल्लत और समस्या के प्रति अधिकारियों की उदासीनता से लोगों का सब्र अब जवाब दे चुका है, और वे अभी भी नलों से पानी आने की आस लगाए बैठे हैं। अमृत जल योजना का कार्य अभी भी फाइलों में ही दबा हुआ है, और शिकायतों के बाद भी कोई समाधान नहीं निकल रहा है।3