दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे सोनम वांगचुक और उनके समर्थकों को दिल्ली पुलिस ने बलपूर्वक हटा दिया है। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जहां सोनम वांगचुक अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं और पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को घेरकर उन्हें जबरन वहां से हटाया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए सफेद पर्दे या चादरों का सहारा लिया, जिसके चलते मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम के बाद से वहां तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, प्रशासन या पुलिस की ओर से इस धरने को हटाने के पीछे की वजहों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और इसका इंतजार किया जा रहा है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे सोनम वांगचुक और उनके समर्थकों को दिल्ली पुलिस ने बलपूर्वक हटा दिया है। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जहां सोनम वांगचुक अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं और पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को घेरकर उन्हें जबरन वहां से हटाया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए सफेद पर्दे या चादरों का सहारा लिया, जिसके चलते मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम के बाद से वहां तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, प्रशासन या पुलिस की ओर से इस धरने को हटाने के पीछे की वजहों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और इसका इंतजार किया जा रहा है।
- सोनम वांगचुक के मामले में न्याय की माँग को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। इस संबंध में सीधे तौर पर पूछा गया है कि उन्हें आखिरकार कब तक न्याय मिलेगा। इसके साथ ही, सरकार के रवैये पर तीखा हमला बोलते हुए आक्रोश व्यक्त किया गया है और सवाल उठाया गया है कि सरकार की यह तानाशाही आखिर कब तक चलती रहेगी।1
- मध्य प्रदेश के मैहर में "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत संदीपनी विद्यालय में एक विशाल जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मैहर पुलिस द्वारा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों से अवगत कराना और उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश शासन की प्रभारी मंत्री श्रीमती राधा सिंह उपस्थित रहीं। उनके साथ मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी, जिला कलेक्टर श्रीमती विदिशा मुखर्जी और पुलिस अधीक्षक मैहर श्री अवधेश प्रताप सिंह सहित कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश प्रताप सिंह ने अभियान की रूपरेखा और तीन वर्षीय कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के विरुद्ध यह आंदोलन केवल पुलिस का नहीं बल्कि पूरे समाज का है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अवैध नशे के कारोबारियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है और उन्होंने छात्रों से पहली बार में ही नशे को "ना" कहने की अपील की। जिला कलेक्टर श्रीमती विदिशा मुखर्जी ने छात्रों को सकारात्मक सोच अपनाने, अच्छे मित्रों का चयन करने और अच्छे संस्कारों को जीवन का लक्ष्य बनाने का संदेश दिया। वहीं, विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने माता-पिता के संघर्षों का सम्मान करते हुए छात्रों से गलत संगति से दूर रहने की अपील की। मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री श्रीमती राधा सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि नशा करना ही है, तो अपने सपनों, शिक्षा और मेहनत का करें। कार्यक्रम के अंत में प्रभारी मंत्री ने उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई और एक नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर नगर पुलिस अधीक्षक महेंद्र सिंह चौहान, एसडीएम दिव्या पटेल, तहसीलदार जीतेन्द्र पटेल, रक्षित निरीक्षक नृपेन्द्र सिंह, यातायात प्रभारी विक्रम पाठक, निरीक्षक लक्ष्मी बागरी, प्रधान आरक्षक मुकेश द्विवेदी समेत सामाजिक न्याय विभाग व शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।4
- सतना में तिघरा बाईपास मार्ग को जोड़ने वाली सड़क पर लीपापोती कर दी गई है। इस मार्ग से अधिकारी हों या जनप्रतिनिधि, सभी गुजरते हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक इस मार्ग का सुधार नहीं किया जा सका। सड़क की इस स्थिति पर लोक निर्माण विभाग के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारी से लगातार बचते आ रहे हैं, जबकि आम लोग सड़क पर हादसों का शिकार हो रहे हैं। इस अजब-गजब सिस्टम के चलते लोग परेशान हैं।1
- मध्य प्रदेश के सतना बस स्टैंड का यात्री प्रतीक्षालय अब नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। यहाँ शाम होते ही सभी नशेड़ी जमा हो जाते हैं और आए दिन यात्रियों के साथ बवाल करते हैं। इसके साथ ही, इस यात्री प्रतीक्षालय को बुकिंग काउंटर बना कर रख दिया गया है।1
- मैहर में स्थानीय विधायक श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी द्वारा नशा मुक्ति जनजागरुकता अभियान चलाया जा रहा है।1
- सतना शहर के उमरी पतेरी में डोमिनोज के पास एक सेल्समैन का नकदी और पान मसाले की सामग्री से भरा झोला चोरी हो गया है। यह घटना 15 जुलाई की बताई जा रही है, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। इस मामले को लेकर सिविल लाइन थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है। हालांकि, पीड़ित सेल्समैन का कहना है कि शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद आज तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।2
- मध्य प्रदेश के रीवा में सोशल मीडिया पर रील और वीडियो बनाकर अपना दबदबा कायम करने की कोशिश करने वाले एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बिछिया थाना क्षेत्र के निपनिया के रहने वाले अक्षत सोनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वह खुलेआम एक अवैध पिस्टल लहराकर रौब दिखाने और दहशत फैलाने की कोशिश कर रहा था। कानून व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंता के बाद रीवा पुलिस तुरंत हरकत में आई। बिछिया थाना पुलिस ने शनिवार को जाल बिछाकर आरोपी अक्षत सोनी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के कब्जे से एक अवैध पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। क्षेत्र में कानून का खौफ पैदा करने और इस तरह की हरकतों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने आरोपी युवक का उसी इलाके में जुलूस भी निकाला, ताकि हथियारों का प्रदर्शन करने वाले अन्य असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश दिया जा सके। लोगों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया का उपयोग केवल सकारात्मक कार्यों के लिए करें, क्योंकि हथियारों का प्रदर्शन और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले वीडियो पोस्ट करना सीधे जेल पहुंचा सकता है।1