आजमनगर प्रखंड क्षेत्र की दनिहा पंचायत के फुतकीपुर और रहमतपुर गांवों में बीती रात आई भीषण आंधी और तेज बारिश ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं के कारण कई गरीब परिवारों के घरों के छप्पर उड़ गए, जिससे वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। इस प्राकृतिक आपदा के चलते घरों में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, जरूरी दस्तावेज समेत अन्य घरेलू सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया। जानकारी के अनुसार, मो. रकीब आलम, मो. साकिब आलम, मंजूमा खातून, परिमाण खातून, खेरून निशा समेत कई परिवारों को भारी नुकसान हुआ है। पीड़ित परिवारों ने बताया कि सोमवार की रात लगभग 11:00 बजे अचानक तेज आंधी शुरू हुई, जिसके बाद देखते ही देखते घरों के छप्पर उड़ गए और बारिश का पानी घरों में घुस गया। इस घटना के कारण इन परिवारों के सामने रहने और खाने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। घटना की सूचना मिलने पर गांव के समाजसेवी मोहम्मद जफिर और मोहम्मद मुराद सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर हालात का जायजा लिया। समाजसेवियों ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री, सरकारी मुआवजा और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराए जाएं ताकि उन्हें राहत मिल सके। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से आपदा प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर उचित सहायता प्रदान करने की मांग की है। इस संबंध में आजमनगर के अंचल अधिकारी मो. रिजवान आलम ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना मिल गई है। उन्होंने राजस्व कर्मचारी को घटनास्थल पर भेजकर रिपोर्ट सौंपने को कहा है और स्पष्ट किया कि जांच के बाद ही सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजा दिया जा सकता है।
आजमनगर प्रखंड क्षेत्र की दनिहा पंचायत के फुतकीपुर और रहमतपुर गांवों में बीती रात आई भीषण आंधी और तेज बारिश ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं के कारण कई गरीब परिवारों के घरों के छप्पर उड़ गए, जिससे वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। इस प्राकृतिक आपदा के चलते घरों में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, जरूरी दस्तावेज समेत अन्य घरेलू सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया। जानकारी के अनुसार, मो. रकीब आलम, मो. साकिब आलम, मंजूमा खातून, परिमाण खातून, खेरून निशा समेत कई परिवारों को भारी नुकसान हुआ है। पीड़ित परिवारों ने बताया कि सोमवार की रात लगभग 11:00 बजे अचानक तेज आंधी शुरू हुई, जिसके बाद देखते ही देखते घरों के छप्पर उड़ गए और बारिश का पानी घरों में घुस गया। इस घटना के कारण इन परिवारों के सामने रहने और खाने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। घटना की सूचना मिलने पर गांव के समाजसेवी मोहम्मद जफिर और मोहम्मद मुराद सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर हालात का जायजा लिया। समाजसेवियों ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री, सरकारी मुआवजा और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराए जाएं ताकि उन्हें राहत मिल सके। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से आपदा प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर उचित सहायता प्रदान करने की मांग की है। इस संबंध में आजमनगर के अंचल अधिकारी मो. रिजवान आलम ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना मिल गई है। उन्होंने राजस्व कर्मचारी को घटनास्थल पर भेजकर रिपोर्ट सौंपने को कहा है और स्पष्ट किया कि जांच के बाद ही सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजा दिया जा सकता है।
- पूर्णिया जिले के धमदाहा क्षेत्र के रंगपुरा गांव में एक ही परिवार के आठ सदस्यों पर अचानक बेरहमी से हमला किया गया है। इस घटना में परिवार के सभी आठ लोगों के साथ मारपीट की गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हमले के बाद भी, पीड़ित परिवार को अभी तक कोई न्याय नहीं मिला है। बताया गया है कि इस हमले में घायल हुए कुछ सदस्यों की हालत अभी भी बेहद गंभीर बनी हुई है, जो चिंता का विषय है।1
- आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से मंगलवार को कोढ़ा थाना परिसर में शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता थाना अध्यक्ष पंकज आनंद ने की, जिसमें अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-2) सुनील कुमार शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य जोर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आपसी भाईचारा कायम रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने पर था। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लोग सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करते हुए त्योहार मनाएं ताकि क्षेत्र में शांति और सामाजिक सौहार्द बना रहे। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुनील कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में बकरीद को त्याग, समर्पण और आपसी प्रेम का पर्व बताते हुए इसे मिल-जुलकर मनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी तरह की गड़बड़ी या असामाजिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विशेष रूप से, उन्होंने सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए लोगों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और उसे आगे न बढ़ाएं, क्योंकि भ्रामक खबरें माहौल बिगाड़ सकती हैं। उन्होंने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस प्रशासन को देने का आग्रह किया। थाना अध्यक्ष पंकज आनंद ने कोढ़ा क्षेत्र की सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा को बनाए रखने की जिम्मेदारी पर जोर दिया और बताया कि बकरीद के लिए सुरक्षा व्यवस्था की विशेष तैयारी की गई है, जिसमें संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और लगातार गश्ती शामिल है। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की और पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि क्षेत्र में किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति नहीं उत्पन्न होने दी जाएगी और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर नगर पंचायत कोढ़ा के मुख्य पार्षद, महीनाथपुर पंचायत के मुखिया जगत नारायण सिंह, एमएलसी प्रतिनिधि अखलेश मेहता, धीरेन्द्र मेहता, नईमुद्दीन, सरपंच श्रवण शर्मा, जेडीयू के नगर अध्यक्ष बादल मेहता तथा मुखिया संघ के अध्यक्ष मोहम्मद काजिम सहित अन्य जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद थे। बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि बकरीद पर्व के दौरान सभी आवश्यक दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा और प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहेगा।1
- जलालगढ़ के चक पंचायत स्थित वार्ड संख्या 5 में पेयजल पानी टंकी की लोहे की सीढ़ी तेज आंधी और बारिश के दौरान सड़क पर गिर गई। सीढ़ी के गिरने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई, हालांकि संयोग अच्छा रहा कि वहां से गुजर रहा एक स्कॉर्पियो वाहन बाल-बाल बच गया और एक बड़ा हादसा होने से टल गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि पानी टंकी जर्जर हालत में है और कई जगहों पर उसमें दरारें पड़ चुकी हैं। पूर्व उपमुखिया दिलीप सिंह ने टंकी की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। वहीं, ऑपरेटर राजेंद्र महतो ने जानकारी दी कि टंकी की छत खुली रहने के कारण पानी दूषित हो रहा है। ग्रामीणों ने इस पूरी स्थिति पर विभाग से तत्काल जांच और शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।1
- पूर्णिया जिले में सब्जियों की खेती को व्यापक नुकसान पहुंचा है। तेज़ हवाओं के कारण फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी क्षति हुई है। यह स्थिति बेहद दुखद बताई गई है।1
- झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने एक समीक्षा बैठक के संपन्न होने के उपरांत मीडिया के प्रतिनिधियों को संबोधित किया।1
- एक हालिया बयान को लेकर तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसमें गमछा पहनने को अपराध बताया गया है। इस बयान के बाद यह गंभीर प्रश्न उठ खड़ा हुआ है कि क्या गमछा पहनना वास्तव में कोई अपराध हो सकता है। पूरे मामले पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए, लोगों ने इस बात पर जोर दिया है कि आखिर एक ही जाति को जानबूझकर क्यों निशाना बनाया जा रहा है। यह आरोप लगाया जा रहा है कि यह बयान किसी खास समुदाय को लक्ष्य कर दिया गया है, जो भेदभाव की ओर इशारा करता है और न्यायपूर्ण व्यवहार के सिद्धांतों पर सवाल खड़े करता है।1
- नवादा मोड़ से पांच शराबियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद सभी गिरफ्तार किए गए लोगों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।1
- जलालगढ़ बाजार स्थित ठाकुरबाड़ी चौक के पास कल्याण भवन के सामने लगी एक जर्जर हाईमास्ट लाइट को मंगलवार को प्रशासन ने सुरक्षित तरीके से हटा दिया है। यह कार्रवाई दैनिक हिंदुस्तान में 06 मई 2026 को प्रकाशित "हाईमास्ट लाइट की स्थिति जर्जर, दुर्घटना की आशंका" शीर्षक वाली खबर के बाद की गई है, जिसके उपरांत प्रशासन तुरंत हरकत में आया और संभावित हादसे को टालने के लिए तत्काल कदम उठाए। इस कार्रवाई की निगरानी प्रखंड विकास पदाधिकारी ममता कुमारी, सांख्यिकी पदाधिकारी देवेश भारद्वाज और पुअनि राजेश्वर राम ने की। मौके पर हाइड्रा मशीन और प्रशिक्षित कारीगरों की एक टीम मौजूद थी, जिसने पहले सावधानीपूर्वक हाईमास्ट लाइट के होलोजन बल्ब सेट को नीचे उतारा और फिर उसके जर्जर पोल को भी सुरक्षित तरीके से हटाया। इस दौरान जलालगढ़ पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि राजकुमार दास भी उपस्थित रहे। जानकारी के अनुसार, बाजार क्षेत्र में लगी यह हाईमास्ट लाइट काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी थी। पिछले कुछ दिनों से लगातार आंधी और तेज हवा चलने के कारण इसका पोल एक तरफ झुक गया था, जिससे स्थानीय लोगों में यह डर बना हुआ था कि यह कभी भी टूटकर सड़क पर गिर सकती है। यह स्थान बाजार का अत्यंत व्यस्त इलाका है जहाँ दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है, और इसके आसपास कई दुकानें व आवासीय मकान भी स्थित हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी समय एक बड़ी दुर्घटना होने की आशंका थी, जिसे प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से टाल दिया गया।1
- आज इंदौर के लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसते हुए सड़कों पर उतर आए हैं। इस जल संकट के विरोध में कांग्रेस ने एक अभूतपूर्व आंदोलन किया है, जिसे पिछले 40 सालों के इंदौर के इतिहास में कांग्रेस का सबसे जोरदार प्रदर्शन बताया जा रहा है। पार्टी ने उन आलोचकों को चुनौती दी है जो अक्सर कांग्रेस की मौजूदगी पर सवाल उठाते थे, यह कहते हुए कि वे सड़कों पर आकर पार्टी का यह व्यापक प्रदर्शन देखें। कांग्रेस ने इस आंदोलन को 'गांधी-नेहरू की कांग्रेस का फिर से जिंदा होना' बताया है, जो आज मुखर होकर सामने आई है।1