रमजान के पाक महीने में रोजा रखने (सहरी) और रोजा खोलने (इफ्तार) की नीयत और दुआएं निम्नलिखित हैं: 1. सहरी की नीयत (रोजा रखने की दुआ) नियत असल में दिल के इरादे का नाम है। अगर आप दिल में रोजा रखने का पक्का इरादा रखते हैं, तो आपकी नीयत हो गई। जुबान से कहना जरूरी नहीं है, लेकिन तसल्ली के लिए आप ये शब्द कह सकते हैं: अरबी: "व बिस्मीन नवई तु मिन शहरी रमजान" (Wa Bisawmi Ghadin Nawaiytu Min Shahri Ramadan) हिंदी अनुवाद: "मैंने रमजान के इस रोजे की नीयत की" 2. इफ्तार की नीयत (रोजा खोलने की दुआ) सूरज डूबने के बाद जब आप रोजा खोलें, तो यह दुआ पढ़ें: अरबी: "अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुमतु, व बिका आमंतु, व अलयका तवक्कलतु, व अला रिज़क़िका अफ़्तरतु" (Allahumma inni laka sumtu, wa bika aamantu, wa 'alayka tawakkaltu, wa 'ala rizqika aftartu) हिंदी अनुवाद: "ऐ अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोजा रखा, मैं तुझ पर ईमान लाया, मैंने तुझ पर भरोसा किया और तेरे ही दिए हुए रिज्क (खाने) से इफ्तार किया"। सुन्नत तरीका: इफ्तार के समय सबसे पहले खजूर या पानी से रोजा खोलना सुन्नत माना जाता है।
रमजान के पाक महीने में रोजा रखने (सहरी) और रोजा खोलने (इफ्तार) की नीयत और दुआएं निम्नलिखित हैं: 1. सहरी की नीयत (रोजा रखने की दुआ) नियत असल में दिल के इरादे का नाम है। अगर आप दिल में रोजा रखने का पक्का इरादा रखते हैं, तो आपकी नीयत हो गई। जुबान से कहना जरूरी नहीं है, लेकिन तसल्ली के लिए आप ये शब्द कह सकते हैं: अरबी: "व बिस्मीन नवई तु मिन शहरी रमजान" (Wa Bisawmi Ghadin Nawaiytu Min Shahri Ramadan) हिंदी अनुवाद: "मैंने रमजान के इस रोजे की नीयत की" 2. इफ्तार की नीयत (रोजा खोलने की दुआ) सूरज डूबने के बाद जब आप रोजा खोलें, तो यह दुआ पढ़ें: अरबी: "अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुमतु, व बिका आमंतु, व अलयका तवक्कलतु, व अला रिज़क़िका अफ़्तरतु" (Allahumma inni laka sumtu, wa bika aamantu, wa 'alayka tawakkaltu, wa 'ala rizqika aftartu) हिंदी अनुवाद: "ऐ अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोजा रखा, मैं तुझ पर ईमान लाया, मैंने तुझ पर भरोसा किया और तेरे ही दिए हुए रिज्क (खाने) से इफ्तार किया"। सुन्नत तरीका: इफ्तार के समय सबसे पहले खजूर या पानी से रोजा खोलना सुन्नत माना जाता है।
- Post by Boltajharkhand1
- हज़ारीबाग पुराना समाहरणालय के बाहर अब नहीं मिलेगी सब्जियाँ, नगर निगम ने कचहरी गेट के अंदर दी जगह1
- Post by User36073
- हजारीबाग (पुराना समाहरणालय)। के जिला परिषद चौक से इंद्रपुरी चौक रोड तक मुख्य सड़क पर लगने वाले रोज़ाना जाम से लोगों को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से इस मार्ग पर सड़क किनारे सब्जी बेचने वाले फुटकर विक्रेताओं के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। कई बार वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता था, जिससे आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों और मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ती थी। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए हजारीबाग नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए सभी सब्जी विक्रेताओं को पुराना समाहरणालय परिसर में वैकल्पिक स्थान आवंटित कर दिया है। सहायक नगर आयुक्त विपिन कुमार ने बताया कि सड़क किनारे दुकानें लगने से लगातार यातायात बाधित हो रहा था, इसलिए व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब आम लोगों को जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। इधर इस कार्रवाई को लेकर सब्जी विक्रेताओं ने नगर निगम के प्रति नाराजगी जाहिर की है।1
- Post by Kashif Adib1
- हजारीबाग में जिला परिषद चौक से इंद्रपुरी चौक रोड तक रोज़ लगने वाले जाम से लोगों को बड़ी राहत मिली है। सड़क किनारे सब्जी बेचने वाले फुटकर विक्रेताओं के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों और वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए हजारीबाग नगर निगम ने सभी विक्रेताओं को पुराना समाहरणालय परिसर में वैकल्पिक स्थान आवंटित कर दिया है। सहायक नगर आयुक्त विपिन कुमार ने बताया कि ट्रैफिक सुचारू रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि, इस कार्रवाई से सब्जी विक्रेताओं में नाराजगी भी देखी जा रही है।3
- सदर प्रखंड के मेरू निवासी घनश्याम प्रसाद उर्फ (घमन) पिता झरन महतो पिछले दो महीने से मुंह कैंसर से जूझ रहा है अत्यंत ही गरीब परिवार से है सभी से अपील है के इस कैंसर पीड़ित की मदद करें। Mob 62006360741
- खाता संख्या 16 प्लॉट नंबर 817 जोकि मेरा खतियानी जमीन हैं इस जमीन को बेचने वाले और खरीदने वाले सावधान हों जाये दलालों से सावधान रहें1