वृहद झारखण्ड मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्ष बिरसा सोय द्वारा साझा किए गए एक लेख में, मोर्चा के मुख्य उद्देश्यों और संकल्पों को विस्तार से बताया गया है। मोर्चा का प्राथमिक लक्ष्य झारखण्ड के आदिवासी, मूलवासी, गरीब, किसान, मजदूर, युवा, महिला और कमजोर वर्गों का सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक उत्थान करना है। इसके साथ ही, झारखण्ड की पहचान, संस्कृति, भाषा, परंपरा और जल-जंगल-जमीन की रक्षा करते हुए एक आत्मनिर्भर, विकसित और खुशहाल झारखण्ड का निर्माण करना इसका संकल्प है। मोर्चा के प्रमुख उद्देश्यों में झारखण्ड के प्राकृतिक संसाधनों – जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा करना, तथा विकास के नाम पर गरीब आदिवासी-मूलवासियों के शोषण और विस्थापन को रोकना शामिल है। यह झारखण्ड के आदिवासी एवं मूलवासी समाज की भाषा, संस्कृति, परंपरा, रीति-रिवाज और सामाजिक व्यवस्था को संरक्षित करने के साथ-साथ उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा को भी एक महत्वपूर्ण लक्ष्य मानता है। इसके अलावा, राज्य में रोजगार के अवसर पैदा कर स्थानीय युवाओं को उद्योगों, खदानों और कंपनियों में प्राथमिकता दिलाना तथा मजबूरी में होने वाले मजदूरों और युवाओं के पलायन को रोकना भी मोर्चा का उद्देश्य है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए गांव-गांव तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना, सरकारी स्कूलों को मजबूत बनाना, विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति करना और स्थानीय भाषा व संस्कृति आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना ताकि गरीब परिवारों के बच्चे भी बेहतर भविष्य बना सकें, वृहद झारखण्ड मोर्चा का एक प्रमुख बिंदु है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में, ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पताल, डॉक्टर, दवाई और एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही गरीबों को उचित इलाज दिलाने के लिए प्रयास करना मोर्चा की प्राथमिकता है। किसानों को खेती के लिए आधुनिक सुविधा, उचित मूल्य, सिंचाई व्यवस्था और मजदूरों को सम्मानजनक मजदूरी एवं सुरक्षा दिलाने के लिए संघर्ष करने का भी मोर्चा ने संकल्प लिया है। महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व में आगे बढ़ाना तथा युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और नेतृत्व के अवसर प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना भी इसके उद्देश्यों में से एक है। वृहद झारखण्ड मोर्चा सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने के लिए भ्रष्टाचार, अन्याय और शोषण के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने को प्रतिबद्ध है। साथ ही, गांवों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत कर गांवों को आत्मनिर्भर बनाना भी इसका लक्ष्य है। मोर्चा की भावना 'अबुआ दिशुम – अबुआ राज' की है, जिसके तहत झारखण्ड के वीर शहीदों और आंदोलनकारियों के सपनों का झारखण्ड बनाना है, जहां स्थानीय जनता के सम्मान, अधिकार और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले। मोर्चा का संकल्प है: "संघर्ष हमारा अधिकार के लिए, प्रयास हमारा खुशहाल झारखण्ड के लिए।" उनकी पहचान "जल-जंगल-जमीन की रक्षा — आदिवासी-मूलवासी का सम्मान" बताई गई है।
वृहद झारखण्ड मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्ष बिरसा सोय द्वारा साझा किए गए एक लेख में, मोर्चा के मुख्य उद्देश्यों और संकल्पों को विस्तार से बताया गया है। मोर्चा का प्राथमिक लक्ष्य झारखण्ड के आदिवासी, मूलवासी, गरीब, किसान, मजदूर, युवा, महिला और कमजोर वर्गों का सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक उत्थान करना है। इसके साथ ही, झारखण्ड की पहचान, संस्कृति, भाषा, परंपरा और जल-जंगल-जमीन की रक्षा करते हुए एक आत्मनिर्भर, विकसित और खुशहाल झारखण्ड का निर्माण करना इसका संकल्प है। मोर्चा के प्रमुख उद्देश्यों में झारखण्ड के प्राकृतिक संसाधनों – जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा करना, तथा विकास के नाम पर गरीब आदिवासी-मूलवासियों के शोषण और विस्थापन को रोकना शामिल है। यह झारखण्ड के आदिवासी एवं मूलवासी समाज की भाषा, संस्कृति, परंपरा, रीति-रिवाज और सामाजिक व्यवस्था को संरक्षित करने के साथ-साथ उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा को भी एक महत्वपूर्ण लक्ष्य मानता है। इसके अलावा, राज्य में रोजगार के अवसर पैदा कर स्थानीय युवाओं को उद्योगों, खदानों और कंपनियों में प्राथमिकता दिलाना तथा मजबूरी में होने वाले मजदूरों और युवाओं के पलायन को रोकना भी मोर्चा का उद्देश्य है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए गांव-गांव तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना, सरकारी स्कूलों को मजबूत बनाना, विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति करना और स्थानीय भाषा व संस्कृति आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना ताकि गरीब परिवारों के बच्चे भी बेहतर भविष्य बना सकें, वृहद झारखण्ड मोर्चा का एक प्रमुख बिंदु है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में, ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पताल, डॉक्टर, दवाई और एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही गरीबों को उचित इलाज दिलाने के लिए प्रयास करना मोर्चा की प्राथमिकता है। किसानों को खेती के लिए आधुनिक सुविधा, उचित मूल्य, सिंचाई व्यवस्था और मजदूरों को सम्मानजनक मजदूरी एवं सुरक्षा दिलाने के लिए संघर्ष करने का भी मोर्चा ने संकल्प लिया है। महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व में आगे बढ़ाना तथा युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और नेतृत्व के अवसर प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना भी इसके उद्देश्यों में से एक है। वृहद झारखण्ड मोर्चा सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने के लिए भ्रष्टाचार, अन्याय और शोषण के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने को प्रतिबद्ध है। साथ ही, गांवों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत कर गांवों को आत्मनिर्भर बनाना भी इसका लक्ष्य है। मोर्चा की भावना 'अबुआ दिशुम – अबुआ राज' की है, जिसके तहत झारखण्ड के वीर शहीदों और आंदोलनकारियों के सपनों का झारखण्ड बनाना है, जहां स्थानीय जनता के सम्मान, अधिकार और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले। मोर्चा का संकल्प है: "संघर्ष हमारा अधिकार के लिए, प्रयास हमारा खुशहाल झारखण्ड के लिए।" उनकी पहचान "जल-जंगल-जमीन की रक्षा — आदिवासी-मूलवासी का सम्मान" बताई गई है।
- पश्चिमी सिंहभूम ज़िले के टोंटो थाना क्षेत्र के बड़ा कुचिया निवासी सुरजा दोराई बुरु और गार्दी सुंडी को अफीम की अवैध खेती तथा व्यापार के आरोप में न्यायालय द्वारा पाँच-पाँच साल कैद की सज़ा सुनाई गई है। इसके अतिरिक्त, इन दोनों अभियुक्तों पर दस-दस हज़ार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। ज़िला न्यायाधीश मोहम्मद शाकीर के न्यायालय ने गवाहों और साक्ष्यों के गहन विचार के आधार पर एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं के तहत यह सज़ा तय की। दोनों अभियुक्तों को 19 मार्च 2020 को अफीम पोस्ता बरामद होने के बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, और न्यायालय ने ज़ब्त किए गए साक्ष्य तथा गवाहों के बयानों पर गंभीरता से विचार करते हुए यह निर्णय दिया।1
- आगामी मोहर्रम के मद्देनज़र चाईबासा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी क्रम में आज शहर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में एक फ्लैग मार्च निकाला गया, जिसमें एसडीपीओ बहामन टुटी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने यह भी जानकारी दी है कि मोहर्रम के दौरान अखाड़े की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के ज़रिए की जाएगी।1
- बुंडू से चार धाम यात्रा की गई, जिसमें बुंडू से कदर तक की बाइक राइड का पूरा आनंद लिया गया। यह यात्रा बुंडू से ही शुरू हुई और इसमें बाइक से सफ़र का खूब मज़ा लिया गया।1
- झारखंड के बुंडू क्षेत्र में एक युवक का सिर कटा और जला हुआ शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक युवक के हाथ पर 'संजय पॉल' नाम लिखा हुआ पाया गया है।1
- मौसम विभाग की ओर से झारखंड के लिए एक बड़ा अपडेट जारी किया गया है। इस अपडेट के अनुसार, राज्य में ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित किए गए हैं।1
- टीम अंसार ने अल अंसार मोमिन की ओर से आगामी पंचायत चुनाव 2026 के संदर्भ में एक स्पष्ट बयान जारी किया है। इस बयान में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि समाज के पैसे का हिसाब देना होगा। टीम अंसार ने दोहराया है कि यह समाज का पैसा है, जिसके लिए जवाबदेही और हिसाब देना अनिवार्य है।1
- चाईबासा से सटे कुजू गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ कुजू नदी पुल से नदी में कूदकर 20 वर्षीय समीर कुंकल नामक युवक ने अपनी जान दे दी। मृतक मंझारी थाना क्षेत्र के बुनुमलता गांव का निवासी था। यह कदम उसने कथित तौर पर एक प्रेम प्रसंग के चलते उठाया, जिसके बारे में उसके रूम पार्टनर ने बताया। घटना के बाद, आसपास के लोगों ने समीर कुंकल को नदी से निकालकर चाईबासा सदर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने जाँच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक चाईबासा के सिकुरसाईं में किराए का कमरा लेकर एक दोस्त के साथ रहता था। वह हाल ही में लुपुंगुटू संत जेवियर स्कूल से इंटर की परीक्षा में उत्तीर्ण हुआ था और आईटीआई में दाखिला लेने की तैयारी कर रहा था। उसके रूम पार्टनर ने बताया कि समीर का किसी युवती के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था और वह युवती पिछले पाँच दिनों से अपने घर से लापता थी। घटना की जानकारी मिलते ही सदर थाना पुलिस ने अस्पताल से शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। खबर मिलने पर परिवार वाले भी पोस्टमार्टम हाउस पहुँच गए। मृतक युवक की माँ का रो-रोकर बुरा हाल था, और उन्होंने इस घटना के संबंध में अपनी बात भी रखी।1
- JLKM के केंद्रीय सचिव संतोष चौधरी ने गोला रामगढ़ में स्थित गोला सामुदायिक अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायल परिवार से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।1
- राजधानी रांची के ओरमांझी प्रखंड स्थित चकला में शनिवार को ईडेन हॉस्पिटल का विधिवत उद्घाटन किया गया। खिजरी विधायक राजेश कच्छप ने फीता काटकर अस्पताल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर रामगढ़ विधायक ममता देवी और कांके विधायक सुरेश बैठा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए विधायक राजेश कच्छप ने ईडेन हॉस्पिटल को क्षेत्र के लोगों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित यह अस्पताल आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के मरीजों के लिए काफी लाभकारी सिद्ध होगा। इससे क्षेत्रवासियों को इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। समारोह के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया और अस्पताल में उपलब्ध विभिन्न चिकित्सा सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। इस कार्यक्रम में उप प्रमुख रिजवान अंसारी, जिला परिषद सदस्य कमिश्नर मुंडा, विधायक प्रतिनिधि हरिमोहन महतो, खिजरी विधानसभा के अल्पसंख्यक विधायक प्रतिनिधि हुमायूं उर्फ नईम अंसारी, पूर्व उप प्रमुख मुंतजिर अहमद रजा, खाद्य आपूर्ति विधायक प्रतिनिधि सह मंडल अध्यक्ष सफीउल्लाह अंसारी, डायरेक्टर वसीम फिरोज अंसारी, रूही नाज, रमेश उरांव, मुबारक अंसारी, सूरज पठान, यासिर नजीब, माजीद अंसारी, कुणाल सिंह, तस्मिया अहमद, शमशेर आलम सहित कई गणमान्य व्यक्ति, अस्पताल प्रबंधन के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।1