शाहपुरा की बेटी डॉ. विशाखा घुसर का एमबीबीएस डिग्री लेकर प्रथम आगमन पर भव्य स्वागत शाहपुरा -भैरू लाल लक्षकार क्षेत्र की होनहार बेटी डॉ. विशाखा घुसर ने रवींद्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज उदयपुर आरयूएचएस (RUHS) यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त कर क्षेत्र व समाज का नाम रोशन किया है। डॉक्टर बनने के बाद पहली बार अपने गृह नगर शाहपुरा पहुंचने पर डॉ. विशाखा का परिजनों एवं मोहल्ले वासियों ने फूल-मालाओं और मिठाई खिलाकर जोरदार अभिनंदन किया। डॉ. विशाखा अजय घुसर व माता मेना घुसर की सुपुत्री तथा स्वर्गीय सत्यनारायण घुसर एवं भगवती देवी घुसर की पौत्री हैं। बड़े पापा संजय बड़ी मा सुनीता घुसर अंकल विजेंद्र आंटी ममता उनके घर पहुंचने पर उत्साह का माहौल रहा और लोगों ने ढोल-धमाकों के साथ उनका स्वागत किया। कठिन परिश्रम और लक्ष्य पर रहा ध्यान- इस अवसर पर डॉ. विशाखा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा-दादी के आशीर्वाद और माता-पिता के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने अपनी पढ़ाई के सफर के बारे में बताते हुए कहा कि निरंतरता और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे अब समाज के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करेंगी और उन्हें करियर में आगे बढ़ने के गुर सिखाएंगी ताकि आने वाली पीढ़ी भी शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर सके।
शाहपुरा की बेटी डॉ. विशाखा घुसर का एमबीबीएस डिग्री लेकर प्रथम आगमन पर भव्य स्वागत शाहपुरा -भैरू लाल लक्षकार क्षेत्र की होनहार बेटी डॉ. विशाखा घुसर ने रवींद्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज उदयपुर आरयूएचएस (RUHS) यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त कर क्षेत्र व समाज का नाम रोशन किया है। डॉक्टर बनने के बाद पहली बार अपने गृह नगर शाहपुरा पहुंचने पर डॉ. विशाखा का परिजनों एवं मोहल्ले वासियों ने फूल-मालाओं और मिठाई खिलाकर जोरदार अभिनंदन किया। डॉ. विशाखा अजय घुसर व माता मेना घुसर की सुपुत्री तथा स्वर्गीय सत्यनारायण घुसर एवं भगवती देवी घुसर की पौत्री हैं। बड़े पापा संजय बड़ी मा सुनीता घुसर अंकल
विजेंद्र आंटी ममता उनके घर पहुंचने पर उत्साह का माहौल रहा और लोगों ने ढोल-धमाकों के साथ उनका स्वागत किया। कठिन परिश्रम और लक्ष्य पर रहा ध्यान- इस अवसर पर डॉ. विशाखा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा-दादी के आशीर्वाद और माता-पिता के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने अपनी पढ़ाई के सफर के बारे में बताते हुए कहा कि निरंतरता और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे अब समाज के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करेंगी और उन्हें करियर में आगे बढ़ने के गुर सिखाएंगी ताकि आने वाली पीढ़ी भी शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर सके।
- नसीराबाद मे बैसाखी पर्व पर गुरुद्वारा सिंह सभा में भक्ति और सेवा का संगम1
- Post by Alert Nation News1
- बीच रास्ते में दगा दे गई रोडवेज की वॉल्वो अजमेर-ब्यावर मार्ग पर सफर कर रहे यात्रियों को आज उस समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब राजस्थान रोडवेज की एक AC वॉल्वो बस बीच रास्ते में ही जवाब दे गई। घटना आज शाम करीब 5:00 बजे की है। बस संख्या RJ14 PD 6703 अजमेर से ब्यावर की ओर जा रही थी, तभी पिपलाज के पास तकनीकी खराबी के कारण बस अचानक रुक गई। तपती गर्मी और उमस के बीच, वॉल्वो का सफर कर रहे यात्रियों को इस खराबी के कारण काफी देर तक सड़क किनारे खड़ा रहना पड़ा।सवारियों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए विभाग ने तत्परता दिखाई और कुछ यात्रियों को पीछे से आ रही रोडवेज की दूसरी बस में शिफ्ट कर ब्यावर के लिए रवाना किया गया। हालांकि, वीआईपी सुविधा के नाम पर वॉल्वो का टिकट लेने वाले यात्रियों में इस अव्यवस्था को लेकर काफी नाराजगी देखी गई। फिलहाल, बस को ठीक करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन शाम के वक्त हुए इस वाकये ने रोडवेज की मेंटेनेंस व्यवस्था पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिए हैं।1
- 14 अप्रैल 2026 को ब्यावर शहर में डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की 135वीं जयंती बहुत ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस विशेष रिपोर्ट में देखिए ब्यावर के मुख्य मार्गों से निकली रैली, शहरवासियों का उत्साह और संविधान निर्माता बाबा साहेब के प्रति लोगों की श्रद्धा। इस वीडियो में हमने स्थानीय लोगों और गणमान्य व्यक्तियों से बात की और उनकी प्रतिक्रिया (बाइट) ली है। बाबा साहेब के विचार आज भी हमें समानता और न्याय की राह दिखाते हैं।1
- जय भीम के नारों के साथ कस्बे मे निकला जुलुस, जेसीबी से की गईं पुष्पवर्षा। डा. अम्बेडकर की छवि को भीम रथ मे स्थापित कर नीले गुब्बारो से सजाया गया। भूपालसागर में सविधान निर्माता भारत रत्न डा. भीम राव अम्बेडकर के जन्मदिन के अवसर पर कस्बे भर मे जुलुस एवं जय भीम के नारो के साथ जन्म मनाई गई। इस दौरान पूरा कस्बा 'जय भीम' के नारों और उत्साह के रंग में रंगा नजर आया। सैकड़ों युवाओं ने नीले झंडों को हाथो मे सजा के साथ भव्य जुलूस निकाला। यह जुलूस संतोषी माता मंदिर प्रांगण से शुरू होकर कपासन रोड़, बस स्टैंड, आजाद चौक, जाशमा रोड़ सहित पूरे कस्बे में घूमा, जिसमें युवाओं ने अपनी एकजुटता और श्रद्धा का प्रदर्शन किया। डीजे पर गूंजते आंबेडकर गीतों ने माहौल को जोश से भर दिया। सड़क पर थिरकते युवाओं और गूंजते नारों ने कस्बे में उत्सव का माहौल बना दिया। यह जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए डा भीमराव आंबेडकर सभागार पहुंचा, जहां अनुयायियों ने बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना रहा।ए एस आई तेजमल, ए एस आई असरार खान पठान एवं भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के चलते पूरा जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। यह आयोजन एकता और उत्सव का संदेश लेकर आया, जिसमें जोश और अनुशासन दोनों देखने को मिले। वही जुलुस के बाद अम्बेडकर भवन मे संगोष्ठी रखी जाएगी जहाँ कार्यक्रम का समापन किया जायेगा।3
- 🌺🙏SRI Lakshminath Bhagvan Siv Sankar Ji Vasakraj Maharaj GOVIND SAWARIYA SETH JI Aapki JAY Ho ♥️ 🌷 🌺 🔥 🙏🏽 🌺♥️1
- रायला रायला में सेन समाज द्वारा संत शिरोमणि सेन महाराज की 726 वी जयंती बड़े धूमधाम के साथ मनाई गई। रथ की शोभायात्रा बगीचे हनुमान जी से प्रारंभ होकर। रायला के मुख्य मुख्य मार्ग से गुजरती हुई । रायला चौथ माता से मंदिर पहुंची। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और संत सेन महाराज के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया2
- Post by Moinuddin Khan स्वाधीन भारत1
- Post by Kailash Fulwari1