उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में खाद्य एवं रसद विभाग की घोर लापरवाही का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां विकास खंड मवई क्षेत्र के पूरे नया मजरे रेछ निवासी चंद्रजीत यादव को सरकारी अभिलेखों में 'मृत' घोषित कर उनका नाम राशन कार्ड से काट दिया गया है, जबकि वह पूरी तरह जीवित हैं। इस गंभीर त्रुटि के चलते चंद्रजीत को नया राशन कार्ड बनवाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और उन्होंने खाद्य एवं रसद विभाग पर मनमानी व गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। चंद्रजीत यादव के अनुसार, उन्होंने पारिवारिक विवाद के कारण स्वयं तहसील रुदौली स्थित खाद्य एवं रसद विभाग में अपना नाम राशन कार्ड से हटवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। हालांकि, विभाग के कर्मचारियों ने नाम हटाने के लिए उन्हें 'मृतक' दर्शाते हुए रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया। जीवित होने के बावजूद सरकारी कागजों में मृत दिखाए जाने से चंद्रजीत को लगातार मुश्किलें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों से इस गलती को सुधारने और यूनिट डिलीट का सही कारण दर्ज करने की गुहार लगाने के बावजूद उन्हें हर बार 'आज-कल' कहकर टाल दिया जाता है। इस पूरे प्रकरण ने खाद्य एवं रसद विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि एक जीवित व्यक्ति को कागजों में मृत घोषित करना न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि यह सीधे तौर पर आम नागरिक के अधिकारों का उल्लंघन भी है। पीड़ित चंद्रजीत ने विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है कि आखिर उनका नाम राशन कार्ड से किस आधार पर काटा गया और इस गंभीर गलती को तत्काल सुधारा जाए। वहीं, मवई सप्लाई राम वृक्ष यादव ने इन आरोपों को वेबुनियाद बताया है, उनका कहना है कि यह तकनीकी दिक्कत लखनऊ से है और वेबसाइट पर नाम कटने के बाद व्यक्ति 'मृतक' ही शो करता है, इसमें उनकी ओर से कोई गलती नहीं की जाती है। अब देखना यह है कि 'जिंदा आदमी को ‘स्वर्गवास’ भेजने में माहिर' इस सिस्टम में चंद्रजीत यादव अपनी जिंदगी का सबूत ढूंढने में कब तक सफल होते हैं और जिम्मेदार अधिकारी इस चूक पर क्या कार्रवाई करते हैं।
उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में खाद्य एवं रसद विभाग की घोर लापरवाही का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां विकास खंड मवई क्षेत्र के पूरे नया मजरे रेछ निवासी चंद्रजीत यादव को सरकारी अभिलेखों में 'मृत' घोषित कर उनका नाम राशन कार्ड से काट दिया गया है, जबकि वह पूरी तरह जीवित हैं। इस गंभीर त्रुटि के चलते चंद्रजीत को नया राशन कार्ड बनवाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और उन्होंने खाद्य एवं रसद विभाग पर मनमानी व गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। चंद्रजीत यादव के अनुसार, उन्होंने पारिवारिक विवाद के कारण स्वयं तहसील रुदौली स्थित खाद्य एवं रसद विभाग में अपना नाम राशन कार्ड से हटवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। हालांकि, विभाग के कर्मचारियों ने नाम हटाने के लिए उन्हें 'मृतक' दर्शाते हुए रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया। जीवित होने के बावजूद सरकारी कागजों में मृत दिखाए जाने से चंद्रजीत को लगातार मुश्किलें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों से इस गलती को सुधारने और यूनिट डिलीट का सही कारण दर्ज करने की गुहार लगाने के बावजूद उन्हें हर बार 'आज-कल' कहकर टाल दिया जाता है। इस पूरे प्रकरण ने खाद्य एवं रसद विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि एक जीवित व्यक्ति को कागजों में मृत घोषित करना न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि यह सीधे तौर पर आम नागरिक के अधिकारों का उल्लंघन भी है। पीड़ित चंद्रजीत ने विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है कि आखिर उनका नाम राशन कार्ड से किस आधार पर काटा गया और इस गंभीर गलती को तत्काल सुधारा जाए। वहीं, मवई सप्लाई राम वृक्ष यादव ने इन आरोपों को वेबुनियाद बताया है, उनका कहना है कि यह तकनीकी दिक्कत लखनऊ से है और वेबसाइट पर नाम कटने के बाद व्यक्ति 'मृतक' ही शो करता है, इसमें उनकी ओर से कोई गलती नहीं की जाती है। अब देखना यह है कि 'जिंदा आदमी को ‘स्वर्गवास’ भेजने में माहिर' इस सिस्टम में चंद्रजीत यादव अपनी जिंदगी का सबूत ढूंढने में कब तक सफल होते हैं और जिम्मेदार अधिकारी इस चूक पर क्या कार्रवाई करते हैं।
- केरलम की श्रीराम भक्त मंडली के 150 सदस्य बीती शाम प्रभु श्रीराम की ज्योति लेकर अयोध्या से प्रस्थान कर गए। यह ज्योति पूरे केरलम में एक महीने तक भ्रमण करेगी। यह भक्त मंडली तीन बसों से 3500 किलोमीटर की भ्रमण यात्रा करके पहली बार अयोध्या पहुंची थी, और सोमवार को उन्होंने श्रीराम मंदिर के यज्ञ मंडप में संकीर्तन किया। संस्था के राष्ट्रीय सचिव ब्रह्मचारी श्रीमनउन्नी ने बताया कि इस मंडली में उनके साथ प्रांत अध्यक्ष मधुसूदनन पिल्लई और रक्षाधिकारी स्वामी देवानंद पुरी भी शामिल थे। ब्रह्मचारी जी के अनुसार, उन्हें सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में संकीर्तन करने का सुअवसर मिला। इसके बाद, सभी सदस्य शाम तक श्रीराम ज्योति लेकर केरलम के लिए रवाना हो गए। यह जानकारी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र संवाद केंद्र, अयोध्या धाम द्वारा जारी की गई है।3
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला, जनता के सामने उनसे कई सवाल दागे। उन्होंने सपा और कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए पूछा कि जब पूरे प्रदेश और देश में वक्फ की जमीन के नाम पर अरबों रुपये का घोटाला हुआ था, तब क्या उनके मुंह पर फेविकोल चिपक गया था। सीएम योगी ने यह भी सवाल उठाया कि जब ये दल रामजी को काल्पनिक बता रहे थे और कार सेवकों पर लाठियां व गोलियां चलवा रहे थे, तब क्या हिंदुओं की आस्था और भावनाएं आहत नहीं हो रही थीं? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब तो कांग्रेस और सपा को देखकर गिरगिट भी शर्मा रहे हैं।1
- अयोध्या में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने आज पर्यटन विभाग के तहत संचालित निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अयोध्या शहर के चौक स्थित ऐतिहासिक द्वार के सौंदर्यीकरण कार्य का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों तथा कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि सौंदर्यीकरण के दौरान इसे पूर्व की भांति संरक्षित किया जाए और कार्य को तेजी से करते हुए शीघ्र पूर्ण किया जाए। इसके साथ ही, जिलाधिकारी ने कोतवाली के पास स्थित गेट नंबर-4 में आवागमन के लिए निर्धारित दो मार्गों में से एक-एक मार्ग को बंद कर अवशेष कार्य को गुणवत्ता एवं मानक के अनुरूप शीघ्र अतिशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस निरीक्षण के दौरान नगर कोतवाली के प्रभारी को भी कार्य में सहयोग हेतु रास्ते के नियमानुसार डायवर्जन के लिए निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी ने धारा रोड स्थित साकेत सदन के मुख्य भवन (बी-1), इन्ट्रेस प्लाजा और सोविनियर शॉप (बी-2) सहित विभिन्न निर्माण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने और गुणवत्ता का विशेष ध्यान देने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए, साथ ही उप निदेशक पर्यटन को हस्तांतरण की कार्यवाही प्रक्रिया में लाने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी श्री कृष्ण कुमार सिंह, उप निदेशक पर्यटन बी पी सिंह सहित यू.पी. प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड, निर्माण इकाई-11, अयोध्या के सहायक परियोजना प्रबंधक व अवर अभियंता एवं संबंधित फर्म के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतापगढ़ के दौरे पर पहुंचे, जहाँ उन्होंने जनसभाओं को संबोधित किया। इन जनसभाओं के दौरान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए विरोधियों पर हमला बोला।1
- अयोध्या की पावन नगरी में, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी की राम की पैड़ी, अहिल्या घाट स्थित प्राचीन सिद्ध पीठ लक्ष्मी संप्रदाय के करमईया राम मंदिर में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। मंदिर के पूर्वाचार्य महंथ केशव दास के लोक वासी होने के बाद, अब मंदिर की नई व्यवस्था और देखभाल की जिम्मेदारी महंथ शौर्य दास को सौंपी गई है, जिन्हें नवनिर्वाचित कर मंदिर का नया महंथ बनाया गया है। इस दौरान, महंथ मनोज पांडे को भी कुछ जिम्मेदारियां सौंपी गईं। राम की नगरी के धर्माचार्यों, महंथों, साधु-संतों ने नए महंथ शौर्य दास को पुष्प मालाएं और अंग वस्त्र भेंट कर अपना आशीर्वाद प्रदान किया।4
- अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम जी के मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला अब प्रदेश की राजनीति में गरमा गया है। इस घटना के सामने आने के बाद चोरी के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, साथ ही ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया गया। इस पूरे प्रकरण के उजागर होने के बाद कई सवाल उठने लगे हैं, जिस पर विपक्ष ने आरोप लगाया है कि इतने गंभीर मामले में अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। इसी बीच, मामला तब और तूल पकड़ गया जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और टुन्नु यादव के बीच कथित फोन बातचीत का दावा सामने आया। हालांकि, समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है। सपा का कहना है कि उन्होंने मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में तथ्य और प्रमाण प्रस्तुत किए हैं, जिनके आधार पर कार्रवाई भी हुई। अब वे भाजपा, संघ और विहिप से मांग कर रहे हैं कि वे भी अपने आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण दें। सपा नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आरोपों के पक्ष में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जाता, तो संबंधित पक्ष को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उनका यह भी कहना है कि लोकतंत्र में राजनीति झूठे आरोपों और दुष्प्रचार के बजाय तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित होनी चाहिए। फिलहाल, यह मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है और आने वाले समय में इस पर और तीखी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।1
- अयोध्या, उत्तर प्रदेश में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने पहली बार भगवान श्रीराम के लिए तैयार किए गए बहुमूल्य आभूषणों का प्रदर्शन किया। इस विशेष अवसर पर उन्होंने श्री राम जन्मभूमि मंदिर में उपयोग होने वाले इन दिव्य आभूषणों की विशेषताओं और उनके धार्मिक महत्व की विस्तृत जानकारी साझा की। श्रद्धालुओं के लिए यह एक अत्यंत विशेष और भावनात्मक क्षण रहा।1
- बाँदा के जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय परिसर में पेड़ों की अवैध कटाई को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस गंभीर मामले को देखते हुए छात्र नेताओं ने महाविद्यालय के प्राचार्य को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है। इसके अतिरिक्त, छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से महाविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों द्वारा परिसर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने की भी मांग की है। छात्र नेता कार्तिक आनंद ने जानकारी दी कि शनिवार, चार जुलाई को छात्र नेता शिवा शुक्ला ने परिसर में अवैध रूप से पेड़ काटे जाते हुए देखा था। उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों से बात करके कटाई रुकवाई। छात्रों का आरोप है कि महाविद्यालय की संपत्ति माने जाने वाले काटे गए पेड़ों की लकड़ियाँ मौके से गायब कर दी गई हैं। इस मामले की शिकायत करने पहुँचे छात्रों को प्राचार्य से मिलने में काफी परेशानी हुई, जहाँ उन्हें लगभग तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। छात्रों का यह भी आरोप है कि प्राचार्य अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे और कई बार फोन करने पर भी उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। आखिरकार प्राचार्य के पहुँचने पर छात्रों ने अपना गहरा रोष व्यक्त किया। कार्तिक आनंद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर इस पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्यवाही नहीं की गई, तो छात्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस अवसर पर कार्तिक आनंद, शिवा शुक्ला, नमन निगम, अमित जाटव, युवराज सिंह, अंशु ठाकुर सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।1