दतिया जिले में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर 31 मई 2026 को जिला प्रशासन द्वारा तंबाकू एवं नशा मुक्ति के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता रथ रवाना किया गया। कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े ने इस रथ को हरी झंडी दिखाते हुए 'तंबाकू मुक्त दतिया' के निर्माण का संदेश दिया, और कहा कि नशामुक्ति की शुरुआत हमें अपने आप और अपने आसपास से करनी चाहिए। यह जागरूकता रथ जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भ्रमण कर आमजन को तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेगा। इस दौरान रथ के माध्यम से नशा मुक्ति संकल्प पत्र, शपथ पत्र और जनजागरूकता संबंधी पंपलेट वितरित किए जाएंगे, साथ ही नागरिकों को नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु प्रेरित किया जाएगा। कलेक्टर श्री वानखड़े ने अपने संबोधन में कहा कि तंबाकू का सेवन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालता है, बल्कि उसके परिवार, समाज और आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित करता है। उन्होंने विभिन्न गंभीर बीमारियों का कारण बनने वाले तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से युवाओं को बचाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया, और सभी नागरिकों से तंबाकू मुक्त जीवन अपनाने तथा दूसरों को भी प्रेरित करने का आह्वान किया। यह अभियान विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वर्ष 2026 के लिए निर्धारित थीम 'आकर्षण का पर्दाफाश - निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला' के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है। इस व्यापक अभियान के तहत जिले में पोस्टर एवं बैनर प्रदर्शनी, चित्रकला, निबंध, भाषण, रंगोली और लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन कर विद्यार्थियों एवं युवाओं को जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा, नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत, संगोष्ठी एवं जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से तंबाकू सेवन से होने वाली कैंसर, टीबी, हृदय रोग और श्वसन संबंधी गंभीर बीमारियों की जानकारी दी जाएगी। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के 100 मीटर के दायरे में स्थित पान, गुटखा और तंबाकू विक्रय केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सार्वजनिक स्थलों, शासकीय कार्यालयों और लोक परिवहन वाहनों पर बैनर, पोस्टर एवं स्टीकर लगाकर नशामुक्ति का संदेश प्रसारित किया जाएगा। राष्ट्रीय नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 और राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन एमएएनएस - 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, और कलेक्टर ने सभी विभागों को प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर युवाओं, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने 'तंबाकू छोड़ें, जीवन जोड़ें', 'जीवन अनमोल है, तंबाकू का कोई मोल नहीं', 'नशा मुक्त दतिया – स्वस्थ दतिया' और 'तंबाकू को कहो ना, स्वस्थ जीवन को कहो हाँ' जैसे प्रेरणादायक नारों के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने तंबाकू सेवन से होने वाले कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियों सहित अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और आर्थिक प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की। उपस्थित नागरिकों और युवाओं ने 'नशा मुक्त भारत' के निर्माण हेतु सामूहिक शपथ ग्रहण की और जिलेभर में जनजागरण अभियान चलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जिला मास्टर ट्रेनर शैलेंद्र खरे, जयराम पटवा, विनोद मिश्रा, संजय भार्गव (अध्यक्ष, समर्पण नशा मुक्ति केंद्र), राधाबल्लभ मिश्र, मुरारी नगरजी, नरेंद्र दुबे, राजेश कतोलिया, अर्चना जाटव, राजेंद्र प्रजापति, लक्ष्मी राय सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जिला प्रशासन की यह पहल दतिया को नशामुक्त, स्वस्थ और जागरूक जिला बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
दतिया जिले में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर 31 मई 2026 को जिला प्रशासन द्वारा तंबाकू एवं नशा मुक्ति के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता रथ रवाना किया गया। कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े ने इस रथ को हरी झंडी दिखाते हुए 'तंबाकू मुक्त दतिया' के निर्माण का संदेश दिया, और कहा कि नशामुक्ति की शुरुआत हमें अपने आप और अपने आसपास से करनी चाहिए। यह जागरूकता रथ जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भ्रमण कर आमजन को तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेगा। इस दौरान रथ के माध्यम से नशा मुक्ति संकल्प पत्र, शपथ पत्र और जनजागरूकता संबंधी पंपलेट वितरित किए जाएंगे, साथ ही नागरिकों को नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु प्रेरित किया जाएगा। कलेक्टर श्री वानखड़े ने अपने संबोधन में कहा कि तंबाकू का सेवन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालता है, बल्कि उसके परिवार, समाज और आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित करता है। उन्होंने विभिन्न गंभीर बीमारियों का कारण बनने वाले तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से युवाओं को बचाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया, और सभी नागरिकों से तंबाकू मुक्त जीवन अपनाने तथा दूसरों को भी प्रेरित करने का आह्वान किया। यह अभियान विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वर्ष 2026 के लिए निर्धारित थीम 'आकर्षण का पर्दाफाश - निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला' के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है। इस व्यापक अभियान के तहत जिले में पोस्टर एवं बैनर प्रदर्शनी, चित्रकला, निबंध, भाषण, रंगोली और लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन कर विद्यार्थियों एवं युवाओं को जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा, नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत, संगोष्ठी एवं जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से तंबाकू सेवन से होने वाली कैंसर, टीबी, हृदय रोग और श्वसन संबंधी गंभीर बीमारियों की जानकारी दी जाएगी। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के 100 मीटर के दायरे में स्थित पान, गुटखा और तंबाकू विक्रय केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सार्वजनिक स्थलों, शासकीय कार्यालयों और लोक परिवहन वाहनों पर बैनर, पोस्टर एवं स्टीकर लगाकर नशामुक्ति का संदेश प्रसारित किया जाएगा। राष्ट्रीय नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 और राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन एमएएनएस - 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, और कलेक्टर ने सभी विभागों को प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर युवाओं, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने 'तंबाकू छोड़ें, जीवन जोड़ें', 'जीवन अनमोल है, तंबाकू का कोई मोल नहीं', 'नशा मुक्त दतिया – स्वस्थ दतिया' और 'तंबाकू को कहो ना, स्वस्थ जीवन को कहो हाँ' जैसे प्रेरणादायक नारों के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने तंबाकू सेवन से होने वाले कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियों सहित अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और आर्थिक प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की। उपस्थित नागरिकों और युवाओं ने 'नशा मुक्त भारत' के निर्माण हेतु सामूहिक शपथ ग्रहण की और जिलेभर में जनजागरण अभियान चलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जिला मास्टर ट्रेनर शैलेंद्र खरे, जयराम पटवा, विनोद मिश्रा, संजय भार्गव (अध्यक्ष, समर्पण नशा मुक्ति केंद्र), राधाबल्लभ मिश्र, मुरारी नगरजी, नरेंद्र दुबे, राजेश कतोलिया, अर्चना जाटव, राजेंद्र प्रजापति, लक्ष्मी राय सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जिला प्रशासन की यह पहल दतिया को नशामुक्त, स्वस्थ और जागरूक जिला बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
- सेवढ़ा नगर परिषद क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत सैकड़ों पात्र हितग्राही नई सूची के प्रकाशन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पहले 1316 आवासों की स्वीकृति के बाद से अब तक नई पात्रता सूची जारी न होने के कारण गरीब और जरूरतमंद परिवारों में गहरी निराशा है, जिससे वे लगातार सवाल कर रहे हैं कि "कब आएगा हमारा नंबर, कब मिलेगी सिर पर छत?" अनेक परिवार वर्षों से कच्चे मकानों, किराए के कमरों या अस्थायी आवासों में जीवन बिता रहे हैं, इस उम्मीद में कि उनका नाम सूची में शामिल होगा और उन्हें भी पक्के घर का लाभ मिलेगा। इन परिवारों ने योजना के लिए आवेदन और सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए हैं, लेकिन उनके आवेदनों की स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं है। हितग्राही लगातार नगर परिषद कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, पर उन्हें नई सूची जारी होने संबंधी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह योजना गरीब और निम्न आय वर्ग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे हजारों परिवारों को लाभ मिला है, लेकिन बड़ी संख्या में पात्र लोग अभी भी वंचित हैं। बरसात का मौसम नजदीक आने से कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की चिंता और बढ़ गई है। हितग्राही और नगर के लोग शासन-प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि पात्र हितग्राहियों का सर्वे कराकर जल्द से जल्द नई सूची प्रकाशित की जाए। उनकी प्रमुख मांगों में प्रधानमंत्री आवास योजना की नई पात्रता सूची का शीघ्र प्रकाशन, लंबित आवेदनों की समीक्षा कर पात्र लोगों को लाभ देना, आवास स्वीकृति प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक करना, और नगर परिषद स्तर पर शिविर लगाकर समस्याओं का निराकरण करना शामिल है। जब नगर परिषद के सीएमओ महिपाल सिंह से इस बारे में बात की गई, तो उन्होंने बताया कि नई सूची अभी जारी नहीं हुई है, हालांकि 11 पट्टे कर दिए गए हैं। सेवढ़ा के अनेक गरीब परिवारों की निगाहें इस नई सूची पर टिकी हैं, यह जानने के लिए कि आखिर उनका सपना कब साकार होगा।1
- इंदरगढ़ नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 4 में जलभराव की गंभीर समस्या ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। गांधी स्कूल के ठीक सामने की सड़क इस समय पानी के तालाब में तब्दील हो चुकी है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है। यह स्थिति नगर पालिका के उन दावों की पोल खोलती है जिनमें बेहतर व्यवस्था का दावा किया जाता है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जल निकासी का जो मुख्य रास्ता था, उसे ही बंद कर दिया गया है। पानी निकलने की कोई जगह न होने के कारण, गंदा पानी अब सड़क पर जमा हो रहा है। इस समस्या से केवल एक घर नहीं, बल्कि पूरा वार्ड परेशान है। इंदर सिंह, अजय जाटव, आसाराम कुशवाह, धर्मवीर कुशवाहा, संतोष विश्वकर्मा, प्रकाश टेलर और अतर सिंह जैसे स्थानीय निवासियों का कहना है कि बदबू और कीचड़ के बीच से गुजरना अब उनकी रोज की मजबूरी बन गई है। गांधी स्कूल के पास होने के कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों के बीमार होने का खतरा लगातार बना हुआ है। इस गंभीर स्थिति पर प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इंदरगढ़ नगर परिषद आखिर कब जागेगी और क्या वार्ड की जनता को इसी गंदगी के बीच अपनी जिंदगी गुजारनी पड़ेगी? जल निकासी का रास्ता किसने बंद किया और प्रशासन इस पर मूकदर्शक क्यों बना हुआ है, यह भी बड़ा सवाल है। जनता ने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से पानी निकासी का मार्ग खुलवाने और सड़क को आवागमन के लिए सुरक्षित बनाने की मांग की है।1
- राज्य में मूंग खरीदी के लिए पंजीयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस प्रक्रिया के तहत किसानों को प्रति क्विंटल ₹600 का बोनस देने का वादा किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के भिंड में पहली बार भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन की गौरवगाथा को बड़े पर्दे पर प्रदर्शित किया गया। दैनिक हिन्दुस्तान प्रगति समाचार के अनुसार, इस प्रस्तुति की कलचुरी समाज द्वारा सराहना की गई है।1
- दतिया पुलिस ने जुआ के एक फड़ पर दबिश दी है। इस कार्रवाई के दौरान कुल 15 जुआरियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो आरक्षक भी शामिल हैं।1
- इंदरगढ़ में कमल को अनुसूचित जाति मोर्चा का ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंदरगढ़ में उनका स्वागत किया।1
- दतिया जिले के सेवढ़ा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 15 स्थित माझी मोहल्ले में इन दिनों पेयजल का गंभीर संकट गहरा गया है। नलों के माध्यम से पानी की आपूर्ति न होने के कारण आधा दर्जन से अधिक परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और भीषण गर्मी के चलते उनकी चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय रहवासियों के अनुसार, पिछले कई दिनों से नलों में पर्याप्त पानी नहीं आ रहा है, जिससे उनके दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पीने, खाना बनाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू जरूरतों के लिए उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण वे दूर स्थित हैंडपंपों से पानी भरकर लाने को मजबूर हैं। गर्मी के कारण पानी की आवश्यकता बढ़ने के बावजूद जलापूर्ति व्यवस्था सुचारु न होने से हालात गंभीर बने हुए हैं; लोग सुबह से ही पानी की व्यवस्था में जुट जाते हैं और महिलाओं व बच्चों को पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। मोहल्लेवासियों ने नगर परिषद प्रशासन से पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का तत्काल निरीक्षण कर समस्या का समाधान करने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल संकट को जल्द दूर नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है। इस मामले पर सेवढ़ा नगर परिषद सीएमओ महिपाल सिंह यादव ने कहा है कि हालांकि वार्ड में इस प्रकार की व्यवस्था नहीं है, फिर भी उनके संज्ञान में आने पर वे तत्काल जांच करवाएंगे और शीघ्र निराकरण किया जाएगा।1
- ग्वालियर से एक एक्सक्लूसिव और लाइव ब्रेकिंग खबर सामने आई है, जहां एक दर्दनाक हिट एंड रन की घटना में एक मासूम छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। एक तेज रफ्तार कार ने छात्र को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि वह कई फीट दूर उछलकर गिरा। हादसे में छात्र को गंभीर चोटें आई हैं।1