रायबरेली के लालगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अस्पताल की अव्यवस्थाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सवाल पूछने गए एक पत्रकार के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। पत्रकार का आरोप है कि वह अस्पताल की कमियों पर सीएचसी अधीक्षक का पक्ष जानने पहुंचे थे, लेकिन अधीक्षक ने कोई जवाब नहीं दिया। इसी दौरान मौके पर मौजूद भाजपा के लालगंज मंडल अध्यक्ष मनोज अवस्थी कथित तौर पर बीच में आ गए और पत्रकार को सवाल पूछने से रोकने लगे। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे क्षेत्र में चर्चा काफी गर्म है। वायरल वीडियो में भाजपा मंडल अध्यक्ष कथित रूप से यह कहते सुनाई दे रहे हैं, "जो करना है करो, जो लिखना है लिखो।" इसके बाद मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। पत्रकार ने आरोप लगाया है कि जनहित के सवालों का जवाब देने के बजाय राजनीतिक हस्तक्षेप के जरिए मीडिया पर दबाव बनाने और सच को दबाने की कोशिश की गई है। इस घटना के बाद सरकारी संस्थानों की जवाबदेही और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर गहरी आपत्ति और चर्चा है कि सरकारी अस्पताल के कामकाज में किसी राजनीतिक पदाधिकारी को हस्तक्षेप करने की क्या आवश्यकता थी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकारी अस्पताल में एक राजनीतिक पदाधिकारी की क्या भूमिका थी और क्या यह हस्तक्षेप प्रशासनिक मर्यादाओं के अनुकूल था। जनता इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कार्रवाई और जवाब का इंतजार कर रही है।
रायबरेली के लालगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अस्पताल की अव्यवस्थाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सवाल पूछने गए एक पत्रकार के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। पत्रकार का आरोप है कि वह अस्पताल की कमियों पर सीएचसी अधीक्षक का पक्ष जानने पहुंचे थे, लेकिन अधीक्षक ने कोई जवाब नहीं दिया। इसी दौरान मौके पर मौजूद भाजपा के लालगंज मंडल अध्यक्ष मनोज अवस्थी कथित तौर पर बीच में आ गए और पत्रकार को सवाल पूछने से रोकने लगे। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे क्षेत्र में चर्चा काफी गर्म है। वायरल वीडियो में भाजपा मंडल अध्यक्ष कथित रूप से यह कहते सुनाई दे रहे हैं, "जो करना है करो, जो लिखना है लिखो।" इसके बाद मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। पत्रकार ने आरोप लगाया
है कि जनहित के सवालों का जवाब देने के बजाय राजनीतिक हस्तक्षेप के जरिए मीडिया पर दबाव बनाने और सच को दबाने की कोशिश की गई है। इस घटना के बाद सरकारी संस्थानों की जवाबदेही और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर गहरी आपत्ति और चर्चा है कि सरकारी अस्पताल के कामकाज में किसी राजनीतिक पदाधिकारी को हस्तक्षेप करने की क्या आवश्यकता थी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकारी अस्पताल में एक राजनीतिक पदाधिकारी की क्या भूमिका थी और क्या यह हस्तक्षेप प्रशासनिक मर्यादाओं के अनुकूल था। जनता इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कार्रवाई और जवाब का इंतजार कर रही है।
- प्रतापगढ़ जिले के रानीगंज तहसील के तौकलपुर में वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 के अंतर्गत एलायंस क्लब इंटरनेशनल द्वारा पौधरोपण व पौधवितरण अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत क्लब के पदाधिकारियों ने तौकलपुर के साथ-साथ चिलबिला, सिविल लाइन और दहिलामऊ जैसी जगहों पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत पौधे रोपे और उनका वितरण भी किया। क्लब के डायरेक्टर और समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य ने चिलबिला नगर में पौधे वितरित करते हुए सभी लोगों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने अनुरोध किया कि हर कोई अपनी मां के नाम पर एक पौधा जरूर लगाए और उसकी उसी तरह सुरक्षा करे, जैसे एक मां अपने बच्चों की करती है। एलायंस क्लब इंटरनेशनल द्वारा 'एक पेड़ मां के नाम' रोपित करने का यह अभियान चलाया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली में संचालित वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 अभियान के तहत नोडल अधिकारी और हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग तथा खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर ने मियावाकी फॉरेस्ट अहमदपुर नजूल में आम का पौधा लगाकर सघन वनीकरण स्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने विकास खण्ड हरचन्दपुर के ग्राम सोरांव में भी वृक्षारोपण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने पौधों की प्रजातियों, रोपण की तकनीक, सिंचाई व्यवस्था, रखरखाव, पौधों की जीवित रहने की दर और मियावाकी पद्धति के अनुरूप किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लगाए गए प्रत्येक पौधे की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए और उनके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि यह स्थल भविष्य में एक आदर्श हरित क्षेत्र के रूप में विकसित हो सके। इस अवसर पर जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका, मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता, डीएफओ प्रखर मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, उपजिलाधिकारी अहमद फरीद खान और अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका स्वर्ण सिंह समेत एनसीसी के बच्चों व कर्मचारियों ने भी पौधारोपण किया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने मियावाकी पद्धति की उपयोगिता पर चर्चा करते हुए बताया कि इस तकनीक से कम भूमि पर कम समय में सघन वन विकसित किए जा सकते हैं, जिससे जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा मिलता है। नोडल अधिकारी ने जोर देकर कहा कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का प्रयास है और जनसहभागिता से ही हरित व समृद्ध उत्तर प्रदेश का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।3
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली दौरे के दूसरे दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ माता को 'पशु' की सूची से हटाकर 'राज्यमाता' का दर्जा देने की मांग उठाई है। उन्होंने प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में 'गौ माता यात्रा' के जरिए जनसमर्थन जुटाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही, उन्होंने लोगों को संकल्प दिलाते हुए केवल गौ माता के सम्मान के मुद्दे पर ही वोट देने की अपील की है। राम मंदिर के विषय पर अपनी बात रखते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने स्पष्ट किया कि जब मंदिर पूर्ण रूप से आराधना का स्थान बन जाएगा, वह तभी वहां दर्शन के लिए जाएंगे।2
- उत्तर प्रदेश के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। मीडिया के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने बेहद तीखा जवाब दिया।1
- रायबरेली के लालगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बेहद गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। जेड न्यूज़ चैनल की टीम द्वारा अस्पताल का औचक निरीक्षण किए जाने पर वहां फैली बदहाली और लापरवाही की हकीकत खुलकर सामने आ गई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अस्पताल के कई वार्डों में मरीज बिना बेडशीट के ही बेड पर लेटे हुए थे और वहां के पंखे भी खराब पड़े थे। इसके साथ ही महिला शौचालय पर ताला लटका मिला। पूरे अस्पताल परिसर में जलभराव, भारी गंदगी और बायोमेडिकल कचरा बिखरा हुआ था, जिससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा परिसर में आवारा कुत्तों की मौजूदगी भी मरीजों के लिए बड़ी चिंता का कारण बनी हुई है। इस अव्यवस्था को लेकर जब सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमल पटेल से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो मौके पर मौजूद भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने बीच-बचाव करते हुए टीम को बाद में आने के लिए कह दिया। अस्पताल की इस दयनीय स्थिति को देखकर स्थानीय लोगों ने अस्पताल भवन के निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है। क्षेत्रीय लोगों ने जिलाधिकारी और सीएमओ से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है ताकि मरीजों को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।4
- रायबरेली के लालगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की बदहाली ने प्रदेश की बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के सरकारी दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेडब्ल्यूएफ न्यूज़ चैनल की टीम द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कई मूलभूत व्यवस्थाएं बदहाल पाई गईं। वार्डों में मरीजों के बेड पर बेडशीट तक गायब मिलीं और मुख्य मार्ग पर जलभराव होने से मरीजों व तीमारदारों को आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, अस्पताल परिसर में ही खतरनाक बायोमेडिकल कचरे का ढेर लगा मिला और आवारा कुत्ते घूमते दिखाई दिए। महिला मरीजों की सुविधा के लिए बना शौचालय बंद था और उस पर ताला लटका हुआ था। भीषण गर्मी के बीच मरीजों के लिए लगे कई पंखे बंद मिले, जिससे मरीज और उनके परिजन बेहाल थे, जबकि दूसरी तरफ डॉक्टरों के बैठने वाले कमरों में पंखे चल रहे थे। इसके अतिरिक्त, स्थानीय लोगों ने अस्पताल भवन के कुछ हिस्सों के निर्माण कार्य में धांधली की आशंका जताते हुए इसकी तकनीकी जांच की मांग की है। जब इस अव्यवस्था पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमल पटेल का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो मौके पर मौजूद भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने हस्तक्षेप करते हुए बातचीत को दोपहर 2 बजे के बाद टाल दिया, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली और राजनीतिक दखलअंदाजी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस अव्यवस्था को लेकर जनता में भारी रोष है और यह मांग उठाई जा रही है कि रायबरेली के जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) तथा उत्तर प्रदेश शासन इस मामले का तत्काल संज्ञान लें। अस्पताल की बदहाली, बंद पड़े पंखों, बंद महिला शौचालय, बायोमेडिकल कचरे और निर्माण गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों व संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि आम लोगों को सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।4
- रायबरेली जनपद के खीरों स्थित सरस्वती इंटर कॉलेज खेल मैदान में आयोजित वृक्षारोपण महा यज्ञ कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान एवं कृषि विपणन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने मीडिया से विशेष बातचीत की। इस दौरान पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी और कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह द्वारा कांग्रेस पर किए गए इस बड़े हमले और तीखे जवाब को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा काफी तेज हो गई है।1
- प्रतापगढ़ के नगर कोतवाली क्षेत्र में पीएम हाउस के पास एक सड़क हादसे में अज्ञात वाहन की टक्कर से पैदल जा रहा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और घायल युवक को जिला अस्पताल भिजवाया। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए युवक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।1