औरैया जिले के दिबियापुर थाना क्षेत्र के हर्राजपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथा व्यास ने धुंधकारी और गोकर्ण की प्रेरणादायक तथा हृदयस्पर्शी कथा सुनाई। उन्होंने श्रद्धालुओं को भक्ति, सदाचार और सत्संग का महत्व बताया, जिससे पांडाल में उपस्थित सभी भक्त भावविभोर हो उठे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। भागवत आचार्य ने कथा के दौरान कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में सदैव अच्छे कर्म करने चाहिए। उन्होंने धुंधकारी की कहानी सुनाते हुए बताया कि किस प्रकार बुरे कर्म, कुसंग और अधर्म व्यक्ति को पतन की ओर ले जाते हैं, जिसके कारण धुंधकारी को मृत्यु के बाद भी शांति नहीं मिली और वह प्रेत योनि में भटकता रहा। वहीं, उसके भाई गोकर्ण ने भगवान की भक्ति और श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से उसे मोक्ष दिलाया। कथा व्यास चेतन महाराज ने परीक्षित को यह भी बताया कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला एक दिव्य मार्ग है, और जो व्यक्ति श्रद्धा व विश्वास के साथ इसका श्रवण करता है, उसके जीवन के दुख, कष्ट और पाप दूर हो जाते हैं। कथा के दौरान “राधे-राधे” और “जय श्रीराम” के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा। महाराज ने वर्तमान समय में मनुष्य के भौतिक सुखों की दौड़ में आध्यात्मिकता से दूर होने पर चिंता व्यक्त की और कहा कि सच्चा सुख भगवान की भक्ति और सत्संग में ही है। कथा सुनने से मन को शांति, आत्मा को संतोष और जीवन को नई ऊर्जा मिलती है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चों ने भाग लेकर कथा का श्रवण किया, जिसके समापन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया और कथा को सफल बनाने में सहयोग देने वालों की सराहना की।
औरैया जिले के दिबियापुर थाना क्षेत्र के हर्राजपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथा व्यास ने धुंधकारी और गोकर्ण की प्रेरणादायक तथा हृदयस्पर्शी कथा सुनाई। उन्होंने श्रद्धालुओं को भक्ति, सदाचार और सत्संग का महत्व बताया, जिससे पांडाल में उपस्थित सभी भक्त भावविभोर हो उठे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। भागवत आचार्य ने कथा के दौरान कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में सदैव अच्छे कर्म करने चाहिए। उन्होंने धुंधकारी की कहानी सुनाते हुए बताया कि किस प्रकार बुरे कर्म, कुसंग और अधर्म व्यक्ति को पतन की ओर ले जाते हैं, जिसके कारण धुंधकारी को मृत्यु के बाद भी शांति नहीं मिली और वह प्रेत योनि में भटकता रहा। वहीं, उसके भाई गोकर्ण ने भगवान की भक्ति और श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से उसे मोक्ष दिलाया। कथा व्यास चेतन महाराज ने परीक्षित को यह भी बताया कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला एक दिव्य मार्ग है, और जो व्यक्ति श्रद्धा व विश्वास के साथ इसका श्रवण करता है, उसके जीवन के दुख, कष्ट और पाप दूर हो जाते हैं। कथा के दौरान “राधे-राधे” और “जय श्रीराम” के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा। महाराज ने वर्तमान समय में मनुष्य के भौतिक सुखों की दौड़ में आध्यात्मिकता से दूर होने पर चिंता व्यक्त की और कहा कि सच्चा सुख भगवान की भक्ति और सत्संग में ही है। कथा सुनने से मन को शांति, आत्मा को संतोष और जीवन को नई ऊर्जा मिलती है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चों ने भाग लेकर कथा का श्रवण किया, जिसके समापन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया और कथा को सफल बनाने में सहयोग देने वालों की सराहना की।
- इटावा के बकेवर क्षेत्र स्थित 50 शैय्या अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक गंभीर मरीज के इलाज के दौरान इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) और एक सफाई कर्मचारी के बीच तीखी बहस हो गई। आरोप है कि आपातकालीन स्थिति में भी कर्मचारी सहयोग करने के बजाय आराम करता रहा, जिसके कारण विवाद इतना बढ़ गया कि डॉक्टर को अस्पताल की व्यवस्था संभालने के लिए खुद डस्टबिन उठाना पड़ा। ईएमओ ने उक्त कर्मचारी पर ड्यूटी में घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद से अस्पताल में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।1
- लखनऊ में आयोजित होने वाली NEET (UG)-2026 परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंध किए गए हैं। बबलू कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। परीक्षार्थियों को समय से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया गया है। प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है और आवश्यकता पड़ने पर यातायात का मार्ग भी बदला जाएगा। पुलिस ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे समय से घर से निकलें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया है कि परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं, और सभी परीक्षा केंद्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के अयाना थाना क्षेत्र के जसवंतपुर निवासी एक पत्रकार ने थाना में तैनात एक पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप लगाए थे। पत्रकार के अनुसार, पुलिसकर्मी ने उनसे जाति सूचक गाली-गलौज की और जूतों से मारने की धमकी भी दी। इस मामले की जाँच अजीतमल के क्षेत्राधिकारी (सीओ) द्वारा की जा रही थी, जिनकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने अयाना थाना में तैनात संबंधित चालक पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।1
- उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल के जिलाध्यक्ष बबलू बाजपेयी ने एक ज्ञापन के संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है, तो उन्हें व्यापारियों के साथ मिलकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।1
- दिनांक 20.06.2026 को जनपद औरैया की सभी तहसीलों में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर तहसील सदर में जिलाधिकारी औरैया और पुलिस अधीक्षक औरैया ने आए हुए फरियादियों की शिकायतों को सुना। अधिकारियों ने शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक आदेश-निर्देश जारी किए।1
- मीडिया अधिकार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेन्द्र सेंगर ने एक लाइव वीडियो के माध्यम से अपनी "सामाजिक पीड़ा" जन-जन तक पहुंचाई है। उन्होंने मौजूदा सिस्टम पर सवाल उठाते हुए तीखे लहजे में पूछा कि क्या स्वर्ण समाज में जन्म लेना कोई अपराध है। सेंगर ने जोर देकर कहा कि मीडिया अधिकार मंच, भले ही केवल पांच वर्ष पुराना है, फिर भी परिचय का मोहताज नहीं है। उन्होंने स्वयं को एक क्षत्रिय परिवार का बताते हुए कहा कि वे समाज और देश के हितों के लिए खुलकर बोलते हैं, और अपनी पत्रकारिता को "कलम और कैमरे की पैनी धार" देकर पत्रकारिता जगत में एक बड़ी पहचान बनाई है। सतेन्द्र सेंगर ने राजनीतिक दलों से आह्वान किया कि यदि स्वर्ण होना अपराध है, तो वे स्वर्णों के वोट बैंक के लिए "तलवे चाटना बंद करें"। उन्होंने याद दिलाया कि क्षत्रिय समाज ने मुगलों से लेकर अंग्रेजों तक से लड़ते हुए अनेक पीढ़ियां गंवाई हैं, और स्वर्ण समाज के हाथों में ही हिंदुत्व और सनातनियों की धर्म ध्वजा थमाई जाती है। हालांकि, सेंगर ने दुख व्यक्त किया कि जब चुनावी टिकट बांटने का समय आता है या सरकारी योजनाओं, शिक्षा और नौकरियों की बात आती है, तब जातीय आरक्षण के नाम पर समस्त स्वर्ण समाज के अधिकारों का हनन कर लिया जाता है।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा जिले की भरथना तहसील में आयोजित समाधान दिवस के दौरान नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। जहाँ एक ओर उपजिलाधिकारी पीड़ितों की शिकायतें गंभीरता से सुन रही थीं, वहीं दूसरी ओर अन्य जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी कुर्सियों पर बैठकर अपने मोबाइल फोन चलाने में व्यस्त रहे। अधिकारियों की इस संवेदनहीनता और गैर-जिम्मेदाराना रवैये का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। जनता की समस्याओं के निस्तारण के लिए बनाए गए इस मंच पर अधिकारियों के इस लापरवाह आचरण से फरियादियों में भारी आक्रोश देखने को मिला, और यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल रही है।1
- दिबियापुर के चर्चित जमीन विवाद मामले में, नोएडा निवासी अमित पोरवाल ने पीड़ित अनिल कुमार के समर्थन में अपनी आवाज़ उठाई है। उन्होंने प्रशासन से यह मांग की है कि पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच के साथ न्याय और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।1
- उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल औरैया जिला इकाई ने आज विभिन्न समस्याओं को लेकर सचिव कृषि उत्पादन मंडी समिति, औरैया के माध्यम से मंडी निदेशक, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ को एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मंडल के पदाधिकारियों, व्यापारियों, गल्ला मंडी और सब्जी मंडी के आढ़तियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार नारेबाजी की और गहरी नाराजगी व्यक्त की। ज्ञापन के माध्यम से, व्यापारियों ने लाइसेंस नवीकरण, ऑनलाइन पोर्टल में खामियों, नई ऐप व्यवस्था, मंडी समिति में सफाई की कमी और दुकानों के किराए में वृद्धि सहित कई अन्य मुद्दों पर अपनी चिंताएँ व्यक्त कीं। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल औरैया इकाई के जिला अध्यक्ष बबलू बाजपेयी ने इस मौके पर कहा कि पूर्व में व्यवस्थाओं से संबंधित सभी निर्णय व्यापारियों के साथ बैठक कर ही लिए जाते थे। उन्होंने चेतावनी दी कि इस बार व्यापारियों से बिना किसी बातचीत और उन्हें विश्वास में लिए बिना लिए गए निर्णयों का संगठन पुरजोर विरोध करेगा। इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान अमर विश्नोई, रविशंकर शंकर शुक्ला, भानू राजपूत, आरती नन्दन तिवारी, दीपक सोनी, गल्ला मंडी अध्यक्ष शिवाकांत पाठक, हरी सब्जी मंडी अध्यक्ष विजय मिश्रा, मयंक शुक्ला, विवेक तिवारी, रितेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।3