सुख की सरकार’ ग्रामीण क्षेत्रों में लिख रही खुशहाल खेती की नई कहानी आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बनी प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने की मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच करसोग में किसानों को मक्की की फसल पर दो लाख से अधिक का भुगतान मंडी।हिमाचल में प्राकृतिक खेती की ओर किसानों का रूझान बढ़ रहा है। इससे न केवल उच्च गुणवत्ता वाली फसल मिल रही है बल्कि, यह खेती किसानों की तकदीर भी बदल रही है। प्राकृतिक खेती से किसानों के जीवन में विश्वास, सम्मान और खुशहाली आई है। यह बदलाव संभव हुआ है मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की दूरदर्शी सोच और राज्य सरकार की जनहितैषी नीतियों के कारण, जिनका उद्देश्य किसान की आय बढ़ाना और खेती को फिर से लाभकारी बनाना है।प्राकृतिक खेती, खुशहाल किसान योजना मुख्यमंत्री की उस सोच का प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसमें किसानों को केंद्र में रख कर, उनके हित में नीतियां बनाई जाती हैं। इस योजना के अंतर्गत करसोग उपमंडल में 39 किसानों से इस वर्ष राज्य सरकार ने प्राकृतिक विधि से उत्पादित लगभग 50 क्विंटल मक्की की खरीद की है, जिसका भुगतान सरकार द्वारा मक्की पर घोषित समर्थन मूल्य 40 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से किया गया है। किसानों को 2 लाख रुपये से अधिक की राशि का भुगतान उनके बैंक खातों में डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से किया गया है। राज्य सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अब किसान अपनी उपज का सही मालिक खुद होगा। पहले, जहां बिचौलियों के कारण किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य नहीं मिल पाता था, वहीं अब सीधी सरकारी खरीद से किसान पूरी तरह निश्चिंत हैं। तोल से लेकर भुगतान तक पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होने से किसानों का भरोसा भी बढ़ा है। सुक्खू सरकार की इस पहल का सीधा प्रभाव किसानों की आर्थिक स्थिति के सुदृढ़ीकरण के रूप में सामने आया है। समय पर भुगतान मिलने से किसानों को खेती के लिए दोबारा निवेश करने का अवसर मिला है। अब किसान कर्ज और उधारी के चक्र से बाहर निकलकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। यह मुख्यमंत्री की उस नीति का परिणाम है, जिसमें केवल राहत नहीं, स्थायी समाधान पर बल दिया गया है। जब किसान के हाथ में पैसा आता है, तो उसका असर पूरे गांव पर पड़ता है। करसोग क्षेत्र में मक्की की खरीद से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। किसान लोग घर गांव में नए कार्य शुरू करते हैं जिससे स्थानीय दुकानदारों और सेवा क्षेत्र को भी लाभ मिलता है। क्योंकि, किसानों के हाथ में पैसा होने से किसान अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बाजार से खरीददारी भी करता है। राज्य सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि गांव की गलियों तक असर दिखा रही हैं। प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर राज्य सरकार ने केवल किसानों की आय ही नहीं बढ़ाई, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य की भी चिंता की है। रसायनमुक्त मक्की से उपभोक्ताओं को उत्तम गुणवत्ता और पोषण से भरपूर उत्पाद मिल रहे हैं। यह पहल “स्वस्थ किसान, स्वस्थ हिमाचल” की दिशा में एक मजबूत कदम है। करसोग क्षेत्र के किसान जोगिंद्र सिंह, उत्तम चंद, द्रौपती देवी, लता देवी, मीरा देवी, नीलम, आशा देवी, नरेंद्र कुमार, मीरा देवी सहित अनेक किसानों ने प्राकृतिक खेती को अपनाया है। जिसके सुखद परिणाम मिलने से यह योजना सभी किसानों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक विधि से उत्पादित मक्की की फसल पर समर्थन मूल्य मिलने और सरकार द्वारा इसकी खरीद से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। हाथ में पैसा आने से जीवन की राह आसान हुई है। इसके लिए हम सभी राज्य सरकार के आभारी हैं। योजना से इस धारणा को भी बल मिला है कि हिमाचल का भविष्य प्राकृतिक खेती, सीधी खरीद और किसान हितैषी नीतियों में ही निहित है। आज करसोग के खेतों में उग रही मक्की सिर्फ अनाज नहीं है, बल्कि यह मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की नीतियों पर किसानों के भरोसे और खुशहाल हिमाचल की मजबूत नींव का आधार है।
सुख की सरकार’ ग्रामीण क्षेत्रों में लिख रही खुशहाल खेती की नई कहानी आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बनी प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने की मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच करसोग में किसानों को मक्की की फसल पर दो लाख से अधिक का भुगतान मंडी।हिमाचल में प्राकृतिक खेती की ओर किसानों का रूझान बढ़ रहा है। इससे न केवल उच्च गुणवत्ता वाली फसल मिल रही है बल्कि, यह खेती किसानों की तकदीर भी बदल रही है। प्राकृतिक खेती से किसानों के जीवन में विश्वास, सम्मान और खुशहाली आई है। यह बदलाव संभव हुआ है मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की दूरदर्शी सोच और राज्य सरकार की जनहितैषी नीतियों के कारण, जिनका उद्देश्य किसान की आय बढ़ाना और खेती को फिर से लाभकारी बनाना है।प्राकृतिक खेती, खुशहाल किसान योजना मुख्यमंत्री की उस सोच का प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसमें किसानों को केंद्र में रख कर, उनके हित में नीतियां बनाई जाती हैं। इस योजना के अंतर्गत करसोग उपमंडल में 39 किसानों से इस वर्ष राज्य सरकार ने प्राकृतिक विधि से
उत्पादित लगभग 50 क्विंटल मक्की की खरीद की है, जिसका भुगतान सरकार द्वारा मक्की पर घोषित समर्थन मूल्य 40 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से किया गया है। किसानों को 2 लाख रुपये से अधिक की राशि का भुगतान उनके बैंक खातों में डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से किया गया है। राज्य सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अब किसान अपनी उपज का सही मालिक खुद होगा। पहले, जहां बिचौलियों के कारण किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य नहीं मिल पाता था, वहीं अब सीधी सरकारी खरीद से किसान पूरी तरह निश्चिंत हैं। तोल से लेकर भुगतान तक पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होने से किसानों का भरोसा भी बढ़ा है। सुक्खू सरकार की इस पहल का सीधा प्रभाव किसानों की आर्थिक स्थिति के सुदृढ़ीकरण के रूप में सामने आया है। समय पर भुगतान मिलने से किसानों को खेती के लिए दोबारा निवेश करने का अवसर मिला है। अब किसान कर्ज और उधारी के चक्र से बाहर निकलकर आत्मनिर्भरता की
ओर बढ़ रहे हैं। यह मुख्यमंत्री की उस नीति का परिणाम है, जिसमें केवल राहत नहीं, स्थायी समाधान पर बल दिया गया है। जब किसान के हाथ में पैसा आता है, तो उसका असर पूरे गांव पर पड़ता है। करसोग क्षेत्र में मक्की की खरीद से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। किसान लोग घर गांव में नए कार्य शुरू करते हैं जिससे स्थानीय दुकानदारों और सेवा क्षेत्र को भी लाभ मिलता है। क्योंकि, किसानों के हाथ में पैसा होने से किसान अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बाजार से खरीददारी भी करता है। राज्य सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि गांव की गलियों तक असर दिखा रही हैं। प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर राज्य सरकार ने केवल किसानों की आय ही नहीं बढ़ाई, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य की भी चिंता की है। रसायनमुक्त मक्की से उपभोक्ताओं को उत्तम गुणवत्ता और पोषण से भरपूर उत्पाद मिल रहे हैं। यह पहल “स्वस्थ किसान, स्वस्थ हिमाचल” की
दिशा में एक मजबूत कदम है। करसोग क्षेत्र के किसान जोगिंद्र सिंह, उत्तम चंद, द्रौपती देवी, लता देवी, मीरा देवी, नीलम, आशा देवी, नरेंद्र कुमार, मीरा देवी सहित अनेक किसानों ने प्राकृतिक खेती को अपनाया है। जिसके सुखद परिणाम मिलने से यह योजना सभी किसानों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक विधि से उत्पादित मक्की की फसल पर समर्थन मूल्य मिलने और सरकार द्वारा इसकी खरीद से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। हाथ में पैसा आने से जीवन की राह आसान हुई है। इसके लिए हम सभी राज्य सरकार के आभारी हैं। योजना से इस धारणा को भी बल मिला है कि हिमाचल का भविष्य प्राकृतिक खेती, सीधी खरीद और किसान हितैषी नीतियों में ही निहित है। आज करसोग के खेतों में उग रही मक्की सिर्फ अनाज नहीं है, बल्कि यह मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की नीतियों पर किसानों के भरोसे और खुशहाल हिमाचल की मजबूत नींव का आधार है।
- मंडी। जिला मंडी कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष गुरु शरण परमार ने जोगिंदर नगर शहर स्थित गाँधी वाटिका में महात्मा गाँधी की प्रतिमा के नीचे साफ सफाई की व बैठकर सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक अनशन रखा l महात्मा गाँधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करके पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए परमार ने कहा कि जिस तरह से मनरेगा कानून को खत्म करके इसे एक मिशन का नाम देकर केंद्र सरकार इसे कमजोर करके धीरे धीरे खत्म करना चाहती है यह देश की गरीब जनता के साथ सरासर धोखा है और इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा l जो केंद्र के नब्बे प्रतिशत योगदान को कम करके साठ प्रतिशत करके चालीस प्रतिशत बोझ वह प्रदेश सरकारों पर डालना चाहती है कोई भी राज्य सरकार इसको वहन नहीं कर पाएगी और अन्ततः यह योजना समाप्ति की ओर चल पड़ेगी l परमार ने कहा कि अब जो अपने ही गाँव में रोजगार देने की शर्त को भी हटाया जा रहा है तो लोगों को दूर काम देने के नाम पर परेशान करके इस योजना को सफेद हाथी साबित करना चाहती है l पंचायतों के काम डालने के अधिकार को छीना जा रहा है अब केंद्र निर्धारित करेगा कि किस गाँव में कौन सा काम होगा कौन से में नहीं यही पंचायतों को पंगु बनाने की एक साजिश है l परमार ने कहा कि अगर सरकार अपने कदम पीछे नहीं खींचती है तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा मगर गरीब के रोजगार के अधिकार की रक्षा की जाएगी l इस अवसर पर जोगिंदर नगर सेवा दल की अध्यक्षा सरोज यादव, वरिष्ठ कांग्रेसी गोपाल बरवाल, एन एस यू आई के राज ठाकुर, संत बक्श सिंह, पूर्व युवा कांग्रेस महासचिव संतोष ठाकुर, पूर्व सचिव देवी दास रांगड़ा आदि उपस्थित रहे l1
- क्राइम रिपोर्ट –बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। जिला कुल्लू में नशा तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस थाना सदर कुल्लू द्वारा मादक पदार्थ अधिनियम के अंतर्गत दो मामले पंजीकृत हुए हैं । * STF कुल्लू की टीम द्वारा बड़ोगी समीप राऊगी नाला में नाकाबन्दी के दौरान एक स्कूटी (नं. HP34E 3818) को चैकिंग हेतु रोका गया । तलाशी के दौरान ओम प्रकाश (34 वर्ष) पुत्र श्री बुध राम निवासी गांव मलोगी डाकघर रायसन तहसील व जिला कुल्लू के कब्जे से *कुल 524 ग्राम चरस* बरामद की गई है । * वहीं पुलिस थाना कुल्लू की टीम द्वारा त्राम्बली में गश्त के दौरान संदीप (40 वर्ष) पुत्र श्री रामेश्वर निवासी गाँव व डाकघर बरोटा तहसील गोहाना जिला सोनीपत (हरियाणा) के कब्जे से *कुल 112 ग्राम चरस* बरामद की गई है । इस संदर्भ में उपरोक्त मामलों में पुलिस थाना सदर कुल्लू में मादक पदार्थ अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत दो अभियोग दर्ज किए गए हैं । बरामद नशे की आपूर्ति श्रृंखला की गहन जांच की जा रही है तथा मामलों में अगामी अन्वेषण जारी है।1
- सोशल मीडिया पर एक बच्चे का मज़ेदार वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उसके एक्सप्रेशन पर यूज़र्स ने लिखा, अब होगी पूरी फैमिली की फील्डिंग सेट।वीडियो को ह्यूमर और रिएक्शन मीम के तौर पर खूब शेयर किया जा रहा है। #Viral #TrendingReels #InternetBuzz #FunnyVideo #MemeCulture #Reels1
- उपमंडल बंगाणा के तहत रायपुर मैदान महल में टिक्का शिवेंद्र पाल और युवा मंडल रायपुर मैदान द्वारा रोज़गार मेले का आयोजन किया गया1
- *खेल युवाओं को नशे से दूर रखकर अनुशासन और नेतृत्व का पाठ पढ़ाते हैं— गौरव कुमार* दौलतपुर कॉलेज में आयोजित वॉलीबॉल टूर्नामेंट का आयोजन खेल भावना और उत्साहपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट चिंतपूर्णी के अध्यक्ष गौरव कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शिरकत की। आयोजन समिति द्वारा उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। अपने संबोधन में गौरव कुमार ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज के युवाओं के लिए पथ-प्रदर्शक हैं। खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का भी विकास करते हैं। उन्होंने युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर खेल और राष्ट्र निर्माण से जुड़ने का आह्वान किया। गौरव कुमार ने कहा कि स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट चिंतपूर्णी सदैव युवाओं, खेलों और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करता रहा है और भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने आयोजन समिति को इस सफल टूर्नामेंट के लिए बधाई दी और खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।3
- 🎤 गायक विक्की शर्मा से खास मुलाक़ात 🎶 संगीत, साधना और भावनाओं से भरी इस विशेष बातचीत में जानिए गायक विक्की शर्मा के जीवन, उनकी संगीत यात्रा और आध्यात्मिक सोच के अनछुए पहलू। यह मुलाक़ात न सिर्फ़ संगीत प्रेमियों के लिए बल्कि श्रद्धा और संस्कृति से जुड़े हर दर्शक के लिए खास है। 🙏✨ 🙏 Please Like, Comment, Share & Subscribe और पाएं Spiritual & Vrindavan से जुड़ी ताज़ा और विशेष अपडेट्स 🌸 📣 Connect with Gagret Halchal आपकी आवाज़, आपके क्षेत्र की धड़कन – News & Devotion का भरोसेमंद मंच 👇 🌐 Facebook https://www.facebook.com/share/1Jq5Qu1Prk/ 📸 Instagram https://instagram.com/gagrethalchal?igshid=dnY1cTB0ZjEwcm95 🔔 WhatsApp Channel https://whatsapp.com/channel/0029VafqIstIXnljQYG8Mo2i 📞 Advertising / Business Enquiries हम हमेशा आपके और समाज के बीच सेतु बनने के लिए तत्पर 🤝 📱 Call/WhatsApp: +91 8091292600 📧 Email: gagrethalchal@gmail.com ✨ Gagret Halchal – सच, सरोकार और संस्कृति के साथ ✨1
- इंदिरानगर में नशे में धुत चालक ने रेस्तरां में टक्कर मारी। राहगीरों की मुश्किल से जान बची और कार जब्त कर ली गई। सौभाग्य से कोई हताहत नहीं हुआ।1
- घने कोहरे और कड़ाके की ठंड का असर: रविवार को चिंतपूर्णी मंदिर में कम पहुंचे श्रद्धालु, मिनटों में हुए दर्शन खबर: प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में रविवार के दिन श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। आमतौर पर रविवार को जहां मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलती हैं, वहीं इस बार ऐसा नज़ारा देखने को नहीं मिला। श्रद्धालुओं को बिना अधिक प्रतीक्षा किए चंद मिनटों में ही माता रानी के दर्शन प्राप्त हुए। मंदिर प्रशासन के अनुसार पड़ोसी राज्य पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में घने कोहरे के साथ बढ़ती ठंड के चलते श्रद्धालुओं की आवाजाही में कमी दर्ज की गई है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण कई श्रद्धालुओं ने यात्रा स्थगित कर दी, जिसका सीधा असर रविवार की भीड़ पर पड़ा।हालांकि भीड़ कम रहने के बावजूद मंदिर में व्यवस्थाएं सुचारू रहीं। सुरक्षा, सफाई और दर्शन व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। श्रद्धालुओं ने शांत वातावरण में माता रानी के दर्शन कर संतोष व्यक्त किया और कहा कि कम भीड़ के चलते उन्हें सहज और आरामदायक अनुभव मिला। फिलहाल ठंड और कोहरे के असर से दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी बनी हुई है। वाइट गगन कालिया पुजारी चिंतपूर्णी मंदिर3