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शिवपुरी जिले में रावत समाज युवा संगठन द्वारा आगामी 14 जून 2026 को एक भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से लवकुश वाटिका, पोहरी चौराहा, शिवपुरी में आयोजित होगा। इस समारोह में उन छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। इसके साथ ही, वर्ष 2025-26 के दौरान शासकीय सेवाओं में चयनित हुए युवक-युवतियों को भी इस अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। संगठन ने समाज के सभी सदस्यों से इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाने की अपील की है।
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शिवपुरी जिले में रावत समाज युवा संगठन द्वारा आगामी 14 जून 2026 को एक भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से लवकुश वाटिका, पोहरी चौराहा, शिवपुरी में आयोजित होगा। इस समारोह में उन छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। इसके साथ ही, वर्ष 2025-26 के दौरान शासकीय सेवाओं में चयनित हुए युवक-युवतियों को भी इस अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। संगठन ने समाज के सभी सदस्यों से इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाने की अपील की है।
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- बुधवार शाम 4 बजे मिली जानकारी के अनुसार, राजस्थान के ढिकवानी गांव के आदिवासी किसान वर्षों से तालाब आधारित खेती के एक अनोखे मॉडल के माध्यम से अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। यह अभिनव मॉडल अब पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया है। इस कृषि पद्धति में, बारिश के मौसम में भरने वाले तालाबों के पानी का उपयोग रबी की फसलों जैसे गेहूं, सरसों, चना और धनिया की सिंचाई के लिए किया जाता है, जिससे इन फसलों की बेहतर पैदावार होती है। तालाब के खाली हो जाने के बाद, उसकी नमीयुक्त और उपजाऊ भूमि में तरबूज और खरबूजे की खेती की जाती है। किसानों का कहना है कि यहां पैदा होने वाले इन फलों की मिठास और खुशबू इतनी खास है कि इनकी मांग शिवपुरी और कोलारस तक रहती है, जिससे किसानों को दोहरा लाभ मिलता है।1
- शिवपुरी में शहर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने प्रभावी प्रयास शुरू किए हैं। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देश पर, शहर के सबसे व्यस्ततम मार्ग 'कोर्ट रोड' को पहले फेज में 'आदर्श रोड' के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू की गई है। आज हुई एक बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा और पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया ने जिला अध्यक्ष श्री जसवंत जाटव, जनपद अध्यक्ष श्रीमती नेहा यादव, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती गायत्री शर्मा, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शहर के गणमान्य नागरिकों, फल-सब्जी मंडी के अध्यक्ष तथा व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ इस योजना पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान यातायात पुलिस द्वारा तैयार किए गए 'कोर्ट रोड ट्रैफिक एंड पार्किंग मैनेजमेंट' प्रस्ताव की समीक्षा कर उसे सहमति दी गई। नई व्यवस्था के तहत, कोर्ट रोड पर लगने वाले जाम को खत्म करने के लिए भारी वाहनों पर कड़ा प्रतिबंध लगाया जा रहा है। कार्ययोजना के अनुसार, अस्पताल चौराहा और माधव चौक से कोर्ट रोड की ओर सुबह 11:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक सभी प्रकार के चार-पहिया और तीन-पहिया वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा, जिससे मुख्य बाजार में यातायात का दबाव कम होगा और पैदल चलने वाले राहगीरों को सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त, मुख्य मार्ग को अतिक्रमणमुक्त और चौड़ा रखने के उद्देश्य से नगर पालिका के सहयोग से हाथ-ठेलों और दुकानदारों का व्यवस्थित पुनर्वास किया जाएगा। कोर्ट रोड पर अव्यवस्थित हाथ-ठेलों को 'ठंडी सड़क' पर स्थानांतरित किया जाएगा, और सब्जी मंडी के पास कोर्ट रोड व ठंडी सड़क को जोड़ने वाले मार्ग से भी ठेले हटाकर पटवा व्यवसायियों को रोजगार के लिए स्थान दिया जाएगा। 'बर्तन वालों के सामने' का क्षेत्र संकरा होने के कारण उसे 'नो-पार्किंग ज़ोन' घोषित किया गया है। बाजार आने वाले नागरिकों की सुविधा के लिए नगर पालिका के सहयोग से पूरे मार्ग पर सफेद पट्टियों से 'टू-व्हीलर पार्किंग बे' बनाए जा रहे हैं। इसके लिए मंडी के सामने, टेकरी रोड पर गर्ल्स स्कूल के पास, गर्ल्स स्कूल के ठीक सामने और गांधी चौक पर दो अलग-अलग स्थानों पर व्यवस्थित टू-व्हीलर पार्किंग स्पॉट्स चिन्हित कर विकसित किए जा रहे हैं। इस पूरी यातायात व्यवस्था के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग टीम का गठन किया जाएगा। यह टीम कोर्ट रोड सहित अन्य चिन्हित क्षेत्रों में नियमित गश्त कर प्रतिबंधित समय में भारी वाहनों के प्रवेश, नो-पार्किंग ज़ोन में खड़े वाहनों और हाथ-ठेलों की स्थिति पर निगरानी रखेगी। कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा और पुलिस अधीक्षक श्रीमती भूटिया ने सभी नागरिकों और व्यापारियों से 'स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित शिवपुरी' बनाने की इस प्रशासनिक मुहिम में सकारात्मक सहयोग की अपील की है। जिला प्रशासन का संकल्प शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना है, जिसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है।1
- शिवपुरी साइबर सेल ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जहाँ उन्होंने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सहित सात विभिन्न राज्यों से कुल 120 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों का कुल अनुमानित मूल्य लगभग ₹30 लाख बताया गया है, और इन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सफलतापूर्वक वापस सौंप दिया गया है। पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने साइबर सेल टीम के इस उत्कृष्ट कार्य की सराहना की। इस अभियान की एक उल्लेखनीय बात यह रही कि करीब ₹1 लाख रुपये की कीमत वाला एक आईफोन गुम होने के मात्र एक दिन के भीतर ही बरामद कर उसके मालिक को लौटा दिया गया।1
- नरवर के ग्राम पंचायत धमधोली में जलभराव की गंभीर समस्या ने ग्रामीणों का जीवन दूभर कर दिया है। गांव की गलियाँ और सड़कें पानी से पूरी तरह भरी हुई हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर तो सड़कें तालाब जैसी दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने और विकास कार्यों में लापरवाही के कारण ही ऐसी स्थिति बनी है। उनका कहना है कि इस समस्या को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार सूचित किया गया है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। जलभराव के चलते पूरे गांव में कीचड़ और गंदगी फैल रही है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है, वहीं स्कूल जाने वाले बच्चे और दैनिक कार्यों के लिए निकलने वाले लोग भी मुश्किलों में हैं। ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से मांग की है कि पंचायत के विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। साथ ही, वे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही भी तय करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे प्रशासन के समक्ष आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल, गांव के लोग प्रशासनिक हस्तक्षेप और ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।1
- शिवपुरी जिले के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बरौदी में कथित तौर पर भ्रष्टाचार का बोलबाला है, जिसके कारण गांव की निकासी नालियों की उचित साफ-सफाई नहीं हो पा रही है। इसी गंभीर लापरवाही के चलते बाजार के दुकानदारों की दुकानों में पानी भर गया है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- दिनारा स्थित हनुमान मंदिर में गौ सेवक कल्लू महाराज द्वारा नौतपा के दौरान की गई 9 दिवसीय अग्नि तपस्या सोमवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। इस तपस्या के समापन के अवसर पर सुंदरकांड पाठ, हवन, कन्या भोज और श्रीराम धुन का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और धार्मिक कार्यक्रमों का हिस्सा बने। गौ सेवक कल्लू महाराज ने बताया कि उन्होंने यह कठिन तपस्या नौतपा की भीषण गर्मी में चारों ओर अग्नि प्रज्वलित कर विश्व कल्याण, विश्व शांति, जनकल्याण, गौ माता, सभी जीव-जंतुओं और पशु-पक्षियों के साथ-साथ भारत की सुरक्षा में दिन-रात लगे रहने वाले भारतीय सेना के जवानों के स्वास्थ्य और मंगल कामना के लिए की थी। उनका मुख्य संकल्प था कि अच्छी वर्षा हो, धरती पर हरियाली छा जाए और गौवंश सहित सभी प्राणियों को पर्याप्त चारा एवं पानी सहजता से उपलब्ध हो सके। कल्लू महाराज ने अपने संदेश में कहा कि मनुष्य को सदैव कर्म करते रहना चाहिए और फल की चिंता ईश्वर पर छोड़ देनी चाहिए, क्योंकि संसार में ईश्वर ही सबसे बड़ा सहारा है। उन्होंने जोर दिया कि सच्ची शक्ति केवल भक्ति के मार्ग पर चलकर ही प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने सभी लोगों से धर्म, सेवा और परोपकार के कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा जीव-जंतुओं और गौ माता की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। महाराज ने स्पष्ट किया कि यह तपस्या किसी व्यक्ति विशेष या समुदाय के लिए नहीं, बल्कि पूरे विश्व के सुख, शांति और कल्याण के लिए की गई थी, ताकि सभी स्वस्थ, सुरक्षित रहें और जीवन में उन्नति करें। उन्होंने भारतीय सेना के जवानों के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हीं की बदौलत देश सुरक्षित और शक्तिशाली है, जिससे नागरिक चैन से सो पाते हैं। तपस्या पूर्ण होने के पश्चात् अशोक होटल स्थित हनुमान मंदिर परिसर में सुंदरकांड पाठ आयोजित हुआ, जिसके बाद हवन संपन्न किया गया और कन्या भोज कराया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने लगभग एक घंटे तक सामूहिक रूप से श्रीराम धुन का जाप कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम के अंत में गौ सेवक कल्लू महाराज ने यह उद्घोष किया कि “भक्ति में ही शक्ति है और शक्ति में ही भक्ति है।” उन्होंने सभी से भगवान श्रीराम का स्मरण करने, गौ सेवा करने, जीव-जंतुओं की रक्षा करने और मानवता की सेवा को अपना धर्म बनाने का आग्रह करते हुए इसे ही सच्चा राष्ट्र धर्म और विश्व कल्याण का मार्ग बताया। इस अद्वितीय तपस्या और धार्मिक आयोजन की पूरे क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है, और श्रद्धालु इसे आस्था, सेवा तथा जनकल्याण का एक प्रेरणादायी उदाहरण मान रहे हैं।1
- ग्राम पंचायत उकायला की गौशाला में गंभीर अव्यवस्थाओं के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के अनुसार, गौशाला में रखे गए पशुओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।1
- बुधवार सुबह 11 बजे मिली जानकारी के अनुसार, रेलावन कस्बे में विभिन्न संगठनों और ग्रामीणों ने कथित घटिया निर्माण कार्यों के विरोध में बाजार बंद रखते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने तथा इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई। इसी क्रम में, आंदोलनकारियों ने एक रैली निकालकर प्रशासन को 9 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने, विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों को शामिल किया गया है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो भविष्य में और भी उग्र आंदोलन किया जाएगा।1
- नरवर/धमधोली ग्राम पंचायत में बारिश के बाद जलभराव की गंभीर समस्या ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव की कई गलियां पानी से लबालब भरी हुई हैं, जिससे लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़कों पर जमा पानी और कीचड़ के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण ऐसी स्थिति हर साल बनती है। उनका मानना है कि विकास कार्यों पर भारी राशि खर्च किए जाने के बावजूद गांव की मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। स्थानीय निवासियों ने यह भी बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन इसका कोई स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनज़र, ग्रामीणों ने पंचायत में कराए गए विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने और जलभराव की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत दूर करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो बरसात के मौसम में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर समस्या का निराकरण करने और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी अपील की है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेता है और उन्हें इस जलभराव की समस्या से कब तक राहत मिल पाती है।1