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📢 क्या आप जानते हैं? 👉 रविवार को छुट्टी क्यों दी जाती है 🤔 📜 पहले ब्रिटिश शासन भारत में के समय मजदूरों को हफ्ते के 7 दिन लगातार काम करना पड़ता था 😢 💪 तब महान मजदूर नेता नारायण मेघाजी लोखंडे ने मजदूरों के अधिकार के लिए आवाज उठाई 📢 उन्होंने मांग की कि मजदूरों को भी हफ्ते में एक दिन आराम मिलना चाहिए ⏳ करीब 7 साल के लंबे संघर्ष के बाद 📅 10 जून 1890 को अंग्रेजी सरकार ने उनकी मांग मान ली ✔️ 🎉 और रविवार को साप्ताहिक अवकाश (Holiday) घोषित कर दिया गया 👉 तभी से हम सभी रविवार को छुट्टी मनाते हैं 🙌 🙏 सीख: आज जो हमें आराम मिलता है, वो किसी के संघर्ष का परिणाम है 📌 ऐसी ही रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी के लिए 👉 Bihar Bulletin News को फॉलो करें #SundayFacts #GKInHindi #HistoryFacts #BiharBulletinNews #Knowledge #Education #IndiaHistory #
Bihar BULLETIN NEWS
📢 क्या आप जानते हैं? 👉 रविवार को छुट्टी क्यों दी जाती है 🤔 📜 पहले ब्रिटिश शासन भारत में के समय मजदूरों को हफ्ते के 7 दिन लगातार काम करना पड़ता था 😢 💪 तब महान मजदूर नेता नारायण मेघाजी लोखंडे ने मजदूरों के अधिकार के लिए आवाज उठाई 📢 उन्होंने मांग की कि मजदूरों को भी हफ्ते में एक दिन आराम मिलना चाहिए ⏳ करीब 7 साल के लंबे संघर्ष के बाद 📅 10 जून 1890 को अंग्रेजी सरकार ने उनकी मांग मान ली ✔️ 🎉 और रविवार को साप्ताहिक अवकाश (Holiday) घोषित कर दिया गया 👉 तभी से हम सभी रविवार को छुट्टी मनाते हैं 🙌 🙏 सीख: आज जो हमें आराम मिलता है, वो किसी के संघर्ष का परिणाम है 📌 ऐसी ही रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी के लिए 👉 Bihar Bulletin News को फॉलो करें #SundayFacts #GKInHindi #HistoryFacts #BiharBulletinNews #Knowledge #Education #IndiaHistory #
More news from बिहार and nearby areas
- दर्जियाबाड़ी में भक्ति और आस्था के साथ निकली भव्य कलश यात्रा, 351 महिलाओं की सहभागिता जलालगढ़ प्रखंड क्षेत्र के दर्जियाबाड़ी में श्रद्धा और उत्साह के साथ भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर 351 महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। कलश यात्रा की शुरुआत दर्जियाबाड़ी से हुई, जो एनएच मार्ग होते हुए जलालगढ़ बाजार पहुंची। वहां से श्रद्धालु महिलाओं ने गंगा सागर से जल भरकर पुनः कीर्तन स्थल स्थित काली मंदिर तक यात्रा पूरी की। यात्रा के दौरान "जय मां काली" और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण गूंज उठा। महिलाएं पारंपरिक परिधान में सिर पर कलश लेकर चल रही थीं, जिससे दृश्य अत्यंत मनमोहक और आध्यात्मिक बना हुआ था। यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और व्यवस्था में सहयोग किया। काली मंदिर परिसर पहुंचने के बाद विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की इस आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक एकता और आस्था का सुंदर संदेश दिया।1
- के०नगर में मकई खेत घास काटने गयी युवती ने दो युवकों पर दुष्कर्म करने का लगाया आरोप आरोपी ने कहा गलत है आरोप छेड़छाड़ का केश दर्ज। #hairstyleideas #northindianfood #Diabetes #fltnesschallenge #ambaniwedding #GlamorousModel #famousfood #yogawithwall2
- नशे में धुत्त मिले कटिहार जिले के समेली चिकित्सा प्रभारी डॉ. विनय कुमार, डॉक्टर साहब को संभालता रहा कुत्ता1
- बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा एग्जाम का फाइनल रिजल्ट आ चुका हैं इस क्षेत्र के छात्र ने मचाया धमाल नाम हैं युवराज कुमार 451 अंक लाकर अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया साथ साथ अपने मां बाप का भी1
- जैसा कि आपने देखा कि सीमांचली नहीं, बिहारी नहीं, हिंदुस्तान के मशहूर आलिमे दीन और बहुत ही बेहतरीन मुक़र्रिर अब्दुल्ला सालिम चतुर्वेदी साहब को उत्तर प्रदेश पुलिस या ATS उत्तर प्रदेश ने गिरफ्तार किया है। एक आलिमे दीन हैं, उनको इस देश में संविधान अधिकार देता है बोलने का। उन्होंने किसी को गाली नहीं दी, उन्होंने हक़ बात कही, पढ़े-लिखे आलिम हैं। जिस तरीके से उत्तर प्रदेश पुलिस ने व्यवहार किया है, यह बहुत ही अफ़सोसनाक है। मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के रियासती सदर अख़्तरुल इमान साहब ने मुज़म्मत की, हम खुद मुज़म्मत करते हैं। इंशाअल्लाह ताला, अख़्तरुल इमान साहब ने उत्तर प्रदेश के रियासती सदर हाजी शौकत साहब से बात की, उन्होंने भी लोकल टीम को एक्टिवेट किया है। लेकिन समझ में नहीं आता योगी आदित्यनाथ जी, जो आप पर केस होता है आप खुद अपना केस हटा लेते हैं। और एक आलिमे दीन ने कोई गलत बात नहीं की, 100 जगह FIR करते हैं। अरे, सत्ता हमेशा नहीं रहेगी। SP साहब, DG साहब याद रखिए, सत्ता बदलते रहता है। याद रखिए, जिस तरीके से आपने एक बहरूपिया बनके जिस तरीके से अब्दुल्ला सालिम चतुर्वेदी साहब के साथ गिरफ्तारी की है, यह बहुत ही अफ़सोसनाक है। और हमें हिंदुस्तान की अदलिया पर भरोसा है, हिंदुस्तान की अदलिया से हम इंसाफ मांगते हैं। आखिर उनकी क्या गलती थी? यति नरसिंहानंद ने हमारे नबी की शान में इतनी गुस्ताखी की, योगी आदित्यनाथ जी आपका बुलडोजर, आपकी हिम्मत नहीं है, आपमें शक्ति नहीं है, आपमें ताकत नहीं है, आपमें जुर्रत नहीं है कि आप उसको गिरफ्तार कर सकें। रामगिरी महाराज ने इतनी घटिया बात बोली, उस पर हिम्मत नहीं है। एक सीमांचल का नौजवान, सीमांचल की एक शान, जिसने कुछ नहीं बोला, आप इतना उससे डर गए? इतना डर गए? अरे कुछ तो देखिये, सत्ता कभी परमानेंट नहीं रहेगी DG साहब, याद रखियेगा। उस आदमी का कोई गुनाह नहीं है, आपने ताकत के बल पर 50-100 जगह आपने FIR करवाया। मुझे उम्मीद है इस देश के सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया से, इलाहाबाद हाईकोर्ट से कि इंशाअल्लाह उनको इंसाफ मिलेगा। मैं, मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन की पूरी टीम पूरी ताकत के साथ उनके साथ खड़ी है। हम उलेमाओं की इज्जत करते हैं और आज जो योगी आदित्यनाथ की पुलिस जिस तरीके से बर्बरता की है, यह नाकाबिले बर्दाश्त है। और योगी जी याद रखिये, सत्ता कभी परमानेंट नहीं आती। आप एक आलिमे दीन की बददुआ लीजियेगा, इंशाअल्लाह कभी फल-फूलियेगा नहीं, याद रखिये। उन्होंने कोई गलती नहीं की, ऐसा कुछ नहीं बोला। आप पर इतना क्रिमिनल केस था, आपने अपना केस वापस किया और पुलिस को BNS के तहत उसको बेल देने का अधिकार था। आप छुपके सिविल ड्रेस में जाते हैं और ले के जाते हैं, उन्होंने क्या किया है? उन्होंने बात बोला, आप 100 जगह FIR करवा दीजियेगा। याद रखिये सुप्रीम कोर्ट है, हाईकोर्ट है, उससे ज़रूर इंसाफ मिलेगा और बेल मिलेगा। हम अब्दुल्ला सालिम चतुर्वेदी साहब के साथ पूरी ताकत से हैं, अख़्तरुल इमान साहब, पूरी AIMIM खड़ी है। इंशाअल्लाह इंसाफ के लिए लड़ेंगे। हाजी शौकत साहब से भी मेरी बात हुई है, उन्होंने गोरखपुर की टीम को भी एक्टिवेट कर दिया है। जो भी मदद होगी उनके फैमिली वाले, उनके परिवार वाले... हमारा कोई भी डिफरेंस उनसे नहीं है। हम बहुत मोहब्बत से, बहुत मज़बूती से उनके साथ अल्हम्दुलिल्लाह खड़े हैं और इंशाअल्लाह आगे भी खड़े रहेंगे। इंशाअल्लाह।"1
- Post by Mukesh Kumar1
- Post by Rahul Kumar Singh1
- 01 अप्रैल 2026 को UHS एकंबा में एक भव्य एवं प्रेरणादायक सम्मान समारोह एवं करियर गाइडेंस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करना तथा उन्हें उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सही दिशा प्रदान करना था। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बना रहा। कार्यक्रम का नेतृत्व आदरणीय प्रधानाध्यापक श्री विश्वनाथ दास ने किया। उनके कुशल नेतृत्व एवं प्रेरणादायक मार्गदर्शन में कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व को समझाते हुए कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए अनुशासन, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को निरंतर प्रयास करने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके कठिन परिश्रम और उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रतीक था। साथ ही यह अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बना। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विभिन्न कक्षाओं के टॉपर्स को मंच पर सम्मानित करना रहा, जिससे पूरे वातावरण में गर्व और खुशी का भाव उत्पन्न हुआ।1