झारखंड के गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र स्थित बेरमो मोड़ में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी में संलिप्त अमरा पंचायत के तांबागुड़ियो निवासी सत्यम मिश्रा को हैदराबाद की नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) टीम ने 'फिल्मी अंदाज' में गिरफ्तार किया। एनसीबी के अनुसार, सत्यम मिश्रा ₹68 लाख के नशीले पदार्थों के लेन-देन में शामिल था। आरोपी को लेकर जा रही एनसीबी टीम को डुमरी और निमियाघाट थाने की पुलिस ने तोपचांची के पास एनएच-19 पर बैरिकेडिंग कर और रिवॉल्वर तानकर रोका। स्थानीय पुलिस ने अपहरण की अफवाह फैलाई, जिसके बाद आरोपी सहित पूरी एनसीबी टीम को निमियाघाट थाना ले जाया गया और उन्हें रातभर वहीं रोका गया। अगले दिन रविवार को सभी को डुमरी पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस के इस हस्तक्षेप को आरोपी को बचाने या कार्रवाई का श्रेय लेने की कोशिश माना जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी सत्यम मिश्रा और उसके परिवार की जीवनशैली पिछले 2-3 सालों में अचानक बदल गई थी। सब्जी बेचने वाला यह युवक हाल ही में बुलेट बाइक और क्रेटा कार का मालिक बन गया, उसने पक्का मकान बनवाया और डुमरी में लाखों की जमीन भी खरीदी। एनसीबी, जो 1986 में स्थापित हुई थी, अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के मामलों में देश की शीर्ष एजेंसी है और एनडीपीएस अधिनियम के तहत काम करती है। बताया गया है कि आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर गिरिडीह ले जाया जाएगा, जिसके बाद एनसीबी उसे अपने साथ ले जा सकती है। डुमरी प्रखंड क्षेत्र में गांजा समेत अन्य महंगे नशीले पदार्थों का धंधा खुलेआम फल-फूल रहा है, और चौक-चौराहों की कई गुमटियों में गांजा आसानी से उपलब्ध है। सूत्रों का कहना है कि यदि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करे तो कई लोग, खासकर युवा, सलाखों के पीछे होंगे।
झारखंड के गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र स्थित बेरमो मोड़ में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी में संलिप्त अमरा पंचायत के तांबागुड़ियो निवासी सत्यम मिश्रा को हैदराबाद की नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) टीम ने 'फिल्मी अंदाज' में गिरफ्तार किया। एनसीबी के अनुसार, सत्यम मिश्रा ₹68 लाख के नशीले पदार्थों के लेन-देन में शामिल था। आरोपी को लेकर जा रही एनसीबी टीम को डुमरी और निमियाघाट थाने की पुलिस ने तोपचांची के पास एनएच-19 पर बैरिकेडिंग कर और रिवॉल्वर तानकर रोका। स्थानीय पुलिस ने अपहरण की अफवाह फैलाई, जिसके बाद आरोपी सहित पूरी एनसीबी टीम को निमियाघाट थाना ले जाया गया और उन्हें रातभर वहीं रोका गया। अगले दिन रविवार को सभी को डुमरी पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस के इस हस्तक्षेप को आरोपी को बचाने या कार्रवाई का श्रेय लेने की कोशिश माना जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी
सत्यम मिश्रा और उसके परिवार की जीवनशैली पिछले 2-3 सालों में अचानक बदल गई थी। सब्जी बेचने वाला यह युवक हाल ही में बुलेट बाइक और क्रेटा कार का मालिक बन गया, उसने पक्का मकान बनवाया और डुमरी में लाखों की जमीन भी खरीदी। एनसीबी, जो 1986 में स्थापित हुई थी, अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के मामलों में देश की शीर्ष एजेंसी है और एनडीपीएस अधिनियम के तहत काम करती है। बताया गया है कि आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर गिरिडीह ले जाया जाएगा, जिसके बाद एनसीबी उसे अपने साथ ले जा सकती है। डुमरी प्रखंड क्षेत्र में गांजा समेत अन्य महंगे नशीले पदार्थों का धंधा खुलेआम फल-फूल रहा है, और चौक-चौराहों की कई गुमटियों में गांजा आसानी से उपलब्ध है। सूत्रों का कहना है कि यदि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करे तो कई लोग, खासकर युवा, सलाखों के पीछे होंगे।
- इंदौर के एक प्रमुख चौराहे पर हाल ही में वाहनों की एक लंबी कतार देखी गई, जिसमें ट्रक, कार, ऑटो और अन्य गाड़ियाँ सिग्नल पर रुकी हुई नज़र आईं, जिसके कारण कुछ समय के लिए यातायात की गति धीमी हो गई। यह तस्वीर शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव की स्पष्ट झलक पेश करती है। हालांकि, केवल इस एक तस्वीर के आधार पर यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि यह जाम किसी दुर्घटना, सड़क कार्य या सिर्फ सामान्य ट्रैफिक की अधिकता के कारण लगा था। मौजूदा जानकारी के अनुसार, फिलहाल यातायात सामान्य रूप से संचालित होता दिख रहा है।1
- आज सुबह धनबाद सदर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उप विकास आयुक्त (DDC) सन्नी राज ने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों अगस्त्या सिन्हा, सनव, मिशिका और देवांशी को "दो बूंद जिंदगी की" खुराक पिलाकर देशव्यापी पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। DDC सन्नी राज ने जिले के सभी अभिभावकों से उनके 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर आने वाली पीढ़ी को इस बीमारी से सुरक्षित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि बरसात के बाद पोलियो का संक्रमण होने की संभावना अधिक होती है, इसलिए इस देशव्यापी अभियान का शुभारंभ बरसात से पहले ही किया गया है। पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम के तहत 28 जून से 30 जून तक जिले के 4 लाख 24 हजार 729 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। अभियान के पहले दिन, 28 जून को 1976 बूथों पर दवा पिलाई जाएगी, जबकि 29 और 30 जून को छूटे हुए बच्चों को घर-घर जाकर पल्स पोलियो की दवा दी जाएगी। सिविल सर्जन ने बताया कि इस अभियान के लिए 1873 स्थाई बूथ, 79 ट्रांजिट बूथ, 16 मोबाइल टीम और एक 8 सदस्यीय टीम सहित कुल 1976 बूथ संचालित किए जाएंगे। अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए 392 सुपरवाइजर फील्ड में तैनात रहेंगे, साथ ही दवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उसे हर बूथ तक पहुंचाने के लिए 137 सब-डिपो की व्यवस्था की गई है। इस मौके पर उप विकास आयुक्त सन्नी राज के साथ सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा, जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ रोहित गौतम, उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार प्रसाद, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ दीपक कुमार, डीपीएम श्रीमती प्रतिमा कुमारी, एमओआईसी डॉ अनिता चौधरी, डीपीसी श्रीमती रेखा कुमारी सहित स्वास्थ्य विभाग के बड़ी संख्या में कर्मी उपस्थित थे।1
- झारखंड के गोड्डा जिले में एक ही दिन में दो शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया है।1
- पारसनाथ पर्वत पर हुई घटना को लेकर एक सवाल सामने आया है, जिसमें यह जानने की उत्सुकता व्यक्त की गई है कि आखिर वहां क्या घटित हुआ था।1
- झारखंड के धनबाद जिले में दवाइयां जलाई गईं, जिसके कारण यह घटना स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। साधना न्यूज के नीरज कुमार ने इसकी जानकारी दी है।1
- शहर के एक क्षेत्र में प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है। इस पहल के बाद पूरा इलाका अब खुला और व्यवस्थित दिखाई दे रहा है, जिससे पहले की स्थिति में बदलाव आया है। मौके पर लोगों की आवाजाही सामान्य बनी हुई थी और आसपास के छोटे दुकानदार भी अपने रोजमर्रा के काम में व्यस्त दिखे। स्थानीय निवासियों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में यातायात सुचारू होने में मदद मिल सकती है।1
- कुछ छात्र अनशन पर बैठे हैं। इस संदर्भ में यह प्रश्न उठ रहा है कि उन्होंने अपनी बात में क्या कहा है।1
- झारखंड के धनबाद में एयरपोर्ट के निर्माण को लेकर इन दिनों राजनीतिक गहमागहमी का माहौल बना हुआ है। इस पूरे मामले पर KCNTVINDIA ने एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट जारी की है।1
- धनबाद नगर निगम पर "नरक निगम" में तब्दील होने का गंभीर आरोप लगा है। निगम के सभी वार्डों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिसके कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। यह स्थिति शहर में एक बड़ी स्वास्थ्य चिंता का विषय बनी हुई है।1