संडीला नगर के वार्ड नंबर-6 में बन रही सीसी रोड में कथित रूप से घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत मिलने पर पत्रकार प्रियदर्शी गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने जनहित के इस मुद्दे की कवरेज के लिए स्थानीय लोगों से जानकारी ली और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठाए जा रहे सवालों के बाद वीडियो तथा अन्य तथ्य जुटाए। आरोप है कि कवरेज पूरी होने के बाद, लेकिन खबर प्रकाशित होने से पहले, अभिमन्यु गुप्ता ने पत्रकार प्रियदर्शी गुप्ता को फोन कर खबर न चलाने की धमकी दी और उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया। पत्रकार के अनुसार, अभिमन्यु गुप्ता ने कथित तौर पर कहा, "तुम मेरी रोड की वीडियो बनाकर लाए हो, जानते नहीं हो मेरा क्या है। तुम्हारी हिम्मत है कि तुम खबर चला दोगे, चलाओ खबर अगर हिम्मत हो।" यह घटना खबर के प्रकाशन से पूर्व होने के कारण आरोपों को और गंभीर बनाती है। इस कथित धमकी पर पत्रकार प्रियदर्शी गुप्ता ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि सड़क निर्माण कार्य पूरी तरह से मानकों के अनुरूप हो रहा है, तो एक पत्रकार द्वारा की गई कवरेज से घबराहट क्यों होनी चाहिए? उन्होंने जोर देकर कहा कि जनहित के मुद्दों को उजागर करना पत्रकारिता का कर्तव्य है और किसी भी धमकी या दबाव के आगे झुकना पत्रकारिता के मूल्यों के खिलाफ है। सूत्रों के मुताबिक, इस फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग सुरक्षित है, जिसे जांच के दौरान साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। यह कथित धमकी केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता पर सवाल खड़ा करने वाली घटना है। यह घटना कई अनुत्तरित प्रश्न छोड़ती है, जैसे कि क्या वार्ड नंबर-6 की सीसी रोड में मानकों की अनदेखी हुई, अभिमन्यु गुप्ता ने पत्रकार को धमकी क्यों दी, खबर चलने से पहले दबाव बनाने की जरूरत क्यों पड़ी, और क्या प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या सच सामने आ पाता है।
संडीला नगर के वार्ड नंबर-6 में बन रही सीसी रोड में कथित रूप से घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत मिलने पर पत्रकार प्रियदर्शी गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने जनहित के इस मुद्दे की कवरेज के लिए स्थानीय लोगों से जानकारी ली और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठाए जा रहे सवालों के बाद वीडियो तथा अन्य तथ्य जुटाए। आरोप है कि कवरेज पूरी होने के बाद, लेकिन खबर प्रकाशित होने से पहले, अभिमन्यु गुप्ता ने पत्रकार प्रियदर्शी गुप्ता को फोन कर खबर न चलाने की धमकी दी और उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया। पत्रकार के अनुसार, अभिमन्यु गुप्ता ने कथित तौर पर कहा, "तुम मेरी रोड की वीडियो
बनाकर लाए हो, जानते नहीं हो मेरा क्या है। तुम्हारी हिम्मत है कि तुम खबर चला दोगे, चलाओ खबर अगर हिम्मत हो।" यह घटना खबर के प्रकाशन से पूर्व होने के कारण आरोपों को और गंभीर बनाती है। इस कथित धमकी पर पत्रकार प्रियदर्शी गुप्ता ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि सड़क निर्माण कार्य पूरी तरह से मानकों के अनुरूप हो रहा है, तो एक पत्रकार द्वारा की गई कवरेज से घबराहट क्यों होनी चाहिए? उन्होंने जोर देकर कहा कि जनहित के मुद्दों को उजागर करना पत्रकारिता का कर्तव्य है और किसी भी धमकी या दबाव के आगे झुकना पत्रकारिता के मूल्यों के खिलाफ है। सूत्रों के मुताबिक,
इस फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग सुरक्षित है, जिसे जांच के दौरान साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। यह कथित धमकी केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता पर सवाल खड़ा करने वाली घटना है। यह घटना कई अनुत्तरित प्रश्न छोड़ती है, जैसे कि क्या वार्ड नंबर-6 की सीसी रोड में मानकों की अनदेखी हुई, अभिमन्यु गुप्ता ने पत्रकार को धमकी क्यों दी, खबर चलने से पहले दबाव बनाने की जरूरत क्यों पड़ी, और क्या प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या सच सामने आ पाता है।
- लखनऊ में मोहर्रम-2026 को शांति, सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में, लखनऊ सीपी के निर्देशन में जॉइंट सीपी द्वारा थाना चौक स्थित गोल्डेन पैलेस में अधिकारियों एवं पुलिस बल की एक ब्रीफिंग आयोजित की गई।1
- लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में संचालित अस्थाई आम मंडी अब आम जनता के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं के चलते आए दिन भारी जाम, अत्यधिक भीड़ और सुरक्षा संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले वर्ष अस्थाई मंडी में आढ़त पर आम की लोडिंग के दौरान मोफीड निवासी शुक्ल बाजार की एक हादसे में जान चली गई थी। इसके बावजूद, मंडी में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, किसानों और बाहरी व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि अस्थाई मंडी में बिचौलियों द्वारा दोनों तरफ से करीब 17 प्रतिशत कमीशन लिया जा रहा है, जिससे किसानों और व्यापारियों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। यह स्थिति तब है जब करोड़ों रुपये की लागत से बनी विशिष्ट उप नवीन मंडी में सन्नाटा पसरा हुआ है, जबकि अस्थाई मंडी में लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अस्थाई मंडी के संचालन और प्रशासन की कथित अनदेखी के कारण यह पूरी व्यवस्था आम जनता के लिए 'जी का जंजाल' बन गई है। सूत्रों के अनुसार, अस्थाई मंडी में कुछ लोगों द्वारा विद्युत विभाग से रसीद कटवाने के बाद भी चोरी से बिजली का दुरुपयोग किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम के दौरान ड्यूटी पर रील बनाने के चलन पर कड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बहुत सारे लोग ड्यूटी के दौरान रील बनाते रहते हैं, जो कि सीधे तौर पर अनुशासनहीनता है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने जोर देते हुए कहा कि कर्मचारियों का ध्यान अपने कर्तव्य पर होना चाहिए, न कि रील बनाने पर, और इस तरह का कृत्य अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।1
- गोडा के कर्नलगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम कडरू निवासी रणविजय सिंह को एक जमीनी विवाद के निस्तारण के लिए न्याय की तलाश में तहसील से लेकर मंडल मुख्यालय तक गुहार लगानी पड़ी है। रणविजय सिंह ने आरोप लगाया है कि कई बार तहसील के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल पाया। इस स्थिति से परेशान होकर, उन्होंने देवीपाटन मंडल के कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। पीड़ित रणविजय सिंह ने तहसील प्रशासन और राजस्व कर्मियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, बिना "सुविधा शुल्क" के कोई भी कार्य नहीं किया जाता, जिसके कारण उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। इस कथित भ्रष्टाचार के कारण उन्हें न्याय से वंचित रहना पड़ रहा है। हालांकि, लगाए गए इन आरोपों की सत्यता की पुष्टि केवल जांच के बाद ही हो सकेगी। इसी संदर्भ में, खबर में जनता से यह सवाल भी पूछा गया है कि क्या वास्तव में तहसील स्तर पर आम जनता को न्याय पाने के लिए भटकना पड़ रहा है।1
- लखनऊ के जानकीपुरम थाना क्षेत्र में चोरों के हौसले बुलंद नजर आए हैं, जहाँ शुक्ला चौराहा चौकी अंतर्गत रात के समय एक जनरेटर चोरी हो गया। नियर ओरो सिटी के पास एक निर्माणाधीन घर के बाहर से तीन चोरों ने 60 हजार रुपये का जनरेटर चुरा लिया, जिससे उन्होंने कमिश्नरेट की जानकीपुरम पुलिस को खुली चुनौती दी है। यह घटना खुलेआम अंजाम दी गई और चोरों को पुलिस का कोई खौफ नहीं दिखा। चोरी की यह वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई है, और इसकी खबर सुनकर क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।1
- लखनऊ के जानकीपुरम थाना क्षेत्र में चोरों के हौसले बुलंद दिख रहे हैं, जहाँ रात के समय नियर ओरो सिटी के पास चल रहे एक घर से जनरेटर चोरी हो गया। शुक्ला चौराहा चौकी अंतर्गत हुई इस घटना में तीन चोरों ने मिलकर घर के बाहर से साठ हज़ार रुपये का जनरेटर खुलेआम चुरा लिया। चोरी की यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इस घटना को कमिश्नरेट की जानकीपुरम पुलिस के लिए एक खुली चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि चोरों ने बिना किसी पुलिस के खौफ के इस कृत्य को अंजाम दिया। जनरेटर चोरी की खबर सुनकर आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।1
- गुजरात के वडोदरा जिले में बुधवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 31 यात्री घायल बताए जा रहे हैं। यह घटना वडोदरा-हालोल हाईवे पर हुई, जहाँ एक लग्जरी स्लीपर बस सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा गई। राजस्थान के बांसवाड़ा से गुजरात के सूरत जा रही इस बस और खड़े ट्रक के बीच टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मृतकों में एक 9 साल का मासूम बच्चा भी शामिल है। इस दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं।1